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New bites

Radha Krishna

skptech

तुम्हारा नाम से....

abhi006

दिल की बात खामोशी के साथ ✨✨

deepikajoshiruhanidilse

आई स्टिल लव यू का पहला भाग हाजिर है। आप लोग से उम्मीद है की इस चहानी पर कमेंट और रेटिंग मिलेगी। पहले भाग की झलक पिक्चर मे है।

gautamreena712gmail.com185620

मैंने आज़ादी की लड़ाई नहीं देखी, पर आज उसकी छवि देखी। कुछ ऐसी ही होगी वह जंग, जहाँ रक्षक ही भक्षक बनकर सामने खड़े होंगे; जहाँ बच्चे, बूढ़े, बड़े और जवान—सभी लड़ रहे होंगे, शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे होंगे।
इस आंदोलन में अनेक चेहरे होंगे—एक माँ, जिसका इकलौता बेटा इस व्यवस्था में पिस गया होगा; एक बाप, जो अपने बच्चे की लड़ाई लड़ने आया होगा; अनेक बच्चे, जो अपने भविष्य के लिए जुटे होंगे; और भी अनेक चेहरे, जो अपने दर्द को छिपाए उस भीड़ में खड़े होंगे।
तभी दूर से धमकियों की आवाज़ आई होगी। डंडों, लाठियों और गैस के गोलों के चलने का आगाज़ हुआ होगा। पर आंदोलनकारियों ने उसे नज़रअंदाज़ कर दिया होगा। उन्होंने सोचा होगा, "आख़िर ये भी तो हमारी तरह ही इंसान हैं। थोड़ी-बहुत इंसानियत तो इनमें भी बची होगी। कम-से-कम बच्चों, लड़कियों और छात्रों पर तो ये बल का प्रयोग नहीं करेंगे।"
पर जब हैवानियत का वह रूप देखा, तो बची हुई उम्मीद भी टूटती हुई नज़र आई। जो लोग शिक्षा-व्यवस्था का स्वरूप बदलने निकले थे, वे खड़े हुए और बोले, "वाह, सर! क्या ख़ूब काम किया है। बच्चों, लड़कियों और छात्रों पर लाठियाँ बरसाकर, गैस के गोले चलवाकर उनका बुरा हाल कर दिया, और आप मुस्कुरा रहे हैं। चलिए, आज हमने भी तालियों से आपका सत्कार किया है।"
जाते-जाते आपने हमारी इस जंग को और भी परिष्कृत कर दिया है।

authorsahiba

आया जन्मदिन आया,
सबने लड्डू खाया
नंद लाला का जन्मदिन आया

झूम रही है मथुरा, झूम रहा वृंदावन
गा रही है गोकुल नगरी

बरसाना नृत्य करे होकर मगन
मेरे कान्हा का जन्मदिन आया

मुरलीवाले का जन्मदिन आया
प्रभु ने अमृत बरसाया

सज रहे मंदिर, सज रहे चौबारे
सज रही गलियां, सज रहे द्वारे
बन रही मिठाइयां,
बज रही बधाइयां,
जन्माष्टमी का शुभ दिन आया
कान्हा ने प्यार लुटाया

आया जन्मदिन आया
मेरे कान्हा का जन्मदिन आया

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डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली

drvandnasharma8596

પરિસ્થિતિ બદલાશે, પણ જ્ઞાન નહીં બદલાય. - દાદા ભગવાન

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#quoteoftheday #spiritualquotes #quotes #DadaBhagwanFoundation #spirituality

dadabhagwan1150

सोप्प असत ... मला फरक पडत नाही बोलायचं
सोप्प असत ... मला फरक पडत नाही बोलायचं,
अवघड असत ती समोर आल्यावर काळजाला सांभाळायचं ......
सोप्प असत तिच्या शिवाय राहायचं
सोप्प असत तिच्या शिवाय राहायचं,
खरी परीक्षा असते तिच्याविना एक सेकंद जगायचं .......
@शब्दप्रिया_ती लिहिते✍️

authorpriyaa316

ममता गिरीश त्रिवेदी🌹 की कविताएं ✍️

mamtagirishtrivedi740648

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spsingh

हमदर्दी जताना भी किसीसे
आज एक पेशा बन गयी हैं
कभी होती थी डोर भरोसे की
आज कमज़ोर रेशा बन गयी हैं

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

आज का यह #लेख उन सभी जीवट योद्धाओं के नाम है जो #किडनी_रोग से ग्रसित हैं और #डायलिसिस की मशीनों और #अस्पताल की सफेद दीवारों के बीच हर दिन एक नया #युद्ध लड़ रहे हैं।

मैं यह बात मैं पिछले 24 वर्षों के अपने निजी अनुभव और #संघर्ष के आधार पर कह रहा हूँ। किडनी रोग से मेरा सामना साल 2002 में शुरू हुआ था। वह एक लंबा और थका देने वाला रास्ता था, जो 2012 में अत्यंत #गंभीर स्थिति तक जा पहुँचा। साल 2014 मेरे जीवन का वह भावुक और कृतज्ञता से भरा मोड़ था, जब मेरी #जीवनसंगिनी ने अपनी #किडनी_दान देकर मुझे '#पुनर्जन्म ' दिया। आज 2023 से मैं पुनः डायलिसिस पर हूँ, लेकिन ईश्वर की कृपा और अपनो के प्रेम व #आशीर्वाद से मेरे चेहरे की यह मुस्कान और मन का #विश्वास आज भी अटूट है।

​डायलिसिस पर होने का अर्थ जीवन का रुक जाना कतई नहीं है। मैं स्वयं एक व्यवसायी हूँ और अपने #व्यवसाय को आज भी पूरा समय देता हूँ। व्यवसाय की भागदौड़ के साथ-साथ मैंने अपनी रचनात्मकता को भी जीवित रखा है और #साहित्य की सेवा के माध्यम से अपनी भावनाओं को शब्द दे रहा हूँ। मेरा मानना है कि बीमारी केवल हमारे शरीर को थका सकती है, हमारे सपनों और हमारी कर्मठता को नहीं। जब आप कर्म में डूबे रहते हैं, तो दर्द का #अहसास गौण हो जाता है।

किडनी रोग से ग्रसित एवं डायलिसिस का सामना कर रहे मेरे प्रिय साथियों, डायलिसिस #मशीन आपके रक्त को शुद्ध करती है, लेकिन आपके विचारों को शुद्ध और #सकारात्मक रखने का काम केवल आप स्वयं कर सकते हैं। जब भी आपको लगे कि आप थक रहे हैं, तो अपने #परिवार के उस त्याग को याद करें जो उन्होंने आपके लिए किया है। मेरी पत्नी का वह #त्याग मुझे हर दिन यह याद दिलाता है कि मेरा जीवन केवल मेरा नहीं है, बल्कि यह उन सब का है जो मुझसे #प्रेम करते हैं। इसलिए, हमें हारने का कोई अधिकार नहीं है।

​जीवन एक #संघर्ष तो है, और जीवन कितना लम्बा होगा यह ईश्वर के हाथ में ही है, लेकिन डायलिसिस को एक बोझ के रूप में देखने के बजाय, इसे #जीवन की एक 'रीफिलिंग प्रक्रिया' के रूप में देखें जो हमें एक और नया दिन देखने का #अवसर देती है। अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहें, अपने शौक पालें और ईश्वर पर भरोसा रखें। हम इस #बीमारी से कहीं बड़े हैं। आइए, मिलकर यह साबित करें कि एक मजबूत इच्छाशक्ति के सामने बड़ी से बड़ी व्याधि भी घुटने टेक देती है। मुस्कुराते रहिए, क्योंकि आपकी #मुस्कान ही इस बीमारी के खिलाफ आपकी सबसे बड़ी जीत है।

एक बात और कि मैं जब यह लेख लिखकर #पोस्ट कर रहा हूँ तब मैं डायलिसिस पर ही हूँ।

डाॅ.विजय प्रताप शाही, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
#साहित्य #गोरखपुर
#किडनी_रोग #डायलिसिस #संघर्ष

vijaypshahi

ઉમાશંકર જોશી ની જન્મ જયંતિ નિમિત્તે ખૂબ ખૂબ શુભેચ્છાઓ 🌹🌹🙏🌹🌹

drbhattdamayntih1903

फिर बोलेंगे की कहनी क्यो नही आ रही । कहानी पर 200 से ज्यादा व्यूज है लेकिन डाउनलोड 100 का आंकडा भी पार नही कर रहे और रिव्यू उनके तो क्या ही कहने। अब समझ आ रहा है की कहानी या प्लैटफॉर्म की दिक्कत नही है। कमी हिंदी साहित्य को पढने वाले पाठको की है। हिंदी भाषी पाठको को कहानी पढनी तो होती है लेकिन बात जब रिव्यू और पैसे देने की आती है वो उनसे होता नही है।मै रूड नही होना चाहती पर अब बुरा लगता है। महनत करो और उसकी बेकद्री हो तो दिल दुखता है। सच बता रही हू ये मेरी आखरी कहानी है इस प्लैटफॉर्म पर। आई स्टिल लव यू का कल पहला भाग आ रहा है अगर उसपर कमेंट नही मिले तो माई डियर प्रोफेसर खत्म कर कोई कहानी नही लाउंगी। आप लोग कद्र नही करते..ना लेखक की ना कहनियो की। इसी तरह का बिहेवियर रहा तो हिंदी साहित्य और बुरी तरह पिछड जाएगा। पहले ही कोई हिंदी नोवल पढना पसंद नही करता। कभी इंग्लिश कहानियो पर रिव्यू देखे है। वो होता है और नी को प्यार देना , लेखक और कहानी..दोनो की ही कद्र करना। मेरा क्या है..मै तो इंग्लिश मेलिखना शुरू कर दुंगी।

gautamreena712gmail.com185620

🍀बाजरीचे आप्पे
आणि बाजरीचे डोसे..

हे दोन पौष्टिक प्रकार..

🍀दीड वाटी बाजरी
पाव वाटी उडीद डाळ
पाव वाटी मूग डाळ
पाव वाटी पोहे

🍀सकाळीच बाजरी स्वच्छ धुवून भिजत घातली
डाळी दोन्हीं वेगळ्या भिजत घातल्या

🍀रात्री बाजरी ,डाळी, व एक वाटी भिजवलेले पोहे
यातील निम्मे भरड असे आप्पे करण्या साठी वाटून घेतलें

🍀 निम्मा भाग डोसे करायला बारीक वाटून घेतला
सकाळी पीठ छान फुलले
त्यात मिठ व जिरे घालून
त्याचे डोसे व
मिरची कोथिंबीर वाटण घालून आप्पे केले

🍀सोबत आपल्या आवडीप्रमाणे खोबरे चटणी

मी दोन्हीं प्रकार एकाच दिवशी केले

🍀या साहित्यात सहा डोसे
व सोळा आप्पे झाले😊😊

jayvrishaligmailcom

भोजपुरी गीत:-

बड़ा यादि आवेला, गऊवाँ जवरवा,
पिपरा के लागे ऊ खपड़वा के घरवा ।।

अँगना ओसारी बिछे खटिया बिछवना,
किस्सा आ कहानी सुनें छेटेछोटे छवना,
भरि के हुँकारी हँसें दाबि के पँजरवा ।।

होत भिनसारे बोले कगवा कोयलिया,
सोहे अनसोहे फरगुद्दिया बवलिया,
चँहके किलहटिनिं पारि के कजरवा ।।

चले पुरवाई साजि बाजि के सिवनवाँ,
होखे गुलजार बागी खेत खरिहनवाँ,
फूले फूले घूमें लागे लबरा भँवरवा ।।

धीरे से हिलोरा मारे पोखरा के पनियाँ,
पँवरे बत्तखवा के संगें बत्तखिनियाँ,
कब्बो कब्बो ऊड़े मेड़राये कबुत्तरवा ।।

कहाँ ले भुलाई मन मटिया के बतिया,
भरि भरि आँखि बऊराई दिन रतिया,
काटे खाती धाई कटि नाईं दुपहरवा ।।

बड़ा यादि आवेला, गऊवाँ जवरवा,
पिपरा के लागे ऊ खपड़वा के घरवा ।।

@ सर्वाधिकार सुरक्षित-डाॅ.विजय प्रताप शाही,गोरखपुर

vijaypshahi

હું તું અને આપણે બન્ને
શું વાત કરું જયારે મળીએ ત્રણેય.
થોડો અહમ, થોડો પ્રેમ,
બાકી બચતી લાગણી બંનેમાં સેમ.

મારી હા તારી ના , તારી હા મારી ના,
બાકી થાતું બધું એડજસ્ટમેન્ટ અપણામાં.
તારી પૂજા ને મારી ઓફીસ જવાની ઝટપટ,
બાકી થતી આપણી આંખો અને ઈશારામાં રમઝટ.

મારો ગુસ્સો ને તારી હડતાલ,
એમાં લગતી ઉપવાસોની વણજાર.
મારી ભૂલો ને તારા ગોટાળા,
એમાંથી નીકળતા હાસ્ય ના ફુવારા.

ચિંતા તારી કે હોય દુ:ખ મારું,
ભુજા પર ઢળતું એકબીજાનું માથું.
મારો પુરષાર્થ ને તારી મમતા,
કુટુંબ નો આધારસ્તંભ બંને રચતા ....

હું તું અને આપણે બન્ને
શું વાત કરું જયારે મળીએ ત્રણેય.

:- જીગર અશોક પંડ્યા

pandyajigar

" રાખમાંથી બેઠું થતું જીવન "

પળભર પહેલાં કંઈ ન હતું પળમાં ધરા ધ્રુજી ગઈ,
ઉછળતી-કૂદતી જિંદગી એ ક્ષણમાં જ થીજી ગઈ.

અસ્તવ્યસ્ત કરી નાખ્યું જીવન, એક ગોઝારા ભૂકંપે,
ઢોર ને ઢાંખર મર્યાં, માનવની જાન અને પૂંજી ગઈ.

પડ્યા ઉપર જ પાટું માર્યું આ કોરોના મહામારીએ,
થપાટ ના જાણે આ કેવી કુદરત જોરથી વીંઝી ગઈ.

ખોવાયા હસતા ચહેરા ને થઈ સુમસામ આખી વસ્તી,
કુદરતની આ આફત સામે, વિજ્ઞાનની પણ કૂંજી ગઈ.

રાખમાંથી બેઠા થવાની તાકાત દુનિયાની જોઈ "વ્યોમ",
જીવનના ઘડતર કાજે, આફતની આગ ખુદ બૂઝી ગઈ.

✍...© વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી), મુ. રાપર

omjay818