Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

यहाँ उस विज्ञापन और आपकी मार्केटिंग योजना के संबंध में कुछ प्रश्न दिए गए हैं:

* इस विज्ञापन में "खुशी" के विचार को महिला के बिस्किट खाने के अलावा और किस तरह से प्रभावी ढंग से दर्शाया जा सकता है?
* "In a world of chaos, a bite of happiness" टैगलाइन हिंदी भाषी दर्शकों के लिए कितनी प्रासंगिक और प्रभावशाली है, और क्या इसे हिंदी में कोई समकक्ष बेहतर बनाया जा सकता है?
* मिन्नी की कहानी के जादुई रंगों और बिस्किट से मिलने वाली खुशी के बीच भावनात्मक संबंध को विज्ञापनों में कैसे गहराया जा सकता है?
* प्रस्तावित टैगलाइन "जैसे मिन्नी के जादुई रंग, हमारे बिस्किट भी लाते हैं खुशियों के रंग" कहानी के मूल संदेश और उत्पाद के लाभ को कितनी अच्छी तरह जोड़ती है?
* विज्ञापन में बिस्किट को "भगवान की तरह" और खुशहाल पारिवारिक पलों के साथ दिखाने का विचार कैसे लागू किया जा सकता है ताकि वह कहानी के सकारात्मक संदेश से मेल खाए?
* "A Bite of Happiness" और "A Splash of Magic Colors" को मिलाकर बनने वाले अभियान के लिए मुख्य लक्ष्य दर्शक कौन होंगे और उन तक पहुँचने के लिए सबसे प्रभावी मार्केटिंग चैनल क्या होंगे?
* मिन्नी की कहानी के पात्रों को सोशल मीडिया और ऑफ़लाइन प्रचार में शामिल करने के लिए कुछ रचनात्मक और नवीन विचार क्या हो सकते हैं?
* यह विज्ञापन बिस्किट ब्रांड को बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धियों से भावनात्मक रूप से कैसे अलग करेगा?
* इस विज्ञापन और कहानी के संयोजन से ब्रांड के लिए दीर्घकालिक छवि क्या बन सकती है, और हम इसे कैसे मापेंगे?
* इस भावनात्मक अभियान की सफलता को मापने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPIs) क्या होंगे?

rajukumarchaudhary502010

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
कविता का शीर्षक है! समय
समय ने पूछा समय से कितना समय निकालोगे मेरे लिए,
समय ने कहां
इंतजार की राहें तो बहुत है
दोनों सिराये पर ध्यान रखना
परछाई तो मेरी दिख ही जाएगी!
ममता गिरीश त्रिवेदी
https://youtu.be/AztwWCxDmwA?si=V18i2pM6xVvbD8HO

और मेरी कविताओं को देखिए यूट्यूब वीडियो में ममता गिरीश त्रिवेदी

mamtatrivedi444291

हर मन में भक्ति का व्यापार जन्मा है।

जो भक्ति थी—अब ब्रांड हो गई,
जो आस्था थी—अब इंस्टाग्राम पर ट्रेंड है।
हर आरती के पीछे स्पॉन्सर लिखा है,
हर मंदिर के बाहर ‘क्यूआर कोड’ झिलमिलाता है।

लोग मुझे खोजने आए हैं,
पर मन में नहीं, मॉल में।
किसी के पास सेल्फी है,
किसी के पास सेल्स टार्गेट।

मैं मुस्कराता हूँ—
क्योंकि जानता हूँ,
जिस दिन वे सच्ची श्रद्धा से
भीतर झाँकेंगे,
उन्हें मुझसे मिलने टिकट नहीं लगेगा,
न दान-पेटी खुलेगी।

धर्म का अर्थ मैंने सिखाया था—
*“कर्तव्य, करुणा और सत्य।”*
पर अब वही तीन शब्द
पैकेट में बंद हैं, कीमत लगी है।

फिर भी मैं प्रतीक्षा में हूँ—
क्योंकि जानता हूँ,
एक सच्चा हृदय अभी भी कहीं है,
जो बिना दिखावे के
बस प्रेम से “कृष्ण” कहेगा—
और मैं वहीं पुकार सुन लूँगा।

आर्यमौलिक

deepakbundela7179

जो पूरी जिंदगी मांगी होती झोली में
तबाहियों की फरियाद भरी होती

---डॉ अनामिका--
#हिंदीकाविस्तार #हिंदीपंक्तियाँ #हिंदीशब्द #बज्म़

rsinha9090gmailcom

दुनीया में कोई भी चीज
कभी एकसमान नहीं होती हैं।
बात इंसान के दिल में कुछ
और जुबान पर कुछ होती है।

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

एक दाने का सबक 🌽

एक बूढ़ा किसान अपने पोते को खेत में ले गया।
उसने मकई का एक छोटा-सा बीज मिट्टी में डालते हुए कहा –
“देख बेटा, यह सिर्फ़ एक दाना है। अगर मैं इसे खा लूँ, तो बस पेट भर जाएगा।
लेकिन अगर मैं इसे धरती को दे दूँ, तो कुदरत मुझे बदले में पूरा भुट्टा लौटाएगी।”

कुछ महीनों बाद खेत सुनहरी मकई से लहलहा उठा।
पोते ने हैरानी से कहा –
“दादा, एक दाने से इतना सारा!”

किसान मुस्कुराया –
“यही कुदरत का नियम है, बेटा। जो भी दोगे – चाहें दाना, दया, प्रेम या मदद – वो कई गुना बढ़कर तुम्हें लौटेगा।”
-Nensi Vithalani

nensivithalani.210365

अस्तित्व बिना नियंत्रण चलता है —

जैसे हवा चलती है,
जैसे दिल धड़कता है,
जैसे फूल बिना योजना के खिलता है।

धर्म कहता है —
मन को बाँधो, रोक लो, साध लो।
पर मन तो ठहरता ही कहाँ है?
जिसे बाँधने चले, वही तो लहर है —
उसके न होने में ही सागर शांत है।

नियंत्रण का मतलब है डर,
और डर हमेशा अलगाव से जन्मता है।
जहाँ “मैं” और “मन” दो हैं —
वहाँ संघर्ष है।
जहाँ “मैं” ही नहीं बचा —
वहाँ सब सहज है।

जब मन नहीं होता,
जीवन सरल हो जाता है —
बिलकुल एक बच्चे की तरह,
जो जानता नहीं
पर जीता सब जानकर।
🙏🌸 — 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓣 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓷𝓲

bhutaji

💧 आँसू का विज्ञान: क्यों नम होती हैं आपकी आँखें? 💧

यह सिर्फ पानी नहीं है, बल्कि चिकनाई, सुरक्षा, और तनाव मुक्ति का एक मिश्रण है।

आँसू के 3 प्रकार और आँखें पानी क्यों छोड़ती हैं? पूरी जानकारी के लिए पोस्टर देखें।

🚨 याद रखें: बार-बार आँखों से पानी आना अक्सर सूखी आँखों या एलर्जी का संकेत होता है।

अपनी आँखों को स्वस्थ रखें! लगातार पानी आने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें।

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netrameyecentre

ಅಡುಗೆ ಮನೆ ಔಷಧ: ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳ ಮಹತ್ವ

ನಮ್ಮ ಭಾರತೀಯ ಅಡುಗೆ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳಿಗಿರುವ ಸ್ಥಾನ ಬಹಳ ವಿಶಿಷ್ಟ. ಅಡುಗೆಗೆ ಒಂದು ವಿಭಿನ್ನ ಪರಿಮಳ ಮತ್ತು ರುಚಿ ನೀಡುವ ಈ ಸಣ್ಣ ಕಾಳುಗಳು ಆರೋಗ್ಯದ ದೃಷ್ಟಿಯಿಂದಲೂ ಒಂದು ಪವರ್‌ಹೌಸ್ ಎನ್ನಬಹುದು.

ಆರೋಗ್ಯಕ್ಕೆ ಹಲವು ಲಾಭಗಳು
​ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳು ಹಲವಾರು ಆರೋಗ್ಯಕರ ಗುಣಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿವೆ. ಅವುಗಳಲ್ಲಿ ಕೆಲವು ಇಲ್ಲಿವೆ:
ಮಧುಮೇಹ ನಿಯಂತ್ರಣ:ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳು ರಕ್ತದಲ್ಲಿನ ಸಕ್ಕರೆ ಮಟ್ಟವನ್ನು ನಿಯಂತ್ರಿಸಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡಬಲ್ಲವು. ಇವುಗಳಲ್ಲಿರುವ ಫೈಬರ್ (ನಾರಿನಾಂಶ) ಗ್ಲೂಕೋಸ್ ಹೀರಿಕೊಳ್ಳುವಿಕೆಯನ್ನು ನಿಧಾನಗೊಳಿಸುತ್ತದೆ.
ಜೀರ್ಣಕ್ರಿಯೆಗೆ ಸಹಕಾರಿ:‌ಜೀರ್ಣಕಾರಿ ಸಮಸ್ಯೆಗಳಿಗೆ ಮೆಂತೆ ಒಂದು ಉತ್ತಮ ಮನೆಮದ್ದು. ನೆನೆಸಿದ ಮೆಂತೆ ಕಾಳನ್ನು ತಿನ್ನುವುದು ಅಥವಾ ಅದರ ನೀರನ್ನು ಕುಡಿಯುವುದು ಆಸಿಡಿಟಿ (ಎದೆಯುರಿ) ಮತ್ತು ಹೊಟ್ಟೆ ಉಬ್ಬರ ಕಡಿಮೆ ಮಾಡಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ.
ತೂಕ ಇಳಿಕೆಗೆ ಸಹಕಾರಿ: ಮೆಂತೆ ಕಾಳಿನಲ್ಲಿರುವ ಫೈಬರ್ ಹೊಟ್ಟೆ ತುಂಬಿದ ಭಾವನೆ ನೀಡುತ್ತದೆ, ಇದರಿಂದ ಅನಗತ್ಯ ಆಹಾರ ಸೇವನೆ ಕಡಿಮೆಯಾಗಿ ತೂಕ ಇಳಿಕೆಗೆ ಸಹಾಯವಾಗುತ್ತದೆ.
ಕೂದಲ ಆರೈಕೆ: ಕೂದಲ ಆರೋಗ್ಯಕ್ಕೆ ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳು ಬಹಳ ಉಪಯುಕ್ತ. ಇವುಗಳನ್ನು ನೆನೆಸಿ ಪೇಸ್ಟ್ ಮಾಡಿ ತಲೆಗೆ ಹಚ್ಚುವುದರಿಂದ ಕೂದಲು ಉದುರುವಿಕೆ ಕಡಿಮೆಯಾಗಿ ಮತ್ತು ತಲೆಹೊಟ್ಟು ನಿವಾರಣೆಯಾಗುತ್ತದೆ.

​ಅಡುಗೆಯಲ್ಲಿ ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳು: ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳನ್ನು ಹೆಚ್ಚಾಗಿ ಸಾಂಬಾರ್, ಪಲ್ಯ, ಮಸಾಲಾ ಪದಾರ್ಥಗಳು ಮತ್ತು ಉಪ್ಪಿನಕಾಯಿ ತಯಾರಿಕೆಯಲ್ಲಿ ಬಳಸಲಾಗುತ್ತದೆ. ಅವುಗಳನ್ನು ಹಾಗೆ ಹುರಿದು ಬಳಸಿದಾಗ ಅಡುಗೆಗೆ ಸಿಗುವ ಸುವಾಸನೆ ಮತ್ತು ರುಚಿ ಅದ್ಭುತವಾಗಿರುತ್ತದೆ. ಬೆಳಗಿನ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ನೆನೆಸಿದ ಮೆಂತೆ ಕಾಳನ್ನು ಸೇವಿಸುವ ಅಭ್ಯಾಸವು ಆರೋಗ್ಯಕರ ದಿನಚರಿಯ ಪ್ರಾರಂಭಕ್ಕೆ ಉತ್ತಮ.

ಕೊನೆಯ ಮಾತು:‌​ಮೆಂತೆ ಕಾಳುಗಳು ಕೇವಲ ಮಸಾಲೆಯಲ್ಲ, ಇದು ನಮ್ಮ ಆರೋಗ್ಯಕ್ಕೆ ವರದಾನ. ನಿಮ್ಮ ಆಹಾರ ಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಈ ಪುಟ್ಟ ಆದರೆ ಶಕ್ತಿಶಾಲಿ ಕಾಳನ್ನು ಸೇರಿಸಿ, ಅದರ ಪ್ರಯೋಜನಗಳನ್ನು ಪಡೆದುಕೊಳ್ಳಿ.

sandeepjoshi.840664

जो आज मेहनत करेगा, कल उसका समय बोलेगा।
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rajukumarchaudhary502010

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rajukumarchaudhary502010

कब मांगा है वक्त सारी उमर का
किस्तों की तारिखें तुम तय करो.
--डॉ अनामिका--

rsinha9090gmailcom

*बेचैन सी रात*

रात उतरी तो थी चाँदनी की ओढ़नी में,
पर मन के भीतर अँधेरा कुछ ज़्यादा ही घना था।
नींद बार-बार चौखट तक आई,
मगर बेख़बर लौट गई –
क्योंकि विचारों की भीड़ ने
दरवाज़ा बंद नहीं होने दिया।

हवा में धीमी सरसराहट थी,
पर हर आवाज़ में एक अनकहा सवाल गूँजता था —
आख़िर ये मन इतना अशांत क्यों है?
किस अधूरेपन का धुआँ
इन पलकों के भीतर भटकता रहता है?

घड़ी ने जैसे वक़्त की गवाही दी –
हर टिक-टिक एक प्रहार थी,
जो यादों के शीशे पर गिर रही थी।
बीते दिन, बिछड़े लोग, अधूरे काम —
सब अपना चेहरा लेकर लौट आए थे
इस बेचैन सी रात में।

सुबह होगी तो शायद
यह उदासी भी ओस की तरह पिघल जाएगी,
पर अभी…
इस रात की चुप्पी में मैं बस इतना जानता हूँ —
कि मन भी कभी-कभी
नींद से ज़्यादा सत्य की तलाश में जागता है।

आर्यमौलिक

deepakbundela7179

घर बर्बाद कौन करता है?

घर बर्बाद करने वाले कोई बाहर वाले नहीं होते,
घर तो तब टूटता है जब अपने ही भीतर से सड़ा देते हैं उसे —
धीरे-धीरे, बातों के ज़हर से।

जब बेटा किसी और औरत के साथ दिखता है,
तो माता-पिता यह नहीं कहते कि “गलत है” —
बल्कि कहते हैं,

> “कोई बात नहीं बेटा, बहू को मत बताना…
वह जान भी जाए तो बनी रहे,
आखिर हमारे लिए तो वही रसोई में सेवा करती है।”



और अगर वही बहू सच्चाई जानकर बोल दे,
अपना दुख ज़ाहिर करे —
तो कहते हैं,

> “हमारी बहू तो बहुत बदतमीज़ है,
आजकल की औरतें ज़रा-ज़रा सी बात पर बखेड़ा करती हैं।”



कभी सोचा है, यही सोच
पुरुषों को बाहर बढ़ावा देती है।
जब गलती करने वाला भी हीरो बना दिया जाए,
और सहने वाली औरत को दोषी,
तो फिर घर कैसे बचेगा?

वह बहू चुप रहे तो “कमज़ोर”,
बोले तो “मुंहफट”,
और टूट जाए तो “अभागन” कहलाती है।

असल में घर तब नहीं टूटते जब आदमी बेवफ़ा होता है,
घर तब टूटते हैं जब परिवार
उसकी बेवफ़ाई को चुपचाप स्वीकार कर लेते हैं।

परिवार वालों का सपोर्ट होता है अपने बेटे को बढ़ावा देने में

archanalekhikha

“कुछ लोग कहते हैं — बड़ा इगो है इसमें,
मैं कहूँ — हाँ, पवित्रता का है, गंदगी का नहीं।
तुम दिखा सकते हो अहंकार,
पर पवित्र बनाकर दिखाओ…
कर नहीं पाओगे!”


---

archanalekhikha

Good morning friends.. have a great day

kattupayas.101947

"तेरी मौजूदगी"

तेरी मौजूदगी कुछ यूँ असर करती है,
जैसे ठंडी हवा में महकती कोई सुबह करती है।
तेरी मुस्कान देख लूँ तो लगता है,
ज़िंदगी ने आज फिर मुझे नया कारण दिया है जीने का।

तेरी आँखों में जो सुकून है,
वो किसी दुआ से कम नहीं,
हर बार जब तू पास होती है,
दिल को लगता है — अब कोई कमी नहीं।

तेरे बिना दिन तो निकल जाते हैं,
पर ज़िंदगी नहीं चलती,
हर शोर के बीच भी बस तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
हर भीड़ में बस तू नज़र आती है।

ना जाने ये कैसा रिश्ता है,
बिना नाम का, बिना उम्मीद का,
पर जब तू पास होती है —
सब कुछ मुकम्मल-सा लगता है,
जैसे रूह ने अपना घर पा लिया हो।

Payal

payaldevang08gmail.com936925

Goodnight friends sleep well sweet dreams

kattupayas.101947

let's enjoy every moment

kattupayas.101947

Never waste time

kattupayas.101947

enjoy life

kattupayas.101947

be happy

kattupayas.101947

be responsible

kattupayas.101947