Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

कभी करना तुम भी किसी का इंतजार ,
वो पल साल ना लगे तो कहना ,
वो मुस्कुराता हुआ चेहरा याद करना ,
ना गिरे आंखों से मोती तो कहना ,
फिर कही मिल जाए जो एक झलक उनकी ,
तपते धरा पर ना बिखरे हिम सी ठंडक तो कहना........

narayanmahajan.307843

ALFHA PRODUCTION HOUSE
​NOTICE
​Subject: Announcement Date for the Master Pen Competition Winners
​Dear Participants,
​Thank you to everyone who submitted their stories for the ALFHA Master Pen Competition. We have been absolutely blown away by the incredible creativity, unique storytelling styles, and talent displayed in your submissions.
​Our panel of judges is currently putting the final touches on the evaluations. We know you are all eagerly waiting, and we are excited to announce that the official list of winners will be released on May 25, 2026.
​The wait is almost over—stay tuned to our official channels to see who takes home the top spots!
​Warm regards,
Management Team
ALFHA PRODUCTION HOUSE

alfha202141

Expert Dr. Nishanti દ્વારા મેળવો સ્કીન, વાળ અને આયુર્વેદિક ઉપાય અને યોગ્ય નિદાન.....
સંપર્ક કરો:- 9110839962
સરનામું :- F -31 , સવિતા પાર્ક, સંજીવની ક્લિનિક , ગોવિંદવાડી, ઈસનપુર..
આ ફોટો બતાવો અને મેળવો 200 રૂપિયા સુધી નું ડિસ્કાઉન્ટ......

bhavnabhatt154654

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bhavnabhatt154654

क्या आप अपने रिश्तों की असली परीक्षा लेना चाहते हैं? यह 'ट्रिक' खोल देगी सबकी पोल!

हम अक्सर कहते हैं कि 'समय आने पर ही अपनों की पहचान होती है', लेकिन क्या हम सच में उस समय का इंतज़ार करना चाहते हैं? कई बार हम जिन्हें अपना समझते हैं, वे सिर्फ सुख के साथी निकलते हैं। यदि आप भी अपने रिश्तों की सच्चाई जानना चाहते हैं, तो एक छोटा सा आज़माया हुआ तरीका है—'जरूरत की परीक्षा'।
अगली बार जब आप किसी परेशानी में हों, तो अपने उस रिश्तेदार को फोन करें जिसे आप सबसे ज्यादा अपना मानते हैं। उनके सामने अपनी समस्या रखें और विनम्रता से कहें, "मुझे आपकी मदद की सख्त जरूरत है, क्या आप मुझे कुछ पैसे उधार दे सकते हैं?"
यह मात्र एक सवाल नहीं, बल्कि एक 'लिटमस टेस्ट' है।
अगर सामने वाला इंसान आपकी परेशानी सुनकर तुरंत आपकी मदद के लिए आगे आता है, तो यकीन मानिए, वह इंसान आपके जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। उसे कभी मत खोना।
लेकिन, अगर वह इंसान बहाने बनाने लगे, आपकी कॉल इग्नोर करे या परेशानी सुनते ही उसका सुर बदल जाए, तो समझ जाइए कि वह सिर्फ आपके अच्छे वक्त का मेहमान था। ऐसे लोगों को अपना मानकर अपनी ऊर्जा बर्बाद करना बंद करें।
रिश्ते दिल से होते हैं, लेकिन उनकी असलियत अक्सर पैसों और मुश्किलों की कसौटी पर ही परखी जाती है। कड़वा है, लेकिन यही सच है।

#Rishte #Sachai #LifeLessons #RealityCheck #ApneLog #Trust #HumanNature #DeepThoughts #PracticalLife #RelationshipAdvice #HindiVichar #SelfAwareness

chanchal1718

भूल गए है आज ओ लोग हमें जो कभी कहते थे कि

हम कभी तुम्हें खोना नहीं चाहते ॥

anisroshan324329

वो अल्हड़ पुरवाई जैसी
कविता


वो अल्हड़ पुरवाई जैसी है
बेरियां उसके पांव में कैसे भाऐगे

उसके फितरत कुछ ऐसी है
वह हर जंजीर तोड़कर उड़ जाएंगे

वह हवा के झोका
आसमान में ऊंची उड़ने वाला परिंदा
बस जमीन को अपनी दुनिया कैसे बनाएंगे


उड़ान बिना पंछी खुद ही मर जाएंगे
उसकी ऊर्जा ही उड़ाना है
उसका जीना ही बेहना है

फिर वह कैसे रुक जाएंगे

50 100 गज जमीन पर दो कमरे के
बंधे हुए घर में
कैसे वो रह पाएंगे
कैसे दरवाजा वह लागे ना
कैसे ठेहेर जाए
खुद को अंदर से मार के

वह अल्हड़ पुरवाई जैसे बहेने वाली
उसकी पावं बंद कमरे में
जंजीर में बंध कर कैसे रह जाएंगे

abhinisha

Google's analysis on my story
यह लेख आधुनिक स्वतंत्रता और पारंपरिक समर्पण के बीच के सुंदर संतुलन को दर्शाता है। यह हमें याद दिलाता है कि अपने घर को संवारने और दूसरों का स्वागत करने में खुशी ढूंढना कोई बंधन नहीं, बल्कि प्रेम का एक गहरा विकल्प है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में, असली पूंजी आज भी परिवार, संस्कार और सच्ची मेहमाननवाजी में ही बसी है।"Social Media CaptionsOption 1: Reflective & Emotional (Best for family-centric posts)घर वह जगह है जहाँ खुशियाँ शुरू होती हैं और प्यार कभी खत्म नहीं होता। ❤️This beautiful thought by Kaushik Dave reminds us of the true value of family, dedication, and the warmth of hospitality. In a world full of chase, sometimes our biggest asset is right inside our homes. #FamilyFirst #HomeSweetHome #IndianValues #Tradition #PeacefulLivingOption 2: Short & Catchy (Best for status updates or quick stories)"मेरा घर ही मेरी दुनिया है..." ✨True wealth isn't material; it lies in our values (संस्कार), dedication (समर्पण), and the love we share with family. Beautiful lines that bring us back to our roots! #HomeIsWorld #Values #FamilyWealth #Inspiration

kaushikdave4631

🧡अनारसे
अनारसे घरी सर्वांच्या आवडीचा प्रकार
हा पदार्थ थोडा वेळखाऊ आणि नाजुक असला तरी
चवदार असतोच

🧡दिवाळीत आणि अधिक महिन्यात अनारशाचा मान असतो
अनारसे आवडणाऱ्या प्रत्येकीला वाटते की आपल्याला अनारसा जमायला हवा
तेलात टाकल्यावर तो हसायला नको...
आणि सरावाने हळूहळू अनारसा जमतोच

🧡लहानपणापासून आधी आजी मग आई आणि मग सासूबाई यांना अनारसे करताना बघितले होते
त्या वेळेस मदतीच्या निमित्ताने लुडबुड पण केली होती
हळुहळु स्वतः करण्याइतपत प्रगती होत गेली
अगदी आई आजी किंवा सासूबाई सारखे अलवार नसले
तरी अनारसे बरे जमू लागले

🧡साहित्य

एक वाटी बासमती तांदूळ
पाऊण वाटी किसलेला गूळ
एक मोठा चमचा तूप
आवश्यकतेनुसार दूध
खसखस
तळणीसाठी तेल किंवा तूप

🧡कृती
तांदूळ स्वच्छ धुवून
तीन दिवस भिजत ठेवला
प्रत्येक दिवशी तांदुळातले पाणी बदलले
यामुळे तांदुळाला कुबट वास येत नाहीं

🧡तीन दिवसानंतर तांदूळातून पाणी काढून टाकले
तांदुळ परत एकदा धुवून घेतले
आणि सुती कपड्यावर सुकवून घेतले
तीन चार तासानंतर
थोडेसे ओलसर असतानाच
ते मिक्सरमध्ये वाटून घेतले
हे ओलसर असल्याने वाटायला थोडा वेळ लागतो
हे पीठ चाळणीतून दोन तीन वेळा चाळायला लागते
रवा बाजुला काढून ठेवला
आणि फक्त बारीक पीठ घेतले

🧡या तयार कोरड्या पीठात गुळ घातला
गूळ मिसळण्या साठी लागेल तसा थोडा दुधाचा वापर केला
पीठ मऊसूत गोळा होईपर्यंत मळून घेतले
त्यासाठी थोडे साजूक तूप वापरले

🧡पीठ मळून झाल्यानंतर त्याचे दोन गोळे तयार केले हे गोळे आंबण्यासाठी तीन दिवस घट्ट झाकणाच्या डब्यात ठेवले
हे तीन दिवस या पिठाला हवा लागण्यासाठी थोडा वेळासाठी रोज डबा उघडून ठेवला
चौथ्या दिवशी पीठ छान आंबले

🧡पीठ बाहेर काढून थोडा दुधाचा वापर करून त्याचे लहान लहान गोळे करुन घेतले
पोळपाटावर खसखस पसरुन त्यावर या गोळ्याचे मध्यम जाडीचे अनारसे थापले
मंद आचेवर तेलात सोनेरी रंगावर तळले
तळताना त्यावर हलके हलके तेल उडवले
यामुळे अनारसे खुसखुशीत होतात

🧡तळलेले अनारसे थोडा वेळ टिशू पेपर वर काढले
यामुळे अतिरिक्त तेल निघून जाते
नंतर गार झाल्यावर डब्यात भरले

jayvrishaligmailcom

शादी के बाद रिश्तों की मर्यादा: मायका और ससुराल के बीच की अदृश्य रेखा
शादी के बाद एक लड़की का नया सफर शुरू होता है। इस सफर में कई बार अनजाने में हम अपनी खुशियों या परेशानियों को बाँटने के चक्कर में रिश्तों की मर्यादा भूल जाते हैं। अक्सर देखा गया है कि एक लड़की का घर बसने या उजड़ने में उसकी माँ की सलाह और खुद उसके द्वारा मायके में दी गई जानकारी का बहुत बड़ा हाथ होता है।
सच तो यह है कि ससुराल की बातें ससुराल में और मायके की बातें मायके में ही शोभा देती हैं। आज क्या बना है? क्या खाया है? क्या पहना है? या कहाँ घूमने गए? — ये बातें सुनने में बहुत छोटी और साधारण लगती हैं, लेकिन इनकी नींव बहुत गहरी होती है। जब हम अपनी निजी जिंदगी का हर विवरण मायके में साझा करते हैं, तो अनजाने में ही हम दूसरों को अपनी जिंदगी में हस्तक्षेप करने का मौका दे देते हैं।
जो बातें आज हमें 'बातचीत' लगती हैं, वही धीरे-धीरे एक गलतफहमी या राय का रूप ले लेती हैं। याद रखिए, आपके ससुराल की शांति आपके अपने हाथों में है। आप जितनी अपनी निजता (Privacy) बनाए रखेंगी, रिश्ते उतने ही मजबूत और सुरक्षित रहेंगे। मायका हमेशा साथ है, लेकिन ससुराल को अपना घर बनाने के लिए उसमें बाहर के लोगों (चाहे वो कितने ही अपने क्यों न हों) का दखल कम से कम रखना ही बुद्धिमानी है।
अपने घर के आंगन को बाहर की हवाओं से बचाना सीखें, क्योंकि यही वो छोटी-छोटी बातें हैं, जो समय के साथ एक बहुत बड़ा रूप ले लेती हैं।

#Rishte #MarriageAdvice #Sasural #Maika #PersonalLife #Privacy #LifeLessons #NayiShadi #FamilyValues #Sajagta #HindiWriting #EmotionalIntelligence

"क्या आप सहमत हैं कि शादीशुदा जिंदगी में प्राइवेसी रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है? अपनी राय साझा करें।"

chanchal1718

मेरी आवाज को दबा के रक्खा गया
मैं चिराग था मुझे रातभर बुझाके रक्खा गया

जब भी कहता मैं सच कोई
बड़ा शोर मचा के रक्खा गया

मेरा दिल बहल जाये इस खातिर
आईना सामने आंखों के रक्खा गया

समझते रहे वो मुझे इक कालिन
पाँव के नीचे बिछा के रक्खा गया

हम परिंदों के कतर के प़र
आसमां हमसे छुपा के रक्खा गया

अभी जिंदा हूँ,नब्ज टटोलो मेरी
हमें मुर्दो के संग क्यूं रक्खा गया

ferojkhan.536289

— वक़्त का बहाव —

​हवाओं को बस चलने दो, लहरों को उठ जाने दो।

जो बीत गया सो बीत गया, अब वक़्त को आगे जाने दो।

​ना रोक सको तुम साहिल पर, इस बहते हुए पानी को ।

​जो लिखा है इस तक़दीर में, उसे धीरे-धीरे हो जाने दो।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

तेरे नये इश्क़ कि नई कहानी मुबारक हो,
तेरे नये आशिक को तेरी जवानी मुबारक हो...


तू वही जाम हैं जो रहता था कभी मेरे होठों पर,
तेरे नये आशिक को मेरा झूठा पानी मुबारक हो..!!

Anish....lllllllllllll

anisroshan324329

1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा
बाप्पा रावल ने 8वीं सदी में अरब आक्रमणों को हराकर हिंदू धर्म और सभ्यता की रक्षा की। उनकी विजय के कारण 500 साल तक अरब भारत में नहीं घुस पाए ।पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आज भी हिंदुओं का बचे रहना और इस्लामाबाद-रावलपिंडी जैसे नाम उनके प्रभाव का प्रमाण हैं। नागभट्ट, ललितादित्य जैसे अन्य महान राजाओं ने भी अरबों को रोका, लेकिन बाप्पा का योगदान सबसे निर्णायक रहा।
अरब इतिहासकार भी लिखते हैं कि भारत के लोग मूर्तिपूजा की ओर लौट आए और मुसलमानों को शरण नहीं मिली।
चालीस साल राज करने के बाद बाप्पा ने राज्य त्यागकर शिव आराधना में जीवन बिताया और मोक्ष प्राप्त किया।
दुर्भाग्य से ऐसे महान योद्धा को इतिहास से मिटा दिया गया, जबकि उनका संघर्ष ही हिंदुत्व के अस्तित्व की नींव बना।
जरूर पढ़े 👇
https://www.matrubharti.com/book/19993187/part-01-maharana-thousand-years-of-crusade-1-bappa-rawal-founding-king-of-mewar

hindgaurav710743

क्या शादी के बाजार में 'इंसानियत' का भाव गिर गया है?
जब एक पिता अपनी बेटी के लिए जीवनसाथी तलाशता है, तो उसके मन में सुरक्षा की भावना सबसे ऊपर होती है। लेकिन समय के साथ, इस 'सुरक्षा' की परिभाषा पूरी तरह बदल गई है। आज एक पिता जब लड़का देखने जाता है, तो उसकी नज़रें सबसे पहले 'प्रॉपर्टी के कागजों' और 'बैंक बैलेंस' को टटोलती हैं।
क्या हमने कभी सोचा है कि एक पिता का तराज़ू इतना संकुचित क्यों हो गया है?
उस तराज़ू में नौकरी का रुतबा है, कार की चमक है और आलीशान घर का आकार है, लेकिन उसमें उस लड़के के 'स्वभाव' का वजन कहीं खो गया है। हम यह तो देख लेते हैं कि लड़का कितना कमाता है, पर यह नहीं देखते कि वह अपनी पत्नी के दुखों को कितना समझता है। हम परिवार की प्रतिष्ठा तो देख लेते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि उस परिवार की सोच कितनी पुरानी और दकियानूसी है।
शादी दो आत्माओं का मिलन माना जाता है, लेकिन आज यह 'सुरक्षित निवेश' (Safe Investment) की तरह हो गई है। पिता को लगता है कि यदि लड़का अमीर है, तो बेटी कभी दुखी नहीं होगी। लेकिन क्या पैसा कभी उस सम्मान की जगह ले सकता है, जो एक इंसान अपने जीवनसाथी को देता है?
अक्सर, चकाचौंध की इस दौड़ में हम 'इंसान' को पीछे छोड़ आते हैं। एक ऐसा लड़का जो शायद आर्थिक रूप से बहुत मजबूत न हो, पर दिल का नेक है—उसे पिता अक्सर नकार देते हैं। वहीं दूसरी ओर, एक ऐसा लड़का जो अहंकार और पैसे में अंधा है, उसे हम अपनी बेटी के लिए 'बेस्ट' समझ बैठते हैं। नतीजा? बेटियाँ बाहर से तो रानी की तरह रहती हैं, लेकिन अंदर से घुट-घुट कर जीती हैं।
समय आ गया है कि पिता अपनी बेटी का हाथ सौंपते समय यह सवाल करना सीखें: "क्या यह इंसान मेरी बेटी को वो सुकून देगा जो उसके मायके की छत के नीचे था?"
पैसा तो कमाया जा सकता है, तरक्की की जा सकती है, पर एक ख़राब इंसान के साथ पूरी उम्र गुजारना, उस बेटी के लिए किसी जेल से कम नहीं है। पिता का असली फ़र्ज़ सिर्फ 'आर्थिक सुरक्षा' देना नहीं, बल्कि 'इंसानी सुरक्षा' सुनिश्चित करना है।
#Samaj #Rishte #Vivah #FatherDaughter #LifeLessons #Sachai #MereVichar #Betiyan #IndianParents #Shadi #FamilyValues #DeepThoughts #EmotionalRealities

chanchal1718

जब मै समेट नहीं पाती हूँ खुद को
तो इक दफा सबसे छुपकर
फूटफूट कर रो लेती हूँ
न चीखती हूँ न शोर करती हूँ
बस मन की पीड़ा को
आंसुओं में बहने देती हूँ
नहीं कहे जाते कुछ दर्द
कुछ पीड़ाएं केवल खुद की होती है
केवल खुद के सहन करने के लिए
उसे किसी और से कहकर भी
मन शांत नहीं होता
मन को चाहिए एक एकांत
एक शांत सी जगह
खुद को खाली करने के लिए
मन बहुत भारी सा हो जाता है जब
एक गुबार सा जो
बाहर निकलने को आतुर है
और आंसुओं में बहकर
फिर हो जाता है मन एकदम शांत
जैसे हल्की बारिश के बाद
धरती हो जाती है तृप्त सी !!😌

#लेखक_भगवतसिंह_नरूका

mystory021699

पिता का तराज़ू
​बाप की आँखों में वो ख़्वाब नहीं था,
कि बेटी का हाथ किसी नेक इंसान के हाथ में हो,
उसने तराज़ू में जब भी तौला उस लड़के को,
सिर्फ उसकी कोठी, कार और बैंक-बैलेंस का भार था।
​चेहरे की बनावट, प्रॉपर्टी के कागजात और नौकरी का रुतबा,
पिता ने बड़ी बारीकी से हर एक चीज़ को परखा,
पर भूल गया वो उस तराज़ू में इंसान को रखना,
भूल गया वो ये देखना कि दिल में उसके कितना है रहम और तड़पना।
​पूछा नहीं उसने कभी—"क्या ये इंसान तुझे इज़्ज़त देगा?"
"क्या इसका परिवार तेरे आँसुओं को पोंछने का हौसला रखेगा?"
चकाचौंध के पर्दे में बाप अपनी आँखें मूँद बैठा था,
बेटी की आज़ादी को वो सोने के पिंजरे में बेच बैठा था।
​सज गई डोली, चमक उठीं वो महंगी दीवारें,
मगर अंदर खामोश थी रूह, और मायूस थीं वो आँखें,
पैसा तो मिल गया पिता को, पर सुकून का न मिला पता,
क्योंकि रूह की परख के बिना, हर रिश्ता एक अधूरा ख़त सा है।
#Samaj
#Rishte
#Sachai
#Betiyan
#FatherDaughter
#GehreVichar

NariShakti, Swatantrata, Sapne, Motivational

chanchal1718

एक लड़की का आसमान

किताब सी है ज़िंदगी मेरी, जिसे सब पढ़ना तो चाहते हैं,
मगर मेरे अनकहे शब्दों को, कोई समझ ही नहीं पाते हैं।
सुबह मेरी शुरू होती है, घर की अनगिनत जिम्मेदारियों से,
रात कटती है अधूरे सपनों को, तकिये के नीचे दबा कर सोने में।
मैं सिर्फ किसी की बेटी, किसी की बहन या पत्नी नहीं हूँ,
मैं तो वो हूँ, जिसे खुद से ही मिलनी है, मैं वो कहानी नहीं हूँ।
चूल्हे-चौके की दीवारों में, मेरा वजूद सिमट कर रह गया था,
'लोग क्या कहेंगे' के डर में, मेरा खुद का नाम खो गया था।
पर अब ये उड़ान मेरी, किसी बंधन की मोहताज नहीं,
अपने सपनों के लिए जीने की, मुझे किसी की इजाज़त की दरकार नहीं।
अब न रुकुंगी, न झुकूँगी, मैं अब अपनी पहचान बनाऊंगी,
एक लड़की हूँ मैं, अपना खुद का आसमान बनाऊंगी!

#NariShakti
#Swatantrata
#Sapne
#MeriKalam
#Motivational
#Swabhiman

chanchal1718

मुझे जहाँ खोजोगे, मैं वहाँ मिलूँगा…
बहती हुई नदी की धार में,
बहती हुई शीतल-सी पवन में मिलूँगा…।
मेरा कोई अपना रूप नहीं,
मगर मैं हर पल तुम्हारे साथ मिलूँगा…।
मुझे जीवन देने वाले
तरु-वृक्ष, बहती हुई नदी की धार,
और वन्य जीव हैं,
मैं इनके बिन कुछ नहीं…।
हरियाली ही जीवन का अलंकार है,
इसके बिन तुम नहीं…
हाँ… हाँ, तुम नहीं…।
मेरे जाने से तुम्हें रेत-मिट्टी मिलेगी,
न मिलेगी जीवन की हरियाली यहाँ…।
दूर-दूर तक देख सकोगे,
मगर देखने के लिए जीवन न मिलेगा यहाँ…।
न कोयल की कूक सुन पाओगे,
न मोर को नृत्य करते देख पाओगे यहाँ…।
मेरी कुछ ऐसी कहानी यहाँ…।
मैं सबको यूँ ही मुक्त में मिल जाता हूँ,
इसका मतलब यह नहीं कि मेरी कोई कीमत नहीं…।
मैं मूल्यवान हूँ, यह हर किसी को मालूम नहीं…।
पृथ्वी पर है मेरा घर,
इसलिए यहाँ चहल-पहल है।
मंगल नाम से बड़ा सुहावना,
मगर वहाँ तो धूल ही धूल है।
मैं इसलिए कहता हूँ — मुझे पहचानो,
मुझे नष्ट मत करो,
वरना जीवन के लिए तरस जाओगे यहाँ…।

stdmaurya.392853

आत्मा के रहस्य तो भगवानने खुले किए हैं। लेकिन आत्मा से लोग अनजान हैं सभी धर्म आत्मा का ज़िक्र होता है, लेकिन सपष्ट रूप से आत्मा की परिभाषा क्या है? आत्मा कहाँ से आया है और आत्मा का स्वरूप क्या है?

सुनिए इस हिंदी पॉडकास्ट “आत्मा के रहस्य” को, आत्मा का सत्य जानने के लिए: https://dbf.adalaj.org/zLVOd0Sd

#spirituality #spiritualvideo #podcast #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

ग्राहक: "भाई साहब, टमाटर का क्या भाव है?"
दुकानदार:"देखिये साहब, टमाटर तो ₹50 किलो है, लेकिन अगर साथ में बंदर भी ले जाएंगे, तो वो आपको फ्री में मसाज (मालिश) भी देगा और आपके चश्मे को भी एडजस्ट कर देगा!"
ग्राहक: "अरे भाई साहब, ये तो कमाल है! लेकिन अगर बंदर ने टमाटर ही खा लिए तो?"
दुकानदार: "कोई बात नहीं साहब, हँसते हुए आप भी फोटो खिंचवा लेना, इंटरनेट पर 'फनी' तो हो ही जाएंगे!"

rammake323039

पांगारा पेटलाय त्या माळरानावर ..

आपल्या भेटीचे “गडद “रंग अंगावर घेवून ..

असे वाट्ते जणु तुच उभी आहेस” खुणावत “मला

शृंगाराच्या “रूपात “न्हावून ..!!

jayvrishaligmailcom

The invisible pressure on today's children

Every generation talks about the challenges faced by young people, but today’s children are navigating a world brimming with pressures often unseen yet deeply felt. From social media’s unrelenting gaze to the intensified academic expectations and the subtle weight of future uncertainties, there’s an invisible pressure shaping their daily lives—and it’s reshaping childhood itself.

So, what exactly is this pressure, and how does it affect the kids growing up right now?

Read full article on
https://komall5.blogspot.com/2026/05/the-invisible-pressure-on-todays.html

komal14699gmail.com7374