सपनों में भी तुम्हारे सिवा किसी और का ख्याल नहीं, आता । वे हिसाब प्यार करते है हम।
ख्वाबों मे भी तुम्हारा साथ निभाते है हम ,
तुम हो कि हर पल ठुकराते हों हमे,
हर पल तुम्हारे आने की आहट दरवाजे पर महसूस करते हैं हम ।
तमन्ना कभी पूरी नहीं हुई , '
फिर भी तेरी आंखें मे अपनी पूरी दुनिया देखते है हम ।
तुम से प्यारा कोई लगता नहीं हमे,
तुम्हारी आदत हो गयी है ,
कैसे जुदा हो कर - रहे हम।
एक पल तुम्हारी अवाज न सुने पल भर का समय सौ बर्ष के बराबर बीताते हम वही शादी से पहले वाली चाहत बन जाये हम।
हर पल सांसो पर तुम्हारा नाम हर संगीत मे गुनगुनाते है हम ,
सोलह श्रृंगार मेरे तेरे लिए जैसे भी हैं साजन की सजनी है आखिर हम ,
गिला शिकवा दुर करके तो देखो चाहत मे नजर फिर भी आयेगे हम ,
रूठो न हम से ऐसे फिर कभी लौट कर न आये हम।
अगले जन्म का वादा नही करते दुसरे घर से ढोली आयी , इस चौखट से अर्थी पर ही जाऊँगी मै ,
ज्यादा देर न हो जाये हमारी वफा को पहचान लो कदर , समझो बीच मंझधार मे न वि छडेगे हम।