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New bites

Some hearts seek attention.
Mine seeks a legacy.

parmarsantok136152

Not everyone can carry my love,
because it comes with courage, loyalty, and dreams.

parmarsantok136152

मैंने खुद को इतना गढ़ा है, कि अब मेरी पहचान किसी एक नाम की मोहताज नहीं।
किसी के लिए दुआ हूँ, किसी के लिए हौसला, और अपने सपनों के लिए एक अडिग इरादा।
मोहब्बत भी पूरे दिल से करती हूँ, और अपने मुकाम तक पहुँचने का जुनून भी रखती हूँ।

parmarsantok136152

Good Morning 🌄

harshparmar8722

दिल टूटने की आवाज नहीं होती
लेकिन सुनाई जिन्दगी भर देती है 💔😥

anikaku516037

"श्री की कलम"

ये बारिश जो अचानक से आई है
क्या ये किसी का पैगाम लायी है
या मेरे इस खालीपन में थोड़ी सी
गड़गड़ाहट लाने आई है।

हम तो हमेशा अकेले ही
अपनी मस्ती में जी रहे थे
क्या ये हमे कुछ और बताने आई है।

ये जो हवाएं लाई है
वो किसी के लिए आंधी
तो किसी के लिए सुकून
बनकर आई है।

sharmaa2

वो जो चराग जलाते थे शब-भर गालिब,
अब उनकी जरूरत कहा रही ।

एक बटन दबाया और पूरा कमरा नूर ओ नूर हो गया ।

-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

একজন টেক্সট করেছে কিছু মনে করবেন না দিদি একটা কথা বলি
দিদি আপনি না ফিল্টারেই সুন্দর বাস্তবে তো তা না
তো আমিও তার প্রোফাইলে গেলাম ভালো করে ঘুরলাম দেখলাম তারপর তাকে রিপ্লাই দিলাম রাগ করো না
বোন তুমি তো ফিল্টারেও চিপকালীর মতন দেখতে
ব্লক করে দিলো মনে হয় বোনটা রাগ করেছে 😶‍🌫️

surjomukhi

Good Night 🌉

harshparmar8722

अखियां बरसे
गीत

दिन दिन तरसा
तन्हा रहा कई अरसों से

यह आंखें बरसी बरसी
सावन के बद्री बिन मौसम के


दोशी की तरह से जीते रहे
जीने की सजा ऐसी मिली हमको
हम आहे भी ना भरसके

हम तड़प तड़प के जीते रहे
जीने की सजा ऐसे मिली
हम दिल खोल कर रो भी ना सके


दिन दिन तरसे
अखियों से बैरागी बरसी
बरसी बिन मौसम के


दर्द अंदर है
होठों से आह भी ना निकलते
जो जख्मी है दिल
दिल दवा की चाहत भी ना कर सके



बस करते हैं
कुछ और देर ठहेर जाने की दुआ

मुर कर पीछे देखते हुए
कोई आए जख्मों पे मरहम लगा दे
यह सोचते हुए



अंदर रोता एक छोटा बच्चा खुद से ही
उलझ जा रहा


हां अंदर रोता एक छोटा बच्चा
खुद से ही उलझा जा रहा



अब उम्मीद नहीं कोई आकर रोके
कोई आकर टोके
या कोई बचा ले जाए उन्हें



उम्मीद से भरा निराशों से पला
खिच ले जाए उसे जिंदगी की डोर आगे की तरफ


खामोश होंठ लिए
ऐ तरसा मन खुद को वया ना कर सके
बस बरसे आंखें बरसे बन बद्री बिन मौसम के



हां आंखें बरसे ऐ बरसे
रहा चलते
चलते बैरागी बिना सहारे के



चाहत अधूरी है पर उम्मीद में धीमी रोशनी है
रोशनी देख पीछे देख देखें बैरागी राहों को
तरसे तरसे बिन अपने के



तन्हा रह रहकर कई अरसो से
अखियां बरसी बरसी
बन के बद्री बिन मौसम के

abhinisha

પપ્પા,મારા હીરો મારા આદર્શ

kaushikdave4631

हां मैं एक स्त्री हूं।
- लेखक -कौशिक दवे

kaushikdave4631

पाठशाला प्रवेशोत्सव गीत

kaushikdave4631

Goodnight friends.. sleep well

kattupayas.101947

सफलता पाने की उम्मीद में लिखती हूँ… ✍️
आँखों में सपने सजाकर जीती हूँ… ✨
ये उम्मीद ही है जो मुझे चलाती है…
वरना हर दिन बस यूँ ही कट जाता…
कभी लगता है शायद सफल हो जाऊँगी…
और कभी बस यही उम्मीद रह जाती है…
अगर सफलता मिली तो ज़िंदगी संवर जाएगी…
और अगर नहीं भी मिली…
तो ये उम्मीद ही मेरे जीवन को काट ले जाएगी…

archanalekhikha

Thanks to matribharti for the support of my Tamil novel நிழல் தரும் வசந்தம்.

kattupayas.101947

मोहब्बत तब और खूबसूरत हो जाती है,
जब दो लोग एक-दूसरे को बदलने नहीं,
बल्कि समझने की कोशिश करते हैं।
भरोसा हो तो गलतफहमियाँ भी रास्ता भटक जाती हैं।

parmarsantok136152

🙏🙏किसीने कहां 'मोहब्बत' में जुदाई दर्द देती है,

हा देती होगी,

उसकी 'चुभन' उस मोहब्बत को ओर 'गहरा' करती होगी।

जहां प्यार है वहां थोड़ी सी जुदाई का दर्द तो झेलना पड़ेगा।

वह तो कान्हा भी अपने जीवन वृतांत में दिखलाकर गये है।

मुझे लगता है कि राधा का विरह और विरह में भी एक संयम से ही कान्हा के नाम के आगे राधा का नाम पुकारने पर 'मुक्ति' मिलती होगी।

प्यार सही में मुक्ति देता है बंधन तो 'माया' का रुप है।

मोहब्बत में आयी जुदाई आंखों से आंसु की 'धारा' बहातीं है,

उस धारा में बहना या संभलकर दर्द झेलना वह व्यक्ति पर 'निर्भर' रहता है।

बहनें पर भी एक दर्द दिल को याद रखता है और संभलकर भी दो दिलों की धड़कन धड़कतीं रहतीं हैं।

मोहब्बत इश्वर की बनायीं हुई एक अलग ही कायनात है।🦚🦚

parmarmayur6557

तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और डिप्रेशन साइलेंट किलर बन चुके हैं। यह सिर्फ सामान्य उदासी नहीं, बल्कि एक गहरी मानसिक लड़ाई है जो किसी को भी तोड़ सकती है। लेकिन याद रखिए, डिप्रेशन आपकी कमजोरी नहीं बल्कि इस बात का संकेत है कि आप बहुत लंबे समय से अकेले मजबूत बने रहने की कोशिश कर रहे थे। अब वक्त हार मानने का नहीं, बल्कि एक शानदार शुरुआत करने का है।

यह लेख आपको निराशा के अंधेरे से निकालकर सकारात्मकता के उजाले में ले जाएगा जहां आप सामान्य मानसिक थकान और डिप्रेशन के बीच के छिपे हुए लक्षणों को पहचानना सीखेंगे। इसके साथ ही आप यह भी जान पाएंगे कि रोजमर्रा की जिंदगी का दबाव और हार्मोनल बदलाव हमारी मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित करते हैं। इस लेख में दिमाग को शांत करने वाली तकनीकों, योग, सही डाइट और ‘नो’ कहने की आदत जैसे अचूक उपायों को बहुत ही सरल तरीके से समझाया गया है। यह व्यावहारिक गाइड आपको रोजमर्रा की उन 3 आदतों से रूबरू कराएगा जो आपके खोए हुए आत्मविश्वास को वापस ला सकती हैं और आपको बिना झिझक के थेरेपिस्ट या अपनों से बात करने की ताकत देगी। यह सिर्फ एक आर्टिकल नहीं है बल्कि आपकी जिंदगी बदलने वाला एक जरिया है जो आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाना सिखाता है। उठिए, इस लेख को पूरा पढ़िए, अपने मन के बोझ को कम कीजिए और अपनी जिंदगी की कमान फिर से अपने हाथों में लीजिए।

https://www.matrubharti.com/book/19993939/tanaav-aur-depression-se-mukti-1

nityaoswal430745

Do you know that only the money you spend on others is yours? That much is the balance for the next life.

To know more, visit here: https://dbf.adalaj.org/SGSaL4IV

#humanity #lifelessons #helpothers #doyouknow #facts #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

🥭आंबा बर्फी किंवा वडी 🥭
आंब्याच्या दिवसात तीन चार वेळा आंबा वडी होतेच
घरच्या आंब्याचा रस घट्ट व रंग गडद केशरी असल्याने वड्या देखण्या व चविष्ट होतात 😊
कधी आपल्या सोबत घरी आला गेला पाहुणा खाऊन तृप्त होतो
तर कधी आपल्यालाच खायला शिल्लक उरत नाही
इतकी लोक येऊन खाऊन जातात 😀
कधी आप्तेष्टांना आठवणीने डब्यातून पोचवली जाते
या सगळ्या गोष्टीत सुद्धा एक समाधान असते
मात्र यामुळे फोटो काढायची संधी राहून जाते 😀
अखेर ती संधी मिळाली
ही माझ्या पद्धतीची आंबा वडी
🥭साहित्य
एक वाटी आंब्याचा रस
आंबा नसेल तेव्हा पल्प वापरता येतो)
एक वाटी ओले खोबरे
दोन मोठे चमचे चमचे मिल्क पावडर
साखर पाऊण वाटी
एक चमचा तूप

🥭कृती
आंब्याचा रस साखर व खोबरे सर्व एकत्र करून कढईत शिजायला ठेवणे
सतत हलवत राहणे
काही वेळाने गोळा होत आहे असे वाटले की दोन चमचे मिल्क पावडर
व चमचाभर तूप घालून चांगले घोटून घेणे
तूप लावलेल्या थाळीत मिश्रण ओतून
थाळी ठोकून घेणे
गार झाल्यावर आवडीच्या आकारात वड्या पाडणे
सजावट बदामाचे पातळ काप

jayvrishaligmailcom

मेरे हिस्से में फूल भी आए, और काँटे भी।
मैंने दोनों को संभाल कर रखा, क्योंकि फूलों ने मुस्कुराना सिखाया, और काँटों ने झुकना नहीं।
अब जो मुझे देखता है, उसे सिर्फ मेरी चमक दिखाई देती है, उसे यह नहीं दिखता कि मैंने खुद को कितनी बार राख से उठाया है।

parmarsantok136152

मैंने अपने दिल को मोहब्बत करना सिखाया है, और अपने सपनों को हकीकत में बदलना भी।
मैं फूलों-सी नर्म भी हूँ, और तूफ़ानों के सामने खड़ी रहने का हौसला भी रखती हूँ।
लोग मेरी मुस्कान देखते हैं, मगर उन्हें क्या पता, उस मुस्कान के पीछे कितनी दुआएँ, कितनी मेहनत और कितने अधूरे सफ़र छिपे हैं।
मैं किसी एक पहचान में बंधने नहीं आई, मैं अपनी कहानी खुद लिखने आई हूँ।

parmarsantok136152