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Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

@nandiniagarwal835328
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जहाँ तक मेरी सोच विचार है। या फिर कहे जो मैंन देखा है। तकनीकी दुनिया मे सब से पहले मैने देखा टेलीफोन दूरभाष भाषा सुनना जबाब देना । चिट्टी का इंतजार खत्म
फिर मैने हिसाब जोड़ने वाला बॉर्ड क्वकुलेटर ' जो दबाने पर जोड़ गुणा भाग घटाओ का हल देता था। दुकान दार उस का प्रयोग करता था । फिर मैने देखा टाइफ मशीन खटखट का पर्चा टाइफ करता था। स्टेनो पढाई का नाम दिया था। जज के नीचे वो बटन दबा कर ब्यां छापता रहता था। फिर मैने देखा कम्प्यूटर ' नौकरी पेशा व्यापार की लिखावट करता था। साथ मे पिन्टर । फिर आया बटन वाला मोबाइल किपेड़ वाला फिर आया स्क्रीन टच मोबाइल बड़े लोग बड़े शहरो मे कुछ ही लोगो के हाथो में देखने को मिलता था। जनाब फिर ऐसी हवा चली स्क्रीन
ट्च मोबाइल हर व्यक्ति की जरूरत बन गयी ' ।
खास कर जब कोरोना टाइम आया था। इस मे एक साल फिर बन्द कोरोना फिर आया कोरोन वायरस जिस समय मे हर घर स्कूल पढ़ाई-लिखाई चालू कर दी। कम्प्यूटर बदल गया लेपटॉप मे एक डायरी की तरह फिर न दिन न रात डाटा : _डाटा ही डाटा इस मे ऐप अनगिनत जो कि सच  जानती भी नही हूं । दुनिया बाहर कम मोबाइल मे ज्यादा नजर आने लगी। बस क्या था एक दूसरे की जिन्दगी मे झांकना व अपने बार मे झांसा करना ये शौक की तरत जॉक की तरह चिपक गया ।
अब मैने सुना है। Al (एआई ) का जमाना इसे जमाना कहेंगे तो हम किस जमाने मे जीये यह भी एक कम्प्युटर की तरह है। शायद मुझे लगता है। जो हमने फिट कर दिया वही लौट फिर कर सभी इंसानो को जबब देगा।
दिमाग इस का नही अपना काम आयेगा ' ।
परमात्मा ने जो जीव बनाया है। मानव नाम का ये बैठने को नर बनाया कर्म योगी बनाया है। कर्ता  क्रिया कर्म मिल कर कार्य पूरा होता है। जिसे करने वाला ह्म खुद है। न कि मशीन जरा सी तो शर्म करो प्रकृति को पहचानो इंसान इंसान से बोलने को तैयार नही है।
कागज - पेन्सिल की जगह जहाँ जाओ कम्प्यूटर मे ही फीड करते हैं । लिखा -पढ़ी एक वो जमाना था पीढ़ी दर पीढ़ी यादे व जरूरी कागज रखे जाते थे। संभाल कर डबल -  डबल कॉपी के साथ इसे देश की तरक्की कहते है। जो बच्चा ज्यादा समय पढ़ने सीखने प्रटिकली ज्ञान मे लगाता था । अब बैठ कर उठने को राजी नही है।
गेम बन गये है। दूसरे लोगो को लगा और फिर वीडियो बना कर मजाक बनाना ये मनोरंजन है। देख लो दुनिया हाथों मे मोबाइल होता कुछ लिमिटिड उपयोग के लिए लोग कितने बेवकूफ है। इसे ही मनोरंजन बना लिया पैसे चले गये लाइक करने पर सौ बात की स्क बात जरूरत के एय व उज्वल भविष्य की ही जानकारी सम्बन्धित चीजे हो तो ज्यादा बेहतर है आने वाली पीढ़ी के लिय चार दिन की चांदनी फिर अंधेरे मे भविष्य है।



- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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घर तोड़ने वाले हजार मिलेंगे
घर बनाने वाले हजारो मे सिर्फ़ अपने ही होते है।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

गलतियों पर परदा डालना ।
गलतियों को बढ़ावा देना ॥
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

सुख आये तो ज्यादा खुश होने की जरूरत नही है।
दुःख पीछे -पीछे आ जाता है ' कोई न कोई परेशानी ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

एक जमाना हुआ करता था। सभी को एडरस ' फोन नम्बर ' गली चौराह सब याद रहता था ' अब इंसान को खुदका नम्बर भी देर सोच कर याद आता है। इतना दिमाग़ कमजोर बना दिया है। जो भी देखना समझना है। मोबाइल सब से पहले खुलेगा जब मुंहू खुलेगा ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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ये मेरी अपनी सोच है, किसी व्यक्ति की भावनाओ को ठेस पहुंचाना नही है। बस यू ही दिल की बात करनी थी।
अपने शब्दों मे कहना चाहूंगी ' ।
यार मेरे समझ नही आता है। ये मोबाइल ' डाटा सुविधा के लिए बना है। पर इस मे जब लोगो को देखती हूं । तो लगता है। हर व्यक्ति किस दिशा मे जा रहा है।
उस की खुद एहसास नही है।
रीलस देखो दो से तीन मिनट की लोगो का दिखावा है। शॉक है ' मजबूरी है ' आर्थिक तंगी है। आखिर है क्या ?
हुनर है, लालच है ' पैसे का ' दुनिया के सामने आना है। कोई भी बेहूदा क्या है ? ये सब मेरी समझ से परे हैं।
ऐप अनगिनत . विडियो . ब्लॉग अनलिमिटेड . इसे क्या कहेंगे ' कही भी कोई ठोस चीज दिखाई पड़ी जो व्यक्ति के लिए लाभदायक हो। अदिरांश जिस का कोई मतलब नही है ' हां मै ये नही कहती सब गलत है।
मोबाइल मैं वो होता जो सही है। अपना भविष्य बनाने मे मदद मिले जीवन मे कुछ सीखने को मिले जो हमारे जीवन मे जरूरी है।
सालीनना , शिक्षा मार्गदर्शन समाचार . हेल्पलाइन . मेप डा. एडरस ऐसे ही कुछ योग्य व्यक्ति का पता
लोग _लोगो से बाते करे ' अंगूठो से नही ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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बच्चा जब मम्मा - पापा की शादी एलबम देखता है '
मम्मा ये कौन है। तेरे पापा है , फिर ये गंजा साथ में कौन रहता है। ये जॉक्स जो काफी सुना होगा ' ।
पर ये हकीकत सुनी हैं ' बच्चा जब मम्मा का शादी से पहले का फोटो (तस्वीर ) देखता है ' जब मम्मा से कहता है ' मम्मा कभी आप इतनी खूबसूरत जवाँ थी।

- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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पति -पत्नी की लड़ाई कभी अपनी नही होती है
कोई तीसरा व्यक्ति ही लड़ाई कराता है।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

गृहणी
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो । ?
घर मे सुबह का अलार्म मुझ से शुरु होता है ।
रसोई के नमक मिर्च से लेकर दूध हिसाब तक बताती है।
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो ?
सुई धागे से लेकर कपड़े पहनने है, धोने है। न पहने वाले कपड़े किसी को देने है. प्रेस तक का हिसाब बनाती है।
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो ?
घर के कोने से लेकर जमी धूल को साफ करना साज संवारना चार दीवारी घर का हिस्सा आरामदायक जो आप सुकून तक रोम रोम महक जाये
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो?
पूजा व्रत तप से लेकर रिवाजो त्योहारो को साल दर साल दोहराती हूं घर की शान्ति के लिए मन्दिर से लेकर शादी विवाह आदि प्रोग्राम से लेकर रिश्ता निभाती हूँ
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो ?
चेहरे पर मुस्कान लेकर हर दर्द छुपाकर . संस्कारी किसी घर की आयी बेटी बहू बन हर सितम उठाती हूँ परिवार के हर  व्यक्ति को सहजता महसूस हो
कहते हो  तुम घर मे करती ही क्या हो?
परिवार कर हर व्यक्ति अपने अपने समय पर घर से बाहर काम पर निकल जाते हैं मुझे घर का चौकीदार बना कर
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो?
जब दिन छुप जाता है सभी के आने का इंतजार करती हूँ
सही सलाहमती की दुआ करती हूँ अपने आप को छोडकर सब का ख्याल रखती हूँ
कहते हो तुम घर मे करती ही क्या हो?
दरवाजे के ताले से लेकर घर की लाइट बंद करती हूं मीठी नींद मे चैन से सो जाओ रात का अलार्म मुझ पर खत्म होता है।
कहते हे तुम घर मे करती ही क्या हो?






- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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ऐ लुगाई ' तू दे दे रजाई . ठंड है मुझ को है सताई ।
तेरे बिना दूर कैसे हो तन्हाई ' पास तो आ मेरे बच्चो
की माई
चाहे तू लेले मेरी सारी कमाई आ मेरी बाँहो मे समाई
तुझ मे लिपट कर सुकून की नींद आई ' तू चैन मेरे दिल का किसी न बतलाई
तू है हर मर्ज की दबाई तेरे कदमों मे जनन्त सारी बिछाई
इतनी खूबसूरत तुझे किसने बनाई सारी ममता तुझमे समाई
तूने मेरे घर की शोभा बढ़ाई तेरे बिना मैं कुछ भी नही ' तूने ही मेरी दुनिया बनाई ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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