Quotes by Raju kumar Chaudhary in Bitesapp read free

Raju kumar Chaudhary

Raju kumar Chaudhary Matrubharti Verified

@rajukumarchaudhary502010
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सफलता के दिग्गजों से सीख📘 पुस्तक समीक्षा: सफलता के दिग्गजों से सीख
यह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे विश्व-प्रसिद्ध सफल व्यक्तित्वों के प्रेरक विचारों का सार है, जो पाठकों को न केवल प्रेरित करती है बल्कि जीवन और करियर में आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट दिशा भी देती है। यह किताब उन लोगों के लिए खास है जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने का रास्ता खोज रहे हैं।
पुस्तक का सबसे मजबूत पक्ष इसका व्यावहारिक दृष्टिकोण है। इसमें बताया गया है कि सफलता केवल भाग्य से नहीं, बल्कि सही सोच, साहसिक निर्णय और लगातार सीखने की आदत से मिलती है। रतन टाटा के विचार हमें सिखाते हैं कि ईमानदारी, दीर्घकालिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। वहीं बिल गेट्स के विचार नवाचार, तकनीक के सही उपयोग और निरंतर सीखते रहने के महत्व को उजागर करते हैं।
लेखक ने जोखिम (Risk) को नकारात्मक नहीं, बल्कि विकास का आवश्यक हिस्सा बताया है। पुस्तक समझाती है कि बिना जोखिम लिए बड़ी उपलब्धियाँ संभव नहीं हैं, लेकिन यह जोखिम सोच-समझकर और सीखने की मानसिकता के साथ लिया जाना चाहिए। असफलता को अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानने की प्रेरणा इस पुस्तक की खास पहचान है।
इसके अलावा, पुस्तक बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें छोटे-छोटे चरणों में बाँटकर हासिल करने की रणनीति भी बताती है। यह पाठक को आत्मविश्वास देती है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है, बशर्ते उसकी सोच सही दिशा में हो।
भाषा सरल, स्पष्ट और प्रेरणादायक है, जिससे हर उम्र और वर्ग का पाठक आसानी से जुड़ सकता है। उदाहरणों और विचारों का चयन ऐसा है कि पढ़ते समय पाठक खुद को इन महान व्यक्तित्वों के अनुभवों से जुड़ा हुआ महसूस करता है।
⭐ निष्कर्ष
यह पुस्तक केवल प्रेरणादायक कथनों का संग्रह नहीं, बल्कि सफल जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शक है। जो पाठक अपने करियर, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब अवश्य पढ़ने योग्य है।📘 पुस्तक समीक्षा
सफलता के दिग्गजों के विचार
यह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे विश्वविख्यात सफल व्यक्तित्वों के प्रेरणादायक विचारों का उत्कृष्ट संग्रह है। यह किताब उन पाठकों के लिए लिखी गई है जो जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन सही दिशा और सोच की तलाश में हैं।
पुस्तक का मुख्य संदेश है — सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि यह निरंतर सीखने, सही जोखिम उठाने और बड़े लक्ष्य तय करने से प्राप्त होती है। रतन टाटा के विचार हमें सिखाते हैं कि ईमानदारी, धैर्य और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भी बड़ी ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है। वहीं बिल गेट्स के अनुभव बताते हैं कि तकनीक, नवाचार और सीखने की भूख इंसान को असाधारण बना सकती है।
इस पुस्तक में जोखिम को डर के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखने की सीख दी गई है। लेखक स्पष्ट करता है कि बिना जोखिम लिए कोई भी बड़ी सफलता संभव नहीं है। साथ ही यह भी समझाया गया है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक आवश्यक पड़ाव होती है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि यह केवल प्रेरणा नहीं देती, बल्कि व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान करती है। लक्ष्य कैसे तय करें, उन्हें छोटे चरणों में कैसे बाँटें और लगातार खुद को कैसे बेहतर बनाएं — इन सभी विषयों को सरल शब्दों में समझाया गया है।
भाषा सहज, सरल और प्रेरक है, जिससे नए पाठक भी आसानी से जुड़ जाते हैं। यह किताब पढ़ते समय ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अनुभवी मार्गदर्शक हमें जीवन के महत्वपूर्ण सबक समझा रहा हो।
✨ निष्कर्ष
यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे दिग्गजों के विचार इसे पढ़ने योग्य ही नहीं, बल्कि बार-बार पढ़ने योग्य बनाते हैंयह पुस्तक रतन टाटा और बिल गेट्स जैसे सफल दिग्गजों के प्रेरक विचारों का संग्रह है। यह जोखिम उठाने, निरंतर सीखने और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर सफलता पाने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करती है।

किताब का लिंक कमेंट बॉक्स में..https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtlu

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द साइकोलॉजी ऑफ मनी ( The psychology of Money )📘 बुक रिव्यू: द साइकोलॉजी ऑफ मनी (The Psychology of Money)
✍️ लेखक: मॉर्गन हाउसल
🔹 परिचय
The Psychology of Money एक सामान्य फाइनेंस बुक नहीं है। यह किताब पैसे कमाने के तरीकों से ज़्यादा इस बात पर ज़ोर देती है कि हम पैसे के बारे में कैसे सोचते हैं और कैसे व्यवहार करते हैं। लेखक बताते हैं कि धन से जुड़े ज़्यादातर फैसले तर्क से नहीं, बल्कि भावनाओं, अनुभवों और मानसिकता से लिए जाते हैं।
📖 किताब का सारांश
यह किताब 20 छोटे-छोटे अध्यायों में बंटी है। हर अध्याय पैसे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मानसिक सच्चाई को समझाता है।
1️⃣ लक (Luck) और रिस्क (Risk)
लेखक बताते हैं कि अमीर बनने में सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि किस्मत और जोखिम भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। कई बार अच्छे लोग असफल हो जाते हैं और कई बार साधारण लोग बहुत सफल।
2️⃣ अमीर और धनवान में फर्क
अमीर (Rich): जिसके पास ज़्यादा पैसा आता है
धनवान (Wealthy): जो कम खर्च करता है और भविष्य के लिए बचाता है
असल दौलत वो है जो दिखाई नहीं देती, यानी बचाया हुआ पैसा।
3️⃣ कंपाउंडिंग की ताकत
थोड़ा-थोड़ा पैसा लंबे समय तक निवेश करने से बड़ा धन बन सकता है।
समय यहाँ सबसे बड़ा हथियार है।
4️⃣ ज्ञान से ज़्यादा व्यवहार ज़रूरी
पैसे में सफल होने के लिए ज्यादा पढ़ा-लिखा होना ज़रूरी नहीं,
बल्कि धैर्य, संयम और सही व्यवहार ज़रूरी है।
✨ किताब से मिलने वाली मुख्य सीख
✔️ पैसा हर इंसान के लिए अलग मतलब रखता है
✔️ जल्दी अमीर बनने की सोच सबसे बड़ा खतरा है
✔️ बड़ी गलती करने से बचना, बड़ी कमाई से ज़्यादा ज़रूरी है
✔️ धैर्य और अनुशासन ही असली धन है
✔️ दूसरों से तुलना करना आर्थिक दुख की जड़ है
⭐ यह किताब खास क्यों है?
आसान भाषा
असली जीवन के उदाहरण
बिना कठिन फाइनेंस शब्दों के गहरी सीख
हर उम्र और हर वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी
🏁 निष्कर्ष
The Psychology of Money हमें यह सिखाती है कि
“पैसा कैसे कमाया जाए” से ज़्यादा ज़रूरी है
“पैसे के बारे में सही सोच कैसे विकसित की जाए।”
अगर आप पैसे से जुड़ी तनाव, गलत फैसलों और तुलना की दौड़ से बाहर निकलना चाहते हैं, तो यह किताब ज़रूर पढ़नी चाहिए।

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PSYCHOLOGY OF MONEY Book Review: "The Psychology of Money" by Morgan Housel
Morgan Housel's The Psychology of Money explores the complex and often irrational ways in which people think about and interact with money. The book is a compelling blend of psychology, history, and finance, offering valuable insights into how our emotions, biases, and experiences shape our financial decisions.
Summary:
The book is divided into 20 short chapters, each focusing on a unique concept or principle related to money. Rather than offering traditional financial advice on how to budget or invest, Housel digs deeper into the emotional and psychological aspects that govern our financial choices. Some of the major themes he explores include:
Luck and Risk: Housel emphasizes the role of luck and risk in financial outcomes. He explains how some people succeed financially due to factors outside of their control, while others, despite their best efforts, fail due to unforeseen circumstances. This perspective helps readers understand that financial success is not purely the result of skill or effort.
Wealth vs. Riches: The distinction between being rich and being wealthy is an important theme. Housel argues that wealth is often invisible—it’s the money you don’t spend. Riches, on the other hand, are often a result of conspicuous consumption, and people who appear wealthy may not actually be accumulating long-term wealth.
The Power of Compounding: Housel underscores the power of time in financial growth. Compounding returns are a critical factor in wealth accumulation, and understanding the long-term nature of investing is key to building financial security.
Behavior Over Strategy: One of the most significant insights from the book is that our behavior with money matters far more than our financial knowledge or strategy. Emotions like fear, greed, and envy can often derail even the best-laid financial plans.
Key Takeaways:
Money is Personal: The way we think about and handle money is deeply influenced by our personal experiences, culture, and upbringing. There is no one-size-fits-all approach to finances.
Financial Independence Requires Patience: The most important quality in achieving financial security is patience. Long-term thinking and consistent saving and investing, often in boring but safe options, tend to outperform the get-rich-quick schemes.
Risk Is Part of the Journey: Learning to accept risk is crucial. No financial plan is without risk, and understanding how to live with uncertainty is a necessary skill for successful money management.
Avoiding Mistakes is More Important Than Finding the Right Strategy: Housel highlights that avoiding catastrophic mistakes, such as blowing up your savings on bad investments or gambling, is often more valuable than finding the next big financial strategy.
Why This Book Stands Out:
Housel's writing is clear, accessible, and engaging. Unlike many finance books that delve deep into complex theories and formulas, The Psychology of Money uses storytelling and real-life examples to illustrate the psychological principles behind money decisions. The lessons are both simple and profound, and they apply to a wide range of readers, from those just starting their financial journey to experienced investors.
Conclusion:
The Psychology of Money is a must-read for anyone who wants to understand not just how to manage money, but why we behave the way we do with money. It challenges conventional financial wisdom and focuses on the human element that often gets overlooked. Housel’s insights provide a much-needed perspective on wealth-building that goes beyond the numbers, encouraging readers to develop a healthier, more sustainable relationship with money

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कभी रिश्ते सिर्फ़ नाम के होते हैं,
लेकिन कुछ लोग… नाम के पीछे छिपी एक पूरी दुनिया को भी पहचान लेते हैं।
रागिनी अब सिर्फ आरव की बीवी नहीं थी —
वो अब खुद की पहचान की लड़ाई में उतर चुकी थी।"



रागिनी अपने पुराने दोस्तों से मिलती है

दोस्त:
रागिनी! तू तो एकदम बदल गई है।

रागिनी (मुस्कुराकर):
हाँ… अब मैं सिर्फ किसी की पत्नी नहीं,
खुद की कहानी भी हूँ।

दोस्त:
अब क्या करने का सोच रही है?

रागिनी:
एक NGO शुरू करूँगी — उन औरतों के लिए,
जिन्होंने अपनी आवाज खो दी है, जैसे मैंने खोई थी।



बॉस:
तुम्हारी वाइफ का NGO मीडिया में काफी वायरल हो रहा है।

आरव (हैरान):
क्या? उसने मुझे बताया भी नहीं…

(खुद से बड़बड़ाता है):
रागिनी… तुम मुझसे इतनी दूर कब हो गई?


आरव:
तुमने इतना बड़ा कदम अकेले क्यों उठाया?

रागिनी (शांत लेकिन दृढ़):
क्योंकि जब मैंने तुम्हारे साथ चलना चाहा,
तुमने मुझे पीछे छोड़ दिया था।

आरव:
मैं… शायद तुम्हें समझ नहीं पाया।

रागिनी:
अब समझना नहीं, साथ चलना सीखो।

"जब औरत अपने डर से बाहर निकलती है,
तब वो सिर्फ एक साथी नहीं रहती —
वो खुद की दुनिया बन जाती है।"

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कभी रिश्ते सिर्फ़ नाम के होते हैं,
लेकिन कुछ लोग… नाम के पीछे छिपी एक पूरी दुनिया को भी पहचान लेते हैं।
रागिनी अब सिर्फ आरव की बीवी नहीं थी —
वो अब खुद की पहचान की लड़ाई में उतर चुकी थी।"



रागिनी अपने पुराने दोस्तों से मिलती है

दोस्त:
रागिनी! तू तो एकदम बदल गई है।

रागिनी (मुस्कुराकर):
हाँ… अब मैं सिर्फ किसी की पत्नी नहीं,
खुद की कहानी भी हूँ।

दोस्त:
अब क्या करने का सोच रही है?

रागिनी:
एक NGO शुरू करूँगी — उन औरतों के लिए,
जिन्होंने अपनी आवाज खो दी है, जैसे मैंने खोई थी।



बॉस:
तुम्हारी वाइफ का NGO मीडिया में काफी वायरल हो रहा है।

आरव (हैरान):
क्या? उसने मुझे बताया भी नहीं…

(खुद से बड़बड़ाता है):
रागिनी… तुम मुझसे इतनी दूर कब हो गई?


आरव:
तुमने इतना बड़ा कदम अकेले क्यों उठाया?

रागिनी (शांत लेकिन दृढ़):
क्योंकि जब मैंने तुम्हारे साथ चलना चाहा,
तुमने मुझे पीछे छोड़ दिया था।

आरव:
मैं… शायद तुम्हें समझ नहीं पाया।

रागिनी:
अब समझना नहीं, साथ चलना सीखो।

"जब औरत अपने डर से बाहर निकलती है,
तब वो सिर्फ एक साथी नहीं रहती —
वो खुद की दुनिया बन जाती है।"

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📘 पुस्तक समीक्षा: सवाल ही जवाब है
पुस्तक का नाम: सवाल ही जवाब है
विधा: विचारात्मक / दर्शन / आत्मचिंतन
भाषा: हिंदी
✨ समीक्षा:
“सवाल ही जवाब है” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि सोचने की एक नई दिशा है। यह किताब पाठक को सीधे जवाब नहीं देती, बल्कि ऐसे सवाल सामने रखती है जो पाठक को खुद के भीतर झाँकने पर मजबूर कर देते हैं। लेखक का मानना है कि जीवन के बड़े उत्तर बाहर नहीं, हमारे भीतर छिपे होते हैं—बस सही सवाल पूछने की ज़रूरत होती है।
किताब की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरल भाषा और गहरी बात है। हर अध्याय एक नए प्रश्न से शुरू होता है, जो धीरे-धीरे जीवन, समाज, रिश्तों, संघर्ष और आत्मा से जुड़ी परतें खोलता है। लेखक कहीं उपदेश नहीं देता, बल्कि पाठक को खुद सोचने की आज़ादी देता है।
यह पुस्तक उन लोगों के लिए बेहद खास है—
जो जीवन में उलझन महसूस करते हैं
जो खुद को बेहतर समझना चाहते हैं
जो जवाबों से ज़्यादा सही सवालों की तलाश में हैं
📌 विशेष बिंदु:
✔️ छोटी-छोटी पंक्तियों में बड़ा अर्थ
✔️ आत्मचिंतन को प्रेरित करने वाली शैली
✔️ हर उम्र के पाठक के लिए उपयोगी
✔️ बार-बार पढ़ने योग्य पुस्तक
⭐ निष्कर्ष:
“सवाल ही जवाब है” हमें यह सिखाती है कि जीवन में हर समस्या का हल तुरंत जवाब में नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने में छिपा होता है। यह किताब सोचने वालों की किताब है, महसूस करने वालों की किताब है।

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📖 Book Review – सवाल ही जवाब है
पुस्तक: सवाल ही जवाब है
लेखक: [लेखक का नाम]
वर्ग: विचार, आत्मचिंतन
समीक्षा:
“सवाल ही जवाब है” एक ऐसी किताब है जो आपको अपने जीवन के हर पहलू पर सोचने पर मजबूर कर देती है। यह किताब सीधे उत्तर देने की बजाय सही सवाल पूछने की कला सिखाती है। लेखक ने सरल और प्रेरक भाषा में ऐसे प्रश्न उठाए हैं जो आपके अंदर झाँकने और खुद को समझने की यात्रा शुरू कर देते हैं।
यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है जो जीवन में स्पष्टता, दिशा और आत्म-ज्ञान की तलाश में है। चाहे रिश्ते हों, संघर्ष हों या समाज की जटिलताएँ—यह किताब आपको सोचने और समझने की ताकत देती है।
क्यों पढ़ें:
जीवन के बड़े सवालों के जवाब खोजने के लिए
आत्मचिंतन और सोच को मजबूत करने के लिए
हर पढ़ने पर नए विचार और प्रेरणा पाने के लिए
⭐ अंतिम विचार:
यह किताब केवल पढ़ने की नहीं, बल्कि महसूस करने और अपने भीतर झाँकने की यात्रा है। “सवाल ही जवाब है” आपकी सोच को बदल सकती है और आपको अपने जीवन के सही सवाल खोजने में मदद कर सकती है।

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BALEN SHAH ( बालेन्द्र शाह )Balen Shah (बालेन शाह)
Birth:
Balen Shah was born on April 27, 1993, in Kathmandu, Nepal.
Early Life:
He grew up in a middle-class family and showed an interest in music from a young age. Balen's early exposure to music was through his family and the Nepali culture around him, which influenced his musical journey.
Education:
He completed his schooling and later pursued a Bachelor’s degree in Civil Engineering from Kathmandu University. Despite his formal education in engineering, his passion for music led him to focus more on his musical career.
Career:
Balen Shah started his career as a rapper, initially gaining attention for his YouTube videos and songs. He rose to prominence with his songs that often highlighted the struggles and realities of Nepali society. His lyrics often delve into topics such as poverty, government corruption, social justice, and personal struggles.
His breakthrough came with the song "Hami Yestai Ta Ho Nepal Ho" (2018), which quickly became popular due to its hard-hitting and politically charged lyrics.
Musical Style:
Balen is known for his rap, hip-hop, and fusion style. His music is characterized by raw, honest lyrics that address social issues and personal experiences. He uses Nepali rap as a platform to speak about what he sees as the flaws in Nepali society, politics, and culture.
Notable Songs:
"Hami Yestai Ta Ho Nepal Ho"
"Hami Timi"
"Sambodhan"
"Pahilo Pahilo"
Public Life:
Balen Shah is also known for his active role in social media, where he engages with his fans and advocates for changes in society. His direct approach to tackling political issues through music has made him a notable figure in Nepal’s youth culture.
Political Involvement:
Balen Shah is also a vocal critic of the current political situation in Nepal. His songs often criticize government policies, corruption, and the socio-political struggles faced by the common people. His outspokenness has earned him both admiration and controversy.
Personal Life:
Balen is known for being relatively private about his personal life. He has kept his family and relationships out of the limelight, focusing more on his work and the issues he addresses through his music.
Legacy:
Balen Shah has become one of the leading figures in the Nepali music industry, especially in the rap genre. His authenticity and commitment to addressing real-world issues through music have earned him a dedicated following, particularly among the youth of Nepal.बालेन शाह की जीवनी (Balen Shah Biography in Hindi)
पूरा नाम: बालेन शाह
जन्म: 27 अप्रैल 1993
जन्म स्थान: काठमांडू, नेपाल
राष्ट्रीयता: नेपाली
प्रारंभिक जीवन
बालेन शाह का जन्म काठमांडू के एक सामान्य परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें संगीत और कविता में गहरी रुचि थी। समाज में हो रही घटनाओं और असमानताओं ने उनके सोचने के तरीके को काफी प्रभावित किया।
शिक्षा
बालेन शाह ने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई काठमांडू यूनिवर्सिटी से पूरी की। इंजीनियर होने के बावजूद उनका मन हमेशा संगीत और समाज सेवा की ओर झुका रहा।
संगीत करियर
बालेन शाह ने नेपाली रैप और हिप-हॉप संगीत से अपनी पहचान बनाई। उनके गीत समाज की सच्चाई, राजनीति, भ्रष्टाचार, युवाओं की समस्याएं और आम जनता की आवाज़ को दर्शाते हैं।
उनका गीत “हामी यस्तै त हो नेपाल हो” ने उन्हें देशभर में प्रसिद्ध बना दिया।
संगीत शैली
रैप / हिप-हॉप
सामाजिक और राजनीतिक विषय
तीखे, सच्चे और बेबाक बोल
प्रसिद्ध गीत
हामी यस्तै त हो नेपाल हो
सम्वोधन
पाहिलो पाहिलो
हामी तिमी
सामाजिक और राजनीतिक भूमिका
बालेन शाह सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि समाज की आवाज़ भी हैं। वे भ्रष्टाचार, गलत नीतियों और सामाजिक अन्याय के खिलाफ खुलकर बोलते हैं।
बाद में उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा और काठमांडू महानगर के मेयर बने, जहां उन्होंने विकास, स्वच्छता और पारदर्शिता पर जोर दिया।
व्यक्तिगत जीवन
बालेन शाह अपने निजी जीवन को मीडिया से दूर रखते हैं। वे सादगी पसंद करते हैं और अपने काम से पहचान बनाना चाहते हैं।
प्रेरणा
बालेन शाह आज नेपाल के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। वे दिखाते हैं कि कला, शिक्षा और ईमानदारी से समाज में बदलाव लाया जा सकता है

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