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MASHAALLHA KHAN

MASHAALLHA KHAN

@mashaallhakhan600196
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जरूरी नही है हर इश्क मुकम्मल हो
कभी कभी रकीब के हाथो की लकीरो मे भी
आप के महबूब का मुकद्दर लिखा होता है .

-MASHAALLHA

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झूठी मुस्कान दिखाने से अच्छा
सच्चा गुस्सा दिखाना बेहतर है
यू झूठ को बार बार नकाब पहनाने से
आपका किरदार नही बदलता .

-MASHAALLHA

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हम लोगो से उतने ही सवाले करते है
जितने जवाब हम उनसे सुनना चाहते है
या जितने जवाब हमे मालूम होते है .

-MASHAALLHA

ये जिन्दगी भी कितनी निर्दयी होती है
कभी कभी आपको अपनी इज्जत
खोकर ही पैसा कमाना पड़ता है .

-MASHAALLHA

ख्वाब पूरे करने के लिए भी
नींद का त्याग करना पड़ता .


राहते मिलेगी तभी
जब मुश्किलो से दो चार होना पड़ेगा .

-MASHAALLHA...

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एक वक्त था जब ना पंखा था, ना कूलर, और ना ही AC, तब भी लोग कितनी सुकुन की नींद सोते थे,
आज के वक्त मे पंखा, कूलर, AC सबकुछ तो है मगर सुकून छोड़िये नींद ही कहा है .

-MASHAALLHA

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दर्द उन्हीं को होता है जो जख्म खाते है,
समद्रो का क्या वह तो दरिया भी निगल जाते है,,
अगर कोई पूछे तो बताना सब है सही,
यू सबको बताने से दर्द और बढ़ जाते है.
-MASHAALLHA

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चमकता रहा सूरज सब उसका दीदार करते रहे,
हम अन्धेरो के साये मे थे और बर्दाश्त करते रहे,,
मोहलत दी थी किसी ने चन्द लम्हो की शायद,
हम टूटी कश्ती लेकर समुद्र को पार करते रहे...

-MASHAALLHA

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यू सबसे दूर दूर रहना मेरी आदत नही
कुछ मजबुरिया है जो मैने सबसे छिपा रखी है .

-MASHAALLHA

मेरी नाव समुद्र के उस हिस्से मे जा फसी है
जहा से बाहर निकल आना एक चमत्कार से
कम नही होगा .

-MASHAALLHA