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समंदर 🌊 गहरा है, मेरे 💘 प्यार का फूलों 💐 के जैसे खिला का सवेरा तेरे मेरे 🫂 प्यार का 🥰 दिल 🫀 रुक गया मेरा 🫵 तेरे अंतजार में खिड़कियाँ 🪟 सुनी है, तेरे प्यार में जरा देख ले इस दिल को तू 🫀🫵 बेखबर है तेरे प्यार में........... $hïmbhå vèrmä
" सुना है, जो दिल का अच्छा होता है, अक्सर वहीं काँटो में गिरता है, जो किसी का भला नहीं चाहता वह फूलों में खिलता है क्या! जमाना है, अक्सर सच्चा प्यार करने वाला ही मरता है
मेरा सहारा बन जा तू, मेरे दिल का किनारा 🌉 बन जा तू, बन जा तू मेरी चाय की हकदार मेरा सपना नहीं हकीकत बन जा तू, मेरे हंसने की वजह बन जा तू मेरे दिल 💘 के ख्यालो की जगह बन जा तू मेरी खुशी बन जा तू, मेरा एक एहसास 🫠बन जा तू मेरे दिल का ताज बन जा तू..............🫀
( मेरी किस्मत नहीं..........) मैं किसी को चाहू ये मेरी किस्मत नहीं, कोई मुझे दिल से चाहे ये कभी हुआ नहीं......... मैं किसी के दिल में जगह बनाऊ मेरी किस्मत नहीं, कोई मेरे दिल में जगह बनाए कभी हुआ नहीं......... में किसी को वक्त तू ये किस्मत में नहीं, कोई मुझे अपना वक्त दे कभी हुआ नहीं.......... - shimbha Verma
" एक सुकून भरा पर " देखा तो चांद को हर किसी ने है मुझे तो सिर्फ तुझे देखना अच्छा लगता है तुझसे ही बात करने पर मुझे सुकून मिलता है वह कहते होंगे तुम चांद जैसे लगते हो मुझे तो सिर्फ तुमसे मुलाकात करना अच्छा लगता है वह बड़ी-बड़ी बातें नहीं बस थोड़ी फुर्सत से निहारना मेरे दिल को सुकून मिलता है कोई चांद को चाहता है कोई तारों को चाहता है किसी को आसमान चाहिए किसी को धरती चाहिए मुझे तो सिर्फ तू चाहिए तुझे पाने में ही मुझे सुकून मिलता है दरिया छोटा है समंदर भी छोटा है नदियां भी छोटी है पहाड़ भी छोटे हैं यह गलियां भी छोटी है यह शहर भी छोटे हैं मुझे तो सिर्फ तुझसे बात करना ही सुकून मिलता है जो दिख जाए वह प्यार ही क्या जो निभाया ना जाए वह इजहार ही क्या क्यों तुम इतना चाहते हो किसी को जो निभाए नहीं वह प्यार ही क्या मुझे तो सिर्फ तुझे इन आंखों से देखना अच्छा लगता है इन आंखों में ही देख कर मुझे सुकून मिलता है नहीं आती मुझे बड़ी-बड़ी बातें जो अक्सर लोग किया करते हैं मुझे तो सिर्फ तेरा ही हिसाब रहता है दुनिया क्या रहेगी क्या नहीं मुझे पता नहीं पर तेरी बातों का मुझे इंतजार रहता है मुझे तुझसे बात कर कर दिल में एक सुकून रहता है तुझसे बात करके मुझे सुकून मिलता है तमन्ना मैं किसी की कि नहीं किसी को पाना मेरा मंजिल नहीं वह होंगे जो लोग दिखावा करते हैं दिखावा मुझ में है नहीं देखना मैं तुझे छोड़ नहीं वह अलग होंगे लोग जो दूसरों के सामने कुछ होते हैं और साथ पीठ पीछे कुछ होते हैं मैं उन लोगों में हूं या नहीं हूं इसका मुझे अंदाजा नहीं पर जो मैं तेरे लिए हूं यह मैं किसी और के साथ रहूं यह मेरा वादा नहीं पर एक वादा जरूर है तेरे साथ रहता हूं तो मुझे सुकून मिलता है तेरे साथ रहने से ही मुझे अपनापन महसूस होता है एक तू ही है जिसे मैंने चाहा है किसी की याद नहीं आई पर तेरी याद में आए यह दिल रहा है लाखों कमियां होगी मेरे अंदर पर तेरे काबिल जरूर हूं झूठ नहीं पर तेरे प्यार में सच्चा जरूर हूं यूं ना तू विश्वास करना किसी की बातों पर मैं झूठ नहीं मेरी बातों में मैं सच्चा हूं यह पहली मुलाकात है शायद इस मुलाकात में मैं अच्छा नहीं पर मैं तेरे लिए आज भी अच्छा हूं मुझे तुझसे बात करके सुकून मिलता है दर्द भरा मुझे कुछ कहना नहीं यूं बातें जीवन की चलती रहेगी लफ्ज लफ्ज किसी ने कहा यह दिल में बातें रहेगी तुम उदास ना होना अकेली जब तुम पड़ जाओगी दिल से याद करना अकेली जब तुम रह जाओगी हम उसी मोड़ पर तुम्हें खड़े मिलेंगे जिस मोड़ पर तुम्हें पहले मिले थे हमें सुकून मिलेगा तुमसे मिलने का जब तुम हमसे दोबारा मिलोगे शायद होता सच तुम मेरे नसीब में होते मैं तुम्हें अपना बना लेता अगर तुम मेरे होते ।
[ मुझे पाना तू चाहती थी, तुझे पाने में वक्त लगेगा वो कहते है न हीरा बनाने ओर उस हीरे को सिद्दत से पाने में वक्त लगेगा तू अगर छोड कर जा रही है तो याद रखना हीरा हर बार नदी में नहीं मिलता मुझे पाने है to वो वक्त दुबारा नहीं मिलता जरा सोच ले मेरा जैसा इंसान हर किसी को नहीं मिलता तुझे होगा अहसास मुझे खोने का जब वक्त भी कम होगा और तेरा मुझे न पाने का अफसोस भी होगा।
akela phele bhi tha or aaj bhi tunhe to muje hmesha galat samja par m tere sath kal bhi tha or aaj bhi tere sath hu .... - shimbha Verma
Aab muje acha nhi lagta khuch bhi kyoki Mera Dil bhut ache trike se toda hai shayri kabhi aati thi nhi jab se choda hai tab se shayar ban gye tum kya hi jano mere baare me dil ki baat gehri thi isliye hum bta na paye hath thamne ka bhana tha tumara dil thod ke tum jo gei chalo chod diya tumhe aab hum akele rehna passand hai kano me tumari nhi dil ko shant karne ki awaj sunte hai ..... - shimbha Verma
duniya rangin dikhti hai hai nhi log ache hai dil unka acha nhi kya hi pyaar kru uss insaan se jise khud ka pta hi nhi wah re insaan kya hi khubhi hai tun me tere alwa koi dusra mera dusman hi nhi.... - shimbha Verma
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