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New bites

कोई मेरी जिंदगी का ख़ूबसूरत पल पूछेगा तो ,
मैं उसे तुमसे मुलाक़ात का किस्सा सुनाऊँगा ।।💕

narayanmahajan.307843

"तुम्हारा होना ही मेरे दिल का सुकून है,
बाकी दुनिया तो बस गुज़रती हुई कहानी है... कान्हा...

parmarsantok136152

Goodnight 🌃🌉🌌

inkimagination

तुम अकेले तो नहीं पार्ट 1




सच कहते हैं
खतरनाक वह लोग नहीं जो सचमुच में खतरनाक दिखते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक वह लोग होते हैं
जो हम आम इंसानों की तरह रहते हैं
जिस मे उसकी ही टूटन भारी होती है
और उसे जब भी मौका मिलता है
किसी और पर उतरने की कोशिश करता है
अपने दर्द अपने फर्स्टशन को
अपने गमों को समझने की वजह वह अपनी तकलीफों की वजह किसी और को ठहर आता है


वे अपने दर्द को समझने और संभालने के बजाय
वो किसी और को चोट पहुँचाकर हल्का करने लगते हैं
उसका दर्द तब किसी और की तकलीफ बन जाता है


हम किसी टूटे हुए इंसान के लिए सहानुभूति रख सकते हैं
लेकिन उसके उस व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकते

यह नैतिक नहीं है
कोई भी यह नहीं मान सकते कि
वह अपने दर्द की वजह से किसी
और चोट पहुंचा



हां
मैं जानती हूं कि लोग अपने तकलीफों से ऊभर नहीं सकते
पर और साथ में जरूरी यह भी है कि
धीरे-धीरे उसे दर्द को खुद की जिंदगी से निकाल कर दूर फेंकना सीखे


अपने दर्द के लिए अपने आय हुई जिंदगी में दूसरे इंसान को तकलीफ नहीं दे सकते
ऐ कहे के की मुझे भी दर्द हुआ है

दर्द सबको होता है उसे इंसान को भी
जो खुद टूट जाते हैं
पर दूसरों को तकलीफ नहीं देता

इस दुनिया में तुम अकेला विक्टिम नहीं हो
बात को समझो
जिंदगी सचमुच में खूबसूरत है
अपने दर्द से बाहर निकाल कर दुनिया की तरफ देखो

वह पार्टनर जो तुम्हारे प्यार से बातें करने के इंतजार कर रही है
जरा उसकी तरफ देखो
क्या सचमुच में तुम्हें लगता है कि
दुनिया में कहीं भी प्यार नहीं है

abhinisha

"एक तुम हो जो दिल में बसे हो,
वरना इस दिल को किसी और की चाह ही नहीं... कान्हा

parmarsantok136152

Good evening friends... have a nice time

kattupayas.101947

My silence carries stories my words never tell


piyu7soul ❤️

parmarsantok136152

जिंदगी लिख रही है ,कुछ नए गीत चलो गुन गुनाकर देखते हैं । मंजिल मिले या न मिले रास्ता तो आजमाकर देखते हैं।।

authorsahiba

अगर मेरे बदन पे लगी होती सौ आँखें फिर भी रोक ना पाती उसकी घूरती दो आँखें

anisroshan324329

Do you know that in this world, negativity brings suffering and positivity brings happiness? The one whose mind remains constantly positive, truly becomes God.

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dadabhagwan1150

दिल में आने का तो रास्ता होता है पर जाने का नही

इस लिए जब भी कोई इंसान जाता है, दिल तोड़ कर ही जाता है !

anisroshan324329

पोंगल (तमिळ )हा दक्षिण भारतात मोठ्या उत्साहात साजरा केला जाणारा एक महोत्सव आहे.‘तमिळर् तिरुनाळ्’ म्हणजेच तमिळ भाषिकांचा शुभदिवस म्हणविला जाणारा हा सण जगात जेथे म्हणून तमिळ भाषिक लोक आहेत तेथे तर साजरा होतो.
भारतात प्रामुख्याने तमिळनाडु राज्यात
आणि भारताबाहेर श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापूर, युरोपीय देश, उत्तर अमेरिका, दक्षिण आफ्रिका, मॉरिशस इत्यादी अशा सर्व देशांमध्ये मोठ्या प्रमाणात साजरा केला जातो.

पोंगल सणाच्या दिवशी खारा आणि गोड असा दोन प्रकारचा पोंगल हा पदार्थ केला जातो
तांदूळ, मूग डाळ ,तूप, गूळ, काजू यांचा वापर करून गोड पोंगल तयार करतात.
याला शर्करी पोंगल म्हणतात.
त्याच जोडीने तांदूळ आणि मुगाच्या डाळीची खिचडी शिजविलेले जाते ज्यात काळी मिरी वापरून लाल मिरची आणि कढीलिंब तळलेले काजू याची फोडणी दिली जाते

वेन पोंगल (खारा)

हे एक प्रकारें आपल्या मुग डाळ तांदळाच्या खिचडीचेच भावंडं 🙂
अतिशय चवदार असणारा हा प्रकार एकदा केल्यावर परत परत फर्माईश झाली 🙂

साहित्य
एक वाटी तांदुळ
पाव वाटी मूग डाळ
तूप
थोडी हळद
एक मिरची बारीक तुकडे करून
दोन चमचे आले खिसून
दहा बारा काजु
दोन चमचे काळी मिरी
कढीलिंब
जिरे
हिंग
मीठ चवीनुसार

कृती
तांदुळ धुवून तासभर भिजवून ठेवावे
मूग डाळ तूप टाकून खमंग भाजून घ्यावी
छान वास सुटला की त्यात भिजवलेले तांदुळ घालून
किंचित हळद
(हलकासा रंग येण्या इतपत..)
व चवीनुसार मीठ घालुन
साडे तीन वाट्या पाणी घालून
कुकर मध्ये दोन तीन शिट्या करून मऊसर शिजवून घेणे
तांदुळ आणि मूगडाळ एकजीव झाली पाहिजे

कुकर गार झाल्यावर थोडे पाणी घालून घोटून घेणे
मिश्रण सरसरीत झाले पाहिजे
एका कढल्यात तूप घालून
काजु तळुन घ्यावे व बाजुला ठेवावे
नंतर जीरे हिंग काळी मिरी घालून फोडणी करावी
त्यात किसलेले आले
बारीक चिरलेली मिरची
कढीलिंब घालावा व तो चांगला चुरचुरीत तळुन घ्यावा
ही खमंग फोडणी व तळलेले काजु मिसळून कुकरमधील घोटलेल्या भातावर घालावी
परत लागेल तसे मीठ घालून सर्व एकजीव करून घ्यावे
ही पाककृती अतीशय चविष्ट व तुपाच्या वासामुळे स्वादिष्ट लागते
यासोबत चटणी अथवा सांबार खाण्याचा प्रघात आहे
मी सोबत आंब्याचे लोणचे घेतले आहे

jayvrishaligmailcom

जहाँ में हर बंदे को सबसे
पहले इंसान होना चाहिए
उसके पास कुछ हो ना हो
मगर ईमान होना चाहिए

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

कविता
मैं सब जानती हूं


मैं सब जानती हूं
और मान भी चुकी हूं

फिर भी तकलीफ हो रही है
इस बात से नहीं की मुझे अब भी किसी से उम्मीद है
इस बात से तकलीफ हो रही है
की सच्चाई को स्वीकार करके भी
मैं भूल नहीं पा रही बीते हुए समय को
या तो जो हो रहा है
उन सबको

मैं स्वीकार तो कर रही हूं
पर वह मुझे तकलीफ दे रही है
मुझे चोट पहुंचा रही है

मैं नहीं सोच रही की किसी और के लिए अवेलेबल है
तो मेरे लिए क्यों नहीं

मैं जानती हूं कि सबके लिए हो सकती है
पर मेरे लिए नहीं
फिर भी तकलीफ हो रही है


सब कुछ जानते हुए
सबको पहचानते हुए भी तकलीफ हो रही है

और सब जान भी मैं इस तकलीफ से बाहर खुद को नहीं निकल पा रही
मैं इस दर्द को छोटा नहीं कह सकती
नहीं तो खुद के दर्द को नाकर पा रही हूं


सब कुछ ऐसा ही है
ऐसा ही होता है
मैं मानती हूं
की समाज परिवार यह दुनिया सब ऐसे ही है
हमेशा से

और मुझे भी उम्मीद नहीं किसी से
क्यों यह सब ऐसे हैं
नहीं तो मेरे अंदर किसी के लिए शिकायत है

पर अंदर है
बस निराश गहरा निराश
और उदासी
जिसमें कोई उम्मीद नहीं है किसी से भी नहीं
पर अकेले छोड़े जाने का गम सबसे ज्यादा है



शांति बिल्कुल नही है
है तो बस गहरी खामोशी
राहत बिल्कुल नहीं है
है तो बस चुप्पी

उम्मीद से छुटी हुई
अंदर से टूटी हुई
अकेलेपन में पड़ा हुआ

सब जानकर भी रोता हुआ
मैं यहां

abhinisha

🇮🇳🇮🇳 सैनिकों की जिंदगी 🇮🇳🇮🇳

यह सैनिकों की जिंदगी
कितनी कठिन है,
कभी रेट से ढ़क जाते हैं
तो कभी जंग में बिखर जाते हैं,
हमारे लिए वह सरहद पर
अपनी जान गवाते हैं।

सैनिक घर से निकलते हुए
अपने परिवार से यह कह कर जाते हैं की:-  मैं वापस आऊंगा मैं-
         अपना कर्तव्य निभाऊंगा,
         अगर शहीद हुआ तो-
         आंसू ना बहाना,
         मेरे लिए रोकर अपनी-
         आंख ना सुझाना।

अगर कोई पूछे तो
गर्व से बताना कि:-
मैं सैनिक था गद्दार नहीं,
मैं चट्टान था कमजोर इमारत नहीं,
मैं दुश्मनों से मारा ताकि
तुम चैन से सो सको,
अगर कोई पूछे तो
गर्व से कह सको:-

                        वह ऐसा चट्टान था-
                        जिसे कोई मिता ना सका,
                        वह ऐसे इंसान था-
                        जिसे कोई भुला न सका,
                        जिसे कोई भूल न सका।

उसने मुझे एक-
बात बताया था,
अपने जीवन का-
एक  राज सुनाया था की:-

  जब रेट से मैं थक जाता हूं-
तो चादर बन जाता है,
जब बर्फ से में ढक जाता हूं-
तो तिरंगे का कफन बन जाता है,
इस देश की धरती पर-
जीने में स्वर्ग सा लगता है,
इस देश की धरती के लिए-
मरने पर मुझे मुक्ति मिल जाता है।

इस देश की धरती का-
कर्ज में कैसे अदा कर पाऊंगा,
जिस धरती पर में पला-बड़ा-
उसका कर्ज कैसे चुका पाऊंगा,
इस देश के लिए बलिदान देने पर भी-
इसका कर्ज न चुका पाऊंगा,
इस देश की धरती का कर्ज में-
सात जन्मों में भी अदा न कर पाऊंगा।

इस देश के लिए जीना-
और मरना है मेरा जुनून,
इस देश के लिए कफन में-
लिपटना भी है मुझे मंजूर।।

             🇮🇳  मेरा देश मेरी जान है,
  इसके लिए मेरा जीवन भी कुर्बान है।🇮🇳

🇮🇳 देश के लिए मर मिटना कबूल है मुझे अखंड भारत बनाने का जुनून है मुझे।
अखंड भारत बनाने का जुनून है मुझे।।🇮🇳

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ashuashu858439

✔️💯

narendraparmar2303

"सच का स्वाद"

मैं सोचती हूँ...
सच इतना कड़वा क्यों होता है?
कि सही होकर भी उसे
कोई पीना नहीं चाहता।

मैं उलझन में हूँ...
सच अगर सही है,
तो उससे आँख मिलाने से
हर कोई क्यों कतराता है?

क्या हो...
अगर हर ज़ुबान पर
सिर्फ कड़वा सच उगने लगे?
क्या रिश्ते तब भी मिठास से जी पाएँगे,
या अपने ही हाथों से
रेत की तरह फिसल जाएँगे?

क्या तब ईमान ज़िंदा रहेगा,
या झूठ के घूँघट में
हर कोई सादिक़ बना रहेगा?

शायद सच कड़वा इसलिए है,
क्योंकि उसमें चीनी मिलाने की इजाज़त नहीं।
और झूठ मीठा इसलिए लगता है,
क्योंकि उसे हम अपने हाथों से घोलते हैं।

पर मैं कहती हूँ,
कड़वी दवा ही मर्ज़ मिटाती है,
और मीठा ज़हर...
सिर्फ़ मौत बाँटता है।

प्राची गुर्जर …..

prachitanwar111

"घर और इंसान"

सबको महलों में रहने का शौक है,
पर टूटे घर की छत पर
कोई खड़ा होना नहीं चाहता।

छज्जे से उगता सूरज सबको अच्छा लगता है,
पर टूटी खिड़की से जो चाँदनी झाँकती है,
उसको कोई अपनाना नहीं चाहता ।

मैं घर की बात नहीं कर रही,
ये तो इंसान की बात है।
सबको सफल लोगों से रिश्ता चाहिए,
पर जो हार गया हो,
उसका हाथ कोई नहीं पकड़ता।

टूटी दीवारों पर भी धूप आती है,
दरारों से भी उजाला अंदर आता है।
पर लोगों की नज़र सिर्फ चमकते शीशों पर रहती है,
नींव में लगी सीलन को कोई नहीं देखता।

जीत का आँगन भरा रहता है,
हार की दहलीज़ पर सिर्फ सन्नाटा होता है।
सबको रोशन नाम चाहिए,
पर बुझे दिए को जलाना
कोई अपना काम नहीं समझता।

मैं कहती हूँ,
महल भी एक दिन गिर जाते हैं,
फ़र्क़ बस इतना है
मिट्टी के घर आँधी से टूटते हैं,
और इंसान के घर...
अक्सर अपनों की आँखों से बिखरते हैं।

प्राची गुर्जर ……

prachitanwar111

"किनारा"

हर बढ़ता कदम मुझे खुद से दूर ले जा रहा है...
आगे तो बढ़ रही हूँ, पर क्या यही वो राह है
जिस पर चलने को कभी मेरा जी चाहता था?

नहीं रहना था मुझे अर्श पर,
निशान तो चाहिए थे मुझे अपने ही फ़र्श पर।
मगर ज़िंदगी की भाग-दौड़ में
मैं उन कदमों से कदम मिलाने लगी,
जो कभी मेरे थे ही नहीं...

क्यों काट रही हूँ मैं वो फसल,
जिसके बीज मैंने कभी बोये ही नहीं?
क्यों सवार हूँ मैं उस कश्ती पर,
जो भटक गई है समुंदर की लहरों में?

क्योंकि रास्ते बदल गए,
और मैं खुद को भूल गई।
पर दूर कहीं एक किनारा नज़र आता है...
शांत, मौन, समुंदर के शोर से जुदा।

क्या जी सकती हूँ मैं उस शांत किनारे पर?
क्या लौट सकती हूँ मैं वापस... खुद तक?

हाँ। क्योंकि किनारा कहीं बाहर नहीं,
वो तेरे ही अंदर सोया है।
जिस दिन तू रुकेगी,
और लहरों का शोर सुनने के बजाय
अपनी साँस की आहट सुनेगी...
उस दिन कश्ती खुद मुड़ जाएगी,
और हर कदम तुझे तुझ तक ले जाएगा।
तू अर्श की नहीं, अपने फ़र्श की है
और तेरा निशान वहीं बनेगा।
प्राची गुर्जर ….

prachitanwar111

पैसों के लोभ में बहुत से लोग बर्बाद हुए हैं। इस दुनिया में रहते हुए पैसों की आवश्यकता है लेकिन क्या आपको पता है, पैसे किस नियम से आते हैं? क्यों सभी लोग पैसों के पीछे भाग रहे हैं? पैसों का व्यवहार कैसा होना चाहिए? क्या संसार में रहते हुए भी पैसों के मोह से छूटा जा सकता है?

सुनिए हिंदी पॉडकास्ट “पैसों की समझ” और पाइए सभी समस्याओं का समाधान: https://dbf.adalaj.org/c1VVH77R

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dadabhagwan1150

"પક્ષપાત તો મારે કરવો જ પડે, કારણ કે જે મારી શરણમાં આવ્યું છે તેની રક્ષા કરવી એ જ મારો પ્રથમ અને અંતિમ ધર્મ છે."👇👇👇👇👇

મે ભગવત ગીતા માંથી શીખ્યું છે...💯💯💯💯

ભગવદ્ ગીતાના આધારે 'શરણાગતનું રક્ષણ' એ માત્ર એક જવાબદારી નથી, પરંતુ તે એક ઉચ્ચતમ ધર્મ (સ્વધર્મ) ગણવામાં આવે છે. ગીતાના સંદર્ભમાં આ વાતને નીચે મુજબ સમજી શકાય છે:

૧. શરણાગતિનો મહિમા (શરણાપન્નનું મહત્વ)

ભગવાન શ્રીકૃષ્ણ ગીતાના ૧૮મા અધ્યાયના ૬૬મા શ્લોકમાં સ્પષ્ટ કહે છે કે જે કોઈ મારી શરણમાં આવે છે, હું તેને સર્વ પાપોમાંથી મુક્ત કરું છું. આ શ્લોક મનુષ્યને શીખવે છે કે જ્યારે કોઈ વ્યક્તિ સંપૂર્ણ વિશ્વાસ સાથે તમારી પાસે આવે, ત્યારે તેનું રક્ષણ કરવું એ પરમાત્માના ગુણને ધારણ કરવા જેવું છે.

૨. ક્ષત્રિય ધર્મ અને અન્યાય સામે રક્ષણ

અર્જુનને જ્યારે રણમેદાનમાં મોહ થયો ત્યારે કૃષ્ણે તેને સમજાવ્યું હતું કે, જે નિર્દોષ છે અને જેણે તારા પર વિશ્વાસ મૂક્યો છે, તેના રક્ષણ માટે લડવું એ જ ક્ષત્રિયનો ધર્મ છે. 'પક્ષપાત' શબ્દ અહીં નકારાત્મક નથી, પરંતુ તે 'ધર્મની પક્ષમાં રહેવું' તેવો અર્થ સૂચવે છે. જ્યારે તમે કોઈ અસહાયની રક્ષા કરો છો, ત્યારે તમે સત્ય અને ધર્મના પક્ષમાં ઉભા રહો છો.

૩. નિષ્કામ કર્મ અને કર્તવ્ય

ગીતા કહે છે કે ફળની ચિંતા કર્યા વગર પોતાનું કર્તવ્ય કરવું. જો તમારું કર્તવ્ય કોઈની રક્ષા કરવાનું છે, તો તે રક્ષા કરતી વખતે આવતી મુશ્કેલીઓ કે દુનિયાના વિરોધની ચિંતા ન કરવી જોઈએ. તે રક્ષા જ તમારા માટે 'યજ્ઞ' સમાન છે.
રાધે રાધે 🙏 🙏
જય શ્રી રામ 🙏 🙏 🙏
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manonbhai4739