Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

मेरे दोस्त…..

कितने दोस्त हैं तुम्हारे?  
हाँ दोस्त... दोस्ती सबको पसंद है...  
मुझे भी है।  

पर मेरी दोस्ती मतलबी लोगों से नहीं।  
मेरी दोस्ती है अंधेरों से 
जो मुझे उजालों तक ले जाने के क़ाबिल बना रहे हैं।  
जो गिराते हैं, ताकि उठना सिखा सकें।  
जो डराते हैं, ताकि हिम्मत पहचान सकूँ।

मुझे बैठना पसंद है अपनी ख़ामोशी के साथ  
वो मेरी पक्की सहेली है।  
क्योंकि वो शोर नहीं करती, सिर्फ़ सुनती है...  
मेरे एहसास, मेरे आँसू, मेरी वो बातें  
जो लफ़्ज़ों से कहने लायक़ नहीं।  
वो डाँटती नहीं, बस समझती है।

मैं रोज़ अपने ख़ास दोस्त 'अकेलेपन' के साथ बैठकर खाना खाती हूँ।  
वो हर निवाले पर मुझे रिश्तों की अहमियत समझाता है।  
बताता है कि भीड़ में भी इंसान कितना तन्हा हो सकता है,  
और तन्हाई में भी कोई कैसे तुम्हारा अपना बन जाता है।

मेरे दोस्तों का कोई रूप नहीं, कोई रंग नहीं...  
अदृश्य हैं वो सब।  
पर रहते हैं मेरे अंदर, मेरी साँसों में, मेरी रग-रग में।  
हर क़दम पर मुझे संभालते हैं,  
जब दुनिया धक्का देती है, तो यही मुझे थाम लेते हैं।

लोग पूछते हैं, "तुम अकेली क्यों रहती हो?"  
मैं हँस कर कहती हूँ, "अकेली कहाँ... मेरे साथ मेरी पूरी महफ़िल है।"  

मेरा दर्द मेरा दोस्त है…..जो मुझे मज़बूत बनाता है।  
मेरी रातें मेरी दोस्त हैं …..जो मुझे सपने बुनना सिखाती हैं।  
मेरा सब्र मेरा दोस्त है …..जो मुझे टूट कर बिखरने नहीं देता।  

और हाँ,  
जब सब छोड़ जाएँ,  
तो यही अदृश्य दोस्त कंधे पर हाथ रख कर कहते हैं….
"चल... अभी सफ़र बाक़ी है। हम हैं ना तेरे साथ।"  

तो मेरी दोस्ती आम नहीं...  
वो ख़ास है, बेमिसाल है।  
क्योंकि मेरे दोस्त दिखते नहीं,  
पर ज़िंदगी के हर मोड़ पर मिल जाते हैं।
प्राची गुर्जर …..

prachitanwar111

📖 मजदूर का सपना: मेरी पत्नी IAS बनेगी

rajukumarchaudhary502010

ઝલક તારી મળે જો એક આ આંખને જોવા
મળે ટાઢક આંખોને જીગરને હાશ થઈ જાશે.
હજી ગઈ કાલ સુધી તો જેને કદી જોયા પણ નોતા
ખબર નોતી હૃદયમા ઉતરીને આજ એ ખાસ થઈ જાશે.

amirali3796

ख़ामोश जवाब……

ज़रूरी नहीं हर सवाल का जवाब हो...  
कोई जवाब न होना भी जवाब हो सकता है।

और अगर तुम पूछो कि "कहाँ तक जाना है?"
तो मैं फिर चुप हो जाऊँगी।  
क्योंकि कुछ मंज़िलों के नाम नहीं होते,  
बस एक एहसास होता है 
कि रुकना नहीं है।

मैंने सपनों को अब ताले में नहीं रखा,  
ना दीवारों पर टाँगा है।  
मैंने उन्हें अपनी थकान में बोया है,  
अपनी नींद में सींचा है।  
वो अब दिखते नहीं,  
पर उगते ज़रूर हैं 
हर उस सुबह में,  
जब मैं गिर कर भी उठ जाती हूँ।

लोग कहते हैं “बड़ा सोचो",
मैं कहती हूँ "सच्चा सोचो"  
क्योंकि बड़े सपने अक्सर दुनिया के लिए होते हैं,  
और सच्चे सपने... सिर्फ़ अपने लिए।

तो मेरा जवाब यही है   
कि मैं जवाब नहीं दूँगी।  
मैं बस चलती रहूँगी,  
उस रास्ते पर जो अनजान है,  
उन पैरों से जो थके हैं,  
उस उम्मीद से जो ज़िद्दी है।

एक दिन जब पहुँच जाऊँगी,  
तो तुम ख़ुद देख लेना...  
मेरी ख़ामोशी क्या कह रही थी।

क्योंकि कुछ कहानियाँ  
सुनाई नहीं जातीं,  
वो एक रोज़ सब को ख़ुद सुन जाती है ।
प्राची गुर्जर …..

prachitanwar111

उम्मीदें…..

मेरी कई उम्मीदें थीं 
दोस्तों से, अपनों से, खुद के सपनों से...  
कभी बेफिक्र होकर, बिना सोच-विचार,  
मैं उन उम्मीदों के पीछे भागा करती थी।  
न परवाह थी लोगों की, न समाज की, न किसी तंज की...  
बस इतना मालूम था कि "जो होगा, देखा जाएगा"।

फिर वक़्त ने आँखें खोलीं।  
कुछ सपने गिरे, कुछ अपने बिखरे,  
कुछ दोस्तों ने रास्ते बदले, कुछ मैंने।  
जिन बातों पर हँसा करती थी, उन्हीं बातों ने रुलाया।  
जिस "देखा जाएगा" पर ऐतबार था,  
उसने ही आईना दिखाया।

और अब जब देखने की बारी आई,  
जो हुआ उससे... अब मैं बहुत फ़िक्र करती हूँ।  
न जाने, न चाहते हुए भी,  
मुझे परवाह रहती है लोगों की, समाज की, और हर एक तंज की।  
मुझे अब मालूम है बेपरवाह होने की कीमत
वो हँसी से नहीं, नींदों से चुकाई जाती है।

अब हर कदम से पहले, करती हूँ मैं बहुत सोच-विचार।  
न जाने अब उम्मीदें चल पड़ी हैं किसी अलग दिशा में 
जो मेरी नज़रों से ओझल है,  
और अब मैं उनके पीछे भाग रही हूँ,  
थके हुए पैरों से, पर ज़िद्दी हौसलों के साथ।  

मैं अब भी भागती हूँ,  
बस अब गिरने से डरती हूँ।  
पहले उड़ती थी, अब संभल-संभल कर चलती हूँ।

शायद बड़े होना यही है   
कि सपने वही रहते हैं,  
बस उन तक पहुँचने के रास्ते बदल जाते हैं।  
और हम, उन रास्तों पर चलते-चलते,  
खुद को थोड़ा-थोड़ा खो कर,  
फिर से पा लेते हैं।

और शायद उम्मीदें भागती नहीं,  
हमारे साथ बड़ी हो जाती हैं।  
बचपन में दौड़ती थीं, अब साथ चलती हैं,  
हाथ थामे, धीरे-धीरे... पर रुकती नहीं।
प्राची गुर्जर…..

prachitanwar111

इंसान जब समझदार होता है
तो सबसे पहले दिखावा छोड़ता है

ganeshkumar6818

विस्तार और समृद्धि का अंक :३
---------------------------
विस्तार का अर्थ है फैलाव, यह विस्तार कैसे होता है, यानी आप का विस्तार क्या है? आपका ज्ञान, आपका कुटुंब(पत्नी और बच्चे सहित), आपकी कीर्ति ,आपकी प्रतिष्ठा, आप का शिक्षण, आपका धन और वैभव ,आप का आत्मिक उद्धार । यह विस्तार आप के शरीर के मेद और वजन का भी हो सकता है, यदि आप शिक्षक है तो आप अपने शिष्यों द्वारा आने वाले समाज और पीढ़ी का विस्तार और विकास करते है।
अंक ३ का स्वामी गुरु है और सभी कारक जो ऊपर कहे गए है वह गुरु से संबंधित है।
जब अंक ३ की पुनरावृत्ति होती है ३३३ होने पर पारिवारिक समस्याएं, जल्दी से धन और प्रतिष्ठा की इच्छा यह सब बढ़ सकता है। ३३ आध्यात्मिक उन्नति देता है, यह कुछ सौम्य है। यह कॉम्बिनेशन सेफेरियल ग्रिड से देखा जाता है।

yashibc123gmail.com135615

શુદ્ધ જ્ઞાનથી મોક્ષ, સદ્જ્ઞાનથી સુખ ને વિપરીત જ્ઞાનથી દુઃખ. - દાદા ભગવાન

વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/vRtj554M

#quoteoftheday #quotes #spirituality #spiritualquotes #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

🌱हळदीच्या पानातील पानगी 🌱

🌱पानगी हा प्रकार केळी अथवा कर्दळीच्या पानांवर सुद्धा केला जातो
प्रत्येकाची आणि प्रत्येक ठिकाणी केली जाणारी पानगी वेगळी असते
ही पानगी मी हळदीच्या पानात केली आहेत
घरच्या बागेत भरपूर हळदीची पाने आहेत
उकडणे वाफवणे यासाठी ती भरपूर प्रमाणात वापरली जातात

🌱कधी कधी एखाद्या रस भाजीत सुद्धा य पानाचे एक दोन तुकडे मी टाकते
छान स्वाद येतो 😊

🌱हळद जंतुनाशक असते
शिवाय त्या पानांचा सुगंध आणि त्यामुळे पदार्थाला येणारा स्वाद अप्रतिम असतो
सगळे घर या खमंग सुगंधाने दरवळून जाते
अगदी बाहेर पर्यंत वास पसरतो

🌱य पानात मी केलेल्या पानगी साठी
प्रथम एक वाटी तांदूळ पिठीत
थोडेसे ताक, किसलेले आले, मीठ, किंचित हळद, जिरे व मीठ घालून सरसरीत भिजवून ठेवले
पंधरा वीस मिनिटे हे झाकून ठेवले
(ताक ऐच्छिक आहे नुसत्या पाण्यात पण भिजवू शकता)

🌱हळदीची पाने स्वच्छ धुवून पुसून घेतली
त्याचे चौकोनी तुकडे केले
जेणेकरून तव्यावर भाजायला बरे पडेल

🌱तवा गरम करायला ठेवला
पानांवर आतील बाजूला भिजवलेले तांदळाचे पीठ हाताने पसरून लावले
वरती हलकेच बाहेरच्या बाजूने दुसरे पान ठेवून हलकेच दाबले

🌱अशी सर्व पाने तयार केली
तवा कडकडीत तापल्यावर ही पाने ठेवून दोन्ही बाजूने खमंग भाजून घेतली
याला भाजताना तेल अथवा तूप अजिबात लागत नाही

🌱खाली काढून हलकेच दोन्हीकडची पाने काढली
गरम गरम पानगी तूप आणि घरच्या लिंबाच्या लोणचे सोबत खायला घेतली

🌱अतीशय चविष्ट झाली होती 😋
हळदीच्या पानामुळे ही पानगी खमंग आणि सुवासिक झाली होती 😊

jayvrishaligmailcom

कोई मेरी जिंदगी का ख़ूबसूरत पल पूछेगा तो ,
मैं उसे तुमसे मुलाक़ात का किस्सा सुनाऊँगा ।।💕

narayanmahajan.307843

Goodnight 🌃🌉🌌

inkimagination

तुम अकेले तो नहीं पार्ट 1




सच कहते हैं
खतरनाक वह लोग नहीं जो सचमुच में खतरनाक दिखते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक वह लोग होते हैं
जो हम आम इंसानों की तरह रहते हैं
जिस मे उसकी ही टूटन भारी होती है
और उसे जब भी मौका मिलता है
किसी और पर उतरने की कोशिश करता है
अपने दर्द अपने फर्स्टशन को
अपने गमों को समझने की वजह वह अपनी तकलीफों की वजह किसी और को ठहर आता है


वे अपने दर्द को समझने और संभालने के बजाय
वो किसी और को चोट पहुँचाकर हल्का करने लगते हैं
उसका दर्द तब किसी और की तकलीफ बन जाता है


हम किसी टूटे हुए इंसान के लिए सहानुभूति रख सकते हैं
लेकिन उसके उस व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकते

यह नैतिक नहीं है
कोई भी यह नहीं मान सकते कि
वह अपने दर्द की वजह से किसी
और चोट पहुंचा



हां
मैं जानती हूं कि लोग अपने तकलीफों से ऊभर नहीं सकते
पर और साथ में जरूरी यह भी है कि
धीरे-धीरे उसे दर्द को खुद की जिंदगी से निकाल कर दूर फेंकना सीखे


अपने दर्द के लिए अपने आय हुई जिंदगी में दूसरे इंसान को तकलीफ नहीं दे सकते
ऐ कहे के की मुझे भी दर्द हुआ है

दर्द सबको होता है उसे इंसान को भी
जो खुद टूट जाते हैं
पर दूसरों को तकलीफ नहीं देता

इस दुनिया में तुम अकेला विक्टिम नहीं हो
बात को समझो
जिंदगी सचमुच में खूबसूरत है
अपने दर्द से बाहर निकाल कर दुनिया की तरफ देखो

वह पार्टनर जो तुम्हारे प्यार से बातें करने के इंतजार कर रही है
जरा उसकी तरफ देखो
क्या सचमुच में तुम्हें लगता है कि
दुनिया में कहीं भी प्यार नहीं है

abhinisha

Good evening friends... have a nice time

kattupayas.101947

जिंदगी लिख रही है ,कुछ नए गीत चलो गुन गुनाकर देखते हैं । मंजिल मिले या न मिले रास्ता तो आजमाकर देखते हैं।।

authorsahiba

Do you know that in this world, negativity brings suffering and positivity brings happiness? The one whose mind remains constantly positive, truly becomes God.

To know more visit here: https://dbf.adalaj.org/ihyqiCuu

#positive #positivity #selfimprovement #selfhelp #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

पोंगल (तमिळ )हा दक्षिण भारतात मोठ्या उत्साहात साजरा केला जाणारा एक महोत्सव आहे.‘तमिळर् तिरुनाळ्’ म्हणजेच तमिळ भाषिकांचा शुभदिवस म्हणविला जाणारा हा सण जगात जेथे म्हणून तमिळ भाषिक लोक आहेत तेथे तर साजरा होतो.
भारतात प्रामुख्याने तमिळनाडु राज्यात
आणि भारताबाहेर श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापूर, युरोपीय देश, उत्तर अमेरिका, दक्षिण आफ्रिका, मॉरिशस इत्यादी अशा सर्व देशांमध्ये मोठ्या प्रमाणात साजरा केला जातो.

पोंगल सणाच्या दिवशी खारा आणि गोड असा दोन प्रकारचा पोंगल हा पदार्थ केला जातो
तांदूळ, मूग डाळ ,तूप, गूळ, काजू यांचा वापर करून गोड पोंगल तयार करतात.
याला शर्करी पोंगल म्हणतात.
त्याच जोडीने तांदूळ आणि मुगाच्या डाळीची खिचडी शिजविलेले जाते ज्यात काळी मिरी वापरून लाल मिरची आणि कढीलिंब तळलेले काजू याची फोडणी दिली जाते

वेन पोंगल (खारा)

हे एक प्रकारें आपल्या मुग डाळ तांदळाच्या खिचडीचेच भावंडं 🙂
अतिशय चवदार असणारा हा प्रकार एकदा केल्यावर परत परत फर्माईश झाली 🙂

साहित्य
एक वाटी तांदुळ
पाव वाटी मूग डाळ
तूप
थोडी हळद
एक मिरची बारीक तुकडे करून
दोन चमचे आले खिसून
दहा बारा काजु
दोन चमचे काळी मिरी
कढीलिंब
जिरे
हिंग
मीठ चवीनुसार

कृती
तांदुळ धुवून तासभर भिजवून ठेवावे
मूग डाळ तूप टाकून खमंग भाजून घ्यावी
छान वास सुटला की त्यात भिजवलेले तांदुळ घालून
किंचित हळद
(हलकासा रंग येण्या इतपत..)
व चवीनुसार मीठ घालुन
साडे तीन वाट्या पाणी घालून
कुकर मध्ये दोन तीन शिट्या करून मऊसर शिजवून घेणे
तांदुळ आणि मूगडाळ एकजीव झाली पाहिजे

कुकर गार झाल्यावर थोडे पाणी घालून घोटून घेणे
मिश्रण सरसरीत झाले पाहिजे
एका कढल्यात तूप घालून
काजु तळुन घ्यावे व बाजुला ठेवावे
नंतर जीरे हिंग काळी मिरी घालून फोडणी करावी
त्यात किसलेले आले
बारीक चिरलेली मिरची
कढीलिंब घालावा व तो चांगला चुरचुरीत तळुन घ्यावा
ही खमंग फोडणी व तळलेले काजु मिसळून कुकरमधील घोटलेल्या भातावर घालावी
परत लागेल तसे मीठ घालून सर्व एकजीव करून घ्यावे
ही पाककृती अतीशय चविष्ट व तुपाच्या वासामुळे स्वादिष्ट लागते
यासोबत चटणी अथवा सांबार खाण्याचा प्रघात आहे
मी सोबत आंब्याचे लोणचे घेतले आहे

jayvrishaligmailcom

जहाँ में हर बंदे को सबसे
पहले इंसान होना चाहिए
उसके पास कुछ हो ना हो
मगर ईमान होना चाहिए

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

कविता
मैं सब जानती हूं


मैं सब जानती हूं
और मान भी चुकी हूं

फिर भी तकलीफ हो रही है
इस बात से नहीं की मुझे अब भी किसी से उम्मीद है
इस बात से तकलीफ हो रही है
की सच्चाई को स्वीकार करके भी
मैं भूल नहीं पा रही बीते हुए समय को
या तो जो हो रहा है
उन सबको

मैं स्वीकार तो कर रही हूं
पर वह मुझे तकलीफ दे रही है
मुझे चोट पहुंचा रही है

मैं नहीं सोच रही की किसी और के लिए अवेलेबल है
तो मेरे लिए क्यों नहीं

मैं जानती हूं कि सबके लिए हो सकती है
पर मेरे लिए नहीं
फिर भी तकलीफ हो रही है


सब कुछ जानते हुए
सबको पहचानते हुए भी तकलीफ हो रही है

और सब जान भी मैं इस तकलीफ से बाहर खुद को नहीं निकल पा रही
मैं इस दर्द को छोटा नहीं कह सकती
नहीं तो खुद के दर्द को नाकर पा रही हूं


सब कुछ ऐसा ही है
ऐसा ही होता है
मैं मानती हूं
की समाज परिवार यह दुनिया सब ऐसे ही है
हमेशा से

और मुझे भी उम्मीद नहीं किसी से
क्यों यह सब ऐसे हैं
नहीं तो मेरे अंदर किसी के लिए शिकायत है

पर अंदर है
बस निराश गहरा निराश
और उदासी
जिसमें कोई उम्मीद नहीं है किसी से भी नहीं
पर अकेले छोड़े जाने का गम सबसे ज्यादा है



शांति बिल्कुल नही है
है तो बस गहरी खामोशी
राहत बिल्कुल नहीं है
है तो बस चुप्पी

उम्मीद से छुटी हुई
अंदर से टूटी हुई
अकेलेपन में पड़ा हुआ

सब जानकर भी रोता हुआ
मैं यहां

abhinisha

🇮🇳🇮🇳 सैनिकों की जिंदगी 🇮🇳🇮🇳

यह सैनिकों की जिंदगी
कितनी कठिन है,
कभी रेट से ढ़क जाते हैं
तो कभी जंग में बिखर जाते हैं,
हमारे लिए वह सरहद पर
अपनी जान गवाते हैं।

सैनिक घर से निकलते हुए
अपने परिवार से यह कह कर जाते हैं की:-  मैं वापस आऊंगा मैं-
         अपना कर्तव्य निभाऊंगा,
         अगर शहीद हुआ तो-
         आंसू ना बहाना,
         मेरे लिए रोकर अपनी-
         आंख ना सुझाना।

अगर कोई पूछे तो
गर्व से बताना कि:-
मैं सैनिक था गद्दार नहीं,
मैं चट्टान था कमजोर इमारत नहीं,
मैं दुश्मनों से मारा ताकि
तुम चैन से सो सको,
अगर कोई पूछे तो
गर्व से कह सको:-

                        वह ऐसा चट्टान था-
                        जिसे कोई मिता ना सका,
                        वह ऐसे इंसान था-
                        जिसे कोई भुला न सका,
                        जिसे कोई भूल न सका।

उसने मुझे एक-
बात बताया था,
अपने जीवन का-
एक  राज सुनाया था की:-

  जब रेट से मैं थक जाता हूं-
तो चादर बन जाता है,
जब बर्फ से में ढक जाता हूं-
तो तिरंगे का कफन बन जाता है,
इस देश की धरती पर-
जीने में स्वर्ग सा लगता है,
इस देश की धरती के लिए-
मरने पर मुझे मुक्ति मिल जाता है।

इस देश की धरती का-
कर्ज में कैसे अदा कर पाऊंगा,
जिस धरती पर में पला-बड़ा-
उसका कर्ज कैसे चुका पाऊंगा,
इस देश के लिए बलिदान देने पर भी-
इसका कर्ज न चुका पाऊंगा,
इस देश की धरती का कर्ज में-
सात जन्मों में भी अदा न कर पाऊंगा।

इस देश के लिए जीना-
और मरना है मेरा जुनून,
इस देश के लिए कफन में-
लिपटना भी है मुझे मंजूर।।

             🇮🇳  मेरा देश मेरी जान है,
  इसके लिए मेरा जीवन भी कुर्बान है।🇮🇳

🇮🇳 देश के लिए मर मिटना कबूल है मुझे अखंड भारत बनाने का जुनून है मुझे।
अखंड भारत बनाने का जुनून है मुझे।।🇮🇳

✍️Follow And support Please 🙏

ashuashu858439

✔️💯

narendraparmar2303