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🙏🙏हम कोई तकलीफों में है, मन भीतर टेंशन बढ़ रहा है। तब हमें क्या करना चाहिए? वहीं हमें मालूम नहीं पड़ता है। हमारी जिंदगी में कुछ ना कुछ प्रोब्लेम्स रहेती है, इसका मतलब यह नहीं है कि हम उस प्रोब्लेम को दूर करने कि वज़ह उसमें ही उलझकर जिंदगी जिना ही छोड़ दे। उसमें उलझनें से टेंशन दूर नही होगी किन्तु और बढ़ेगी ऐसे वक्त पर हमें शांत चित्त से खुद उसका निराकरण ढूंढना चाहिए। यदि हमें नही मिल रहा है तो हमारे हितेषी मित्रों से राय लें या कोई अच्छी किताबों को पढ़ेंगे। उससे निराकरण अवश्य मिलेगा और हमारी टेंशन में राहत मिलेगी या दूर होगी। जिंदगी में जब मन ना लगे! मूड़ ओफ हो, तब हमें मन को राहत दे ऐसा कुछ करना चाहिए। जैसे कि एक फूल से दुसरे फूल पर उड़ती रंग-बिरंगे तितलियां देखनीं चाहिए, पर्वत से नीचे गिर रहे झरने देखने चाहिए, बह रही नदी की धाराओं को महसूस करना चाहिए, खुले आसमां में उड़ रहे पंखी देखने चाहिए, बस मित्रों की टोली के बीच रहकर "जिंदगी मिलेगी ना दोबारा" यह सोचकर जिंदगी जी लेनी चाहिए। बस ऐसे ही दिमाग़ को मानसिक पीड़ा से सुकून मिलेगा तब हृदय को अपने-आप एक अच्छी ऊर्जा का संचार मिलेगा।🦚🦚
🙏🙏हम खुद के लिए जीते हैं, ज़ीना भी चाहिए पर एक हद तक सही है। हमारे जीवन में आ रही खुशियां, ग़म, दर्द ए सब हमारे समय का एक हिस्सा है। जिसे हमे समझना चाहिए पर उसे समझकर खुद के लिए ही जीने का लगाव अच्छी बात नहीं है। कभी हमें हमारे 'अहम्' को त्याग कर किसी ओर के लिए भी जीना चाहिए, किसी की खुशी में ख़ुद की खुशी बन जानीं चाहिए, किसी के दर्दको दूर करने की वज़ह बन जाना चाहिए। हमें ख़ुद को इस तरह जीना चाहिए कि हमारी हिफाजत की दुआएं सब करे, सही है,,.?🦚🦚
🙏🙏अपने परिवार के लिए 'सुदामा' बनना पड़े तो बन जाना चाहिए और दोस्त के लिए 'कृष्ण' की तरह झुकना पड़े तो भी झुक जाना चाहिए।🦚🦚
🙏🙏तुम्हें चाहने की कोई वज़ह न थी, बस ऐसे ही दिल में बस रही थी, और वज़ह जो तुम्हें चाहने की होती तो, वह सही में चाहत थोड़ी होती।🦚🦚 - Parmar Mayur
🙏🙏आप अन्य को त्याग करने को कह सकते हो, उसमें ना नहीं है। कुछ 'अच्छा हो रहा हो तो त्याग करना' चाहिए, अच्छी बात है। बस वह त्याग प्रथम हमें करना चाहिए बाद में किसी ओर को कहना चाहिए, तभी तो एक उदाहरण बनेगा नहीं तो फिर व्यर्थ बातें। सच्ची और अच्छी बातों का कोई भी कभी खुलकर विरोध नहीं कर पाएगा, क्यूंकि सच सच ही होता है। हमारी कथनी ओर करनी में साम्यता होनी चाहिए। बुद्ध, महावीर, गांधी को उनके समर्थक तो ठीक है विरोधीयों भी ऐसे ही प्रणाम नहीं करते होंगे।🦚🦚
🙏🙏किसी के दर्दको संवेदना से महसूस करना उसके दुःखों को समझना और हृदय से आश्वासन देने का काम एक "नर्स" बेहतर तरीके से निभातीं है।🦚🦚
🙏🙏जो बिना मतलब के साथ खड़े हो, उनके साथ खड़े रहिए, मतलब के साथ खड़ी भीड़ प्यार कभी नहीं देती, बस धोखा दे जाती है।🦚🦚
🙏🙏इंसान द्वारा बनाई गई टेक्नोलॉजी दो धारी तलवार है, उसका सही इस्तेमाल विकास का अमृत है नहीं तो फिर विनाशकारी जहर!!!🦚🦚
🙏🙏'मां' एक शब्द ही काफी है, रिश्तों की पुरी डिक्शनरी में, स्नेह, ममता का महत्व समझाने के लिए, जिस घर में बच्चों के लिए मां-बाप ही दुनिया है और मां-बाप के लिए बच्चे ही दुनिया है, बस उस घर में फिर एक अलग ही खुशी, शांति और परस्पर प्रेम की भावनाएं होगी।🦚🦚
🙏🙏जब हम सत्य भी डरकर लिख ना सके, बस हमें समझ जाना चाहिए कि कलम पकड़े हुए हाथ स्वंतत्र नहीं है।🦚🦚 - Parmar Mayur
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