हमें कुछ ऐसे इंसानों को,
समझना चाहिए।
जिनकी वजह से हमारे जीवन में,
कुछ अच्छा बदलाव आया हो।
जिन्होंने हमारी जिंदगी को संवारने,
में बदलने में एक 'अहम् योगदान' दिया हो।
हम जब भी निराश हो,
तब हमारा होंसला बढ़ानेवाले लोगों।
हमें जो ऐसे लोग मिले हैं तो पहले हमें
ईश्वर का भी हृदय से धन्यवाद करना चाहिए।
बाद में ऐसे सभी लोगों को हृदय से एकबार "धन्यवाद या thank you" कहना चाहिए।
कुछ अल्फाज रिश्तों में जान भरते हैं,
मेरा लिखा हुआ पढ़ने के लिए धन्यवाद 🙏🙏