Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

हालात कह रहे हैं
मुलाक़ात नहीं मुमकिन,
उम्मीद कह रही है
थोड़ा इंतज़ार कर.!!💞

narayanmahajan.307843

तुझसे मिलने का कोई बहाना चाहता हूं,
तूझे अपना हाल बताना चाहता हूं।
वो दिन आखिर फिर से कब आएगा अब....
तुझको अपने गले से लगाना चाहता हूं... 💞

narayanmahajan.307843

–J.A.Ramavat

jigarramavat.429647

​શું પૂછો છો મુજને કે હું શું કરું છું?
મને જ્યાં ગમે ત્યાં હરું છું ફરું છું!
​અમે માલીક પોતાના, નથી દાસ કોઈના,
અમે મસ્ત થઈને જગતમાં રમીએ.
​નથી કોઈની ચિંતા, નથી કોઈની ફીકર,
અમે આપણી મૌજમાં જીવ્યા કરીએ.
​નથી આશા કોઈની, નથી તૃષ્ણા કોઈની,
અમે રામના નામે જ દિવસો ભરીએ.
​શું પૂછો છો મુજને કે હું શું કરું છું?
મને જ્યાં ગમે ત્યાં હરું છું ફરું છું!

લેખક શ્રી,સતારશા બાપુ

heenagopiyani.493689

प्रश्न : बहुत लोगो का यह प्रश्न है ,की काम काज में बहुत बार ऑर्डर या सर्विस रिक्वेस्ट मिलती है, एडवांस भी मिलता है परन्तु अंतिम वक्त में दिया गया ऑर्डर या सर्विस रिक्वेस्ट कैंसल या रद्द हो जाती है, तो क्या करे?
-----------------------------------
उत्तर : यह प्रश्न पिछले ६ महीनों में दस लोगों ने पूछा है" काम आता है और कैंसल हो जाता है। कभी कभी लिया हुआ एडवांस पूरा वापस करना पड़ता है, तो सब से पहले इसका अंक ज्योतिषीय कारण देखते है।

अगर आप की अंक कुंडली में अंक ४,८ की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो और वह एक बार, तीन बार ,या पांच बार अंक कुंडली में रिपीट होते हो, या अंक ५ का दो या दो से ज्यादा बार पुनरावर्तन हो, तो व्यवसाय में दिक्कते आती है। अंक ९ की फ्रिक्वेन्सी में रिपीटेशन हो, तो भी शुरू किए काम पूर्ण नहीं होते।
ज्योतिष में राहु की महादशा , अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा में यह हो सकता है परन्तु ज्योतिष में ग्रहों के प्रभावित घर एवं नक्षत्र ,उपनक्षत्र भी देखने पड़ते है।

अब व्यवहारिक तौर पर इस समस्या को देखते है।
कुछ चीजें समझे,
----------------
(१) केवल इंक्वायरी आना फाइनल डिल नहीं होती, जब तक क्लाइट के मन में ऑर्डर के लिए पूरा विश्वास और रजामंदी न हो तो ऑर्डर इंक्वायरी लेवल तक ही सीमित है।

(२) अगर आप बड़ी चीजों में सेल्स करते हो तो आप एक Mutual understanding Sheet बना सकते है, जिसमें एडवांस मिलने और उसको वापस करने की शर्ते लिखे। और वापस करने की वाजिब शर्ते लिखे। एडवांस लेते वक्त ग्राहक के हस्ताक्षर ले। आप नो रिफंड पॉलिसी या पार्ट पेमेंट पॉलिसी के बारे में भी लिख सकते है। अपने ग्राहक को शर्ते समझाए। और यह समझाए कि यह आपके और उसके दोनों के हित के लिए है।
(३) बहुत से किस्सों में , ग्राहक का कोई अन्य कारण हो, कोई मजबूरी हो, या उसे कोई बेहतर ऑफर मिली हो तो यह सभी कारणों का स्वीकार करे।
(४) आप यदि सर्विस देते हो तो अपॉइंटमेंट की बुकिंग सिस्टम और ५०% बुकिंग फीस एडवांस के नियम बनाए। जिसकी भी आप से सर्विस लेने की इच्छा होगी वह ५०% एडवांस पेमेंट कर देंगे । क्लाइंट के साथ नियम स्पष्ट रखें।

yashibc123gmail.com135615

" शाहकार-ए-मोहब्बत "

मोहब्बत भी फिर से इक बार हो रही है।
मुलाकात उनसे अब बार बार हो रही है।

हवाओं में भी जैसे घुल गई है एक महक,
कि धड़कन आज बेहद बेकरार हो रही है।

न जाने कैसा जादू है उनकी निगाहों का,
कि हर खता मोहब्बत में बेशुमार हो रही है।

ज़माने भर के शिकवे खो गए हैं ज़हन से,
बस उनकी गुफ़्तगू ही साज़गार हो रही है।

न जाने किस ज़मीं को छू लिया है तूने,
कि तेरी शायरी 'व्योम' शाहकार हो रही है।

✍...© विनोद. मो. सोलंकी " व्योम "
जेटको (GEB) अंजार. मु. रापर.

omjay818

दिल करता है तुमसे लिपटकर तुम्हें बताऊँ…
कितना दर्द होता है तुमसे दूर रहकर जीने में। 💔🥀

narayanmahajan.307843

यूं ही ख्यालों में तुम चले
आया करो......
ना पकड़े जाने का खतरा...
ना जाने की जल्दी....

narayanmahajan.307843

नींद तो यूँ भी नहीं आती थी हमको,
अब तो इक तेरा बहाना और सही!

narayanmahajan.307843

एक उम्र है जो बितानी है उसके बगैर, और एक
लम्हा है जो मुझसे गुज़रा नहीं जाता....

narayanmahajan.307843

बिछड़कर भी तुम बिछड़ कहाँ पाए हो..
कभी यादो मे कभी ख़्वाबों मे आते हो... 💔✍️

narayanmahajan.307843

वेदांत 2.0 — ज्ञान नहीं, दर्पण
वेदांत 2.0 कोई शास्त्र नहीं।
कोई ज्ञान नहीं।
कोई मार्ग नहीं।

यह स्वयं को देखने का दर्पण है।

शास्त्र कहता है—“यह सत्य है।”
मार्ग कहता है—“इस रास्ते चलो।”
ज्ञान कहता है—“इसे जानो।”

दर्पण कुछ नहीं कहता।

वह केवल दिखाता है।

वेदांत 2.0 का उद्देश्य तुम्हें किसी विचार का अनुयायी बनाना नहीं, बल्कि तुम्हें अपने देखने की क्षमता तक वापस ले जाना है।

यहाँ प्रश्न यह नहीं है कि कृष्ण ने क्या कहा, बुद्ध ने क्या कहा, शंकर ने क्या कहा या किसी गुरु ने क्या कहा।

मूल प्रश्न है—

तुम स्वयं क्या देख रहे हो?

यदि किसी विचार को पढ़कर तुम्हारे भीतर समझ पैदा होती है, तो उस समझ को किसी व्यक्ति के नाम से प्रमाणित कराने की आवश्यकता नहीं है।


दर्पण को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।
तुम्हारा अपना देखना ही उसका प्रमाण है।



वेदांत 2.0 इसलिए किसी नई मान्यता की स्थापना नहीं, बल्कि

उधार की मान्यताओं से स्वयं को देखने की स्वतंत्रता है।

देखो।


जो दिखाई दे, उसे देखो।


और जो स्वयं दिखाई दे जाए, उसके लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं।



📬 संपर्क
✍️ लेखक: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)
🧠 विषय: Vedanta 2.0 • Philosophy • Consciousness • Existence • Science & Spirituality
📧 ईमेल: vedantalife2@gmail.com
🌐 वेबसाइट: https://www.vedanta2life.com/

📚 प्रकाशन एवं प्रोफाइल्स
📖 Matrubharti Books: https://www.matrubharti.com/bhutaji

🔬 Independent Researcher (ORCID): https://orcid.org/0009-0000-8083-0685

❓ Quora: https://hi.quora.com/profile/Agyat-Agyani-1

🧬 Quora — Vedanta 2.0 Life: https://www.quora.com/profile/Vedanta-2-0-Life

✒️ YourQuote: https://www.yourquote.in/bhutaji

💼 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/agyat-agyani-72471774

𝕏 X (Twitter): https://x.com/Agyatagyni

📌 Pinterest: https://pin.it/3oqFY0weo

✍️ Medium: https://medium.com/@Vedantalife

📰 AIMA Media: https://aimamedia.org/news/677544/aboutus.aspx

💬 WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6M7Ph2P59eNV6aMX47

bhutaji

radhe Krishna

skptech

omm Surya Narayanaya naya namaha

skptech

अब कोई फर्क नहीं पड़ता
कविता




अब अमीर बनने की ख्वाहिश नहीं
अब मुझे कुछ चाहिए ही नहीं
चाहे कोई कुछ भी कहे
मैं खुद से नहीं कहती
बहुत ज्यादा मेहनत करेंगे
और
बहुत सारे पैसा कमाएंगे
और उन्हें दिखा दूंगी कि मैं क्या हूं


अब कोई फर्क नहीं पड़ता
किसी की बातों से भी
मैं क्या हूं नहीं हूं
बस खुद में खत्म हो गई


समझने वाले कहते हैं
जिंदगी बहुत ही प्यारी है
मत मरने की चाह रखो
ऐसा तो होता ही रहता है
तुम्हें जीना चाहिए


और खुद को बेहतर बनाना चाहिए
इस बात से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता


लिखना गीते गाना अल्फाज कहानी कल्पना मेरी मेरी सांस है
और मुझे अब मेरे सांसों पर भी काम करने का मन नहीं करता



बस लगता है सारी ज़रूरतें खत्म हो चुकी है
अंदर के खालीपन के साथ मैं
अब सारी उम्मीद छोड़ चुकी हूं



अब जिंदगी बोझ लगती है
और हर दिन सांस लेना एक सजा

अब दुनिया देखने की ख्वाहिश नहीं है
अब दिल लगाने से चाहत नहीं है
अब कुछ भी नहीं है
ऐसा जिसे जरूरी समझ कर मैं जीते रहछ
और जिंदगी की बोझ ढोते रहु


I like you life
पर
I don't love you

abhinisha

હું ના ચાહું તો પણ તને કંઈ ફેર નથી પડવાનો!અને ચાહું તો પણ તને કંઈ ફેર નથી પડવાનો.
આ તો આજનું અલક મલકનું નજરાણું નથી,પ્રિયા!
અગાઉ સાત જન્મના ફેરામાં ફક્ત મે નહીં,તેં નહીં,બ્રાહ્મણે નહીં,ભગવાને કીધું હતું.
- વાત્સલ્ય

savdanjimakwana3600

कुछ बातें अधूरी ही रहती है खुश दिल में.............._______-------∞💔🙂

omparkashverma554460

मुश्किलों से जूझने की  कोशिशें  लिख दूँ जरा,
और चलने की पुरानी आदतें लिख दूँ जरा ।।

धूप ओढ़े     रेत जैसी    चमचमाती    जिन्दगी,
धूल सी  यायावरी पर   बारिशें   लिख दूँ जरा ।।

आसमाँ पे  रंग मन माफिक लगाने में मिली,
पाँव के पोरों की सारी दिक्कतें  लिख दूँ जरा ।।

ज़िन्दगी की राह में काँटे मिलें ना फिर कभी,
नर्म सी तासीर की  कुछ कोपलें  लिख दूँ जरा ।।

सामने जब हो चुनौती बस "विजय" की बात हो,
हारते कदमों के हिस्से हिम्मतें लिख दूँ जरा ।।

@सर्वाधिकार सुरक्षित-डाॅ.विजय प्रताप शाही

vijaypshahi

📩 Dil Ka Notification #04

शीर्षक:- मेरा दोस्त बहुत Busy रहता है...

मेरा दोस्त बहुत Busy रहता है...
पहले हमेशा मेरे आस-पास रहता था,
अँधेरे में भी साये की तरह मेरे साथ रहता था।

बिना वक़्त देखे...
मेरी एक आवाज़ पर कहीं भी चल देता था।
मेरा चेहरा देखकर
मेरा मूड समझ जाता था।

पर अब...
वो मेरे साथ कम,
दुनिया के साथ ज़्यादा रहता है।

अब उसके फोन से कम...
तस्वीरों से ज़्यादा बातें होती हैं।

आजकल मेरा दोस्त बहुत...
Busy रहता है।

धड़क ते रहिए ❣️
✍️ — जिगर अशोक पंड्या

----+++++++++---------++++
ये पढ़ कर किसी खास दोस्त की याद आगई तो उसे जरूर भेजिएगा क्या पता एक नोटिफिकेशन से बात फिर बन जाए।



{📩 अगला Notification
माँ के हाथ का स्वाद}

pandyajigar