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New bites

ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा।
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गँवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आए।
तिरंगा लहरा रहा है शान से, हम सब झुकें इसके सम्मान में,
यही है हमारी पहचान, बसा है जो हर हिंदुस्तानी की जान में।
गणतंत्र का ये पर्व हमें, एकता का पाठ पढ़ाता है,
भारत माँ के वीरों का, बलिदान याद दिलाता है।
ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियो वतन के नाम पर।
देश की मिट्टी की खुशबू, रगों में लहू बनकर बहती है,
ये गणतंत्र की गूँज, हर दिल में 'जय हिंद' कहती है।
लिख रहा हूँ मैं अंजाम, जिसका कल आगाज़ आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा, इंकलाब लाएगा।
मैं रहूँ या न रहूँ, पर ये वादा है मेरा तुझसे,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा।
वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे हैं,
मरेंगे वतन के लिए, मौत से शर्त लगाये बैठे हैं।
सलाम है उन वीरों को, जिनकी वजह से हम आज़ाद हैं,
गणतंत्र दिवस की शान में, हम सर झुकाये बैठे हैं।

nidhimishra705356

Happy Republic Day!

Let's make our nation proud with integrity and togetherness!

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#happyrepublicday #republicday #nation #republicdayindia #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

✤┈SuNo ┤_★_🦋
सत्ता समाज और सुरक्षा का शमशान
      मुर्दा समाज के जीवित लोगों,

आज मैं यहाँ किसी का पक्ष लेने नहीं
बल्कि हम सबकी सामूहिक अंतरात्मा
     का पोस्टमार्टम करने आया हूँ,

गोरखपुर की इस घटना ने यह साबित
              कर दिया है कि,

हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ
     बेटी बचाओ केवल एक नारा है,

और  बेटी  का  शोषण,  एक  कड़वी
                   हकीकत,

जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, ज़रा
सोचिए, उस 13 साल की  बच्ची  ने
जब उन होटल के कमरों में मदद के
         लिए चीख मारी होगी,

तो  उसे  क्या  मिला.?  कानून  की
सुरक्षा.? नहीं उसे मिला एक होटल   
मालिक और  एक मैनेजर, जिन्होंने
मानवता  को पैरों  तले कुचल दिया,

जब समाज के  व्यापारिक संस्थान
रेप की मंडियां बन जाएं, तो समझ
लीजिये कि  हमारा  पतन शुरू हो
                  चुका है,

देशभक्ति  का  ढोंग  बंद  करो  हम
   बॉर्डर पर दुश्मनों को कोसते हैं,

लेकिन हमारे घर के अंदर छिपे इन
     आस्तीन के सांपों का क्या.?

जो लोग एक बीमार बच्ची को दवा
खिला- कर  उसका  बलात्कार कर
सकते हैं, वे किसी  आतंकवादी  से
                 कम नहीं हैं,

क्या  ऐसे  लोगों  को  पालने वाला
समाज,  खुद  को   देशभक्त   कह
                 सकता है.?

असली  देशभक्ति देश की मिट्टी से
नहीं देश के नागरिक की सुरक्षा से
                  होती  है,

सत्ता और व्यवस्था की नपुंसकता
हम गर्व करते हैं कि हमारी सरकारें
कठोर हैं, लेकिन क्या यह कठोरता
         केवल विज्ञापनों में है.?

अगर एक  बच्ची को 15 दिनों तक
नर्क में रखा  जाता है  और  पुलिस
या प्रशासन  को  भनक  तक  नहीं
लगती, तो यह व्यवस्था  की  सबसे
                 बड़ी हार है,

सजा  ऐसी  होनी  चाहिए  कि उसे
सुनकर ही  आने  वाली  नस्लों  की
रूह कांप जाए, न्याय में देरी, न्याय
                की हत्या है,

क्या हम वाकई आजाद हैं,? आज
तिरंगा फहराते वक्त क्या  हमें शर्म
              नहीं  आएगी.?

सोचने वाली बात है, हम  चाँद पर
पहुँच गए लेकिन अपनी बेटियों को
सुरक्षित  घर  से  बाहर  भेजने  की
  हिम्मत आज भी नहीं जुटा पाते,

ये कैसी आजादी है जहाँ एक बच्ची
का  बचपन  बाजारों  में  नीलाम हो
                    रहा है.?

मेरा सीधा  वार है, उन  नेताओं  पर
जो चुनाव के  वक़्त बेटियों की बात
करते हैं, लेकिन  ऐसी  घटनाओं पर
            चुप्पी साध लेते हैं,

उस कानून पर जो कागजी दांव-पेच
में अपराधियों  को  भागने का मौका
                   देता है,

और  उस  समाज  पर  जो  अपनी
आंखों के  सामने  होते अन्याय को
अपना मामला नहीं है कहकर टाल
                  देता  है,

अगर आज इन दरिंदों आदर्श पांडेय
अभय सिंह, और  अंकित  को  बीच
चौराहे पर ऐसी सजा नहीं मिली जो
                 मिसाल बने,

तो याद रखिएगा अगली बार शिकार
किसी और की बेटी होगी,  और  चुप
      रहने की बारी आपकी...🔥

मेरा भारत महान 🇮🇳
वंदे मातरम् 🇮🇳
#Happy_republic_day
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
#LoVeAaShiQ_SinGh 😊°
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥

loveguruaashiq.661810

Nehruji is phenomenon. but congress???

kattupayas.101947

Some gandhiji quotes

kattupayas.101947

Good morning.. wish you all happy republic Day 2026

kattupayas.101947

शीर्षक: स्वतंत्र भारत

हम स्वतंत्र भारत में
नेताओं द्वारा पारित किए गए
गणतंत्र के गुलाम हैं
जहाँ आज़ादी एक तमाशा है
और गुलामी एक सुव्यवस्था।

बधाई हो स्वतंत्र भारत के नागरिकों
आपकी चुप्पी से ही
चलती है भारत की सत्ता।
Softrebel
#UGC

softrebel

પાટણ ફક્ત શહેર નથી.
...............................

વિક્રમ સંવંત આઠસો-બે માં વસેલું વ્હાલુ રજવાડું મારું પાટણ છે.
વનરાજ ચાવડા સાથે અણહિલ ભરવાડ દ્વારા સ્થાપિત મારું પાટણ છે.
નાના-મોટા આડતાલીસ જેટલા વાઘેલા-સોલંકી રાજકર્તાનુ મારું પાટણ છે.
હા ના હા કરતાં તેરસો વરસ જૂનું રૂડું રૂપાળું મારું મારું પાટણ છે.
આ માટીમાં કુમારપાળ અને સધરા જેસંગ થકી વખણાણું મારું પાટણ છે.
બાર દરવાજા ને બાર બારી,મહાકાળી, સિંધવાઈ,મેલડીનુ મારું પાટણ છે.
સરસ્વતી નદી કાંઠે સહસ્ત્રલિંગ,સિદ્ધિ, પીતામ્બરનુ નગર મારું પાટણ છે.
ચારેય કોર્ય દુર્ગ,રાણી વાવ,ત્રિકમ બારોટ,સિંધવાઈ વાવવાળુ મારું પાટણ છે.
શિવમંદિર સાથે સ્થાપત્યની બેજોડ કલા ધરાવતું મારું પાટણ છે.
મીનળદેવી,સતી જસમાં,શક્તિ,નાયકાદેવી જેવી વિરાંગનાનુ મારું પાટણ છે.
સમતળ ભૂમિ સાથે સરસ્વતીનું વહેતું મીઠું વહેણ મારું પાટણ છે.
હેમચંદ્રચાર્ય સાથે કિલાંચંદ અને ઓલિયા સદારામની ઓળખ મારું પાટણ છે.
શિક્ષણધામ,વણજ વ્યવહાર,રેલવે સુવિધા સજ્જ બસડેપો મારું પાટણ છે.
ચતુર્દિશા રાજ્ય ધોરી માર્ગ સાથે ઉત્તર ગુજરાત યુનિવર્સિટી મારું પાટણ છે.
પુસ્તકાલય અને દવાખાનાનુ નગર,મીઠાં દેવડાં થકી વખણાતું મારું પાટણ છે.
સ્વચ્છ રસ્તા અને સરકારી ખાનગી કચેરી સાથે ધર્મશાળા ધરાવતું મારું પાટણ છે.
યુદ્ધ થકી વિધર્મીઓની યુક્તિ નાકામ કરતી ધન્ય ધરા મારું પાટણ છે.
વગડે ગાજર,જામફળ કે દિવેલા,ઘઉં,તમાકુની નિકાસ કરતું મારૂ પાટણ છે.
કવિ લેખકોની કલમે સદાય અજાણ ભૂમિ રહેલું મારું પાટણ છે.
"વાત્સલ્ય" ની વાણી જ્યાં ટૂંકી,મોટાં માથાના માનવીની ભૂમિ મારું પાટણ છે.
. - વાત્સલ્ય
( નીચેનો પીક હાલના શહેર વચ્ચેના ત્રણ દરવાજાનો પીક છે )

savdanjimakwana3600

🌹🇮🇳जय हिन्द 🇮🇳🌹

sonishakya18273gmail.com308865

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
🌹🇮🇳जय हिन्द 🇮🇳🌹

sonishakya18273gmail.com308865

Grammy Awards | Music Award

ફિલ્મ અને મનોરંજન ક્ષેત્રમાં જેમ ઓસ્કર એવોર્ડ સર્વોચ્ચ કક્ષાનો ગણાય છે, એવી જ રીતે સંગીત ક્ષેત્રમાં ગ્રેમી એવોર્ડ સર્વોચ્ચ કક્ષાનો એવોર્ડ ગણાય છે. બ્લોગમાં જાણીશું, ગ્રેમી એવોર્ડ સમારોહમાં અપાતા એવોર્ડ્સ વિશે તેમજ વિજેતા પસંદગીની પ્રક્રિયા વિશે.

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parmarbhavesh.k

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Paglu Parmanu: क्या एक छोटा बच्चा दुनिया ख़त्म कर सकता है? 😱 | The Atom Story"

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modern relationships

jkvproduction131644

स्वार्थ के इस मेले में अब, रिश्ते कैसे परखे जाएँ,
साथ निभाने वाले ही अब, राहों में भटकाएँ।

मीठी मुस्कान के पीछे यहाँ, बरसों पुराने बैर छुपे,
कौन है अपना, कौन है पराया, हर चेहरे में ज़हर भरे।

नहीं है जानता कोई यहाँ, कौन किसका साया है,
अपनी ही राह चलना बेहतर, उम्मीद रखना माया है।

नहीं जानता कोई यहाँ, किसका कौन सा रिश्ता है,
अपनी ही मंज़िल खुद बनानी, बाकी सब माया है।
DHAMAK

heenagopiyani.493689

ज्ञान ही असली शक्ति हैकहानी: ज्ञान ही असली शक्ति है
एक गाँव में दो भाई रहते थे – अर्जुन और भीम। दोनों मेहनती थे, लेकिन सोच में फर्क था।
अर्जुन हमेशा सीखने और जानने में समय बिताता, किताबें पढ़ता और नए कौशल सीखता।
भीम सिर्फ काम करता, मेहनत करता, लेकिन सीखने की कोई आदत नहीं थी।
एक साल बाद गाँव में सूखा पड़ गया। फसल बर्बाद हो गई और लोग परेशान हो गए।
भीम के पास सिर्फ ताकत थी, लेकिन अर्जुन ने नए तरीके सीख रखे थे – पानी बचाने, फसल सुरक्षित रखने और खेती के नए तरीके।
अर्जुन ने गाँव वालों की मदद से फसल को बचाया और सभी का पेट भरा।
भीम ने मेहनत तो की, लेकिन कुछ मदद नहीं कर पाया।
अर्जुन ने कहा:
“ताकत से काम होता है, लेकिन ज्ञान से जीवन बचता है। ज्ञान ही सच्चा भगवान है।”
सभी गाँव वाले समझ गए कि जो ज्ञान रखता है, वही असली शक्ति रखता है।
💡 संदेश:
शक्ति, पैसा या स्थिति स्थायी नहीं, लेकिन ज्ञान हमेशा साथ रहता है। ज्ञान से आप खुद भी मजबूत बनते हैं और दूसरों की मदद भी कर सकते हैं।

rajukumarchaudhary502010

ज्ञान ही असली शक्ति हैकहानी: ज्ञान ही असली शक्ति है
एक गाँव में दो भाई रहते थे – अर्जुन और भीम। दोनों मेहनती थे, लेकिन सोच में फर्क था।
अर्जुन हमेशा सीखने और जानने में समय बिताता, किताबें पढ़ता और नए कौशल सीखता।
भीम सिर्फ काम करता, मेहनत करता, लेकिन सीखने की कोई आदत नहीं थी।
एक साल बाद गाँव में सूखा पड़ गया। फसल बर्बाद हो गई और लोग परेशान हो गए।
भीम के पास सिर्फ ताकत थी, लेकिन अर्जुन ने नए तरीके सीख रखे थे – पानी बचाने, फसल सुरक्षित रखने और खेती के नए तरीके।
अर्जुन ने गाँव वालों की मदद से फसल को बचाया और सभी का पेट भरा।
भीम ने मेहनत तो की, लेकिन कुछ मदद नहीं कर पाया।
अर्जुन ने कहा:
“ताकत से काम होता है, लेकिन ज्ञान से जीवन बचता है। ज्ञान ही सच्चा भगवान है।”
सभी गाँव वाले समझ गए कि जो ज्ञान रखता है, वही असली शक्ति रखता है।
💡 संदेश:
शक्ति, पैसा या स्थिति स्थायी नहीं, लेकिन ज्ञान हमेशा साथ रहता है। ज्ञान से आप खुद भी मजबूत बनते हैं और दूसरों की मदद भी कर सकते हैं।

rajukumarchaudhary502010

ज्ञान बड़ा है पैसा ?कहानी: खाली जेब और भरा दिमाग
एक गाँव में दो दोस्त रहते थे—
मोहन और सुरेश।
मोहन के पिता बहुत अमीर थे। घर में धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी।
मोहन को लगता था—
“पैसा है तो सब कुछ है, पढ़ाई-लिखाई किस काम की?”
दूसरी ओर सुरेश गरीब परिवार से था।
उसके पास पैसा नहीं था, लेकिन सीखने की भूख थी।
वह किताबें पढ़ता, लोगों से सवाल पूछता और हर अनुभव से कुछ न कुछ सीख लेता।
समय बीतता गया…
एक दिन गाँव में बाढ़ आ गई।
मोहन का सारा पैसा, खेत और सामान बह गया।
वह टूट गया—
“अब मैं क्या करूँगा?”
उसी समय सुरेश ने हालात को समझा।
उसने अपने ज्ञान से लोगों को सुरक्षित जगह पहुँचाया,
खेती के नए तरीके अपनाए
और छोटा-सा काम शुरू किया।
कुछ ही सालों में सुरेश सफल हो गया।
लोग उसकी सलाह लेने आने लगे।
वहीं मोहन सुरेश के पास मदद माँगने पहुँचा।
मोहन ने पूछा—
“तुम्हारे पास तो पहले कुछ भी नहीं था, फिर तुम इतना आगे कैसे निकल गए?”
सुरेश मुस्कुराया और बोला—
“पैसा खो जाए तो कुछ नहीं,
लेकिन अगर ज्ञान हो तो सब कुछ फिर से बनाया जा सकता है।”
मोहन की आँखें खुल गईं।
उसे समझ आ गया कि
पैसा साथ छोड़ सकता है,
पर ज्ञान जीवन भर साथ चलता है।
सीख:
👉 पैसा साधन है,
👉 ज्ञान शक्ति है,
👉 और शक्ति से साधन पैदा होते हैं।🔥 एक लाइन में बात:
पैसा जेब में रहता है,
ज्ञान दिमाग में —
और दिमाग जेब को भर देता है।

rajukumarchaudhary502010

પાનખરના રૂતબા પર
ઓવાર્યો
ઋતુરાજ વસંત રૂમઝૂમતો
પધાર્યો…
-કામિની

kamini6601

ठंडी हवाएं, और चाय का गर्म एहसास है।
हर घूँट में घुली है एक सुकून मिठास है,
ये सभी वार भी तेरे नाम है, ये ज़िंदगी भी तेरे होने में ही स्वाद है।

hsc

सफलता के दिग्गजों से सीख📘 पुस्तक समीक्षा: सफलता के दिग्गजों से सीख
यह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे विश्व-प्रसिद्ध सफल व्यक्तित्वों के प्रेरक विचारों का सार है, जो पाठकों को न केवल प्रेरित करती है बल्कि जीवन और करियर में आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट दिशा भी देती है। यह किताब उन लोगों के लिए खास है जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने का रास्ता खोज रहे हैं।
पुस्तक का सबसे मजबूत पक्ष इसका व्यावहारिक दृष्टिकोण है। इसमें बताया गया है कि सफलता केवल भाग्य से नहीं, बल्कि सही सोच, साहसिक निर्णय और लगातार सीखने की आदत से मिलती है। रतन टाटा के विचार हमें सिखाते हैं कि ईमानदारी, दीर्घकालिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। वहीं बिल गेट्स के विचार नवाचार, तकनीक के सही उपयोग और निरंतर सीखते रहने के महत्व को उजागर करते हैं।
लेखक ने जोखिम (Risk) को नकारात्मक नहीं, बल्कि विकास का आवश्यक हिस्सा बताया है। पुस्तक समझाती है कि बिना जोखिम लिए बड़ी उपलब्धियाँ संभव नहीं हैं, लेकिन यह जोखिम सोच-समझकर और सीखने की मानसिकता के साथ लिया जाना चाहिए। असफलता को अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानने की प्रेरणा इस पुस्तक की खास पहचान है।
इसके अलावा, पुस्तक बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें छोटे-छोटे चरणों में बाँटकर हासिल करने की रणनीति भी बताती है। यह पाठक को आत्मविश्वास देती है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है, बशर्ते उसकी सोच सही दिशा में हो।
भाषा सरल, स्पष्ट और प्रेरणादायक है, जिससे हर उम्र और वर्ग का पाठक आसानी से जुड़ सकता है। उदाहरणों और विचारों का चयन ऐसा है कि पढ़ते समय पाठक खुद को इन महान व्यक्तित्वों के अनुभवों से जुड़ा हुआ महसूस करता है।
⭐ निष्कर्ष
यह पुस्तक केवल प्रेरणादायक कथनों का संग्रह नहीं, बल्कि सफल जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शक है। जो पाठक अपने करियर, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब अवश्य पढ़ने योग्य है।📘 पुस्तक समीक्षा
सफलता के दिग्गजों के विचार
यह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे विश्वविख्यात सफल व्यक्तित्वों के प्रेरणादायक विचारों का उत्कृष्ट संग्रह है। यह किताब उन पाठकों के लिए लिखी गई है जो जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन सही दिशा और सोच की तलाश में हैं।
पुस्तक का मुख्य संदेश है — सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि यह निरंतर सीखने, सही जोखिम उठाने और बड़े लक्ष्य तय करने से प्राप्त होती है। रतन टाटा के विचार हमें सिखाते हैं कि ईमानदारी, धैर्य और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भी बड़ी ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है। वहीं बिल गेट्स के अनुभव बताते हैं कि तकनीक, नवाचार और सीखने की भूख इंसान को असाधारण बना सकती है।
इस पुस्तक में जोखिम को डर के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखने की सीख दी गई है। लेखक स्पष्ट करता है कि बिना जोखिम लिए कोई भी बड़ी सफलता संभव नहीं है। साथ ही यह भी समझाया गया है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक आवश्यक पड़ाव होती है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि यह केवल प्रेरणा नहीं देती, बल्कि व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान करती है। लक्ष्य कैसे तय करें, उन्हें छोटे चरणों में कैसे बाँटें और लगातार खुद को कैसे बेहतर बनाएं — इन सभी विषयों को सरल शब्दों में समझाया गया है।
भाषा सहज, सरल और प्रेरक है, जिससे नए पाठक भी आसानी से जुड़ जाते हैं। यह किताब पढ़ते समय ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अनुभवी मार्गदर्शक हमें जीवन के महत्वपूर्ण सबक समझा रहा हो।
✨ निष्कर्ष
यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे दिग्गजों के विचार इसे पढ़ने योग्य ही नहीं, बल्कि बार-बार पढ़ने योग्य बनाते हैंयह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे सफल दिग्गजों के प्रेरक विचारों का संग्रह है। यह जोखिम उठाने, निरंतर सीखने और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर सफलता पाने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करती है।

किताब का लिंक कमेंट बॉक्स में..https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtlu

rajukumarchaudhary502010

খোকা ও কাঠবিড়ালি।
লেখক:- সোহন ঘোষ। ( Sohan Ghosh)

কাঠবিড়ালি, কাঠবিড়ালি!
তুমি কি বাগানের মালি?
সকাল থেকে সন্ধ্যে,
ছুটে বেড়াও বাগানে।

পড়াশুনা না করে,
বেড়াও ঘুরে ঘুরে।
বকে না কেউ তোমায়—
বাবা-মা কিংবা কাকাই।
কি হলো, মুখ ঘুরিয়ে!
যাচ্ছো কোথায় পালিয়ে?

আরে, আরে, কাঠবিড়ালি!
গায়ে মেখে ধুলি,
চললে কোথায় শুনি!
ওরে দুষ্টু কাঠবিড়ালি!
আমায় দেখে পালাচ্ছো বুঝি?

আমার বন্ধু টিয়ে–
বাগানে যখন আসে,
তখন তুমি না পালিয়ে–
খেলা করো তার সাথে।
আমার পোষা ময়না,
তাকে দেখেও যাও না।
তবে, আমি কেন এলে
তুমি সব কাজ ফেলে,
ছুটে গিয়ে গাছে চড়ে
আমায় দেখো বারে বারে?

কি করছো? বসে গাছে।
এসো আমার কাছে।
খেলা করব দুজনে
ফুলে-ফলে ভরা বাগানে।

করো না আর চালাকি!
নিচে নেমে এসো এক্ষুনি!
শুনতে কি পাও নি?
তুমি কানে কালা নাকি?

ভালো কথা যায় না কানে,
যতই মরি চেচিয়ে।
বিচুতি পাতা তুলে এনে,
গায়ে দেব লাগিয়ে।
নিজেকে মালি ভেবে,
খুব তো করছো বড়াই
দেখবে এক্ষুনি, লাগিয়ে দেব,
কাকার সাথে লড়াই।
মাথা ভরা গোবর তোমার
ঘুঁটে হচ্ছে শুকিয়ে;
দেখবে এক্ষুনি, গায়ে তোমার
পেনের কালি দেবো ছিটিয়ে।

কাঠবিড়ালি, কাঠবিড়ালি,
বাগানের হয়েছ মালি?
বল দেখি কোন মাসে
কাশ ফুল ফোটে?
বল দেখি কোন মাসে
‌‌ আউশ ধান উঠে?
বল দেখি কোন ফুল
পাকে জন্মায়?
পত্র কেন সবুজ হয়?
জবা কেন লাল?
বল দেখি ভেবে আমায়
এসব কেন হয়?

ভাব দেখাও ষোলো আনা!
এসব কি আছে জানা?
ওরে দুষ্টু কাঠবিড়ালি!
না জেনেই হয়েছ মালি।
বাগানের করে ফল চুরি
পেট করেছো ভারি।

উত্তর না দিয়ে,
যাচ্ছ কোথায় সরে?
নিয়ে যাবো দাদুর কাছে,
লেজটি তোমার ধরে।

jeeeneet812690