Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

🙏🙏जो अन्य व्यक्ति के दुःख, दर्द को 'सुनता'है और समझता है,
उसकी 'प्रार्थना' ईश्वर भी 'सुनता' है।🦚🦚

parmarmayur6557

बेमतलब के रिश्तों से बेहतर
बेगाना बनकर जीना हैं।
खाकर दो निवाले गिनकर
पेटभर के पानी पीना हैं।

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

लक्ष्य प्राप्त होगा एक दिन, बस मेहनत में लगे रहना होगा। दूसरों के बोली ना सुनकर श, खुद का भविष्य रचना होगा।
especially for Neets and Upse student

ashuashu858439

Not everyone is meant to understand me.
I was created to be real, not readable.

parmarsantok136152

एक लड़की ने मुझसे कहा
में जवान हु
खूबसूरत हु
पड़ी लिखी भी हू
और पैसे वाली भी हु
तो में तुम्हे क्यों पसंद नहीं
मैने कहा एक वजह है
में तुम से प्यार नहीं करता

anisroshan324329

तुम मेरे हो, अगर मैंने कह तो, समझ जाओ कि, हो......!!

anisroshan324329

जल्द ही नई कहानी आने वाली है। दो दुश्मनो की प्रेम कहानी । तो तैयार रहिए — आई स्टिल लव यू के लिए। इसका सारांश यहा बता रही हूं।
**दो ख़ानदानों की विरासत बनी नफ़रत के बीच,
दो दिल अनजाने ही मोहब्बत के बंधन में बंध गए।
एक ने पिता के प्यार की ख़ातिर प्रेम का विश्वास तोड़ दिया,
तो दूसरे ने टूटकर भी प्रेम करना नहीं छोड़ा।
जब अहंकार हार गया और पश्चाताप जीत गया,
तब किस्मत ने फिर वही सवाल दोहराया—
क्या सच्चा प्रेम, विश्वासघात से भी बड़ा होता है?
यह कहानी है प्रेम, पीड़ा, क्षमा और उस एहसास की...
जो हर दूरी, हर शिकायत और हर टूटन के बाद भी बस इतना कहता है—
"I Still Love You."

gautamreena712gmail.com185620

नमस्कार रसिक हो-

arunvdeshpande

🖤 #SneakPeek |

हुक्म और हसरत | अध्याय–15🌸

अर्जुन एक कदम आगे बढ़ा...

सिया अनजाने में एक कदम पीछे हट गई।

यह सिलसिला तब तक चलता रहा, जब तक उसकी पीठ दीवार से नहीं लग गई।

कमरे में अजीब-सी खामोशी थी...

दोनों की धड़कनों की आवाज़ जैसे उसी सन्नाटे में गूँज रही थी। 💓

अर्जुन की नज़र सिया के जुड़े में उलझी एक छोटी-सी गुलमोहर 🌺 की पंखुड़ी पर ठहर गई।

वह बेहद नर्मी से उसके करीब आया...

सिया की साँस जैसे एक पल को थम गई।

अर्जुन ने बड़ी सावधानी से वह पंखुड़ी उसके बालों से निकालते हुए धीमे से कहा—

"क्या सोच रही थीं... राजकुमारी?" 🖤👑

सिया के पास कोई जवाब नहीं था...

सिर्फ़ धड़कनों का शोर था... ❤️

✨ बाकी कहानी... अध्याय–15 में।

#HukmAurHasrat #ArSia #SlowBurnRomance #RoyalRomance
"कुछ बातें लफ़्ज़ों से नहीं... सिर्फ़ नज़रों से कही जाती हैं। 🖤🌸
अध्याय–15 जल्द आ रहा है..."

dikshaparashar.699046

तो माई डियर प्रोफेसर का भाग चाहिए? अगर चाहिए तो कमेंट करो भाग 29 पर। वरना मै कहनी को पुरी नही करूंगी। यहा लेखक को अपने लिखने के बदले कूछ नही मिलता। और मै मुफ्त मे तो अपनी कहानी नही पढने दुंगी। अगर माई डियर प्रोफेसर के आगे के भाग पढने है तो कमेंट करो। भाग मैने ड्राफ्ट मे लिख रखे है। जैसे ही दस कमेंट हो जाएंगे मै माई डियर प्रोफेसर के भाग अपलोड करना शुरू कर दुंगी। इस समय लेखक गुस्सा है।

gautamreena712gmail.com185620

काग़ज़ों के मंच पर स्याही की ज़बान थी,
मैं जिसमें खो गया था वो किसकी दास्तान थी?

anisroshan324329

राम बनने से काम नहीं चलेगा
मेरे भाई कामयाब बनना पड़ेगा,
क्योंकि आजकल की सीता वनवास नहीं
बैंक बैलेंस देखती है।

anisroshan324329

इश्क़ की किताब

"सबने प्यार लिखा लेकिन, तड़पना नहीं लिखा क्यो इश्क़ की किताब में मिलना नहीं लिखा

उसने मेरे बारे में तो लिखा मगर, मुझें अपनी कहानी में अपना नहीं लिखा

बेशक वह अपने वादों से मुकरा हो लेकिन, मैनें उसे कभी झुठा नहीं लिखा..!!

anisroshan324329

उलझा हुआ,,,🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹😊

drbhattdamayntih1903

અષાઢી બીજ અને જગન્નાથ રથયાત્રાની ખુબ ખુબ શુભેચ્છાઓ, 🌹🌹🙏🌹🌹😊

drbhattdamayntih1903

वो बचपन कितना प्यारा था

वे चारों हमेशा साथ रहते
खाना भी ना खाते, एक-दूजे के बिना
बीती कितनी मस्ती भरी दोपहरियां सोय बिना
चोट एक को लगती थी,
दर्द सभी को होता था

शाम को अंताक्षरी सजती थी
जीतने के लिए शब्दकोश रटते थे दिन भर
कैरम, लूडो भैया ने सिखाए
खूब चाट पकौड़ी भैया ने खिलाए

अपने हिस्से का भी दीदी मुझे खिलाती थी
नींद खराब कर अपनी
रात को रोज पढ़ाती थी

जब मम्मी बाजार जाती थी
ऊधम बहुत मचाते थे
तोड़-फोड़ कर घर की चीजें
भोले बन पढ़ने बैठ जाते थे

पापा जब घर आते थे
बहुत सारी चीजें लाते थे
दिनभर की आपबीती सुनाते थे

वो बचपन कितना प्यारा था
हम एक साथ रहते थे

क्यूं हम इतने बड़े हो गए
एक-दूजे के लिए मेहमान हो गए
अब तो राखी पर भी नहीं मिलते
सब अपनी जिंदगी जीते
भाई बहन चारों जुदा हो गए

---dr वंदना शर्मा पांडव नगर नई दिल्ली

drvandnasharma8596

आषाढी निमित्ताने-
वारी निघाली पंढरपूरी
-------------------------------
विठू राहे पंढरपूरी
मंदिर चंद्रभागे तिरी
आली आली आषाढी
वारीत चाले वारकरी ।।

पाहण्यास श्री विठ्ठला
भाव अंतरी हो दाटला
टाळ- चिपळ्या वाजवी
हरिनाम तेओठावरी ।।

वीणा-टाळ ,मृदंग वाजे
रामकृष्ण हरी नाम साजे
आनंद अनिवार हो अंतरी
जयघोष करी वारकरी ।।

पंढरपुरी जाती वारकरी
पाहण्या सावळा श्रीहरी
म्हणे कवी अरुणदास
नाम गोड श्रीहरी श्रीहरी ।।
----------------------------------------------
कवी अरुणदास"अरुण वि.देशपांडे-पुणे
9850177342
-------------------------------------------------

arunvdeshpande

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#photogallery #photooftheday #picoftheday #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

#उपवास स्पेशल..

🍂राजगिरा बटाटा थालिपीठ

🍂साहित्य
राजगिरा पीठ एक वाटी
दाण्याचे कूट अर्धी वाटी
एक बटाटा
जिरे,
मीठ,
साखर (ऐच्छिक)
बारीक चिरलेली मिरची,
कोथिंबीर (उपासाला चालत नसेल तर घेऊ नये)

🍂कृती
बटाट्याचा सालासकट कीस करून घ्यावा
बटाटा कीस व सर्व साहित्य एकत्रित करून पीठ भिजवावे
अर्धा तास झाकून ठेवावे
यानंतर तव्यावर तूप सोडून
थालिपीठ लावावे
बोटांनी मध्ये मध्ये गोल करून
त्यात तूप सोडावे

🍂झाकण ठेवून दोन्हीकडून चांगले भाजुन घ्यावे
हे थालीपीठ कुरकुरीत व चविष्ट होते

🍂सोबत घरचे ताजे लोणी🙂

🍂उपासाला चालत नसल्याने अथवा इतर तब्येतीच्या कारणामुळे काही लोक साबुदाणा खात नाही त्यांच्यासाठी हे थालिपीठ चांगले आहे

jayvrishaligmailcom

#उपवास स्पेशल..

🍂राजगिरा बटाटा थालिपीठ

🍂साहित्य
राजगिरा पीठ एक वाटी
दाण्याचे कूट अर्धी वाटी
एक बटाटा
जिरे,
मीठ,
साखर (ऐच्छिक)
बारीक चिरलेली मिरची,
कोथिंबीर (उपासाला चालत नसेल तर घेऊ नये)

🍂कृती
बटाट्याचा सालासकट कीस करून घ्यावा
बटाटा कीस व सर्व साहित्य एकत्रित करून पीठ भिजवावे
अर्धा तास झाकून ठेवावे
यानंतर तव्यावर तूप सोडून
थालिपीठ लावावे
बोटांनी मध्ये मध्ये गोल करून
त्यात तूप सोडावे

🍂झाकण ठेवून दोन्हीकडून चांगले भाजुन घ्यावे
हे थालीपीठ कुरकुरीत व चविष्ट होते

🍂सोबत घरचे ताजे लोणी🙂

🍂उपासाला चालत नसल्याने अथवा इतर तब्येतीच्या कारणामुळे काही लोक साबुदाणा खात नाही त्यांच्यासाठी हे थालिपीठ चांगले आहे

jayvrishaligmailcom

मेरी पोस्ट भी, फिल्मो की तरह होती है...!

कोई हिट जाती है, तो कोई पिट जाती है...!

..

लेकिन वॉलपेपर लाज़वाब होता हैं

anisroshan324329

न्याय मांगना वहीं शोभा जाता है,
जहां न्याय की सच्ची,
परिभाषा मालूम हो।

यदि उल्लू को पुछेंगे कि,
सूर्य कैसा होता है?

तब वह अंधकार की,
वाहवाही करने लगेगा।

parmarmayur6557