Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

जब मै समेट नहीं पाती हूँ खुद को
तो इक दफा सबसे छुपकर
फूटफूट कर रो लेती हूँ
न चीखती हूँ न शोर करती हूँ
बस मन की पीड़ा को
आंसुओं में बहने देती हूँ
नहीं कहे जाते कुछ दर्द
कुछ पीड़ाएं केवल खुद की होती है
केवल खुद के सहन करने के लिए
उसे किसी और से कहकर भी
मन शांत नहीं होता
मन को चाहिए एक एकांत
एक शांत सी जगह
खुद को खाली करने के लिए
मन बहुत भारी सा हो जाता है जब
एक गुबार सा जो
बाहर निकलने को आतुर है
और आंसुओं में बहकर
फिर हो जाता है मन एकदम शांत
जैसे हल्की बारिश के बाद
धरती हो जाती है तृप्त सी !!😌

#लेखक_भगवतसिंह_नरूका

mystory021699

मुझे जहाँ खोजोगे, मैं वहाँ मिलूँगा…
बहती हुई नदी की धार में,
बहती हुई शीतल-सी पवन में मिलूँगा…।
मेरा कोई अपना रूप नहीं,
मगर मैं हर पल तुम्हारे साथ मिलूँगा…।
मुझे जीवन देने वाले
तरु-वृक्ष, बहती हुई नदी की धार,
और वन्य जीव हैं,
मैं इनके बिन कुछ नहीं…।
हरियाली ही जीवन का अलंकार है,
इसके बिन तुम नहीं…
हाँ… हाँ, तुम नहीं…।
मेरे जाने से तुम्हें रेत-मिट्टी मिलेगी,
न मिलेगी जीवन की हरियाली यहाँ…।
दूर-दूर तक देख सकोगे,
मगर देखने के लिए जीवन न मिलेगा यहाँ…।
न कोयल की कूक सुन पाओगे,
न मोर को नृत्य करते देख पाओगे यहाँ…।
मेरी कुछ ऐसी कहानी यहाँ…।
मैं सबको यूँ ही मुक्त में मिल जाता हूँ,
इसका मतलब यह नहीं कि मेरी कोई कीमत नहीं…।
मैं मूल्यवान हूँ, यह हर किसी को मालूम नहीं…।
पृथ्वी पर है मेरा घर,
इसलिए यहाँ चहल-पहल है।
मंगल नाम से बड़ा सुहावना,
मगर वहाँ तो धूल ही धूल है।
मैं इसलिए कहता हूँ — मुझे पहचानो,
मुझे नष्ट मत करो,
वरना जीवन के लिए तरस जाओगे यहाँ…।

stdmaurya.392853

आत्मा के रहस्य तो भगवानने खुले किए हैं। लेकिन आत्मा से लोग अनजान हैं सभी धर्म आत्मा का ज़िक्र होता है, लेकिन सपष्ट रूप से आत्मा की परिभाषा क्या है? आत्मा कहाँ से आया है और आत्मा का स्वरूप क्या है?

सुनिए इस हिंदी पॉडकास्ट “आत्मा के रहस्य” को, आत्मा का सत्य जानने के लिए: https://dbf.adalaj.org/zLVOd0Sd

#spirituality #spiritualvideo #podcast #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

ग्राहक: "भाई साहब, टमाटर का क्या भाव है?"
दुकानदार:"देखिये साहब, टमाटर तो ₹50 किलो है, लेकिन अगर साथ में बंदर भी ले जाएंगे, तो वो आपको फ्री में मसाज (मालिश) भी देगा और आपके चश्मे को भी एडजस्ट कर देगा!"
ग्राहक: "अरे भाई साहब, ये तो कमाल है! लेकिन अगर बंदर ने टमाटर ही खा लिए तो?"
दुकानदार: "कोई बात नहीं साहब, हँसते हुए आप भी फोटो खिंचवा लेना, इंटरनेट पर 'फनी' तो हो ही जाएंगे!"

rammake323039

पांगारा पेटलाय त्या माळरानावर ..

आपल्या भेटीचे “गडद “रंग अंगावर घेवून ..

असे वाट्ते जणु तुच उभी आहेस” खुणावत “मला

शृंगाराच्या “रूपात “न्हावून ..!!

jayvrishaligmailcom

The invisible pressure on today's children

Every generation talks about the challenges faced by young people, but today’s children are navigating a world brimming with pressures often unseen yet deeply felt. From social media’s unrelenting gaze to the intensified academic expectations and the subtle weight of future uncertainties, there’s an invisible pressure shaping their daily lives—and it’s reshaping childhood itself.

So, what exactly is this pressure, and how does it affect the kids growing up right now?

Read full article on
https://komall5.blogspot.com/2026/05/the-invisible-pressure-on-todays.html

komal14699gmail.com7374

health tips.....

hardik89

Good Morning 🌅

harshparmar8722

चाँद उदास सा
तारे बुझे-बुझे से

आज दिन नया सा
जिंदगी के अंदाज अटपटे से

दिल सुकून से खाली
बैठे हैं लुटे-लुटे से

मेरे बिन मेरे कच्चे मकां के
दम घुटे-घुटे से

दर्द को मैं भा गया हूँ
रास्ते गमों से सजे-सजे से

सुबह का सुरज ढला दला सा
शाम के उजाले बुझें बुझे से

दूर तलक शायद कोई नहीं
पैर के निशां तमाम मिटे मिटे से

पांव में इक थकान सी है
लगता है आयें है हम कहीं से चलें चलें से

ferojkhan.536289

—ख़ुद से रिहाई—

बिखर जाने दे मुझे, अब यूँ ना समेट,
बड़ी मुश्किल से खुद को खुद से छुड़ाया है मैंने।

रही होगी ज़िंदगी दूसरों के लिए हसीन,
मगर अपने ही फ़ैसलों से खुद को रुलाया है मैंने।

मत बढ़ा हाथ कि अब संभलने की चाह नहीं,
इस तन्हाई से गहरा रिश्ता बनाया है मैंने।

जो टूटे हैं ख़्वाब, तो उन्हें ख़ाक होने दे,
बड़ी मुश्किल से इस मलबे में जीना सीखा है मैंने।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

some heart touching lines.... 🥹

tejendragodara639990

किसी से जब इश्क हो जाये
किसी से जब प्यार करना तुम

जरा पहले परख लेना
कदम तभी बढ़ाना तुम

चोट मिल जायें ना राहों में
दिल का ख्याल रखना तुम

गर हो जायें और किसी का वो
न जरा भी मलाल रखना तुम

तन्हा रहने की नौबत गर आये
इश्क की सौगात समझ लेना तुम

तारों भरी रातों में
चांद बे- दाग समझ लेना तुम

इसी को इश्क कहते हैं
इसी को प्यार समझना तुम

बिछड़ना इश्क का दस्तूर है शायद
मिलन को ही न चाह समझना तुम

ferojkhan.536289

कभी यादों की दहलीज़ पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही,
मैं खुद से ही हो कर बेख़बर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

चला करती हूँ दुनिया की रवायत के मुताबिक पर,
दिखे जो कोई तेरा सा मंज़र, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

सुलगती धूप में चलती हूँ मंज़िल की तरफ़ लेकिन,
मिले जो तेरी यादों का शजर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

ज़माने की तड़प, ये भाग-दौड़ और ये शोर-ओ-गुल,
मगर जब बात आए तुम पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

न जाने कौन सी चाहत मुझे रुकने पे कहती है,
उठा कर आसमाँ पर अपनी नज़र, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

किताब-ए-ज़िन्दगी के पन्ने मैं पलटती तो हूँ राना,
मगर वो नाम आ जाए जहाँ पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

palewaleawantikagmail.com200557

माई डियर प्रोफेसर का भाग 21 अ चुका है। आप मेरी प्रोफाइल पर ज्कर पढ सकते है।

gautamreena712gmail.com185620

महज़ इत्तफ़ाक़ है, तेरा ख़्वाबों में आकर हमें रुला देना।
वरना बरसो गुजर गए, आँखों के समंदर को सहरा हुए।।
. . . वीर। 💝

veermehta

चांद...❤️✨

dhra

बीते हुए उम्र में
कविता


तुम सपने बनकर आए इन आंखों में
पर शिकायत है
मुझे तुमसे
क्यों नहीं आए तुम
इन आंखों से बाहर इस दुनिया में


तुम कल्पना हो मेरे भटकते हुए दिमाग की
पर शिकायत है
तुमसे तुम
तुम सच क्यों नहीं हो सकते मेरे आज की



तुम यादें हो भूले हुए दिनों की
पर शिकायत है तुम से
तुम साथ क्यों नहीं हो मेरे इस वक्त में



पर शयद मुझे उस से भी ज्यादा शिकायत खुद से है
तुम्हें याद करना
तुम्हारा कल्पना करना
तुम्हारा सपना देखना

सायद मेरी खराब दिमाग की निशानी है
पर मैं क्या करूं
मैं भूल गई खुद को
हां मुझे तुमसे ज्यादा शिकायत है खुद से


हर रोज जब मैं सुबह उठती हूं
तो आंखें तुम्हारी सपने देखते हैं
और दिमाग महसूस करता है
कास उठने के बाद भी मैं सामने तुम्हें देख पाती



जब भी मैं तुम्हें सोचती हूं
तो मेरी आंखें अपने आप भर आती है
यह सोचते हुए की
काश तुम मेरे सामने बैठते और बातें करते मुस्कुराते



तुम्हारी याद आती है
तो मुझे पछतावा होता है

भूले हुए दोनों मे
मैंने तुम्हें याद क्यों नहीं किया


आखिर पछतावा से भरी जिंदगी मे
मेरे पास तुम्हारी यादें के सिवा कुछ नहीं है

और इस यादों के साथ जो आती है
वह दर्द तरप गम और अकेलापन है


बीत गए दोनों की भरते हुए जख्म
और उस जख्म के साथ गहरी दाग



जो हमेशा मुझे याद दिलाता है
मैंने क्या छोड़ा
और क्या भूल गई
बीती हुई उम्र में अब खुशियां नहीं है
बस है अकेलापन और तन्हाई


और आखिरी सांस तक शायद यही रहे

abhinisha

​🎤 કટાક્ષ કવિતા: સ્માર્ટ મીટરની માયા
​ધાબા ઉપર સોલાર નાખી, અમે પકડી બેઠા તડકો,
પણ સ્માર્ટ મીટર જોઈને જીવમાં લાગે મોટો ફડકો!
​સૂર્યદેવ તો રોજ સવારે મફતમાં મોકલે કિરણો,
કંપની વાળા યુનિટ વધારી, કાઢે અમારો કચરો!
​પહેલાં બિલ આવતું બે મહિને, જીવ થોડો ગભરાતો,
હવે સ્માર્ટ મીટર તો પલ-પલના પૈસા ખાઈ જાતો!
​ઘરમાં પંખો ચાલુ કરું તો મીટર મારે કુદકો,
ફ્રીજ ખોલતાં એવું લાગે, જાણે ખિસ્સામાં થયો ભડાકો!
​સરકારે કીધું'તું કે, "સ્માર્ટ" થઈ જશે જમાનો,
પણ આ તો અમારો જ કૂવો ખોદી, એમાં નાખ્યો ગિન્નો!
​તડકો અમારો, છાપરું અમારું, તોય બિલ કેમ વધે છે?
સ્માર્ટ મીટરના નામે જાણે, આખું ગામ લૂંટાય છે!
હિના ગોપીયાણી

heenagopiyani.493689

सादगी में ही कुछ बात है,
जैसे धड़कन के पास गुलाब नहीं, बस एक सादा सा ख्वाब है।
सफ़ेद पंखुड़ियों में छुपाया है दिल का हाल,
थोड़ा सा सुकून, और बस तुम्हारा ही ख्याल। 🌼

sanket_0_6

नाश्ता टाईम..

🥪ग्रील सँडविच टोस्ट🥪
साधे सोपे पटकन होणारे....
पावाच्या स्लाइस ला आतून दोन्हीं बाजूने
हिरवीगार कैरी कांदा चटणी..
मध्ये एक चीज स्लाइस
आणि त्यावर बारीक चिरलेला🧅कांदा 🍅 टोमॅटो...
गॅस टोस्टर वर खरपुस भाजलेला
सोबत चहा अथवा कॉफी
पसंद अपनी अपनी..🙂🙂

मला सँडविच सोबत कडक कॉफी आवडते 😋

jayvrishaligmailcom

Do you know that the ultimate conflict resolution strategy and a key to attain peace in life after a conflict has occurred is pratikraman (asking for forgiveness)?

Read more on: https://dbf.adalaj.org/xgOYHqE0

#spirituality #forgiveness #spiritual #doyouknow #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

GOOD MORNING 🌅

harshparmar8722

आजकल 'फ़िल्टर' से चेहरे चमक जाते हैं,
पर इंसान उस फ़िल्टर के बारे में कभी नहीं सोचता; जिससे उसका व्यक्तित्व चमक जाए।
. . . क्योंकि वह फ़िल्टर है, *आत्मविश्वास* जो कभी बाज़ार में नहीं मिलता।
. . . वीर।
🔷☀️🔷 शुभ प्रभात 🔷☀️

veermehta