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उम्मीद की दूसरा और और इंतजार लिखा
कविता


तुम्हारे और मेरे बीच हजारों मिलो की है फासला
और गहरी तुम्हारी यादों से जुराऊ

और इंतजार रहा तुम्हारा और हजार सारो से

शाम की तरह मैं ढल गई
रेत की तरह समय के हाथ से फिसल गई
और मैं मिट्टी गहरी समुद्र में जा मिल गई




और मे ऐ सोचने पर मजबूर हो गई
कि यह किस्मत हमारी
पर उम्मीद है
कि हम मिलेंगे और सो साल बाद सी
हजारों साल बाद भी


उमिद की दूसरी और
और इंतजार लिखा है हजारों साल तक
जब तलक हवाई अपनी रुखत नहीं मोड़ती
जब तलक समुद्र सुख नहीं जाती
जब तलक धरती बंजर नहीं हो जाती

जब तलक तुम हजारों मिलो से
इस सूखी धरती पे अपनी कदम नहीं रखते

तव तलक इंतजार है
समुद्र की नीचे सांस लेते मैं मिट्ट रेत सी

abhinisha

આપણા હિન્દુ ધર્મમાં જેમ ત્રિશૂળ, ૐ, સ્વસ્તિક વગેરે છે તેવી જ રીતે ઇજિપ્શિયન માયથોલોજીમાં પણ એક એવું પ્રતીક છે જેને જીવનદાતા તેમજ અમરત્વ તરીકે ઓળખવામાં આવે છે. તો ચાલો જાણીએ - Ankh ~ આંખ અથવા એંખ વિશે.

Ankh | Ancient Egyptian's Sacred Symbol

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#ancientworld #egyptianhistory #informative #knowledgesharing #blogging

mothiyavgmail.com3309

HAPPY TEACHERS DAY💐💐
ભૂરો : અરે ચૂંગેશ.. ચાલને આપણા ટિચરને
શિક્ષક દિનની શુભકામના પાઠવીએ...!
ચૂંગેશ : ના. મારે નથી આવવુ. અઠવાડિયા પહેલા જે છોકરીના હાથે મને રાખડી બંધાવી, કાલે
મને એજ છોકરીનો કાનુડો બનાવી દીધો.
ફરી કોણ જાણે કેવા કાંડ કરાવે...?
😜😜😜😜😜😂😂😂😂😂😂

jighnasasolanki210025

Happy Teachers' Day

On this special day, let us express our sincere gratitude to all teachers for being the guiding light in our lives.

Create your own Teachers’ Day poster with YOUR NAME and share it with your teacher and friends!📝💫👇

https://dbf.adalaj.org/oHEa0zkw

#teachersday #happyteachersday #mentor #guide #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

🟡खुबी/खोबी रोटी

🟡एक राजस्थानी रोटीचा प्रकार

🟡एक वाटी कणीक, थोडे तूप आणि मीठ घालुन थोडी घट्ट भिजवली
अर्धा तास झाकून ठेवली
अर्ध्या तासानंतर पोळी सारखे लाटून त्यात तेल व पीठ पसरून लावले
(यामुळें आतून खुसखुशीत होते)
परत त्याची गुंडाळी करून गोल पोळी लाटली
फार पातळ लाटायची नाही
जाडसर हवी

🟡पोळीला वरून चाकूच्या साह्याने थोडया चिरा दिल्या
ही रोटी जड असल्याने या चिरा मुळे लवकर भाजली जाते
चिरा दिलेली बाजू तव्यावर भाजायला टाकावी
तोपर्यंत दोन बोटाच्या सहाय्याने चित्रात दाखवल्या प्रमाणे समान अंतरावर या पोळीवर उभ्या एकसारख्या रेषेत छोटे छोटे चिमटे काढले
हे चिमटे आपापल्या कृतीशिलते प्रमाणे काढावे
आपले डिझाईन आपण तयार करावे 🙂🙂

🟡तव्यावर हात भाजत असेल तर पोळी भाजायच्या चिमटा घेउन त्याने हे चिमटे काढावे
रोटी खालून कडक भाजली की
दुसऱ्या गॅस वर चिमटे काढलेल्या बाजूने भाजुन घ्यावी
अथवा
भरपुर तूप सोडून दोन्हीकडून भाजुन घ्यावी

🟡ही रोटी चवीला बिस्कीट सारखी खुसखुशीत होते
यात मीठ हळद तिखट ओवा घालून मसाला खुबी रोटी सुध्दा करता येते
सोबत
नारळ, शेंगदाणे, तिखट, हळद, मीठ गूळ घालून वाटलेली चटणी
वर हिंग मोहरी कढीलिंब फोडणी

jayvrishaligmailcom

હા,હું શિક્ષક છું 
શિક્ષક છું બાળકો સાથે બાળક બની જાઉં
શિક્ષક છું બાળકોને દિલથી સમજી જાઉં....
                      હા,હું શિક્ષક છું!.............

બેન બોલતાં બોલતાં માં,મમ્મી,બઇ કહી દે બાળકો
માના સ્તરના ઉપનામથી માસ્તર હું કહેવાઉં!......
                      હા, હું શિક્ષક છું!...............

બદલાતા સમય સંગાથે, કદમથી કદમ મિલાવી
ટેક્નોલોજી સંગાથે કદમ
          મિલાવી બાળકોને શીખવું!.............. 
                          હા,હું શિક્ષક છું!...........

શાળાના પ્રથમ પગથિયેથી
                 શરૂઆત કરાવી શિક્ષણની
જે તે ક્ષેત્રે શિક્ષક બની
         શિક્ષણ થકી માસ્ટર હું બનાવું!.........
                        હા, હું શિક્ષક છું.............

શિક્ષણ સાથે મૂલ્ય શિક્ષણ પણ શીખવું
માનવતા પાઠ ભણાવી શ્રેષ્ઠ નાગરિક હું બનાવું!..
                          હા,હું શિક્ષક છું!............

જ્ઞાન કેરો અમુલ્ય ખજાનો આપી,
                 આપુ જીવનને નવી દિશા
ગુરુ ગોવિંદ સુધી પહોચાડવાનો માર્ગ હું બતાવું!..
                       હા, હું શિક્ષક છું!................
તમામ ગુરુજનોને શિક્ષક દિવસની હાર્દિક શુભકામનાઓ. પુષ્પા એસ.ઠાકોર "પુષ્પ"

thakorpushpabensorabji9973

चीनी 65 से 70
बेसन 70 से 75
करुवा का तेल 200 पार
कैसे बुलाऊं में रिश्तेदार
महंगाई की है बड़ी मार

आलू 80 की पसेरी
मिर्ची 40 का पव्वा
प्याज है 50 के पार
कैसे बुलाऊं में रिश्तेदार
महंगाई की है बड़ी मार


नया गाना अच्छा लगा मेरा

anisroshan324329

बेवकूफ़ बंदर - हास्य-व्यंग्य विधा

हम तेरे प्यार में पक्के बेवकूफ़ बंदर
दिल के बजाए दिमाग़ से हैं घनचक्कर ,
मन के बिना तेरे आंगन के घुम्मकड़
तेरी छत पर कूद-कूद कर हल्ला मचाएंगे ,
तेरे बाग-बगीचों में ऊधम मचाएंगे
तेरे गमलों के पौधों को उखाड़ फेंकेंगे |

हम तेरे प्यार में पक्के बेवकूफ़ बंदर
मंदिर के बजाय तेरी पूजा-पाठ करेगें ,
पेट भरकर तेरा व्रत उपवास करेगें
तेरी गली में भीख माग उपवास तोडेंगे ,
गधे पर उल्टी शान-शौकत से बैठकर
फटे हाल में केवल तुम्हें मिलने आएंगे |


हम तेरे प्यार में पक्के बेवकूफ़ बंदर
शांति छोड़ हुप..हुप.. चिल्लाएंगे ,
तेरे हाथों के डंडे शौक से खाएंगे
तेरे नाम का टैटू सीने पर बनाएंगे ,
तेरी डांट पर जोर-जोर से हंसेंगे
तेरे नखरें सात समुंदर पार उठाएंगे |

हम तेरे प्यार में पक्के बेवकूफ़ बंदर
गले में टाई की जगह रस्सी लटकाएंगे ,
तन पे शर्ट की जगह जंगली पत्ते लपेटेंगे
पाउडर की जगह चेहरे पर कालिख लगाएंगे ,
तेरी पुरानी सैंन्डल गले में अदब से पहनेंगे
पूरे शहर को तेरा दिवाना मंजनू बताएंगे |

क्योंकी, हम तो हर जगह पे ठहरे फालतु ,
बस तेरे प्यार में हम पक्के बेवकूफ़ बंजर
दिन भर बस मदारी के भालू जैसा नाचेंगे ,
तेरे इशारों पर पिंजरे का तोता जैसा चहकेंगे
दौडेगें तेरे पीछे हमेशा हम दुम हिलाकर ,
घुमेंगे तेरे आगे-पीछे पालतू जानवर जैसा ||


©®- शेखर खराड़ी
तिथि-५/९/२०२६

shekharkharadi6923

દેશમાં નહીં પણ વિશ્વમાં આવા વિચારવાળા શિક્ષક હોય તો દેશને કોઈની તાકાત નથી કે પરાસ્ત કરી શકે..- વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

आज हम घर की सफाई कर रहे हैं
जा रही है मकड़ियां अपना जाला छोड़ कर

एक राधा दुख में है और कह रही हैं
खुश तो है ना तू ग्वाले मुझे यहां बुला कर

anisroshan324329

ઓ!હો!હો!હો! બઉ દિવસ બાદ યાદ આવી મારી?
હું તો હજારો વખત યાદી બનાવું છું,તમારી..
- વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

मेरी क़िताब घुमक्कड़ जिज्ञासा....

erdharmendra

Radhe Krishna
shree Krishna ashtami ki Sabko hardhik subhakamayee jai jagannath

skptech

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं ✍️

mamtagirishtrivedi740648

चलो मान लिया… मैं पागल हूँ।
मानसिक रूप से परेशान हूँ, डिस्टर्ब हूँ… जो भी आप कहना चाहते हैं, कह लीजिए।

लेकिन एक बात मेरी समझ से बाहर है—
अगर आपको सच में लगता है कि मैं मानसिक रूप से परेशान हूँ, तो फिर मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हो?

किसी इंसान को बार-बार सबके सामने “पागल” कह देने से वह पागल नहीं हो जाता।
कई बार इंसान पागल नहीं होता…
बस अंदर से इतना टूट चुका होता है कि उसकी परेशानी उसके व्यवहार में दिखाई देने लगती है।

वह चुप हो सकता है, गुस्सा कर सकता है, रो सकता है, किसी से बात नहीं करना चाहता…
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे और अपमानित किया जाए।

अगर कोई इंसान सच में मानसिक रूप से परेशान है, तो उसे ताने नहीं चाहिए।
उसे लोगों की हँसी नहीं चाहिए।
उसे सबके सामने “पागल” कहकर नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है।

उसे चाहिए—समझ, सम्मान, थोड़ा सा अपनापन और प्यार।

और सबसे बड़ी विडंबना तो यह है कि यह सब वही लोग करते हैं जो खुद को पढ़ा-लिखा और समझदार कहते हैं।

तो मेरा सवाल बस इतना है—
क्या पढ़ाई सिर्फ किताबें पढ़ लेने का नाम है?

अगर किसी परेशान इंसान की तकलीफ समझ नहीं सकते,
अगर उसके सामने ही उसका मज़ाक बना सकते हैं,
अगर उसकी हालत देखकर उसे और चोट पहुँचा सकते हैं,
तो फिर उस पढ़ाई का फायदा क्या है?

किसी इंसान को इतना मत तोड़ो कि उसकी चुप्पी भी तुम्हें पागलपन लगे और उसका दर्द भी तुम्हें ड्रामा।

हो सकता है जिसे तुम “पागल” कह रहे हो,
वह बस बहुत कुछ सहकर थक चुका हो।

और याद रखना—
किसी इंसान की परेशानी उसकी पहचान नहीं होती।

आज लोग चाहे मुझे जिस नाम से बुलाएँ,
मेरी सच्चाई किसी के कह देने से बदल नहीं जाएगी।

मैं टूटी हूँ तो खुद को फिर से जोड़ूँगी।
मैं परेशान हूँ तो इस दौर से भी निकलूँगी।

क्योंकि मुझे किसी के दिए हुए नाम से नहीं,
अपनी सच्चाई से पहचाना जाना है। ❤️

archanalekhikha

The city sprawled like a living mosaic, an intricate pattern of gleaming glass and steel, its towering skyscrapers scraping clouds that had grown lazy in the summer heat. दिनेश found himself dwarfed by the grandeur surrounding him, each polished facade of the City Bank a stark reminder of the sharp divide between the haves and the have-nots. The air buzzed not just with the hum of traffic and the distant blare of horns but with an undercurrent of ambition—an electric current that charged every passerby with the intoxicating aroma of success but left him feeling acutely aware of his own insignificance.

As he navigated the bustling streets, the scent of freshly brewed coffee wafted through the air, mingling with a hint of exhaust from the luxury cars that whizzed by like oxygen-rich blood coursing through the veins of the metropolis. दिनेश adjusted the strap of his worn camera bag, its weight a constant reminder of both his passion for

mrdevil.148768

तुमसे मिला तो
गीत


जिंदगी की एक झलक ऊठ के आई
आ कर वो मुझ मे समाइ

कहती रही और जियो
सासो को अपनी वेवजा ना गिनु
जिद्दे महबुब के तरह उनके हो जाओ




हा। हा। हा। हा। हा।।
ले। ले ।।।ले।‌‌।। ले। ले। ले

तुम से मिला तो एसा लगा
जिना इतना भी बुरा नही
किसी कि महबुब। बन कर
किसी को चाहते रहना इतना भी बूरा नही


हा। ‌ हा ‌। ‌‌हा‌। ‌। हा
हा हा। हा।

हा। ‌हा। हा। हा। हा
हा। हा। हा।



जिंदगी की एक झलक ऊड़ कर आई
आ कर वो मुझ मे समाइ

कहती रही और जियो
सासो को अपनी वेवजा ना गिनु


पलकें तले जो ख्बावें बुने हैं
उने सच करू

आंखों में लाऊ दुनया को दिखाऊ
तुमे मैं और चाहा करू



हा। हा ।। हा। ।। हा। ।।हा।

ले।।। ले ।।ले। ले ।।ले।। ले। ले ।।ले ले। ‌। ले‌‌।। ले

तुम से मिला तो एसा लगा
जिना इतना भी बुरा नही
किसी के हो जाना
किसी के बाहो मे सो जाना इतना भी बुरा नही


हा।।। हा।।। हा।।। हा।।।। हा

ले ।।ले।।। ले।।। ले ।।ले।।। ले ।।।ले


जिंदगी की एक झलक ऊड़ कर आई
आ कर वो मुझ मे समाइ

कहती रही मैं चलती रहु
वो वजह इतनी फिक्र ना करु

कोइ है जो आहे भर रहा
चलते हुए मेरे कदमों के पिछे
वो साम सवेरे मेरे आहो मे ढल रहा




हा। हा। हा। हा। हा



तुम से मिला तो एसा लगा
जिना इतना भी बुरा नही
किसी को पाना हमदम कहना
किसी के साथ उम्र भर चलते रहना इतना बुरा भी नहीं



हा। हा। हा। हा

ले ले ले। ले। ले


जिंदगी की झ ‌।ल ।क

हा। हा। हा। हा। हा

तुम से मिला तो ए‌‌।सा ल।गा

abhinisha

बड़ी चौधरी बनती थी
Happy New year 2027

मेरा फोन मेरी मर्ज़ी समझी

anisroshan324329

हर कोई तारीफ़ करता है तुम्हारी
बेवफा यार
तुम मर गए हो क्या

anisroshan324329

ધન,દોલત કે સ્વર્ગ નથી.
ચા તો,સ્ફૂર્તિનું નજરાણું છે.
ન આવ્યું અમને નજર.
લાગે છે,કોઈ થી નજરાયું છે.
🖊️ જયા.જાની.તળાજા. "જીયા"

davejayaben809394

Happy Janmashtmi 🎂

mitra1622

ये प्राइवेट स्कूल वाले कभी नहीं सुधरेंगे
राखी पर लड़का लड़की को
भाई बहन बना देते है
और
जन्माष्टमी पर राधा कृष्ण बना देते है

और मेरा तो फिक्स ही था
दशहरा आते ही
रावण बना देते थे

anisroshan324329