Quotes by Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz in Bitesapp read free

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz

@loveguruaashiq.661810


#Zakhmi -E-ZUBANI...✍🏼

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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
वो पहली नज़र का झुक जाना, वो
        पहली दफ़ा का शर्माना,

गर आख़िरी दम तक साथ रहे, तो
       समझो तुमने इश्क़ किया,

चहरे की  रंगत  ढल जाए, दुनिया
        की आदत बदल जाए,

पर दिल का  जो  पहला ज़ुबाँ था
वो आख़िरी दम  तक साथ रहे तो
      समझो तुमने इश्क़ किया,

न शिकवा हो  ढलती उम्रों का, न
  अफ़सोस छूटे हुए लफ़्ज़ों का,

जो रूह में उतरा था अव़्वल दिन
वही  आख़िरी  दम तक साथ रहे
   तो समझो तुमने इश्क़ किया,

वो  मिलना  सिर्फ़  इत्तेफ़ाक़  नहीं
वो बिछड़ना भी कोई फ़िराक़ नहीं,

एक  जज़्बा जो मर कर भी न मरे
वही आख़िरी  दम  तक  साथ रहे
तो समझो तुमने इश्क़ किया…🫶
╭─❀💔༻ 
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#Zakhmi -E-Zubani..✍🏼
#LoVeAaShiQ_SinGh
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
कलम उठी थी कि सारा सरापा
                लिख दूँ,

उसके लब, उसकी आँखें, हर
           नज़ारा लिख दूँ,

मगर, उलझ कर रह गया मैं उन
        बदन की लकीरों में,

अब तुम ही बताओ-अब तुम ही
बताओ, कि

उस मखमली कयामत को कैसे
अधूरा लिख दूँ...🔥🙈?
╭─❀💔༻ 
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#zakhmi -e-zubani..✍🏼
 #LoVeAaShiQ_SinGh
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
अजब तमाशा है, कि वो खामोश
                  बैठें हैं,

और यहाँ, यहाँ मेरी धड़कनों ने
          कोहराम मचाया है,

अब गलती उसकी थी या ज़िद
मेरी थी छोड़ो,

पर इस तन्हाई को मेरे घर किसने
                बुलाया है.?

वो तो मसरूफ होंगे अपनी दुनिया
               की रौनक में,

मगर मेरी नींदों पर तो जैसे ग्रहण
                सा छाया है,

Oye बाबल, ज़रा देख तो आकर
      मेरी इन वीरान आँखों को,

तूने एक छोटे से झगड़े में मेरा पूरा
        सुकून गँवाया है...🥀🖤
╭─❀💔༻ 
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#Zakhmi -e-zubani..✍🏼
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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
अगर इतना ही सब्र-ए-सुकून इस
             इश्क़ में होता,

तो ज़हर-ए-जुदाई किसी ने भी
            चखा नहीं होता,

सँभल जाते हम भी  वक़्त  की
         आहट को सुन कर,

अगर  तुमने भी  आँखों में पर्दा
             रखा नहीं होता,

ये जो बिखरे पड़े हैं, काग़ज़ों पे
              लहू के कतरे,

कलम  में  दर्द  कोई  भी  इतना
            तीखा नहीं होता,

मज़ा  तो तब था  कि  तुम साथ
          चलते मंज़िलों तक,

सिर्फ़  यादों का  साथ  हमने  ही
           चखा नहीं होता,

बड़े सलीके से तुमने किया है कत्ल-
                 ए-तम्मना,

वरना हमने भी मौत का ये मंज़र
             देखा नहीं होता,

शायरी  तो  बस  एक  बहाना  है
        दुनिया को बताने का,

कि अगर तुम वफ़ा करते तो हमने
  भी कुछ लिखा नहीं होता…🔥
╭─❀💔༻ 
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#Zakhmi -e-zubani..✍🏼
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✤┈SuNo ┤_★_🦋
{{ अनकहे जज़्बातों का सफ़र }}

अजनबी हो तुम, मगर दिल को न
      जाने क्यों अपने लगते हो,

मुसाफ़िर हूँ मैं, और तुम थकी हुई
  राहों का कोई सपना लगते हो,

तुमने जब जी कहा तो एक आदर
       की दीवार खड़ी कर दी,

मगर मैंने चाहा था, कि वो सादगी
      हो, जो रूह से जुड़ी रही,

मैं मुसाफ़िर, जिसकी कोई मंज़िल
   नहीं, बस चलते जाना काम है,

पर तुमने  हक़ से  नाम  जो  दिया
    अब वही मेरी नई पहचान है,

तुम्हारी उस  ज़िद में, एक मासूम
    सा अधिकार नज़र आता है,

जैसे कोई  सूखा  पत्ता, अचानक
   सावन की बौछार पा जाता है,

एक नाम (P) भी आया जो लबों
तक आकर ठहर गया,

पुराना ज़ख्म था कोई जो फिर से
         आँखों में उभर गया,

मैं  तुम्हें  पुकार  न  सकूँगा,  उस
     नाम से कुछ यादें पुरानी हैं,

मगर तुम्हारे लिए मेरे पास, एक
     नई और पाक कहानी है,

तुम ज़िद्दी ही सही पर तुम्हारी ये
     ज़िद दिल को छू जाती है,

मेरी वीरान सी मुसाफ़िरी में एक
      मीठी सी धुन जगाती है,

सुनो हँसती रहना तुम कि तुम्हारी
   हँसी ही मेरा सुकून-ए-क़ल्ब है,

मैं  इक  मुसाफ़िर  ही  भला,  पर
तुम्हारा ये साथ ही मेरा अब सब है,

कोई रिश्ता हो न हो पर ये रूह का
              गहरा साया है,

मैंने अपनी हर भटकन में, बस तुम
  जैसा ही कोई पाया है…🤝😇
╭─❀🥺⊰╯ 
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  ⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
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यूं ही बस एक ख्याल ऐसा भी..✍🏼😊

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✤┈SuNo ┤_★_🦋
खुली ज़ुल्फें, माथे पर  बिंदी, और
       उस पर ये कातिल अदा,

उफ़ ये  हाथ में  चाय  का  प्याला
मतलब जान लेने का नया तरीका?

नज़रें मिलीं, तो धड़कन रुकी, जो
    मुस्कुराए तो कयामत होगी,

इतना  सितम न  ढाओ  मुझ  पर
वरना शहर में मेरी शहादत होगी.🙈
╭─❀🥺⊰╯ 
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 #LoVeAaShiQ_SinGh 😊°
 ⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
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