🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
उधार के परों से’ अब आस
कौन रखे,
ज़मीं की बंदिशों का’ पास
कौन रखे,
वो नीले आसमां तक’ रास्ता
मेरा ही होगा,
किसी के नक़्श-ए-पा की’
प्यास कौन रखे,
मिलेगी मंज़िलें मुझको मेर
ही हौसले से,
ग़ैरों के वादों पर’ विश्वास
कौन रखे,
सफ़र अपना है’ तो फिर
मुश्किलें भी अपनी हैं,
भला रफ़्तार में’ अब कोई
कयास कौन रखे,
लिखूंगा मुक़द्दर मैं अपनी ही
परवाज़ से अब, ज़ख्मी’
पुराने क़िस्सों को’ दिल के
पास कौन रखे…🔥🫰
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
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