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New bites

good morning 🌅

nikitavinzuda6548

🫶🍁🫶

devakidevjeetsingh0819

मीठी मीठी बातों से दिल जीतकर
लोग ज़िंदगी उजाड़ देते है..
💔💯🥺

narayanmahajan.307843

जय श्री कृष्ण

naranjijadeja7114

डाॅ.विजय प्रताप शाही को "आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय- रायबरेली" द्वारा "विद्या वाचस्पति मानद उपाधि " दिया गया -

११.०४.२०२६
गोरखपुर में आचार्य कुल के दो दिवसीय (१०-११ अप्रैल ) आयोजन के समापन के बाद गोरखपुर में सरल सहज व्यक्तित्व/वरिष्ठ कवि साहित्यकार डा. विजय प्रताप शाही जी आवास पर जाने का अवसर मिला।
जहाँ उन्हें "आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय- रायबरेली" द्वारा "विद्या वाचस्पति मानद उपाधि " एवं "दिव्य गंगा सेवा मिशन- हरिद्वार" द्वारा "गंगा सेवी सम्मान" प्रदान किया गया। इस अवसर पर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति शिवनाथ सिंह "शिव" जी व कुलाधिपति आ इन्द्र बहादुर सिंह जी स्वयं, दी ग्राम टूडे के संस्थापक/संपादक आदरणीय शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी, वरिष्ठ साहित्यकार/धर्मावलंबी आ. नंदलाल मणि त्रिपाठी 'पीतांबर' जी, आ देव दीप के संस्थापक आ. दिनेश गोरखपुरी जी, आ. ईश्वर चन्द्र विद्या वाचस्पति जी आ. मुक्तिनाथ त्रिपाठी जी आदि ज्येष्ठ श्रेष्ठ मनीषियों का सानिध्य आल्हादित करने वाला रहा।
उक्त अवसर पर आ. शाही जी ने अपनी भक्ति रचना "श्री हनुमंत प्रकाश " की एक - एक प्रति सभी भेंट स्वरूप प्रदान कर गौरवान्वित किया।
इस विशेष अवसर का साक्षी बनने और एक साथ इतने वरिष्ठ जनों का सानिध्य, स्नेह आशीर्वाद मेरे लिए भी अविस्मरणीय है।
आ. शाही जी को उनकी उपलब्धियों/सम्मान के लिए बधाइयां शुभकामनाओं के स्वस्थ सानंद और दीर्घायु जीवन की कामना के साथ सभी उपस्थित विभूतियों को नमन वंदन प्रणाम ।

vijaypshahi

Book review: शंभू बावनी
_______________________
छत्रपती संभाजी महाराजांवर मराठी भाषेत लिहिल्या गेलेलं काव्य तसं पाहिलं तर कमी प्रमाणात आहे. मात्र ओंकार पांडव यांनी हे कार्य उत्तमरित्या पेललं आहे. ह्या पुस्तकाचे नाव सार्थ ठरवत हे पुस्तक आपल्यासमोर श्री शंभूराजांची शौर्य गाथा काव्य रूपात मांडते. लेखकांनी ही रचना करताना शिवकालीन कवी भूषण ह्यांच्या छंदांची शैली वापरली आहे. त्यामुळे आपल्याला शिवकालीन काव्याचा भास होतो. अनेक श्लोक हे मराठीसह हिंदी भाषेत आहेत.

शंभूराजांचे पराक्रम, मुघल सत्तेला वाटणारी त्यांची भीती हे अत्यंत गीतमय पद्धतीने इथे मांडलेले आहे. ह्यातील वीररसाचा उत्तम वापर ही आणखी एक जमेची बाजू. ही शंभूगीते जर नव्या पिढीने आत्मसात केलीत तर शंभूराजांची कीर्ती आणखी दूर पसरेल ह्यात शंका नाही. शिवकालीन भाषा समजणे सामान्य लोकांना अवघड जाऊ शकते हे लक्षात घेऊन प्रत्येक श्लोकाचा मराठी अर्थ आणि भाव-विशेष मांडलेले आहेत. त्यामुळे पुस्तक अधिक वाचनीय होते.

पुस्तकातील भोसले कुल-वर्णन काव्य, छत्रपती शिवाजी महाराजांवर रचलेले “शिवराज अष्टक” अश्या इतर रचनांमुळे हे पुस्तक परिपूर्ण झालेले आहे. तेव्हा छत्रपती संभाजी महाराजांचे गुण-दर्शन करणारे हे पुस्तक नक्की वाचावे आणि संग्रही ठेवावे असे आहे.

लेखक: बाजी (ओंकार) पांडव
Insta: @baaji.pandav_writes
प्रकाशक: मुलुखगिरी प्रकाशन

mandarkulkarni

"श्री हनुमंत प्रकाश" से -

वंदउँ बारम्बार, गुरु पद पारस मनहिं मन ।
करहिं जगत उजियार, हे सत साधक सहज बढ़ि ।।

वंदउँ बारम्बार, श्री गणेश विघ्नेश अब ।
करहिं नमन् स्वीकार, आदि पूज्य प्रथमेश पुनि ।।

वंदउँ बारम्बार, विमला विद्या महाश्रया ।
विपुल ज्ञान भण्डार, जिन कर पावहिं मूढ़मति ।।

वंदउँ बारम्बार, गौरी शंकर सरस मुख ।
आदि शक्ति ओंकार, सकल सृष्टि आधार जेहि ।।

वंदउँ बारम्बार, अतुल युगल छवि धारि हिय ।
सत्य धर्म अवतार, सियाराम सुख धाम जेहि ।।

बंदउ बारंबार अब, चतुर सुवीर सुजान ।
पवन पुत्र अंजनी सुत, रामदूत हनुमान ।। (01)

हे हनुमंत बीर बलवंता ।
दानव दलन संत रिपुहंता ।।
मंगल मूर्ति महा बलवाना ।
संकट मोचन कृपानिधाना ।।
अंजनि पुत्र केसरी लाला ।
शंकर सुअन शुभंकर बाला ।।
महावीर बजरंगी वीरा ।
वायुपुत्र कपि शैल शरीरा ।।
हे रुद्रांश लोक हितकारी ।
राम सहाय धर्म ध्वज धारी ।।
रामदूत सियसुत कपिनायक ।
धर्म धुरंधर धर्म सहायक ।।
हे दुखभंजन हे जगबंदन ।
हे कपिचंदन मारुतिनंदन ।।
हे रणबीरा हे मतिधीरा ।
हरहुँ नाथ जन जन की पीरा ।।

करहुँ निवेदन नाथ पुनि, चंदन चरण पखारि ।
धरहिं विराजहिं पवन सुत, पुनः धर्म ध्वज धारि ।। (02)

स्वरचित
@ सर्वाधिकार सुरक्षित – डाॅ.विजय प्रताप शाही

vijaypshahi

Ice Cream 1 Horror Game Story In Hindi Comming Soon By Speedy Gamer

vihanbakshi008153

કહેવાય છે ને કે સંઘરેલો સરપ પણ કામ આવે એમ અમારા ઘરમાં આઝાદી સમયનુ પણ ઘણુય સંઘરેલુ જોવા મળે. વરસમા ૨ વાર ધુહ-જારા ટાઈમે કાઢી,સાફ સફાઈ કરી પાછુ ઠેકાણે મુકી દેવાનુ એ આશાથી કે કયારેક કામ આવશે. એમાનો આ સિકકો બ્રિટિશ ઇન્ડિયા વન પાઈસ તાંબાનો સિક્કો છે જે ૧૯૪૩ અને ૧૯૪૭ ની વચ્ચે બનાવવામાં આવ્યો હતો.આ સિક્કાના મધ્યમાં એક વિશિષ્ટ છિદ્ર છે, જે યુદ્ધ દરમિયાન ધાતુ બચાવવા માટે રચાયેલ છે. આ એક રૂપિયાના ૧/૬૪મા ભાગ અથવા એક અન્નાનો ૧/૪ ભાગ બરાબર હતું.આ સિક્કાઓ ક્યારેક જ્યોતિષશાસ્ત્રમાં અથવા તેમના ઐતિહાસિક મહત્વને કારણે ઘરેણાંના પેન્ડન્ટ તરીકે ઉપયોગમાં લેવાય છે. ખુબ નસીબદાર સમજુ છુ હુ મારી કે મારા દાદા-પરદાદાની વીરાસત જોઈ-જાણી તથા આપણા અમુલ્ય વારસાને માણી શકુ છુ.

jeniagravatgmailcom

निगाहों के सहारे जो मन में उतरे उस एहसास का नाम बारिश है कुछ घाटाये क्या उतरी जमी पर सारा जहां जैसे खूबसूरती के नए रंगों में सज गया

himanidave555935

कविता
नारी तेरी यही कहानी,
आँचल में दूध और आँखों में पानी।
पर यह तो हुई बात पुरानी,
बदल गया समय, बदल गई नारी।
शिक्षा में वह अव्वल आए,
आसमान में ऊँची उड़ती जाए।
भारत के निर्माण कार्य में,
जीवन-शक्ति बन बहती जाए।
जात-पात सब पीछे छूटी,
अब सबको मिलता है सम्मान।
जो नारी पहले पिछड़ी थी,
आज बढ़ा रही देश की शान।
घर की नींव है हर एक बेटी,
भ्रूण हत्या फिर क्यों कराएँ?
जिसे बेटी नहीं अपनानी,
वह पहले अपनी सोच बदलाए।
संदेश:
"बेटी बचाएँ, बेटी पढ़ाएँ। नारी का सम्मान करें, क्योंकि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं सुख, समृद्धि और सफलता का वास होता है।"
कवयित्री शालिनी गौतम

shalinigautam080427

सुभाषितम्।
उद्यम:साहसं धैर्यं बुद्धि: शक्ति: पराक्रम:।
षडेते यत्र वर्तन्ते तत्र देव: सहायकृत् ।।

ભાવાર્થ:-
મહેનત, સાહસ, ધૈર્ય ,બુદ્ધિ ,શક્તિ અને પરાક્રમ આ છ ગુણો જ્યાં હોય છે ત્યાં દેવ સહાય કરે છે.
જીવનમાં સફળતા મેળવવા માટે આ છ ગુણો જરૂરી છે અને જેની પાસે આ છ ગુણ છે તેને જ ભાગ્ય અને દેવ સહાયતા ફરે છે.
🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹

drbhattdamayntih1903

मारा प्रेमनो अहेसास

ज्यारे पवन तारा चेहराने अडके,
ने आभथी चोमासूँ हेते वरसे,
तूँ एकलो वरसादमाँ भींजातो होय,
हूँ छतरी लैने तारी पासे दोडी आवीश।

एकाद टीपाँ चेहरा पर रहेवा देजे,
एमाँ पण प्रेमनी मीठो अहेशास हशे।
मारी साथे चालतो दरेक रस्तो,
जीवनभरनी सुंदर याद बनी रहशे।

एक ज छतरी नीचे ज्यारे मलीशूँ,
वरसादने पण हसताँ हसताँ जीवी लैशूँ।
तूँ काईं न बोले, आँखो बद्धूँ कही देशे,
मौन पण प्रेमनूँ गीत बनी रहशे।

भीना रास्ताओ पर पगला पड़शे,
यादोना फूल त्याँ खिलताँ रहशे।
समय भले केटली झडपे पसार थाय,
आ पळो हमेशा हૈયामाँ जीवती रहशे।

ज्यारे दिवस तने थोड़ो थकवी नाखे,
के कोई वात मनने चूप करी नाखे,
हूँ शब्दो वगर तारी बाजुए रहीश,
एक स्मितथी तारो बद्धो भार हलको करी दईश।

heenagopiyani.493689

मैं और मेरे अल्फ़ाज़💗

anitasorte6489gmail.com190157

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skptech

મારી નવી વાર્તા આવી ગઈ છે તો જરૂરથી જરૂર વાંચજો ખૂબ જ આભાર તમારો..... ઝાપટું.... છે મારી વાર્તાનું નામ..

saturavaliya827405

એડજસ્ટ એવરીવ્હેર' આ વાક્ય તમારો સંસાર 'ટોપ' ઉપર લઈ જશે. વ્યવહારમાંય 'ટોપ' ઉપર ગયા સિવાય કોઈ મોક્ષે ગયેલો નહીં. વ્યવહાર તમને ના છોડે, ગૂંચવ ગૂંચવ કરે તો તમે શું કરો? માટે વ્યવહારનો ફટાફટ ઉકેલ લાવો. - દાદા ભગવાન

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dadabhagwan1150

“समुंदर ….”

समुंदर की गहराई सबने देखी,  
किसी ने नहीं देखा समुंदर को।  
समुंदर का खुद को छुपाना,  
दुनिया से अपना सच छुपाना।

सबने देखा लहराता पानी,  
किसी ने नहीं सुनी उसकी अनकही कहानी।  
सबने गिनी उसकी लहरें,  
किसी ने नहीं गिने उसके ज़ख्म।

कभी सोचा है,  
समुंदर ने खुद को खाली क्यों नहीं रखा?  
हमेशा क्यों ओढ़े रखा पानी की चादर को ?

क्योंकि समुंदर नहीं चाहता था  
सरल भाव से दिखना सबको।  
वो चाहता था कुछ सिखाना।

कि वो अकेला नहीं है,  
उससे कई नदियाँ जुड़ी हैं।  
वो सबको अपने में समा लेता है,  
पर खुद कहीं नहीं समाता।  
अगर नदी उसकी गहराई देख ले,  
तो सहम जाएगी मासूम बच्चे सी।  
फिर कभी नहीं मुड़ेगी समुंदर की तरफ।

बेशक समुंदर अपने भीतर  
कई तूफान लिए फिरता है।  
शोर बाहर करता है,  
ताकि अंदर का सन्नाटा कोई न सुन ले।

अगर नन्हे बादलों ने तूफान देख लिए होते,  
तो कभी न आते वो समुंदर से उसके आँसू लेने।  
न गिरती फिर कोई बूंद जमीन पर,  
न खिलता फिर कोई पौधा कहीं पर।  
न बहती कोई नदी,  
न जीता कोई इंसान।

इसीलिए समुंदर चुप है,  
इसीलिए दुनिया ज़िंदा है।  
क्योंकि कुछ गहराइयाँ दिखाई नहीं जातीं,  
जि जाती हैं।
प्राची गुर्जर …..

prachitanwar111

A stunning Indian woman in her late 20s to early 30s, ultra-photorealistic 8K RAW DSLR portrait, exact face and identity preserved 100% from reference image (do not alter facial features, bone structure, eye shape, nose, lips, skin tone, or expression), flawless natural skin with visible pores and subtle texture, warm glowing complexion, soft natural makeup with rosy cheeks, defined eyebrows, long voluminous wavy dark brown-black hair cascading over one shoulder, radiant genuine smile showing perfect white teeth, confident playful expression, head slightly tilted, looking towards the right side of frame.

She is wearing an elegant black lace peplum halter top with intricate floral embroidery and delicate beadwork, deep plunging V-neckline with gold metallic clasp accent, midriff cutout exposing toned waist, scalloped lace edges, flared peplum hem, paired with black fitted pants. Left hand gracefully raised to her hair, fingers gently running through strands, right hand resting by her side. Gold-tone chunky chain-link watch on left wrist, delicate diamond tennis bracelet on right wrist, subtle rings.

**Lighting & Atmosphere:** Soft warm indoor lighting,

golden rim light highlighting hair and shoulders, gentle side lighting from left creating flattering contours, subtle fill light, creamy bokeh background, elegant luxurious interior with blurred lamp and curtains.

**Camera & Technical:** Shot on Sony A7R IV, 85mm f/

1.8 lens, shallow depth of field, cinematic color grading, natural skin tones, high dynamic range, sharp detail on lace texture and fabric sheen, film grain, masterpiece, best quality, photorealistic, 8K UHD.

**Negative prompt:** deformed, ugly, blurry, low quality,

cartoon, painting, over-saturated, plastic skin, barbie doll, extra limbs, bad anatomy, watermark, text, overexposed, underexposed, harsh shadows, distorted proportions, altered face, celebrity fusion, different ethnicity.

#pictureoftheday #NanoBanana #FIFA #PromptEngineering #aiphotography

rajukumarchaudhary502010

New poem

vanshsingh118873

🌨️पावसाळी हवा खाउया काहीतरी गरम खमंग .
.तोंडाला चव आणेल असे 🌨️

...🟡.." डाळीचे खमंग वडे.."🟡
..
🟡साहित्य :
एक वाटी हरभऱ्याची डाळ
अर्धी वाटी डाळी चे पीठ ,
कांदा,हिरवी मिरची, हळद
कढीलिंब,कोथिंबीर,
लाल मिरची तीन चार
थोडी बडीशेप
तेल,
चवीनुसार मीठ...
.
🟡कृती :-हरभऱ्याची डाळ चांगली स्वच्छ धुऊन घ्या व चार तास भिजवून ठेवा .
नंतर एखाद्या चाळणीमध्ये डाळ काढून सर्व पाणी काढून टाका .
यातील थोडी डाळ वेगळी काढून ठेवा
आता डाळ मिक्सर मध्ये थोडी जाडसर वाटा.

🟡आता एका पातेल्यात वाटलेले मिश्रण घ्या , त्यात डाळीचे पीठ , कांदा , लाल मिर्चीचे तुकडे, हळद , कढीलिंब , कोथिंबीर आणि मीठ बडीशेप टाकून मिश्रण चांगले एकजीव करा .
यातच वेगळी काढून ठेवलेली अख्खी डाळ मिसळा

🟡कढईत तेल गरम करायला ठेवा . दरम्यान तयार मिश्रणाचे लहान भाग घेऊन हातांच्या मदतीने मध्यभागी जरा दाब देऊन गोल आकार द्या .
तेल चांगले गरम झाले की तयार वडा अलगद तेलात सोडा .
वड्याचा रंग सोनेरी , चुरकुरीत झालाकी त्याला पालटून दुसरी बाजू सुद्धा तळून घ्या .
अश्याच पद्धतीने सर्व वडे तळून तयार करा

🟡आवडीच्या चटणी अथवा सॉस सोबत खायला घ्या

jayvrishaligmailcom

आऊंगी..., सजल विधा

प्रातःकाल कोयल की कुकू सूनकर ,
तुम्हें पुराने कूप पर मिलने आऊंगी |

जंगली पुष्पों को श्वासों में भरकर ,
तुम्हें शूल, कंकर पर ढूढंने आऊंगी |

बहते झरनों का मीठा जल पी कर ,
तुम्हें नदी संग स्पर्श करने आऊंगी |

ठोस गड़रिए मन में नर्म स्नेह लेकर ,
तुम्हें दुपहरी धूप में छांव देने आऊंगी |

हरे मैदानों में भेड़-बकरियां चरा कर ,
तुम्हें आभ तले चाय पिलाने आऊंगी |

गरमा-गरम बाजरे की रोटी बनाकर ,
तुम्हें घी, गुड़ के साथ खिलाने आऊंगी |

देहाती डगर, बाट पर निरंतर चलकर ,
तुम्हें पहाड़ी गीत सुनाने शीघ्र आऊंगी |

हां.., एक दिन हृदय प्रेयसी बनकर ,
तुम पर पूर्ण न्यौछावर करने आऊंगी ||

-© शेखर खराड़ी

तिथि-१०/७/२०२६

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