#24 वोट वापसी मुख्यमंत्री
यह प्रस्तावित क्रानून मुख्यमंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाता है। इस कानून को विधानसभा से पास करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री इसे सीधे गेजेट में छाप सकते है। यह क़ानून आने से प्रत्येक मतदाता को एक बोट वापसी पासबुक मिलेगी। तब यदि आप मुख्यमंत्री के काम से संतुष्ट नहीं है, और उसे बदलना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है। आप अपनी हाँ SMS, से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दे सकते है, या इसे रद्द कर सकते है। यह स्वीकृति आपका बोट नही है। बल्कि एक
सुझाव है। इस कानून का पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें- Tinyurl.com/VvpCm
मुख्यमंत्री को बदलने की प्रक्रिया के मुख्य बिंदु निचे दिए है
(1)
मुख्यमंत्री के लिए आवेदन: 30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक यदि मुख्यमंत्री बनना चाहता है तो वह कलेक्टर के सामने ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है। कलेक्टर 10,000 रु का शुल्क लेकर उसे मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित करेगा, और एफिडेविट को मुख्यमंत्री की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
(2)
पदासीन मुख्यमंत्री निचे दी गयी दो स्थितियों में से अपनी पसंद के अनुसार उच्च संख्या को चुन सकते है:
नागरिको द्वारा दी गयी स्वीकृतियों की संख्या, अथवा
मुख्यमंत्री का समर्थन करने वाले विधायको को चुनाव में प्राप्त हुए मतों का कुल योग।
(3)
यदि किसी प्रत्याशी की स्वीकृतियों की संख्या पदासीन मुख्यमंत्री की स्वीकृतियों या मुख्यमंत्री का समर्थन करने वाले विधायको को प्राप्त मतों की कुल संख्या से 10 लाख अधिक हो जाती है तो विधायक सबसे अधिक अनुमोदन प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नया मुख्यमंत्री नियुक्त सकते है या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नहीं है।
स्पष्टीकरण : मान लीजिये कि, 3 करोड़ आबादी एवं 200 विधानसभा सीटो के राज्य में X मौजूदा सीएम है, और उसे विधानसभा में 120 विधायको का समर्थन प्राप्त है। मान लीजिये, इन 120 विधायको को चुनाव में कुल 1 करोड़ मत मिले थे, और X को नागरिको से सीधे प्राप्त होने वाली स्वीकृतियो की संख्या 80 लाख है।
1. मान लीजिये, Y सीएम का एक प्रत्याशी है और उसे 90 लाख नागरिक स्वीकृतियां दे देते है तो भी x सीएम बना रहेगा, क्योंकि X को जिन विधायको का समर्थन प्राप्त है, उनके मतों का योग 1 करोड़ है। किन्तु यदि Y को 1.10 करोड़ स्वीकृतियां मिल जाती है तो x अपना इस्तीफा दे सकता है।
2. अब मान लीजिये, ४ को 1.10 करोड़ स्वीकृतियां मिल जाती है, किन्तु यदि x सीएम के रूप में संतोषप्रद काम कर रहा है, अतः X की स्वीकृतियां बढ़कर यदि 1.15 करोड़ हो जाती है, तो भी X सीएम बना रहेगा।
राजवर्ग प्रजा के अधीन रहना चाहिए, वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा - अथर्ववेद