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New bites

Hello buddies 😊
आज कहानी ने एक और खतरनाक मोड़ ले लिया है… 😏🔥
“झांसी: The Price of a Bride”
Episode 3 अब LIVE है 👑
अब तक आपने देखा—एक मजबूरी…
लेकिन आज से शुरू होगा असली खेल 🎭
हवेली में सिर्फ रिश्ते नहीं…
राज़ भी छुपे हैं 👀
और सबसे बड़ा सवाल—
👉 क्या भार्गवी सच में बेबस है?
या वो खुद इस खेल की सबसे खतरनाक खिलाड़ी है? 😏
अगर आपने अभी तक Episode 3 नहीं पढ़ा…
तो आप बहुत कुछ मिस कर रहे हो 🔥
👉 अभी पढ़ो
👉 और बताओ—आप किस पर भरोसा करते हो?
आपका हर review, हर comment मेरे लिए बहुत मायने रखता है ❤️
Take care 😊
Have a great day ✨
Be healthy and happy 🌸
कृष्णा आपको ढेर सारी खुशियाँ दें 💙
और मेरा ढेर सारा प्यार 🤍


by piyu 7soul ❤️📘📖📝

parmarsantok136152

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rajukumarchaudhary502010

Teri ek Zalak ने
मुझे भर दिया…

जैसे सूनी रूह में
कोई चुपके से उजाला भर गया
जैसे अधूरी दुआओं को
अचानक जवाब मिल गया

तेरी एक नज़र ने
ये क्या कर दिया,
मैं जो खुद में अधूरी थी
मुझे पूरा सा कर दिया।

ना तू पास था,
ना कोई बात हुई,
फिर भी उस एक पल में
जैसे सारी कायनात हुई।

दिल ने बस इतना कहा..
"ये जो एहसास है,
ये कोई आम बात नहीं,
ये मोहब्बत की शुरुआत है…
शुक्रिया.. मुझे मुझसे मिलाने के लिए❤️
_Mohiniwrites

neelamshah6821

आज दो बजे माई डियर प्रोफेसर का भाग 7 आएगा। पढ लेना। और ये है आज के भाग की एक झलक 👇

gautamreena712gmail.com185620

Be silent when you have nothing to prove.
Be silent when you begin.
Be silent while you struggle.
Be silent even when success is close.
And when you finally succeed…
stay 🤫silent — because your work will speak louder than words ever can.

anjanaakulkarni.976115

समता के सागर, धीर गंभीर,
अहिंसक भगवान, 'महा'वीर!

श्री महावीर स्वामी जन्म कल्याणक के अवसर पर अहिंसा के बारे में और अधिक जानें: https://dbf.adalaj.org/sWY2j5b6

#mahavirjayanti #mahavirswami #lordmahavir #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

चमकता रहा सूरज सब उसका दीदार करते रहे,
हम अन्धेरो के साये मे थे और बर्दाश्त करते रहे,,
मोहलत दी थी किसी ने चन्द लम्हो की शायद,
हम टूटी कश्ती लेकर समुद्र को पार करते रहे...

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

Good morning friends.. have a great week

kattupayas.101947

क्या आप मुझे बता सकते हैं ये"पेड मीडिया"क्या है,और यह क्या करती है?
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लोकतंत्र आने से पहले राजा बाहुबल-सैन्य बल से सत्ता में आता था, और वास्तव में राज्य को कंट्रोल करता था। राजा की शक्ति का स्त्रोत सेना थी, और धनिक वर्ग का सेना पर कोई नियंत्रण नहीं था। इसके अलावा अदालतें भी पूर्णतया राजा के अधीन थी। अत: राजा की स्थिति हर हाल में मजबूत रहती थी।
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दुसरे शब्दों में, यदि धनिकों के सम्बन्ध राजा से बिगड़ जाते थे तो राजा को निकालने के लिए साजिश / हत्या आदि के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं था। तब वे किसी ऐसे व्यक्ति को फंडिंग देना शुरू करते थे जो राजा का तख्ता पलट सके।
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लेकिन वोटिंग राइट्स आने के बाद राज्य के नागरिको की राय निर्णायक बन गयी। नागरिको की राय जिस आदमी के पक्ष में होगी, वह व्यक्ति राजा बन जाएगा। मीडिया नागरिको की राय बनाने में सबसे महत्त्वपूर्ण है, अत: धनिकों ने मीडिया को फैलाना और इसे कंट्रोल करना शुरू किया। मुख्यधारा के मीडिया पर धनिकों का हमेशा से 100% नियंत्रण रहा है, और आज भी उनका इस पर 100% नियंत्रण है। ,
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व्यवसायिक रूप से यह घाटे का व्यवसाय है। किन्तु राजनैतिक फायदे के लिए धनिक वर्ग मीडिया समूहों को घाटे में चलने के बावजूद भुगतान करते है। वे मीडिया के माध्यम से अवाम को कंट्रोल करते है और अवाम पर कंट्रोल होने से लोकतंत्र का राजा एवं राजवर्ग (पीएम-सीएम-सांसद-विधायक-मंत्री आदि) उनके कंट्रोल में रहता है। और राजा को कंट्रोल करने के बाद वे राजा से उन क़ानूनो गेजेट में प्रकाशित करवाने में सफल हो जाते है जो धनिक वर्ग को अतिरिक्त मुनाफा दे !!
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पेड मीडिया क्या है ?
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मीडिया में आप जो कुछ भी देखते-सुनते-पढ़ते हो उसके लिए किसी न किसी के द्वारा पे ( Pay ) किया जाता है। इसीलिए यह पेड मीडिया है।
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यहाँ सबसे जरुरी बात यह है कि — जब पेड मीडिया सच्ची और अच्छी ख़बरें दिखाता है तब भी इसके लिए किसी न किसी के द्वारा भुगतान किया जाता है।
इसे फिर से पढ़िए — जब पेड मीडिया सच्ची और अच्छी ख़बरें दिखाता है तब भी इसके लिए किसी न किसी के द्वारा भुगतान किया जाता है।
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मतलब खबर सच्ची है या झूठी है, घृणा फैलाती है या सौहार्द, गंभीर है या कॉमेडी, अश्लील है या शालीन, उकसाऊ है या औचित्यपूर्ण इससे कोई सरोकार नहीं होता है। मीडिया में जो भी चीज आएगी उसकी पेमेंट की जायेगी। बिना पेमेंट कुछ भी आता नहीं है। उदाहरण के लिए यदि कोई नेता वाकयी में ईमानदार है और मीडिया रिपोर्ट कर रहा है कि वह ईमानदार है तो इसके लिए किसी न किसी ने इसके लिए पेमेंट की है। यदि कोई उद्योगपति बेईमान है और मीडिया रिपोर्ट कर रहा है कि उसने इतनी टेक्स चोरी की है, तो टेक्स चोरी सच्चाई है, लेकिन यह खबर मीडिया में सिर्फ तब आएगी जब कोई न कोई इस खबर को दिखाने के लिए पेमेंट करें।
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यदि सीएम ने किसी जगह का उद्घाटन किया है और अख़बार ने इसकी फोटो छापी है तो इसके लिए पेमेंट की गयी है। पेमेंट कौन कर रहा है, वह अलग मसला है। लेकिन पेमेंट नहीं हुआ है तो फोटो अखबार में आने वाली नहीं है। यदि किसी टीवी / अख़बार ने कोई सर्वे प्रकाशित किया है तो इसके लिए पेमेंट की गयी है। यदि मीडिया ने किसी व्यक्ति के ट्विट का स्क्रीन शॉट छापा है या टीवी स्क्रीन पर दिखाया है तो इसके लिए भी पेमेंट करनी पड़ेगी।
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यदि पेड मीडिया में यह रिपोर्ट हो रहा है कि — बेरोजगारी बढ़ रही है, तो इसके लिए पेमेंट की जायेगी। और यदि उसी दिन किसी अन्य मीडिया में यह आया है कि बेरोजगारी घट रही है तो इसके लिए भी पेमेंट हुयी है। मतलब बिना पेमेंट के एक कार्टून तक मीडिया में प्रकाशित नहीं होता है। पेमेंट कौन कर रहा है यह अलग बात है। लेकिन यह एक तथ्य है कि पेमेंट बिना मुख्यधारा की मीडिया में कुछ भी रिपोर्ट नहीं होता है।
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पेड मीडिया के इन सभी स्त्रोतों में विज्ञापनो की स्थिति अलग है। क्योंकि जब आप अमूल का विज्ञापन देखते है तो आपको पता होता है कि पेमेंट अमूल ने की है। लेकिन विज्ञापन के अलावा जितना भी आप देख रहे है उसके लिए भी पेमेंट की जा रही है, और आपको पता भी नहीं है कि पेमेंट कौन कर रहा है !!
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पेड न्यूज क्या है ?
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मान लीजिए कि नेता X बयान देता है — नागरिकता संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है और ये मुसलमानो के खिलाफ भी है,
तो मिडिया में यह बयान सिर्फ तब आएगा जब मिडिया को इसके लिए पेमेंट की जाए। इस तरह मीडिया में आने के साथ ही यह बयान पेड न्यूज हो जाता है। यदि पेमेंट नहीं हुयी है तो यह बयान पेड मिडिया में नहीं आएगा, और तब यह पेड न्यूज नहीं है !!
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और जब इसी समय कोई नेता Y कहता है कि — यह बिल संवैधानिक है और भारत के मुसलमानो को इससे कोई खतरा नहीं है
तो यह बयान भी मिडिया में सिर्फ तब आएगा जब इसके लिए कोई पेमेंट करे। पेमेंट नहीं होने पर यह यह बयान मिडिया में नहीं आएगा। चाहे बयान खुद गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ने ही क्यों न दिया हो। जितनी बार यह बयान दिखाने के लिए पेमेंट की जायेगी उतनी ही बार यह बयान दिखाया जाएगा।
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इस तरह पेड मीडिया एक स्टेज है जहाँ आप पेड मीडिया के स्पोंसर्स द्वारा बनाए गए स्टेज पर पेड न्यूज Vs पेड न्यूज का एक अंतहीन सिलसिला देखते रहते है। और आप इससे बच नहीं सकते। उनके स्टेज हर जगह इसके लिए आपका पीछा करते है। अखबार, मैगजीन, पाठ्यपुस्तकें, फ़िल्में, ज्ञान बाटनें वाली किताबें, भाषण, फेसबुक-व्हाट्स एप, यू ट्यूब ( यह नया है ) आदि। उनका प्रयास यह रहता है कि आप उनसे जुड़े रहे ताकि आपका इनपुट वे डिसाइड कर सके।
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दुसरे शब्दों में पेड मीडिया सच्ची खबरें भी दिखाता है, और झूठी भी। लेकिन हर स्थिति में उन्हें कोई न कोई पेमेंट करता है। इसीलिए मीडिया के लिए सही शब्द पेड मीडिया ( Paid Media ) है।
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भारत में मीडिया गोरे लेकर आये थे, और 1947 तक यह उनके नियंत्रण में रहा। 1950 से 1990 तक भी भारतीय धनिकों के माध्यम से इसे गोरे ही कंट्रोल कर रहे थे। बाद में इंदिरा जी ने मीडिया को पूरी तरह से अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश की लेकिन असफल रही। 1990 से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने आना शुरू किया और भारत का मीडिया फिर से उनके कंट्रोल में आ गया। आज भारत का पेड मीडिया पूरी तरह से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको के नियंत्रण में है, और पूरी पेमेंट वे ही करते है।
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पेड मीडिया के अंग :
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कक्षा 1 से स्नातकोत्तर तक की सामाजिक विज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीती विज्ञान, लोक प्रशासन की सभी पुस्तकें पेड मीडिया है।
सभी फ़िल्में, धारावारिक, वृत्त चित्र पेड मीडिया है।
समाज-राजनीती-अर्थशास्त्र पर लिखी गयी मुख्यधारा की सभी पुस्तकें पेड पुस्तके है। यदि इन विषयों पर लिखी गयी किसी पुस्तक को पुरूस्कार मिला है तो यह डबल पेड है।
मुख्यधारा के सभी अख़बार, मनोरंजन चैनल, न्यूज चेनल पेड मीडिया है।
टीवी-अखबार में आने वाले सभी बुद्धिजीवी पेड बुद्धिजीवी है। सभी पत्रकार पेड पत्रकार है। सभी सम्पादक पेड सम्पादक है। सभी क़ानून-संविधान विशेषग्य पेड विशेषग्य है।
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तो व्यक्ति के विचार, धारणाओ, निष्कर्षो की बेसिक सप्लाई लाइन पेड मीडिया है। यह कभी सही है कभी गलत है। लेकिन आप ऊपर दिए गए स्त्रोतों से जितना भी ले रहे है, या जितना भी आपने आज तक ग्रहण किया है उसके लिए किसी न किसी ने भुगतान किया है। और वे आपसे यह जानकारी छुपा लेते है कि इसके लिए भुगतान कौन कर रहा है !! यह इनपुट धीरे धीरे व्यक्ति की बुनियादी विचार प्रक्रिया में शामिल हो जाता है और व्यक्ति जब खुद को अभिव्यक्त करता है तो उसका आउटपुट पेड मीडिया का रिफ्लेक्शन होता है।
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sonukumai

दोस्तों,विचार होते ही हैं आपकी सोच बदलने के लिए.

piyushgoel6666

🐍🔥 आखिरकार इंतज़ार खत्म हुआ…! 🔥🐍
👑 नागमणि की श्रापित रानी
अब LIVE हो चुकी है
⏰ आज रात 9:15 PM पर रिलीज़ हुई है…
वो एक साधारण लड़की नहीं…
बल्कि एक श्रापित शक्ति है…
जिसकी पहचान छुपी है…
और जिसकी किस्मत जुड़ी है—
एक ऐसे इंसान से…
जो कभी प्यार नहीं करना चाहता…
❤️ क्या एक ब्रह्मचारी भक्त…
उससे सच्चा प्यार करेगा?
🐍 क्या उसकी नाग शक्ति वापस आएगी?
या सब कुछ विनाश की ओर बढ़ेगा…?
📖 Episode 1 अब LIVE है
👉 अभी पढ़ो… और बताओ आपको कैसा लगा
⚡ ये कहानी आपको बांध कर रख देगी…
Miss मत करना…


by piyu 7soul

parmarsantok136152

દરેક હસતા ચહેરા પાછળ એક વાર્તા હોય છે, અને દરેક શાંતિ પાછળ એક છુપાયેલું તોફાન.એક એવી ગઝલ જે માણસની ભીતર ચાલતા દ્વંદ્વને વાચા આપે છે.

​જ્યારે દુનિયાને બધું 'સુખ' લાગે છે, ત્યારે આત્મા કઈ રીતે પીડામાં રિબાતો હોય છે? શું શબ્દો ખરેખર વેદનાને છુપાવી શકે ખરા? 'રાહગીર'ની આ રચનામાં વેદના અને વાણીનો જે સંગમ થયો છે, તે તમારા હૃદયના તારને ચોક્કસ સ્પર્શી જશે.


https://www.facebook.com/share/v/14XXxq3noKn/

ronakjoshi2191

Mein milu ya naa milu,

jaiprakash413885

Always Remember - Har ek time ke baad ek naya time aata hai

jaiprakash413885

“शब्दबाण"

जोश-जोश की बात थी,
बात में आग पर जली राख थी।
अंजाम की फ़िक्र से अनजान,
वह बात तो अमित घाव थी।
एहसास के होने तक,
काम हो गया,
दिल का दर्द बयान हो गया,
शब्दों का माया जाल हो गया,
शस्त्र से ज़्यादा आघात हो गया।
था जो धनुष से निकल गया,
एक तीर ही था,
पर लक्ष्य अनेक छेद गया।

Written by: Sneha Gupta
you all can check here too 🤗
https://www.yourquote.in/sneha-gupta-d3c2s/quotes/sbse-chottii-ciddiyaa-ghonsle-kii-bgiyaa-vo-merii-ngrii-maan-cygqtm

dineshgupta823378

💛तेरे नाम का सुकून 💛
तेरा नाम लबों पे आए, तो सुकून सा मिल जाता है,
जैसे थका हुआ दिल कहीं आराम पा जाता है।
ना तू पास है, ना दूर ही लगता है,
तेरा एहसास हर पल मेरे साथ ही चलता है।
कभी खामोशी में भी तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
और भीड़ में भी तेरी कमी महसूस होती है।
ये कैसा रिश्ता है, जो दिखता नहीं…
पर हर धड़कन में तेरा नाम लिखा होता है। 💫

by piyu 7soul

parmarsantok136152

SHORT STORY : जो दिखता है, वो होता नहीं... और जो होता है, वो दिखता नहीं IS LIVE 📽

alfha202141

જે વૃક્ષના નીચે ધમધોકાર ચાની કિટલી ચાલતી હતી
એ વૃક્ષને રોજ પ્રશ્ન થતો કે "કટીંગ" એટલું શું?

#Mrugzal
#TeaLover
#EmptyHeart

johanjohan3745

રેલાતુ મધુર સંગીત જેમાંથી,
કરતું મંત્રમુગ્ધ સાંભળનારને!
ફરતી જ્યાં કલાકારની આંગળીઓ,
પિયાનોની એ 88 ચાવીઓ પર,
ધ્યાનથી સાંભળી માણે સૌ એને!
માનમાં આ 88 ચાવીઓનાં,
ઉજવાય વર્ષનો 88મો દિવસ,
'વિશ્વ પિયાનો દિવસ' તરીકે.

s13jyahoo.co.uk3258

स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE

rajukumarchaudhary502010

यूँ तो नजरों से गुजरते हैँ नज़ारे कई कई..
मगर हर नजारा तो दिल में उतरता नहीं है..

momosh99

હોસાના ગાને
ભકિત પથ સજી,
શ્રધ્ધા જીવંત.

ભીડ આનંદે
યેસુ મૌન પગલે,
રહ્સ્ય પ્રકાશે

suketu100