Quotes by Parmar Mayur in Bitesapp read free

Parmar Mayur

Parmar Mayur

@parmarmayur6557


🙏🙏एक 'पाशविक' जानवर,
जो मन भीतर भी पल रहा हो या हो,

बस कर दो 'कत्ल उस जानवर' का,

फिर देखो,
हर दिन "इद की तरह खुशियां" लाता है।🦚🦚

- Parmar Mayur

Read More

🙏🙏सच्ची बातें हमेशा कड़वी होती है???

नहीं कभी नहीं।

बस वह सोचने-विचारने वाले इंसान के नजरिए पर निर्भर है।

सोचने वाला इंसान उसको दवा की तरह समझता है,

तब वह ख़ुद को नुक्सान से बचा पायेगा।

यदि सच्ची बातों को अपनी 'बेइज्जती या अपमान' समझता है,

तो वहीं बातें उसके लिए फिर वह ज़हर बन जाएंगी या लगने लग जाएगी।

सच में वह ज़हर नही है।

पर सबसे ज्यादा नुक्सान उस नासमझ को ही होगा।🦚🦚

Read More

🙏🙏क्रोध के वक्त रखा मौन और मुश्किल समय में भी चहेरे पर हास्य रखने वाला इंसान 'समझदार सामर्थ्यवान' होता है।🦚🦚

- Parmar Mayur

Read More

🙏🙏जिंदगी में 'दोस्त' रखना है तो 'कर्ण' जैसा रखना चाहिए,

और 'भाई' कुंभकरण जैसा होना चाहिए, विभिषण जैसा नही।🦚🦚

Read More

🙏🙏मैंने सुना है कि दो कप चाय से वर्षों पूराने दुश्मन भी दोस्त बन सकते हैं।🦚🦚

🙏🙏हम कोई तकलीफों में है,
मन भीतर टेंशन बढ़ रहा है।

तब हमें क्या करना चाहिए?
वहीं हमें मालूम नहीं पड़ता है।

हमारी जिंदगी में कुछ ना कुछ प्रोब्लेम्स रहेती है,

इसका मतलब यह नहीं है कि हम उस प्रोब्लेम को दूर करने कि वज़ह उसमें ही उलझकर जिंदगी जिना ही छोड़ दे।

उसमें उलझनें से टेंशन दूर नही होगी किन्तु और बढ़ेगी ऐसे वक्त पर हमें शांत चित्त से खुद उसका निराकरण ढूंढना चाहिए।

यदि हमें नही मिल रहा है तो हमारे हितेषी मित्रों से राय लें या कोई अच्छी किताबों को पढ़ेंगे।

उससे निराकरण अवश्य मिलेगा और हमारी टेंशन में राहत मिलेगी या दूर होगी।

जिंदगी में जब मन ना लगे! मूड़ ओफ हो, तब हमें मन को राहत दे ऐसा कुछ करना चाहिए।

जैसे कि एक फूल से दुसरे फूल पर उड़ती रंग-बिरंगे तितलियां देखनीं चाहिए,

पर्वत से नीचे गिर रहे झरने देखने चाहिए,

बह रही नदी की धाराओं को महसूस करना चाहिए,

खुले आसमां में उड़ रहे पंखी देखने चाहिए,

बस मित्रों की टोली के बीच रहकर "जिंदगी मिलेगी ना दोबारा" यह सोचकर जिंदगी जी लेनी चाहिए।

बस ऐसे ही दिमाग़ को मानसिक पीड़ा से सुकून मिलेगा तब हृदय को अपने-आप एक अच्छी ऊर्जा का संचार मिलेगा।🦚🦚

Read More

🙏🙏हम खुद के लिए जीते हैं,
ज़ीना भी चाहिए पर एक हद तक सही है।

हमारे जीवन में आ रही खुशियां, ग़म, दर्द ए सब हमारे समय का एक हिस्सा है।

जिसे हमे समझना चाहिए पर उसे समझकर खुद के लिए ही जीने का लगाव अच्छी बात नहीं है।

कभी हमें हमारे 'अहम्' को त्याग कर किसी ओर के लिए भी जीना चाहिए,

किसी की खुशी में ख़ुद की खुशी बन जानीं चाहिए, किसी के दर्दको दूर करने की वज़ह बन जाना चाहिए।

हमें ख़ुद को इस तरह जीना चाहिए कि हमारी हिफाजत की दुआएं सब करे, सही है,,.?🦚🦚

Read More

🙏🙏अपने परिवार के लिए 'सुदामा' बनना पड़े तो बन जाना चाहिए और दोस्त के लिए 'कृष्ण' की तरह झुकना पड़े तो भी झुक जाना चाहिए।🦚🦚

Read More

🙏🙏तुम्हें चाहने की कोई वज़ह न थी,
बस ऐसे ही दिल में बस रही थी,

और

वज़ह जो तुम्हें चाहने की होती तो,
वह सही में चाहत थोड़ी होती।🦚🦚

- Parmar Mayur

Read More

🙏🙏आप अन्य को त्याग करने को कह सकते हो,

उसमें ना नहीं है।

कुछ 'अच्छा हो रहा हो तो त्याग करना' चाहिए,

अच्छी बात है।

बस वह त्याग प्रथम हमें करना चाहिए
बाद में किसी ओर को कहना चाहिए,

तभी तो एक उदाहरण बनेगा नहीं तो फिर व्यर्थ बातें।

सच्ची और अच्छी बातों का कोई भी कभी खुलकर विरोध नहीं कर पाएगा,

क्यूंकि सच सच ही होता है।

हमारी कथनी ओर करनी में साम्यता होनी चाहिए।

बुद्ध, महावीर, गांधी को उनके समर्थक तो ठीक है विरोधीयों भी ऐसे ही प्रणाम नहीं करते होंगे।🦚🦚

Read More