Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

I am feeling motivated

elearnerelearner243739

🙏🙏માંની કૂખમાં જ જીવનું મૃત્યુ.
જેને હજુ દુનિયા જોઈ જ નથી.

કોઈ ગૂનો પણ કર્યો નથી છતાં પણ જન્મ પૂર્વ જ મૃત્યુદંડ!

કેવી નિર્દયતા?
તે પણ માણસ દ્વારા જ.

જાનવરો સારા કહેવાય કે શિક્ષિત નથી.
છતાં પણ તેમનામાં શિશુ પ્રત્યે અનહદ્ સ્નેહભાવ હોય.
ખુદ મૃત્યુને શરણ થઈજાય છે કિન્તુ તેનાં શિશુને આંચ પણ ના આવવા દે.
તેવું જાનવર સારું કહેવાય જેનામાં મમત્વ ભાવ છે

જ્યારે માણસ બસ એક દીકરી જન્મવાની છે.
તે તેનાં દિમાગી શિક્ષણ દ્વારા પૂર્વ જ જાણી ગયો.

બસ તે દીકરીના જન્મ પૂર્વ જ.
મૃત્યુ માટેની તૈયારી કરવા લાગ્યો.
હૈયામાં પણ આટલી હદે ધૃણા સમાવી શકે?

ખરેખર તે માણસ છે?

એક લાચાર માં સામે જ પોતાના રક્તને નામશેષ કરવાનું સાહસ.

અરે સાહસ ના કહેવાય આતો દુઃસાહસ કહેવાય.

આવા 'દુઃસાહસ ને મજબુરી' નું ઉપનામ ના આપવું જ બહેતર રહે.

આવા કૃત્યો કરનાર માણસો કરતાં તો જેના પુતળા બાળે છે તે રાવણ લાખ દરજ્જે સારો હતો.🦚🦚

parmarmayur6557

🍁 रंगीबेरंगी हलवा

🍁कोहळा आणि लाल भोपळा यांचं हलवा..

ऐन नवरात्रात एक मोठा भोपळा आणि मोठा कोहळा मित्राच्या शेतातून
एकदम घरी आले😊😊
❤️प्रेमाने पाठवलेला हा वानवळा वापरून बरेच पदार्थ करून झाले
भाजी
सांबार
थालीपीठ
वडे अशा
अनेक पदार्थात त्या दोघांनी गोडीने एकत्र भाग घेतला
आणि हा दोघांचा एकत्र शेवट गोड झाला
🍁साधारण दोन वाटया कोहळा कीस
दोन वाटया भोपळा कीस
प्रथम पाच दहा मिनिटे परतून त्यातला पाण्याचा अंश कमी करून घेतला
🍁त्यात दोन वाटया साईसकट दुध घालून आटवत ठेवला
मिश्रण आळत आल्यावर त्यात पाऊण वाटी साखर घातली

🍁आता पातळ झालेले मिश्रण परत थोडे घट्ट होताच एक वाटी मिल्क पावडर पाणी मिसळून सरबरीत केली व त्यात मिसळली
हलवा तयार आहे

🍁शेवटी तूप गरम करुन त्यात
काजु काप
बदाम काप
बेदाणे
मनुके
तळुन घेतले व ते तूप या तयार होणाऱ्या हलव्यात चांगले मिसळून घेतले
(अशी ड्राय फ्रूट तळलेली तुपाची फोडणी घालून हलवा अतीशय चविष्ट होतो😋)

🍁वाढताना त्यावर चेरी ऑन द टॉप 🙂

jayvrishaligmailcom

🙏🙏 सुप्रभात 🙏🙏

sonishakya18273gmail.com308865

**बचपन में बड़ा होना**

लोग पूछते हैं – *“तुम्हें कब एहसास हुआ कि तुम बड़े हो गए?”*
मैं मुस्कुरा देता हूँ।
क्योंकि मेरा उत्तर किताबों में नहीं, ज़िन्दगी के पन्नों में लिखा है।

घर में जो बच्चा बड़ा कहलाता है – वह उम्र से पहले ही बड़ा हो जाता है।
जब मां-बाप की अनुपस्थिति में छोटे भाई को खाना खिलाना पड़ता है…
जब बहन के टूटे खिलौने को चुपचाप जोड़ना पड़ता है…
जब अपने हिस्से की मिठाई छोड़कर छोटे के हिस्से में डालनी पड़ती है…
तो समझ लो – बचपन का एक कोना वहीं खो गया।

हमारे लिए स्कूल की छुट्टियाँ सिर्फ खेल और कहानी नहीं थीं,
वे जिम्मेदारियों के अध्याय थे –
छोटों को होमवर्क कराना, उनकी लड़ाई में पंच बनना,
और घर में आने वाले हर मेहमान के लिए पानी और मुस्कान लाना।

जो भाई-बहन सदा सबसे बड़े कहलाते हैं,
वे समझ जाते हैं कि बचपन उनके लिए सिर्फ उम्र का नाम है।
दिल में उनका चश्मा जल्दी लग जाता है –
जो दूर के सपनों से पहले पास की जिम्मेदारियाँ देखता है।

हम बड़े नहीं होते…
हमें बड़ा बना दिया जाता है –
उस दिन से, जब परिवार हमें *“छोटों को संभालो”* कह देता है।

आर्यमौलिक

deepakbundela7179

કર્મ કરશે અને કર્મફળ મળશે.

જેટલી ઉચાઈ વધારે એટલો સંઘર્ષ વધારે, એટલો વધારે અનુભવ, એટલો વધારે એકલો-એકાંતિક અને એટલો જ વધારે મૃત્યુની નજદીક રહેતો હોય છે.

મનોજ નાવડીયા

#InspiredLiving #inspiration #nature #universe #karma #manojnavadiya #manojnavadiyapoetry #manojnavadiyabooks #vishvkhoj #vishvyatri #heetkari #maravichar #saravichar #marivat #viral #viralpost #happiness #dogood #human #humanity

manojnavadiya7402

**कभी सवारे थे कुछ शब्द**

कभी सवारे थे कुछ शब्द,
तेरी आँखों की रोशनी में नहाए हुए,
तेरे हाथों की नरम गर्मी में पिघलते हुए।
हर लफ़्ज़ में हमारी साँस की तुक थी,
हर विराम में मिलन की धीमी मुस्कान।

तेरे और मेरे बीच,
वो शब्द फूलों की तरह खिलते थे—
चाय की भाप में घुलकर,
बारिश की बूंदों में चमकते थे।

फिर मौसम पलटा…
कहीं वक़्त की आहट आई,
कहीं चुप्पी ने ठिकाना बना लिया।
वो सजाए हुए अक्षर
गिरते चले गए—
जैसे पतझड़ में पत्तों की आख़िरी सरसराहट।

अब उन पर धूल जमी है,
कोई स्याही उन्हें छूने से डरती है।
तेरी आवाज़ का संगीत
सिर्फ़ याद में बजता है,
असल में सब बिखर चुका है।

कभी सवारे थे कुछ शब्द—
आज वे प्रेम की छाँव में नहीं,
बस स्मृतियों की खिड़की पर बैठे हैं,
ताकते हुए एक पुराने दृश्य को,
जहाँ मैं था… और तू भी थी,
और हमारे बीच,
वो चुपचाप खिली हुई कविता थी।

आर्यमौलिक

deepakbundela7179

🙏🙏દીકરો 'માબાપને વૃદ્ધાશ્રમમાં મુકવા' જાય છે. તે તેની 'કાયરતા' દર્શાવે છે.

જ્યારે દીકરી જો 'માબાપને વૃદ્ધાશ્રમ માંથી લેવા જાય છે, તો તે તેની 'હિંમત' દર્શાવે છે.🦚🦚

👧World girl child day 👱‍♀️

parmarmayur6557

आयत हों या स्त्रोत
उस जहाँ तक पहुँचने का
एक ही गोत्र..
सजदा किए बगैर
उपरवाला नहीं मिला करता..
#डॉ_अनामिका
#हिंदी_का_विस्तार #हिंदी_पंक्तियाँ #हिंदी_शब्द #बज्म़ #उर्दू_अल्फ़ाज़

rsinha9090gmailcom

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
कविता का शीर्षक है! पंछी 🌹

mamtatrivedi444291

---

😂 जोक:
पप्पू डॉक्टर के पास गया।
पप्पू: “डॉक्टर साहब, मुझे भूलने की बीमारी हो गई है।”
डॉक्टर: “कब से?”
पप्पू: “कब से क्या?” 🤯🤣


---

nabiyakhan708360

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U

rajukumarchaudhary502010

મારા પક્ષે ક્યાં કોઈ ફરિયાદ હોય છે?
લોકો આવે ને એમની ફરિયાદ કરી જાય છે.
- વાત્સલ્ય
"કડવાચોથ" ની કડવી હકીકત

savdanjimakwana3600

ખુલાસા પણ ખુદ કરેં સાથે ભૂલ પણ ખુદ સ્વીકારે!
કરામત કહું કે ખુશામત તે તો તે ને જ પૂછું ક્યાં જવાબ મળે???
- વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

खुदा जाने क्या रोग लगा है उसको
जो मुझे भुल जाने की कसमे खाने लगा है
खुद से अनजान है शायद अब तक
जो मुझसे दूर होने की बाते करने लगा है
अगर किसी बात से खफा है तो आकार मुझे बताये
यू छोटी छोटी बात पर क्यू रूठ जाने लगा है
अब अगर बात हो उससे तो पता करे मसला क्या है
हूँ अगर कुसुर वार तो उसकी सजा क्या है .

mashaallhakhan600196

**किराए की मोहब्बत का कैफ़े**

अब शहर में नया धंधा खुला है —
ना चाय की टपरी, ना किताबों का नुक्कड़,
यहाँ खुलेआम बिकती हैं बाँहें,
और मुस्कानें मिलती हैं “ऑफ़र पर”।
काउंटर पर लड़की पूछती है —
“सर, साइलेंट हग लेंगे या सॉफ्ट कडल?”
और ग्राहक चश्मा ठीक करते हुए कहता है,
“देखो, पैकेज छोटा रखो, वाइफ़ कॉल कर सकती है।”
मोहब्बत अब मापी जाती है मिनटों में,
गले लगना भी जीएसटी के साथ आता है,
फरवरी के महीने में डिस्काउंट बढ़ जाता है,
और दिल का कारोबार फिर से चमक उठता है।
कितनी सुविधा हो गई है न दोस्तों,
अब दिल टूटने का डर भी नहीं,
चुकाओ पैसे — लो मुस्कान — जाओ घर,
ना वादे, ना ड्रामे, ना भावनाओं का झंझट कहीं!
बस अफ़सोस इतना है कि
स्पर्श तो असली है, पर सुकून नक़ली,
बातें प्यारी हैं, पर आवाज़ रटी हुई,
और जो दिल कभी धड़कता था स्वतः,
अब ऐप से बुक होता है आधे घंटे की ड्यूटी पर।
शायद कल को यह भी आएगा —
“सदस्यता पैकेज” —
गोल्ड में मिलेंगे आँसू पोंछने के सत्र,
और प्लेटिनम में सुबह-शाम की झप्पियाँ मुफ्त!
वाह रे आधुनिक मनुष्य,
तूने भावनाओं को भी शेयर मार्केट बना दिया,
अब प्रेम नहीं किया जाता,
बस *स्वाइप* कर लिया जाता है।
ये आधुनिक समाज
किस टाइप का हुआ जा रहा हैं..?

आर्यमौलिक

deepakbundela7179

Distractions can may loose your hope to achieve the aim,To achieve something you have to sacrifice something.

Check out this Quote on Writco by Gunjan Gayatri
https://writco.in/Quote/Q55510102025203913

👉 https://bit.ly/download-writco-app

#Writco #WritcoApp #WritingCommunity

gunjangayatri949036

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U

rajukumarchaudhary502010

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U

rajukumarchaudhary502010

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U

rajukumarchaudhary502010

Follow the Raju Kumar Chaudhary official channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6nSzoDOQIXdQiMVl1U

rajukumarchaudhary502010

आप सभी को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏🙏💐💐💐💐

करवाचौथ
--------------
मेहंदी रचाई है हाथ में
पिया मन बसे साथ में
करवा चौथ का व्रत है
चाँद मुस्कुराया नाथ में।

प्रीत की रीत बड़ी निराली है
पिया के संग ही खुशहाली है
नयन ताकते साजन को ही
चाँदनी रात बड़ी मतवाली है।

रहता इंतजार इस रात का
ख्याल है हरेक बात का
चलनी से झाँकता है चाँद
मिलन अद्भुत सौगात का ।

आभा दवे
मुंबई

daveabha6

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं

mamtatrivedi444291

“आलसी अरबपति – विवेक की सोच का जादू”

पहला अध्याय: एक साधारण युवक

दिल्ली के एक छोटे से फ्लैट में विवेक अग्रवाल नाम का एक युवक रहता था।
वो हमेशा आराम से बैठा रहता, मोबाइल चलाता, और अपने दोस्तों के बीच “सबसे आलसी आदमी” कहलाता।
लोग कहते —

“इससे तो कुछ नहीं होगा! दिनभर फोन और नोट्स पढ़ने से कोई अरबपति नहीं बनता।”



पर विवेक को किसी की बात की परवाह नहीं थी।
वो हर दिन एक ही चीज़ सोचता —

“मुझे ज़्यादा मेहनत नहीं करनी, मुझे स्मार्ट तरीके से काम करना है।”


दूसरा अध्याय: आलस में छिपा विचार

एक दिन उसने देखा कि उसके दोस्त राजीव 16 घंटे की नौकरी करता है, पर फिर भी पैसे के लिए परेशान है।
विवेक बोला —

“राजीव, तू अपनी मेहनत बेच रहा है, मैं अपना दिमाग बेचूँगा।”



राजीव हंसा —

“दिमाग से पेट नहीं भरता भाई!”



लेकिन विवेक ने ठान लिया था कि वो अपने “आलस” को ही अपनी ताकत बनाएगा।
उसने छोटे-छोटे बिज़नेस आइडिया सोचना शुरू किया।



तीसरा अध्याय: पहला प्रयोग

विवेक ने देखा कि कई दुकानदार ऑनलाइन नहीं हैं।
उसने सोचा — “क्यों न इन दुकानदारों के लिए मैं वेबसाइट बनवाऊँ और उनसे थोड़े-थोड़े पैसे लूँ?”

उसने खुद वेबसाइट नहीं बनाई।
बल्कि उसने फ्रीलांसरों की एक टीम बनाई जो वेबसाइट बनाते थे, और खुद बस क्लाइंट से बात करता था।
वो दिनभर अपने घर में बैठा कॉफी पीता, फोन से काम करवाता, और हर प्रोजेक्ट पर 30% कमीशन लेता।

लोग कहते,

“ये लड़का तो काम ही नहीं करता!”



लेकिन कुछ महीनों में उसने 20 से ज़्यादा क्लाइंट्स बना लिए और उसकी कमाई लाखों में पहुँच गई।


चौथा अध्याय: स्मार्ट इन्वेस्टमेंट

कमाई बढ़ी तो विवेक ने सोचा,

“अगर मुझे अमीर बनना है, तो काम खुद चलना चाहिए।”



उसने अपने एक दोस्त को टीम संभालने के लिए रखा और खुद ऑटोमेशन सीखने लगा।
जल्द ही उसने अपनी कंपनी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी —
क्लाइंट्स आते, काम बंटता, रिपोर्ट बनती, और पैसे खाते में आते —
बिना कि विवेक को कुछ करना पड़े।

अब वो दिनभर Netflix देखता, किताबें पढ़ता, और लोगों को कहता —

“मैं Lazy नहीं हूँ, मैं Free हूँ।”



पाँचवाँ अध्याय: “Lazy Billionaire” की पहचान

कुछ सालों में विवेक की कंपनी एक डिजिटल एम्पायर बन गई।
वो रियल एस्टेट, स्टॉक्स और ऐप्स में निवेश करने लगा।
उसके नाम पर चार कंपनियाँ और 200+ कर्मचारी काम करते थे,
पर वो अब भी उसी सोफे पर बैठा कॉफी पीता दिखता था।

जब एक न्यूज़ चैनल ने इंटरव्यू लिया, तो रिपोर्टर ने पूछा

“आपको लोग ‘Lazy Billionaire’ क्यों कहते हैं?”
विवेक मुस्कुराया और बोला —
“क्योंकि मैंने सीखा है कि असली काम वो नहीं जो शरीर से होता है,
बल्कि वो है जो दिमाग से सिस्टम बनाता है।”


छठा अध्याय: असली सबक

विवेक ने अपनी आत्मकथा में लिखा —

“अगर तुम हर चीज़ खुद करना चाहोगे, तो तुम मजदूर बनोगे।
अगर तुम दूसरों से काम लेना सीखोगे, तो मालिक बनोगे।
और अगर तुम सिस्टम बनाना सीख गए, तो तुम अरबपति बनोगे।”


💡 सीख

“Lazy Billionaire” की सोच सिखाती है कि —

मेहनत ज़रूरी है, लेकिन दिशा उससे ज़्यादा ज़रूरी है।

हर काम खुद करने से बेहतर है कि सिस्टम बनाओ।

असली सफलता स्मार्ट वर्क + टीमवर्क + टाइम मैनेजमेंट में है।

rajukumarchaudhary502010