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New bites

Hey Friends! ❤️

कैसे हैं आप सब?

वैसे तो मैंने इस कहानी के कई chapters पहले से लिख रखे हैं, लेकिन उन्हें public करने में थोड़ा time लगता है। इसलिए अगर कभी chapters के बीच थोड़ा gap हो जाए, तो उम्मीद है आप समझेंगे। 😊

वैसे आपको "OBJECTION, MS. SINGHANIA!" कैसी लग रही है? अगर कहानी पसंद आ रही है, तो please मुझे comment करके ज़रूर बताइए। आपकी ratings और reviews मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं, क्योंकि उन्हीं से मुझे पता चलता है कि मुझे कहाँ सुधार करना चाहिए और आगे आपको क्या पढ़ना पसंद आएगा।

आज मैंने एक साथ दो chapters upload किए हैं। साथ ही मैं इस कहानी को दूसरे platform पर भी publish कर रही हूँ, ताकि आप जहाँ comfortable हों, वहीं इसे पढ़ सकें।

और हाँ... मैं एक नई कहानी पर भी काम कर रही हूँ, जिसका नाम है "Raaz"। यह थोड़ी mystery/horror based story है। मैंने पहले कभी इस genre में ज़्यादा नहीं लिखा, इसलिए यह मेरे लिए भी एक नया experience है। अगर कहीं कोई कमी रह जाए, तो उम्मीद है आप मुझे माफ़ करेंगे... और अगर पसंद आए, तो अपना प्यार ज़रूर देंगे। ❤️

बस इतना ही...

Take care, my dear readers! 💖

Milte hain next chapter mein...

Bye Bye! 👋✨

Aarushi Singh Rajput ✍️

aarushisinghrajpute

kuchh nahin Kavita aur nahin udan ke sath

शीर्षक: दूषित मिट्टी
​हम कहते हैं माँ से है माटी, माटी से तिरंगा,
पर ये शब्द कहीं खो जाते हैं, सच्चाई कहाँ पाते हैं?
​बाते करते आज की, कोई नहीं देखना चाहता,
क्या है सच्चाई, हर कोई झूठ दिखाता है, हम मानते जाते हैं।
जानो हमारी आँखों पर, झूठ ने डेरा घेरा है।
​कहते हैं कानून अंधा है, पर आज दिखता है—कानून अंधा है।
कहते हैं हम देश नहीं मिटने देंगे, हम देश नहीं बिकने देंगे,
कहते हैं स्पष्ट बस इस बात की, पर काम हमारा अपनी जेब भरना है।
​कोई कदम उठाए अच्छा, ये नहीं लगता है अच्छा,
मरवा देते हैं लोगों को, ये कानून वाले।
आवाज़ दबा दी जाती है, इंसान का निशान मिटा दिया जाता है।
आज के अख़बारों में कौन कह पाता है?
​करते मानवता की बात हैं, क्या मानवता का 'म' पता है?
चलो ये तो छोड़ो, गंगा जमुनी अभियान चलाए जाते हैं,
अबोरो टन सफाई कराई जाती है, क्या ये सच्चाई?
बड़ी जहाजों से गंगा दूषित की जाती है, कोई भी गंदा पानी यूँ ही बहाया जाता है।
एक दिखावा देते हैं, सफाई कराई जाती है।
​बराबर की बातें करते हैं, बढ़तों की उन्नति खटकती है।
शिक्षा की तो बात छोड़ो, इसका तो कोई तोड़ नहीं,
हर साल बच्चे मरते हैं, उनका तो कोई मोल नहीं,
हर साल स्कूल बंद कराए जाते हैं,
हर साल सरकारी सेंटर बनाए जाते हैं।
​और गर्व से कहते हैं—हमारा भारत महान,
या ये मिट्टी दूषित है, है ये ही सच्चाई।

vanshsingh118873

पिता का होना जैसे

पिता का होना जैसे
सर पे एक छत का होना
धूप-बारिश आँधी से बचाए
सारा श्रेय दीवारे ले जाए
खुद हमेशा उपेक्षित रह जाए

पिता का होना जैसे
जादुई छड़ी का होना
जो मांगो वो मिल जाए
हर जिद पूरी हो जाए
इच्छा पूरी होते ही
छड़ी एक कोने में
खड़ी नजर आए

पिता का होना जैसे
ईश्वर हो जाना
वक्त पड़ने पर ही
सबको पिता की याद आए
जरा सा मन का ना होने पर
इंसान तो ईश्वर को भी
खूब बुरा सुनाए
की जिसके लिए पूरी जिंदगी हवन
वो परिवार ही आँखे चुराए
ना चाहा कभी किसी से कुछ
दिया हमेशा अपनी हैसियत से ज्यादा
वो पिता अपने बुढ़ापे में
संग ना किसी को पाए
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली

drvandnasharma8596

आईना भी अब मुझसे
बेवफ़ाई करने लगा हैं।
झूठ भी इंसानों की तरह
सफ़ाई से कहने लगा हैं।

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

भर जू आयी जल तो
सखी,काहे गरजे है बदरी सारी?
जाह्न तो है कि थोड़े चल कर
हो जायेगी ठारी

zalakbhatt

❣️ मुझे इश्क़ तेरे होने से है ❣️

मुझे इश्क़…
तेरे होने से है।

तू पास हो या दूर…मेरे दिल ने,
तेरे बीच कभी फ़ासले रखे ही नहीं।

मुझे इश्क़…तेरी हँसी से है…
तेरी ख़ामोशी से भी,
तेरे ज़िक्र से भी…और तेरी कमी से भी।

तुझे शायद कभी एहसास न हो…
मगर मेरी हर सुबह तेरी याद से शुरू होती है,
और हर रात…
तेरे ख़याल पर ही गुज़र जाती है।

बस एक अरमान है…
जहाँ भी रहना…दिल से मुस्कुराते रहना।

क्योंकि…तेरा खुश होना ही…
मेरे हिस्से का सुकून है…💕🌙✨

narayanmahajan.307843

तुम आना एक रोज़
मुझसे मिलने...
मैंने बहुत संभाल
कर रखा है,
तुम्हारे हिस्से का
वक़्त
❣️❣️❣️

narayanmahajan.307843

पहिले प्रेम
मन माझं आजही तिच्यात अडकले आहे...
वहीच्या शेवटच्या पानावर आजही तिचंच नाव आहे..
ती चे हसन तीच रुसण आज ही आठवणीत आहे..
तिच्या त्या गालावरच्या खळी वर आज जीव झुरत आहे..
ती तर गेली विसरून मला पण माझं मन मात्र.
त्या वहीच्या शेवटच्या पानावर आज ही अडकून आहे.
रोज तीच वही काढून बसतो आणि
तीच नाव पाहून डोळ्यातील अश्रू ना वाट काढून देतो..
सोडून जाणारी जाते पण दुसऱ्याच आयुष्य नरक करून जाते...
शेवटच्या पानावर ती आज ही आठवणीत आहे...
आज ही विसरण होत नाही..
कारण प्रेम खरं होत माझं हे तिलाच समजल नाही...
काय खर प्रेम केलं हेच माझं चुकले हे मला समजले नाही..
ती कधी येणार नाही परत माहिती आहे ..
तरीही मन माझं तिचीच वाट पाहत आहे...
आज ही शेवटच्या पानावर तिचंच नाव आहे...
तिचंच नाव आहे....

kavitaparabkar817467

दिल की बात खामोशी के साथ ✨✨

deepikajoshiruhanidilse

पछतावा क्यों नहीं पता

कविता




निराशा में डूबी हुई मन
धीरे-धीरे पछतावा में जा रहा है




निराशा किस लिए है पता है
पछतावा क्यों है नहीं पता



और यह मुझे बेचैन कर रही है
और गहरी पिरा महसूस करने पर मजबूर कर रही है


पर वह पीरा क्या है
वह दर्द किसकी है
मुझे नहीं समझ में आ रहा
बस है अंदर दुख


और दुख में डूबे हुए एक धड़कन
जो ठहरना चाहता है
जैसे यह बेचैनी बर्दाश्त नहीं हो रही
जिसे यह घबराहट बरदास नहीं हो रही



या तो ऐ रुक जाना चाहता है
या तो ऐ चाहता है कि मैं कुछ करूं
जिसके वजह से उसे थोड़ी राहत मिले


उस पछतावे को जानू
जो निराशा की वजह से आया है
उस दर्द को पहचानो जो मैं महसूस कर रही हूं


और सच कहूं तो
मुझे समझ में नहीं आ रहा
क्यों और क्या


मुझे नहीं समझ में आ रहा है
कि क्यों पछतावा हो रहा है
मैं मुझे नहीं समझ में आ रहा है
कि मेरा जो दर्द है
वह क्या है


वह पछतावे की दर्द
मेरे खुद की बेकार जिंदगी बिता देने की बात की है
या किसी और की दर्दों को महसूस करके मुझे
पछतावा हो रहा है


सच कहूं तो मुझे नहीं पता
मैंने उम्र भर खुद के लिए क्या किया
और दूसरों के लिए क्या नहीं किया


मुझे नहीं पता इस तरफ इस बेचैनी
इस बहते हुए आंखों
और इस पछतावे की असली मतलब

मुझे नहीं पता

abhinisha

Colleb...

inkimagination

"कितना मुश्किल है
इस अंदाज में ज़िन्दगी बशर करना"

"तुम्हीं से फासला रखना
और तुम्हीं से इश्क़ करना.!!

narayanmahajan.307843

जय श्री राधे कृष्ण 🙏🦚

पूर्णिमा की रात, वृन्दावन में कान्हा ने बाँसुरी बजाई।
सारी गोपियाँ मर्यादा की रेखा पार कर दौड़ आईं।
तब राधा रानी ने पूछा - सबसे ज़्यादा प्रेम कौन करता है?

कान्हा का जवाब सुनकर आप भावविभोर हो जाएँगे 🥹
उन्होंने कहा - ये सारी गोपियाँ आपकी ही अंश हैं राधे।
सब में आपकी ही छवि है। इनका प्रेम भी मेरे लिए सम्पूर्ण है।

यही है हमारे जीवन का सार
कृष्ण ही राधा हैं, राधा ही कृष्ण हैं
दो जान, एक शरीर 💛

इस वीडियो में जानिए:
Raas Leela का असली मतलब क्या है
क्या हम भी राधा का अंश हैं
सच्चा प्रेम मर्यादा से बड़ा कैसे है?

अगर वीडियो अच्छी लगे तो "राधे राधे" लिखकर चैनल को सब्सक्राइब करें
आपकी एक राधे राधे से किसी का दिन बन जाएगा।

#ShreeRadheKrishna #DoJaanEkShareer #RaasLeela #DearFever #JaiJagannath

skptech

બુક: સતી સાવિત્રી
લેખક: દેવદાત પટનાયક

એમ તો ખૂબ નવા લેખક છે મારી માટે..
નારી જાતિમાં જ્યાં એક સમય હતો
જ્યાં બાળકોના નામ પાછળ તેની માતાનું નામ લખવામાં આવતું તે સમયથી લઈ ને ઉપનિષ, વેદ,રામાયણ અને મહાભારત સુઘીની નારીઓની નાની કથા અને માન્યતા સાથે ખૂબ સારી રીતે વિચાર રજુ કરેલ છે.. આ બુક વાંચીને ખરેખર ખૂબ મજા આવી.. જો તમને પણ ઈતિહાસમાં મનુષ્યના જીવનમાં ભૂતકાળોમાં સ્ત્રી નું સ્થાન પ્રથા અને સમાજ વિશે જાણવામાં રસ હોય તો આ બુક જરૂરથી વાંચજો..

chiragvora055249

[ मुझे पाना तू चाहती थी,
तुझे पाने में वक्त लगेगा
वो कहते है न हीरा बनाने ओर उस हीरे को सिद्दत से पाने में
वक्त लगेगा
तू अगर छोड कर जा रही है तो याद रखना हीरा हर बार नदी में नहीं मिलता
मुझे पाने है to वो वक्त दुबारा नहीं मिलता
जरा सोच ले मेरा जैसा इंसान हर किसी को नहीं मिलता
तुझे होगा अहसास मुझे खोने का
जब वक्त भी कम होगा और तेरा मुझे न पाने का अफसोस भी होगा।

omparkashverma554460

Evil Nun 1 Game Story Hindi Comming Soon By Speedy Gamer

vihanbakshi008153

Once more, I yield thee to the heavens’ decree,
And turn away; I shall return no more.
Seek me if thou wilt, across the lonely shore—
Henceforth, thy search must find what's left of me

cosmicstar

सब देखा देखी का खेल है
मन को कितना भी कही लेजाए
पर मन कही ओर जाने लगता है

rupex

"अधूरा भी पूरा है"

क्या ज़रूरी है कि जो शुरू किया उसे पूरा करना ही है…
क्या हम कुछ अधूरा नहीं छोड़ सकते?
कोई रास्ता, कोई याद, कोई सपना, कोई किताब…
क्या होगा अगर कुछ बात बीच में ही रह जाए तो?

क्या हर नदी का समंदर तक जाना ज़रूरी है?
क्या हर चाँद का पूरा गोल दिखना ज़रूरी है?
अगर कोई गीत बीच में ही रुक जाए,
तो क्या वो कम सुंदर लगेगा?

देखो तो सही…
भगवान ने भी दुनिया पूरी नहीं बनाई।
कहीं पहाड़ आधे, कहीं नदियाँ प्यासी,
कहीं धूप कम, कहीं छाँव उदास।
उसने चाँद पर भी दाग छोड़ दिया,
शायद इसलिए कि कमी में भी खूबसूरती होती है।

हम क्यों डरते हैं अधूरेपन से?
अधूरी बात में ही तो फिर मिलने की आस होती है।
अधूरी किताब में ही तो नया सपना पलता है।
अधूरे रास्ते में ही तो लौट कर आने का मन करता है।

जो पूरा हो गया, वो कहानी बनकर खत्म हो जाता है,
पर जो अधूरा रह गया, वो साँस बनकर चलता रहता है।
पूरा होना मतलब रुक जाना है,
अधूरा होना मतलब चलते रहना है।

तो रहने दो कुछ बातें अनकही,
कुछ रास्ते बिना मंज़िल, कुछ सपने बिना रंग के।
शायद भगवान ने भी हमें अधूरा बनाया है…
ताकि हम एक-दूसरे से जुड़ कर
उसकी दुनिया को पूरा कर सकें।

प्राची गुर्जर…..

prachitanwar111

"मैं और मेरे अक्षर”…….

आईने से डरती हूँ मैं, वो सच दिखा देता है,  
मैं तो वो हूँ जो लफ़्ज़ों में ख़ुद को छुपा लेता है।


मैंने कभी देखना नहीं चाहा ख़ुद को दर्पण में…  
मेरी आँखों के कोर पर काजल टिकता नहीं,  
माथे पर बिंदी का बोझ उठता नहीं,  
नहीं चाहिए मुझे खन-खनाती चूड़ियों का श्रृंगार…  
मेरा शोर तो मेरे अक्षरों के पार है।

मैं अक्सर बह जाती हूँ स्याही की नदी में,  
अक्षर से भाषा, भाषा से वेदना की गहराई में।  
मेरा जी अटका है एक अजीब तड़पन में…  
जिसे न गहने चाहिए, न डोली का क़रार,  
बस चाहिए एक कोना किताब के हाशिये का उधार।

लोग कहते हैं “औरत हो, सँवर जाओ”,  
मैं कहती हूँ “शब्द हूँ, बिखर जाओ”।  
मेरी माँग का सिंदूर कविता की सुर्ख़ लकीर है,  
मेरा गजरा ग़ज़लों की महकती तहरीर है।

रात जब दुनिया सोती है, मेरी क़लम रोशन होती है,  
मेरे ख़्वाब पाँव में पायल नहीं,  
नज़्मों की पाज़ेब पहन कर जागते हैं।  
मेरा आँचल शब्दों से सिला है,  
मेरी मेहंदी अख़बार की सुर्ख़ियों से रची है।

मुझे दुनिया से नहीं, ख़ुद की परछाईं से पर्दा है,  
क्योंकि दर्पण में सिर्फ़ जिस्म उतरता है 
और मैं तो रूह की इबारत हूँ।  
मैं प्रेमचंद के पन्नों की कोई थकी हुई औरत हूँ,  
महादेवी के आँसू से भीगी कोई प्रार्थना हूँ,  
अमृता के ख़त की आख़िरी अधूरी सतर हूँ।

मेरी तड़प न मायके की देहरी की है, न ससुराल की दीवार की,  
मेरी तड़प उस सुबह की है 
जहाँ औरत को पढ़ने से पहले नापा न जाए,  
जहाँ उसके क़लम की नोक को उसके गहनों से पहले सराहा जाए।

तो रहने दो मुझे यूँ ही बे-रंग, बे-साज़…  
बिना काजल, बिना बिंदी, बिना चूड़ियों के अल्फ़ाज़।  
मैं ख़ामोश सही, मगर मेरे हर लफ़्ज़ में इनक़लाब है,  
मैं तन्हा सही, मगर मेरी किताबों में पूरा हिसाब है।

प्राची गुर्जर…..

prachitanwar111