🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
बड़ी हसरत से हम ने भी वफ़ा का
ख्वाब देखा था,
मगर दुनिया की भीड़ में मोहब्बत
को नीलाम होते देखा था,
यहाँ दिल की तड़प से, किसी को
कोई सरोकार नहीं,
बाज़ार-ए-इश्क में अब जज्बात
का कोई मोल-भाव नहीं,
वो कहते थे, कि साथ चलेंगे उम्र
भर साया बनकर,
मगर धूप ज़रा तेज़ क्या हुई उन्हें
रास्ता बदलते देखा था,
“मोहब्बत की आड़ में, अब
सियासत होने लगी है„
पाक रिश्तों में भी जात-पात की
मिलावट होने लगी है,
झुक कर जो मिले थे कभी बड़ी
सादगी के साथ,
आज उन्हीं की नज़रों में, अपने
लिए नफरत का उबाल देखा था,
अजीब दस्तूर है, इस दौर-ए-
मोहब्बत का भी साहब,
यहाँ वफ़ा करने वालों को ही
अक्सर जिल्लत सहते देखा था.🔥
╭─❀💔༻
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
╨──────────━❥