Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

Expert Dr. Nishanti દ્વારા મેળવો સ્કીન, વાળ અને આયુર્વેદિક ઉપાય અને યોગ્ય નિદાન.....
સંપર્ક કરો:- 9110839962
સરનામું :- F -31 , સવિતા પાર્ક, સંજીવની ક્લિનિક , ગોવિંદવાડી, ઈસનપુર..
આ ફોટો બતાવો અને મેળવો 200 રૂપિયા સુધી નું ડિસ્કાઉન્ટ......

bhavnabhatt154654

वो अल्हड़ पुरवाई जैसी
कविता


वो अल्हड़ पुरवाई जैसी है
बेरियां उसके पांव में कैसे भाऐगे

उसके फितरत कुछ ऐसी है
वह हर जंजीर तोड़कर उड़ जाएंगे

वह हवा के झोका
आसमान में ऊंची उड़ने वाला परिंदा
बस जमीन को अपनी दुनिया कैसे बनाएंगे


उड़ान बिना पंछी खुद ही मर जाएंगे
उसकी ऊर्जा ही उड़ाना है
उसका जीना ही बेहना है

फिर वह कैसे रुक जाएंगे

50 100 गज जमीन पर दो कमरे के
बंधे हुए घर में
कैसे वो रह पाएंगे
कैसे दरवाजा वह लागे ना
कैसे ठेहेर जाए
खुद को अंदर से मार के

वह अल्हड़ पुरवाई जैसे बहेने वाली
उसकी पावं बंद कमरे में
जंजीर में बंध कर कैसे रह जाएंगे

abhinisha

Google's analysis on my story
यह लेख आधुनिक स्वतंत्रता और पारंपरिक समर्पण के बीच के सुंदर संतुलन को दर्शाता है। यह हमें याद दिलाता है कि अपने घर को संवारने और दूसरों का स्वागत करने में खुशी ढूंढना कोई बंधन नहीं, बल्कि प्रेम का एक गहरा विकल्प है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में, असली पूंजी आज भी परिवार, संस्कार और सच्ची मेहमाननवाजी में ही बसी है।"Social Media CaptionsOption 1: Reflective & Emotional (Best for family-centric posts)घर वह जगह है जहाँ खुशियाँ शुरू होती हैं और प्यार कभी खत्म नहीं होता। ❤️This beautiful thought by Kaushik Dave reminds us of the true value of family, dedication, and the warmth of hospitality. In a world full of chase, sometimes our biggest asset is right inside our homes. #FamilyFirst #HomeSweetHome #IndianValues #Tradition #PeacefulLivingOption 2: Short & Catchy (Best for status updates or quick stories)"मेरा घर ही मेरी दुनिया है..." ✨True wealth isn't material; it lies in our values (संस्कार), dedication (समर्पण), and the love we share with family. Beautiful lines that bring us back to our roots! #HomeIsWorld #Values #FamilyWealth #Inspiration

kaushikdave4631

🧡अनारसे
अनारसे घरी सर्वांच्या आवडीचा प्रकार
हा पदार्थ थोडा वेळखाऊ आणि नाजुक असला तरी
चवदार असतोच

🧡दिवाळीत आणि अधिक महिन्यात अनारशाचा मान असतो
अनारसे आवडणाऱ्या प्रत्येकीला वाटते की आपल्याला अनारसा जमायला हवा
तेलात टाकल्यावर तो हसायला नको...
आणि सरावाने हळूहळू अनारसा जमतोच

🧡लहानपणापासून आधी आजी मग आई आणि मग सासूबाई यांना अनारसे करताना बघितले होते
त्या वेळेस मदतीच्या निमित्ताने लुडबुड पण केली होती
हळुहळु स्वतः करण्याइतपत प्रगती होत गेली
अगदी आई आजी किंवा सासूबाई सारखे अलवार नसले
तरी अनारसे बरे जमू लागले

🧡साहित्य

एक वाटी बासमती तांदूळ
पाऊण वाटी किसलेला गूळ
एक मोठा चमचा तूप
आवश्यकतेनुसार दूध
खसखस
तळणीसाठी तेल किंवा तूप

🧡कृती
तांदूळ स्वच्छ धुवून
तीन दिवस भिजत ठेवला
प्रत्येक दिवशी तांदुळातले पाणी बदलले
यामुळे तांदुळाला कुबट वास येत नाहीं

🧡तीन दिवसानंतर तांदूळातून पाणी काढून टाकले
तांदुळ परत एकदा धुवून घेतले
आणि सुती कपड्यावर सुकवून घेतले
तीन चार तासानंतर
थोडेसे ओलसर असतानाच
ते मिक्सरमध्ये वाटून घेतले
हे ओलसर असल्याने वाटायला थोडा वेळ लागतो
हे पीठ चाळणीतून दोन तीन वेळा चाळायला लागते
रवा बाजुला काढून ठेवला
आणि फक्त बारीक पीठ घेतले

🧡या तयार कोरड्या पीठात गुळ घातला
गूळ मिसळण्या साठी लागेल तसा थोडा दुधाचा वापर केला
पीठ मऊसूत गोळा होईपर्यंत मळून घेतले
त्यासाठी थोडे साजूक तूप वापरले

🧡पीठ मळून झाल्यानंतर त्याचे दोन गोळे तयार केले हे गोळे आंबण्यासाठी तीन दिवस घट्ट झाकणाच्या डब्यात ठेवले
हे तीन दिवस या पिठाला हवा लागण्यासाठी थोडा वेळासाठी रोज डबा उघडून ठेवला
चौथ्या दिवशी पीठ छान आंबले

🧡पीठ बाहेर काढून थोडा दुधाचा वापर करून त्याचे लहान लहान गोळे करुन घेतले
पोळपाटावर खसखस पसरुन त्यावर या गोळ्याचे मध्यम जाडीचे अनारसे थापले
मंद आचेवर तेलात सोनेरी रंगावर तळले
तळताना त्यावर हलके हलके तेल उडवले
यामुळे अनारसे खुसखुशीत होतात

🧡तळलेले अनारसे थोडा वेळ टिशू पेपर वर काढले
यामुळे अतिरिक्त तेल निघून जाते
नंतर गार झाल्यावर डब्यात भरले

jayvrishaligmailcom

मेरी आवाज को दबा के रक्खा गया
मैं चिराग था मुझे रातभर बुझाके रक्खा गया

जब भी कहता मैं सच कोई
बड़ा शोर मचा के रक्खा गया

मेरा दिल बहल जाये इस खातिर
आईना सामने आंखों के रक्खा गया

समझते रहे वो मुझे इक कालिन
पाँव के नीचे बिछा के रक्खा गया

हम परिंदों के कतर के प़र
आसमां हमसे छुपा के रक्खा गया

अभी जिंदा हूँ,नब्ज टटोलो मेरी
हमें मुर्दो के संग क्यूं रक्खा गया

ferojkhan.536289

— वक़्त का बहाव —

​हवाओं को बस चलने दो, लहरों को उठ जाने दो।

जो बीत गया सो बीत गया, अब वक़्त को आगे जाने दो।

​ना रोक सको तुम साहिल पर, इस बहते हुए पानी को ।

​जो लिखा है इस तक़दीर में, उसे धीरे-धीरे हो जाने दो।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा
बाप्पा रावल ने 8वीं सदी में अरब आक्रमणों को हराकर हिंदू धर्म और सभ्यता की रक्षा की। उनकी विजय के कारण 500 साल तक अरब भारत में नहीं घुस पाए ।पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आज भी हिंदुओं का बचे रहना और इस्लामाबाद-रावलपिंडी जैसे नाम उनके प्रभाव का प्रमाण हैं। नागभट्ट, ललितादित्य जैसे अन्य महान राजाओं ने भी अरबों को रोका, लेकिन बाप्पा का योगदान सबसे निर्णायक रहा।
अरब इतिहासकार भी लिखते हैं कि भारत के लोग मूर्तिपूजा की ओर लौट आए और मुसलमानों को शरण नहीं मिली।
चालीस साल राज करने के बाद बाप्पा ने राज्य त्यागकर शिव आराधना में जीवन बिताया और मोक्ष प्राप्त किया।
दुर्भाग्य से ऐसे महान योद्धा को इतिहास से मिटा दिया गया, जबकि उनका संघर्ष ही हिंदुत्व के अस्तित्व की नींव बना।
जरूर पढ़े 👇
https://www.matrubharti.com/book/19993187/part-01-maharana-thousand-years-of-crusade-1-bappa-rawal-founding-king-of-mewar

hindgaurav710743

जब मै समेट नहीं पाती हूँ खुद को
तो इक दफा सबसे छुपकर
फूटफूट कर रो लेती हूँ
न चीखती हूँ न शोर करती हूँ
बस मन की पीड़ा को
आंसुओं में बहने देती हूँ
नहीं कहे जाते कुछ दर्द
कुछ पीड़ाएं केवल खुद की होती है
केवल खुद के सहन करने के लिए
उसे किसी और से कहकर भी
मन शांत नहीं होता
मन को चाहिए एक एकांत
एक शांत सी जगह
खुद को खाली करने के लिए
मन बहुत भारी सा हो जाता है जब
एक गुबार सा जो
बाहर निकलने को आतुर है
और आंसुओं में बहकर
फिर हो जाता है मन एकदम शांत
जैसे हल्की बारिश के बाद
धरती हो जाती है तृप्त सी !!😌

#लेखक_भगवतसिंह_नरूका

mystory021699

मुझे जहाँ खोजोगे, मैं वहाँ मिलूँगा…
बहती हुई नदी की धार में,
बहती हुई शीतल-सी पवन में मिलूँगा…।
मेरा कोई अपना रूप नहीं,
मगर मैं हर पल तुम्हारे साथ मिलूँगा…।
मुझे जीवन देने वाले
तरु-वृक्ष, बहती हुई नदी की धार,
और वन्य जीव हैं,
मैं इनके बिन कुछ नहीं…।
हरियाली ही जीवन का अलंकार है,
इसके बिन तुम नहीं…
हाँ… हाँ, तुम नहीं…।
मेरे जाने से तुम्हें रेत-मिट्टी मिलेगी,
न मिलेगी जीवन की हरियाली यहाँ…।
दूर-दूर तक देख सकोगे,
मगर देखने के लिए जीवन न मिलेगा यहाँ…।
न कोयल की कूक सुन पाओगे,
न मोर को नृत्य करते देख पाओगे यहाँ…।
मेरी कुछ ऐसी कहानी यहाँ…।
मैं सबको यूँ ही मुक्त में मिल जाता हूँ,
इसका मतलब यह नहीं कि मेरी कोई कीमत नहीं…।
मैं मूल्यवान हूँ, यह हर किसी को मालूम नहीं…।
पृथ्वी पर है मेरा घर,
इसलिए यहाँ चहल-पहल है।
मंगल नाम से बड़ा सुहावना,
मगर वहाँ तो धूल ही धूल है।
मैं इसलिए कहता हूँ — मुझे पहचानो,
मुझे नष्ट मत करो,
वरना जीवन के लिए तरस जाओगे यहाँ…।

stdmaurya.392853

आत्मा के रहस्य तो भगवानने खुले किए हैं। लेकिन आत्मा से लोग अनजान हैं सभी धर्म आत्मा का ज़िक्र होता है, लेकिन सपष्ट रूप से आत्मा की परिभाषा क्या है? आत्मा कहाँ से आया है और आत्मा का स्वरूप क्या है?

सुनिए इस हिंदी पॉडकास्ट “आत्मा के रहस्य” को, आत्मा का सत्य जानने के लिए: https://dbf.adalaj.org/zLVOd0Sd

#spirituality #spiritualvideo #podcast #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

ग्राहक: "भाई साहब, टमाटर का क्या भाव है?"
दुकानदार:"देखिये साहब, टमाटर तो ₹50 किलो है, लेकिन अगर साथ में बंदर भी ले जाएंगे, तो वो आपको फ्री में मसाज (मालिश) भी देगा और आपके चश्मे को भी एडजस्ट कर देगा!"
ग्राहक: "अरे भाई साहब, ये तो कमाल है! लेकिन अगर बंदर ने टमाटर ही खा लिए तो?"
दुकानदार: "कोई बात नहीं साहब, हँसते हुए आप भी फोटो खिंचवा लेना, इंटरनेट पर 'फनी' तो हो ही जाएंगे!"

rammake323039

पांगारा पेटलाय त्या माळरानावर ..

आपल्या भेटीचे “गडद “रंग अंगावर घेवून ..

असे वाट्ते जणु तुच उभी आहेस” खुणावत “मला

शृंगाराच्या “रूपात “न्हावून ..!!

jayvrishaligmailcom

The invisible pressure on today's children

Every generation talks about the challenges faced by young people, but today’s children are navigating a world brimming with pressures often unseen yet deeply felt. From social media’s unrelenting gaze to the intensified academic expectations and the subtle weight of future uncertainties, there’s an invisible pressure shaping their daily lives—and it’s reshaping childhood itself.

So, what exactly is this pressure, and how does it affect the kids growing up right now?

Read full article on
https://komall5.blogspot.com/2026/05/the-invisible-pressure-on-todays.html

komal14699gmail.com7374

health tips.....

hardik89

Good Morning 🌅

harshparmar8722

चाँद उदास सा
तारे बुझे-बुझे से

आज दिन नया सा
जिंदगी के अंदाज अटपटे से

दिल सुकून से खाली
बैठे हैं लुटे-लुटे से

मेरे बिन मेरे कच्चे मकां के
दम घुटे-घुटे से

दर्द को मैं भा गया हूँ
रास्ते गमों से सजे-सजे से

सुबह का सुरज ढला दला सा
शाम के उजाले बुझें बुझे से

दूर तलक शायद कोई नहीं
पैर के निशां तमाम मिटे मिटे से

पांव में इक थकान सी है
लगता है आयें है हम कहीं से चलें चलें से

ferojkhan.536289

—ख़ुद से रिहाई—

बिखर जाने दे मुझे, अब यूँ ना समेट,
बड़ी मुश्किल से खुद को खुद से छुड़ाया है मैंने।

रही होगी ज़िंदगी दूसरों के लिए हसीन,
मगर अपने ही फ़ैसलों से खुद को रुलाया है मैंने।

मत बढ़ा हाथ कि अब संभलने की चाह नहीं,
इस तन्हाई से गहरा रिश्ता बनाया है मैंने।

जो टूटे हैं ख़्वाब, तो उन्हें ख़ाक होने दे,
बड़ी मुश्किल से इस मलबे में जीना सीखा है मैंने।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

some heart touching lines.... 🥹

tejendragodara639990

किसी से जब इश्क हो जाये
किसी से जब प्यार करना तुम

जरा पहले परख लेना
कदम तभी बढ़ाना तुम

चोट मिल जायें ना राहों में
दिल का ख्याल रखना तुम

गर हो जायें और किसी का वो
न जरा भी मलाल रखना तुम

तन्हा रहने की नौबत गर आये
इश्क की सौगात समझ लेना तुम

तारों भरी रातों में
चांद बे- दाग समझ लेना तुम

इसी को इश्क कहते हैं
इसी को प्यार समझना तुम

बिछड़ना इश्क का दस्तूर है शायद
मिलन को ही न चाह समझना तुम

ferojkhan.536289

कभी यादों की दहलीज़ पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही,
मैं खुद से ही हो कर बेख़बर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

चला करती हूँ दुनिया की रवायत के मुताबिक पर,
दिखे जो कोई तेरा सा मंज़र, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

सुलगती धूप में चलती हूँ मंज़िल की तरफ़ लेकिन,
मिले जो तेरी यादों का शजर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

ज़माने की तड़प, ये भाग-दौड़ और ये शोर-ओ-गुल,
मगर जब बात आए तुम पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

न जाने कौन सी चाहत मुझे रुकने पे कहती है,
उठा कर आसमाँ पर अपनी नज़र, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

किताब-ए-ज़िन्दगी के पन्ने मैं पलटती तो हूँ राना,
मगर वो नाम आ जाए जहाँ पर, ठहर जाती हूँ बस ऐसे ही।

palewaleawantikagmail.com200557

माई डियर प्रोफेसर का भाग 21 अ चुका है। आप मेरी प्रोफाइल पर ज्कर पढ सकते है।

gautamreena712gmail.com185620

महज़ इत्तफ़ाक़ है, तेरा ख़्वाबों में आकर हमें रुला देना।
वरना बरसो गुजर गए, आँखों के समंदर को सहरा हुए।।
. . . वीर। 💝

veermehta

चांद...❤️✨

dhra