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શું કામ દુઃખી થવું ! શું કામ આપઘાત કરવો!! શું કામ ઝેર પીવું,શું કામ ડૂબી મરવું, શું કામ વીજળી હાર્યે બાથ અને શું કામ ખાવો પડે ગળે ફાંસો??
❤️
ધીરજ રાખ દોસ્ત થોડી ધીરજ રાખ,ધંધામાં ધ્યાન દે,રૂપિયા કમાઈ લે,તારા માટે પૂજા કરેં છે,પીપળાની!!!!કોઇ સુંદર છોકરી !!!
- વાત્સલ્ય
- वात्सल्य

savdanjimakwana3600

दोहा - श्री जी कनक प्रभा

कला जन्म से थी हुईं, जीवन की मुस्कान।
कनक प्रभा हो पथ चली, शासन माता जान।।

सूरजमल जिनके पिता, छोटी बाई मातु।
कनक बन गई एक दिन,सोना जैसी धातु।।

श्री तुलसी ने कला को, दिया नया था नाम।
कनक प्रभा की कीर्ति से, फैला नव पैगाम।।

तेरा पंथी साधिका, तुलसी दीक्षा पाय।
साध्वी प्रमुखा रूप में, पद को किया सुभाय।।

कनक प्रभा जी साधिका, बहुगुण की थीं खान।
जैन, भिक्षुणी, लेखिका, सन्यासी सम्मान।।

कनक प्रभा जी का हुआ, अमर जगत में नाम।
बिना मोह माया किया, रखे भाव निष्काम ।।

तुलसी कृतियों का किया, सदा आपने गान।
तनिक नहीं था आप में, लोभ, मोह अभिमान।।

सकल जगत में आपका, बड़ा मान सम्मान।
चरण वंदना सब करें, कृपा आपकी जान।।

शासन माता को करूँ, नमन जोड़ कर हाथ।
सूक्ष्म रूप में ही सही, रहो हमारे साथ।।

महिलाओं को कनक ने, नई दिखाई राह।
उन्नति पथ पर ले बढ़ें, ये थी उनकी चाह।।

साध्वी जी ने गढ़ दिया, एक नया प्रतिमान।
विविध पदों पर काम कर, रहीं सदा गतिमान।।

शासन माता कनक ने, पाया कउत्तम स्थान।
इक्यासी की उम्र में, जीशवन का अवसान।।

धन्य-धन्य जीवन हुआ, यश गाथा उत्कर्ष।
जिनसे प्राणी सीखते, क्या होता है हर्ष।।

तेरापंथी साध्वी, ऊँचा तव स्थान।
तीस वर्ष में मिल गया, साध्वी प्रमुखा मान।।

कनक प्रभा जी आपको, शत-शत बार प्रणाम।
जैन धर्म को आपने, दिया नया आयाम।।

महरौली में आपका, हुआ देह का त्याग।
जैन धर्म के लोग सब, मानें इसे प्रयाग।।

दिव्या पर करिए कृपा, कनक प्रभा जी आप।
और निधी का संग में, हरो शोक संताप।।

सुधीर श्रीवास्तव

sudhirsrivastava1309

"સંપત્તિ કે શક્તિ ગમે તેટલી હોય, પણ જો પરિવારનો સાથ ન હોય તો માણસ હારી જાય છે. એકતામાં જ સાચું સુખ અને વિજય છે. 🙏✨

parmarbhavesh.k

आज घर बहुत याद आ रहा है

आज घर बहुत याद आ रहा है,
बहुत ज़्यादा थक चुकी हूँ मैं।
दिल करता है सब छोड़कर
माँ-पापा के पास चली जाऊँ,
पर ज़िंदगी ने नहीं—
मैंने खुद
अपने रास्तों पर ताले लगा दिए।
खुशियों को टालते-टालते
खुद को ही रोक लिया।
सबका हाथ थामते-थामते
अपना हाथ
कब छूट गया,
पता ही नहीं चला।
सबके बारे में सोचते-सोचते
खुद को कहीं बहुत पीछे छोड़ आई हूँ।
हर रिश्ता बचाते-बचाते
अपने ही टूटने की आवाज़
अनसुनी कर दी।
माँ,
आज मैं मज़बूत नहीं हूँ,
बस खड़ी हूँ…
गिरने की इजाज़त भी
खुद को नहीं दी।
खुश रहने के लिए नहीं,
सिर्फ़ रिश्ते बचाने के लिए
हर दिन खुद से समझौता करती रही।
माँ,
आ जा मेरे पास…
मेरे बाल सँवार दे,
आज मुझसे ये भी नहीं हो पा रहा।
तेरी बेटी बहुत थक गई है माँ,
अब खुद को संभालने की ताक़त भी
टूटती जा रही है।
मज़बूत बनने की आदत में
रोने का हक़ खो दिया है मैंने।
आज सच में मुझसे नहीं हो पा रहा माँ…
बस एक बार गले लगा ले,
शायद इस बिखरे हुए दिल को
थोड़ा सा
घर जैसा सुकून
मिल जाए। 🌧️

rimababluworld226792

મારાં ઓચ્છવલાલ દાદા... એમનાં સારાં કાર્યો ની મહેક હજુ પણ ફેલાયલી છે.... 🙏

bhavnabhatt154654

फायकू - मकर संक्रांति
4-3-2 वर्ण (अंतिम पंक्ति - तुम्हारे लिए अनिवार्य)
*******
मकर संक्रांति का पर्व
है अति विशेष
तुम्हारे लिए।

सनातन संस्कृति का स्वर
सूर्य हुए उत्तरायण
तुम्हारे लिए।

स्नान, ध्यान, दान, मान,
खिचड़ी पर्व महान,
तुम्हारे लिए।

बदलती प्रकृति की आभा,
बसंत की दस्तक
तुम्हारे लिए।

रंग बिरंगे पतंगों से
सज गया आकाश
तुम्हारे लिए।

तिल गुड़ की महक
प्रकृति की मुस्कान
तुम्हारे लिए

माघ पूर्णिमा की तिथि
मकर संक्रांति विशेष
तुम्हारे लिए।

सात्विक संदेश लेकर आया
मकर संक्रांति पर्व
तुम्हारे लिए।

प्रकृति की सुंदरतम छटा
मुस्कान बिखेरती है
तुम्हारे लिए।

जप, तप, दान किया
गंगा स्नान भी
तुम्हारे लिए।

जीवन दर्शन समझ लिया,
अब हमने भी,
तुम्हारे लिए।

सुधीर श्रीवास्तव

sudhirsrivastava1309

मांगना ही छोड़ दिया हमनें वक्त किसी से,
क्या पता उनके पास इनकार का भी वक्त न हो!!

deepakbundela7179

કુંપળ થઈ તારી આસપાસ રહું છું
તારા શ્વાસની લયમાં રોજ ખીલું છું
તારું એક સ્મિત શ્વાસનો આધાર બને
હૃદયમાં રંગોનું મેઘધનુષ રચાય છે

પવનની સૌમ્ય લહેર સાથે તું આવે છે
તારા સ્પર્શથી જીવન મારું મહેકે છે.
કુંપળની જેવી નાજૂક મારી લાગણી,
તારી હાજરીમાં જ મળે સાચી શાંતિ.

તારી આંખોમાં ઝળકે સપનાની દુનિયા,
જાણે તારાઓએ રચી હોય કોઈ દુનિયા
કુંપળ થઈ હું તારી નજીક ઝૂલું છું
તારા પ્રેમના બગીચામાં હંમેશાં રહું.

જ્યાં તું હોય ત્યાં મારું ઘર બને છે
તારા વિના આ જીવન અધૂરું લાગે.
કુંપળ થઈ હું તારા હૃદયને ચૂમું છું
તારી સાથે જીવનની ક્ષણ ગૂંથું છું

palewaleawantikagmail.com200557

प्यार, दर्द और संघर्ष: ज़िंदगी की सबसे सच्ची कहानी
ज़िंदगी कभी एक रंग में नहीं होती। यह कभी मुस्कुराती है, कभी रुलाती है, और कभी इतना थका देती है कि इंसान खुद से सवाल करने लगता है। इस पूरी यात्रा में तीन शब्द ऐसे हैं जो हर इंसान की कहानी में किसी न किसी मोड़ पर ज़रूर आते हैं— प्यार, दर्द और संघर्ष। ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, अलग नहीं। जहाँ प्यार होता है, वहाँ दर्द भी होता है, और जहाँ दर्द होता है, वहाँ संघर्ष अपने आप जन्म ले लेता है।
प्यार: जो अधूरा भी पूरा लगता है
प्यार एक एहसास है, जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। यह कभी किसी की मुस्कान में दिखता है, कभी किसी की खामोशी में। प्यार वो नहीं होता जो सिर्फ़ साथ रहने से साबित हो, बल्कि वो होता है जो दूरी में भी महसूस हो।
कभी-कभी प्यार बिना कहे हो जाता है। न कोई वादा, न कोई इज़हार—बस एक अपनापन, एक जुड़ाव। लेकिन यही प्यार जब सच्चा होता है, तो सबसे ज़्यादा तकलीफ़ भी देता है। क्योंकि सच्चे प्यार में उम्मीदें होती हैं, और उम्मीदें जब टूटती हैं, तो दर्द बन जाती हैं।
कुछ प्यार मुकम्मल होते हैं, तो कुछ अधूरे। लेकिन सच यह है कि अधूरे प्यार ज़्यादा याद रह जाते हैं। क्योंकि जो मिल गया, वह आदत बन जाता है, और जो नहीं मिला, वह कहानी।
दर्द: जो इंसान को भीतर से बदल देता है
दर्द हमेशा चीखकर नहीं आता। कई बार यह मुस्कान के पीछे छिपा होता है। लोग सोचते हैं कि जो हँसता है, वह खुश है—लेकिन अक्सर सबसे गहरे ज़ख्म वही लोग छिपाते हैं।
प्यार से मिला दर्द सबसे अलग होता है। यह शरीर को नहीं, आत्मा को चोट पहुँचाता है। यह रातों की नींद छीन लेता है, सवालों से भर देता है—
“क्या मेरी कमी थी?”
“क्या मैं काफ़ी नहीं था/थी?”
दर्द इंसान को तोड़ता भी है और बनाता भी है। शुरू में वह कमज़ोर करता है, लेकिन धीरे-धीरे वही दर्द इंसान को मज़बूत बना देता है। क्योंकि जब इंसान बहुत कुछ खो चुका होता है, तो फिर खोने का डर खत्म हो जाता है।
संघर्ष: खुद को साबित करने की लड़ाई
जहाँ दर्द होता है, वहीं से संघर्ष शुरू होता है। संघर्ष सिर्फ़ हालात से नहीं होता, बल्कि खुद से भी होता है। हर सुबह खुद को समझाना कि “आज भी उठना है”, “आज भी मुस्कुराना है”, “आज भी आगे बढ़ना है”—यही असली संघर्ष है।
संघर्ष में इंसान अकेला हो जाता है। भीड़ में होते हुए भी अकेला। क्योंकि हर कोई आपकी मुस्कान देखता है, आपकी लड़ाई नहीं। लोग आपकी सफलता की तालियाँ बजाते हैं, लेकिन आपके आँसू नहीं देखते।
संघर्ष सिखाता है कि ज़िंदगी किसी के लिए नहीं रुकती। चाहे दिल टूटा हो, चाहे सपने बिखरे हों—दुनिया अपनी रफ्तार से चलती रहती है। और इंसान को या तो उसके साथ चलना होता है, या पीछे छूट जाना होता है।
प्यार, दर्द और संघर्ष का रिश्ता
इन तीनों का रिश्ता बहुत गहरा है।
प्यार हमें किसी से जोड़ता है।
दर्द हमें खुद से मिलाता है।
और संघर्ष हमें मज़बूत बनाता है।
अगर प्यार न हो, तो दर्द का एहसास नहीं होगा।
अगर दर्द न हो, तो संघर्ष की ताक़त नहीं आएगी।
और अगर संघर्ष न हो, तो इंसान कभी खुद को पहचान नहीं पाएगा।
ज़िंदगी उन्हीं को आगे बढ़ाती है, जो टूटकर भी खड़े होना सीख जाते हैं। जो दर्द को अपनी कमजोरी नहीं, अपनी ताक़त बना लेते हैं।
अंत में
हर इंसान की कहानी अलग होती है, लेकिन भावनाएँ वही होती हैं। प्यार सबको होता है, दर्द सबको मिलता है, और संघर्ष हर किसी को करना पड़ता है। फर्क सिर्फ़ इतना है कि कोई हार मान लेता है, और कोई आगे बढ़ जाता है।
अगर आज आपकी ज़िंदगी में दर्द है, संघर्ष है, तो घबराइए मत। यह इस बात का सबूत है कि आपने प्यार किया है, आपने महसूस किया है, आपने जिया है।
और यक़ीन मानिए—
संघर्ष के बाद जो इंसान बनता है, वह पहले से कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत होता है

jhakajal

ई दै-ज्योतिर्मय साहित्य- -०१फेब्रुवारी२०२६ रविवार अंकात प्रकाशित कविता-
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वर्तमान
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चालतोय मी निरंतर
सावली कुठे दिसेना
भीषण एकाकी वाटेवर
सोबती कुणी भेटेना ।।

रस्ते सारे गजबजलेले
वाहने बेभान सुटलेले
जो तो आपल्या नादात
लुप्त झाला आपलेपणा ।।

बेगडी वैभवी जगात
बुजलेला साधा माणूस
तुच्छ नजरांचा झेलतो
उद्धटसा मुजोरपणा ।।

असे आहे वर्तमान हे
कालचे ते होते भले
बेभरोसी सारे उद्याला
होईल कसे,कोडे पडले ।।
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कवी अरुण वि.देशपांडे-पुणे
9850177342
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arunvdeshpande

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

(Intro)
Say it now… what your heart hides inside,
It’s my promise… I’ll never let it fade with time…
(Verse 1)
My breath is tied to the beat of your heart,
Without you near, my world falls apart…
You are my soulmate, you are my star,
Only you are the reason I am…
(Chorus)
Say it now… what your heart hides inside,
It’s my promise, I’ll never leave your side…
With you, my vow will stay,
Yes… forever I’ll stay,
Oh with you… only with you…
(Verse 2)
In my dreams, I only see your face,
In my memories, you’re my only place…
To live with you, to fade with you,
That’s all my heart ever knew…
(Bridge)
May this bond remain for endless years,
Through every joy and through all the tears…
You’re my beginning, you’re my end,
On you my love will always depend…
(Outro)
Say it now… oh say it now…
What your heart hides inside, say it now…
With you my vow will stay…
Yes… forever I’ll stay…

sonikabhawsar

​आइने में जो अक्स है, वो सबसे जुदा है
मेरे जैसा बनाना, बस उस रब्ब की अदा है
जब कुदरत ने मुझे 'Unique' ही बनाया है
तो क्यों मैं किसी और का साया बनूँ?
अपनी हकीकत छोड़, क्यों पराया बनूँ?

I'm the only one, मेरे जैसा कोई नहीं
तो मैं किसी और जैसी क्यों बनूँ? (No way...)
मेरी रूह की नक़ल, कोई कर नहीं सकता
फिर मैं किसी और के रंग में क्यों ढलूँ?

नैन-नक्श उनके हसीन होंगे, माना मैंने
पर मेरा वजूद भी तो एक मुकम्मल ख्वाब है
दुनिया कहती है 'किसी और जैसा बनो'
पर मैं अपनी चमक से, खुद का आफताब बनूँ

Just me, myself, and I...
I’m an original...
Not a copy.
DHAMAK

heenagopiyani.493689

जो बिना श्रेय की अपेक्षा और बिना अहंकार होता है
परदे के पीछे का वही असली कलाकार होता है..!

desaipragati1108gmail.com102305

शराब ले आओ यार

"मोहतरमा की अहमियत मेरी नज़रों में कचरे की ढेर की हो गई है

anisroshan324329

हाइड्रो सिद्धांत= बिग बैंग के समय पदार्थों ओर गुरुत्वाकर्षण नाम के कोई चीज अस्तित्व में नहीं थी इनका जन्म के कहानी बहुत रोचक है | उस समय अत्यधिक गर्मी में सिमटी हुई ऊर्जा का एहसास कराना मेरा मूल धर्म है |

यह ऊर्जा साधारण नहीं बल्कि अत्यधिक थी पहले हम समझते है गुरुत्वाकर्षण कसा बना |

अत्यधिक गर्मी और उर्जा आपस मे मिले हुआ थे| जब ऊर्जा और अत्यधिक गर्मी आपस में करोड़ों वर्षो तक मिले रहे | और करोड़ों वर्षो बाद HE = G गुरुत्वाकर्षण का निर्माण हुआ |

गुरुत्वाकर्षण G और है अत्यधिक गर्मी आपस में करोड़ों वर्षो तक मिलते रहे | जिससे हाइड्रोजन परमाणुओ का निर्माण हुआ |

H G= H2

हाइड्रोजन परमाणु आपस म गुरुत्वाकर्षण का कारण करोड़ों वर्षों तक आपस मे अत्यधिक गर्मी गुरुत्वाकर्षण के कारण जुड़ते रहे | करोड़ों वर्षों बाद यह अत्यधिक गर्मी ठंडी होने लगी जिससे हाइड्रोजन परमाणु धीरे धीरे अलग अलग बंधो म बंट गए अलग अलग तारे बने शुरू हुआ इससे बची हुई कुछ हाइड्रोजन ठंडी होकर 02 बनी और अलग अलग गैस बनी |

prabhjotsinghnagra003282

मैं कोठे की मशहूर तवायफ़ से ले लूंगा सात फेरे
लेकिन इज्जत का चोला ओढ़े बैठी धोखेबाज लड़की से नहीं !!

anisroshan324329

ये महीना ही शामिल नहीं है जिंदगी में हमारी
उसने एक दिन कहा था
जनवरी में शादी है हमारी

anisroshan324329

આ સમય પણ કેવો જીદ લઈ બેઠો
આગ દેખી પાણી દેખ્યા વીજળી ના કડાકા ભડાકા અને લોકોને ભડથું થઈ બળતા દીઠ્યા ,દુષ્કાળ દેખ્યા યુધ્ધ દેખ્યા, પુર દેખ્યા કયાક સુનામી વાવળ વંટોળ અને ઘરતી કંપ દેખ્યા, પશુ ધન ને થર થર ધૃજતુ દીઠું, નાના મોટા પક્ષી ને થર થર કાપતાં મરતા દીઠા, જગતના તાત ઘરતીને ખેડનાર અને ગાયોના ગોવાળ ને બેબસ લાચાર દેખ્યો, ઉભા પાક ને પાણીથી બળતો સુકાતો દીઠ્યો,
બેચારો એકલો નીરાધાર માણસ દેખ્યો,
કોઈ સાચું આંતરડું બાળી અધીરો થઈ મદદે દોડતો ઉભે પગે દીઠો, તો કોઈને ખોટી મહાનતા બતાવતો નઠારો ધુતારો દેખાવ કરતો દીઠો, કોઈ ને માનવીની લાચારીનો ફાયદો ઉપાડી લુટતો દેખ્યો , તો માણસ પાસે માણસને લુટાતા દીઠ્યો,
શાની છે આ હાય ખાય , શાના છે આ પ્રકોપ, ચારો કોર અંધા ધુધી આખરે સાનો છે આ પ્રકોપ હે કુદરત તું કેમ રૂઠ્યો?

hemantchayayahoo.com134011

व्योमकेश… व्योमकेश…
डमरू बोले नाम तेरा व्योमकेश…
व्योमकेश… व्योमकेश…
चंद्र-गंगा संग बसता व्योमकेश…

जटाओं में समाया आकाश, तारों का संग,
चंद्रमा झलके, नक्षत्रों का रंग।
गंगा बहती केशों से, शांति की धारा,
महाकाल का रूप, अनंत का किनारा।

व्योमकेश… व्योमकेश…
डमरू बोले नाम तेरा व्योमकेश…
व्योमकेश… व्योमकेश…
चंद्र-गंगा संग बसता व्योमकेश…

त्रिशूल थामे, तीसरी आंख चमके,
भूत-प्रेत भी झुकें, जब शक्ति दमके।
मौन में बसते, अनादि का स्वामी,
भक्तों के संग, माया का ज्ञानी।

जय बम बम बोले… जय व्योमकेश!
हर-हर महादेव…
व्योमकेश… व्योमकेश! 🔱
DHAMAK

heenagopiyani.493689