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आज फिर वक़्त निकला था मेरे ख्वाहिश पूरे करने की, फिर अचानक ज़िम्मेदारी आड़े आ गई।

bashala4gmail.com104839

.... जहां पर मन का मिलन होता है,

वहा पर ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं होती।
😊
१८_१९.

grahul.105011

થાય તકરાર તો માફ કરી દેજો

shaileshjoshi0106gma

वोट से नेता नहीं देश बनता है (नुक्कड़-नाटक)



भारत का एक सुदूर गाँव| खेत के किनारे चार ग्रामीण भरी दुपहरी में एक विशाल नीम के वृक्ष की छाया में बैठे आपस में बात कर रहे| तभी गाँव के विद्यालय के मास्टर अपनी साइकिल से वहां पहुँचते हैं और साइकिल किनारे लगाकर अपने गमछे से मुंह पोछते हुए उनके पास बैठ जाते हैं|

वाचक बोलता है

“भरी दुपहरी खेत किनारे चार जने नीम तले सुस्तावत हैं, मुंह पोछ्त गमछा से मास्टरजी उनके नेरे बैठत है|”

मास्टरजी पूछिन – “का हो बंधो, अबकी बिरिया कहिका जोर लागति है|” (मास्टर बोलते हैं)

रज्जू कहिन –

“अरे मास्टर कोनौ जीते हम सब तो बस बतवईबे, जो जितिहे आपन जितिहे हमका का दई जईहें,

उई हमका का दई जईहें” (रज्जू बोलते हैं)

मुन्ना कहिन-

“मानौ हमरे चाचा बने सांसद तौ हवाईजहाज पर उड़ीहैं, अत्ता ऊपर उड़ने वाले हमका का पहिचनीहैं,

गाँव देहात सब छोड़छाड़ कर दिल्ली मां रहि जईहें, उई हमका का दई जईहें,

उई हमका का दई जईहें” (मुन्ना बोलते हैं)

बल्लू कहिन-

“मामा हमरे बने सांसद पैसा खूब कमाईहें, बड़े अमीरों बहुबलियों के पिछलग्गू बन जईहें,

सब मिलकर बस हम जईसन का सोषण करते जईहें, उई हमका का दई जईहें,

उई हमका का दई जईहें” (बल्लू बोलते हैं)



कक्कू कहिन-

“बहुतेरे देखे नेता यूँ आने जाने वाले, वोटों के मौसम में बनते हम सबके रखवाले,

वोट लूटकर भाग जात सब केवल धोखा दईहें, आपन रोटी खुदऐ कमावेक उई हमका न दई जईहें,

उई हमका का दई जईहें” (कक्कू बोलते हैं)

सबका सुनिके मास्टर बोले-

“बात सही सब आप कहत हो, पर बखत बदलने वाला है,

सदियों के अधियारों को परकास निगलने वाला है,

हम भी बदलें तुम भी बदलो देश तभी तो बदलेगा,

भारत माता का परचम सारी दुनिया में फेहरेगा,

क्यों डालत हो वोट तुम जात-धरम के नाम पर,

चकाचौंध फ़िल्मी दुनिया या खेलकूद को मानकर,

खुद देखो सोंचो और समझो कौन तुम्हारे काम का,

रक्खे ध्यान सदा तुम्हारी रोटी और सम्मान का,

रोज़गार पढना लिखना जो बच्चों का करवाएगा,

वही हमारा नेता है आशीष देश का पायेगा,

कसम हमें है भारत मां की मत सबसे डलवायेंगे,

नेता क्या हम वोट से अपने देश का भाग्य बनायेंगे” (मास्टर बोलते हैं)



सारे एक साथ बोलते हैं

“कसम हमें है भारत मां की मत सबसे डलवायेंगे

नेता क्या हम वोट से अपने देश का भाग्य बनायेंगे”

“वोट से नेता नहीं देश बनता है”

“वोट से नेता नहीं देश बनता है”



स्वरचित- अर्जित मिश्र

सीतापुर, उत्तर प्रदेश

मो. 9473808236

उपरोक्त नुक्कड़ नाटक का शहरों, कस्बो, गाँवों में मंचन कर मतदान के प्रति जागरूक करने का निश्चय है| आप सबके आशीर्वाद से ये छोटा सा प्रयास सफल होगा|

arjitmishra5675

તમને એવી ખબર પડે કે તમારી પાસે જીવવા માટે હવે એક જ મહિનો છે, તો એ ૩૦ દિવસમાં તમે કઈ ઈચ્છાઓ પૂરી કરો?
(મારો જવાબ: હું એ મહિનો ટુંકો કેવી રીતે થાય અને ઝડપથી જતા રહેવાય તે એક જ કામ કરું)
તમે શું કરો?

mayurchaudhary942gmail.co

ફરે છે.

તું જ છે વિશ્વાસ સાથે દ્વાર ખોલી ને ઠરે છે.
કેટલી આશા અહીં, ખોટી પડી બોલી ડરે છે.

સાવ સ્હેલું કામ સોંપેલું છતાં પૂર્ણ થતું નહિ
લોક નિંદા સાંભળીને એ નકામો ત્યાં મરે છે.

શ્વાસ લઈને દોડવાનું જિંદગીએ શિખવાડ્યું,
ધ્યેય નક્કી છે નિશાની ખાસ મૂકીને ફરે છે.

જાણકારી મેળવીને લાભ ઉઠાવ્યો ઘણોયે,
જોઈ બરબાદી એ પશ્ચાતાપથી રડતો ભરે છે.

આંખ પરથી ઓળખી જાણી ગયા મન, એટલે તો,
ભેદ ભંડારી દે ભીતર બોલતાં, આવ્યાં ઘરે છે.

આઈનામાં કેશ પરનો રંગ જોઈ ને મનોમન,
એ ક્ષણે ત્યાં યાદ પ્રિતમને કરી આહે ભરે છે.

કેમ એકલતા ઘણી ડંખી રહીં સમજાય જાતાં,
વેદના ત્યાં આપમેળે ગાલ પરથી જો સરે છે.©

ગાલગાગા ગાલગાગા ગાલગાગા ગાલગાગા

કાજલ
કિરણ પિયુષ શાહ
૦૭/૦૩/૨૦૨૪

kirankajal

हर एक का किरदार किसी न किसी
के कहानी में बुरा होता है।
असलियत में हम , " वो" जो चाहते है ,
उसके जैसे न बन पाए ,
तो हम उनसे अलग होकर बर्ताव किए जाते है ।
या वो हमसे।😊

grahul.105011

...

grahul.105011

पेगासस कथा करी, मोहबत आई फोन,

अडानी अमानी शोर सियासत सेफ जोन

दिवानगी यू जता कर चल दिए हंसाकर

लब्ज ही नासमझ थे गाफिल,बस दगाकर

चकरा हुये, हम कभी वाह री संजय सिंह

भरी दुपहरी मफलरी, पानी बिजुरी खींच

मलंग सा रूप सजाया, गाफिल करया नेक

सिर धुनया चकराया मिले कारीगर बस टेक

वाह री जात हुकारचंद, मसाज जन्त्री पदड़पंच

क्या बात भारत जोरी न्याव जात्रा मुहबतमारी गप

लाठी जोरी हाथ में पर कुत्ता कटवाय

जोबन झोल परीचित रे, हाथु हाथ बताय

कौण छुटये गुरू पकरे, खूब रचाया सांग

बात मासरे सु सब खपे, कुनबा परगी भांग

भारत भाई राघवा, विटठल सबोन सरदार

मोहु का विश्राम प्रभु राम राज्य सिरो धार

jugalkishoresharma

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