《नमस्ते दोस्तो तो आज एक दिल टुटे हुए आशिक़ की कहानी बताने जा रहा हू गौर से सुनियेगा और जानियेगा》एक बार विजय अपने दोस्तो से मिलने गया था कॉलेज वहा पे आज उसका पेहला दिन भी था सारे कॉलेज वाले दोस्तो ने उसको फोन कर करके परेशान कर दिया था की आ रहा है या नही कित्नी देर है आने मे ऐसे सवाल पे सवाल पुछे जा रहे थे विजय कॉलेज पे पूरे रास्ते मे बाते करता करता पहुचा अब आगे" विजय ये तुने क्या किया 10 बजे को बोला था तुने 12 बजा दिया ये तुने अच्छा नही किया
बेवफा - 1
《नमस्ते दोस्तो तो आज एक दिल टुटे हुए आशिक़ की कहानी बताने जा रहा हू गौर से सुनियेगा और बार विजय अपने दोस्तो से मिलने गया था कॉलेज वहा पे आज उसका पेहला दिन भी था सारे कॉलेज वाले दोस्तो ने उसको फोन कर करके परेशान कर दिया था की आ रहा है या नही कित्नी देर है आने मे ऐसे सवाल पे सवाल पुछे जा रहे थे विजय कॉलेज पे पूरे रास्ते मे बाते करता करता पहुचा अब आगे" विजय ये तुने क्या किया 10 बजे को बोला था तुने 12 बजा दिया ये तुने अच्छा नही किया ...Read More
बेवफा - 2
कॉलेज मोमेंटचलो सौम्य वैसे यहा पे कीसि के मुह नही लगना है. क्यू की बेकार मे दिन खराब हो चलो सलोनी ऐसे बहुत देखे है. हमे देरी हो रही प्लीज जल्दी चलो.कुच देर बाद...यार विजय ये तो वही लड़किया है. जो सुबह हमसे भिड़ गई थी. इनका और हमारा क्लास रुम एक ही है. कमाल है यार. अब आएगा मज़ा..येस योगेश तुमने सही कहा. अब बहुत मज़ा आएगा इस लडकियों मज़ा नही चका या ना तो मेरा नाम विजय नही.स स सलोनी देख तो वो वही लडके है. जो हमारी बेज्जती करके चले गए थे. हिसाब तो करना पडेगा ...Read More
बेवफा - 3
अरे भाई सुनना उन दो लड़कियों की पढ़ाई रोक दी गई है. यार मजा नही आयेगा कुछ कर ना प्लीज यार भाई. पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगेगा प्लीज.यार कमाल करते हो तुम ने खुद उन दोनो को निकलवाया. और अब तुम ही बोल रहे हो. की अब मन नहीं लगेगा उनके बिना. यार ये तेरा कुछ समझ नही आया यार. कही ऐसा तो नहीं. की तुम्हे वो लड़कियां पसंद आ गई.कैसी बाते कर रहा है. यार में तो बस उन लोगो की पढ़ाई के बारे में बोल रहा था. बस वो खराब ना हो बस.ठीक है मेम को ...Read More
बेवफा - 4
नरेन टीचर = ' ओके स्टंडेट्स सुनो सब लोग. जैसे की कल बताया गया था. की आज नए दो आने वाले है. सो ये वो दोनो है. सो प्लीज इन सब का वेलकम कीजिए.ऑल स्टूडेंट्स आर वेलकम्ड ऑफ न्यू स्टूडेंट्स = ' वेलकम मिस समीरा एंड राहुल वेलकम. हम उम्मीद करते है. की आप भी हमारी तरह इस कॉलेज मन लगा कर पढ़ाई करो. और आगे बढ़ो अपने जीवन में. 'राहुल = ' थैंक यू थैंक यू सो मच गायज़. आई एम सो हैप्पी. बिकॉज यू ऑल फॉर में प्रे ऑफ माय लाइफ. एंड माय रिप्लाई फॉर सेम टू ...Read More
बेवफा - 5
अगले दिन की सुबह 10 बज कर 10 मिनट. . .विजय = ' यार बंटी सुनो तो. चलो ना जा कर आते है. थोड़ा टाइम स्पेंड कर के आते है. इसे थोड़ा माइंड फ्रेश हो जायेगा. और काम भी अच्छे से हो जाएगा. और पूरा दिन बहुत अच्छे से बीत जायेगा. और ज्यादा इधर उधर भटकना भी नही पड़ेगा हमे. ठीक है. 'बंटी = ' हा भाई चलो चलते है. वेट अभी बाइक निकालता हु. बस तुम यही पर रुको ठीक है.. अच्छा भाई सुनो ना में ये सोच रहा था. की क्यू ना सलोनी को भी बुला लिया ...Read More
बेवफा - 6
सलोनी ऑन कॉल = ' अब ये गलत बात है. हम भले ही तुम को ऐसे लगते है. पर में ऐसे बिलकुल भी नहीं. अगर इस तरह हमे बदनाम और ताने मारने बुला रहे हो. तो फिर हम नही आयेंगे जाओ. क्यू की हमे भी अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट बहुत प्यारी है. चलो बाय फोन रखो. 'विजय = ' अरेरे रुको सॉरी सॉरी यार वो कुछ ज्यादा इमोशंस में बह गया था. इस लिए ऐसा हो गया. आई प्रोमिस आगे ऐसा कुछ भी नही करूंगा. और नाही कहूंगा जिससे आपकी सेक्स रिस्पेक्ट डाउन हो. प्लीज आई एम रियली वेरी वेरी ...Read More
बेवफा - 7
सलोनी = ' हा यार सौम्या आइडिया तो मुझे भी बहुत ज्यादा पसंद आया. चलो में तो रेडी हु. अब इस में जो कहा है. वो करना पड़ेगा ठीक है. वरना फिर इस ग्रुप का कोई महत्व ही नही है. इस लिए हर कोई अपने काम को बेखूबी से ऐसी इच्छा रखते है. 'विजय = ' हस थैंक गॉड की आप लोगो को हमारा ये प्लान अच्छा लगा. तो आज से हम सब एक दूसरे के दोस्त है. और हम इसके साथ आप सब को ये कहना चाहते है. की हमारी ये दोस्ती कभी नही टूटनी चाहिए. ठीक है. ...Read More
बेवफा - 8
राहुल = ' लेकिन कैसे शांत हो जाऊ. में बता रहा हु आप सब को की बिलकुल ठीक नही है. थिस इस नोट डन. प्लीज गायज़ कुछ करो वरना आज तो में गया. 'बंटी = ' हेय ब्रो प्लीज कुल यार अब तुम कुछ ज्यादा कर रहे हो. अब सीधे सीधे यही पर खड़े वरना एक उल्टे हाथ की पड़ेगी ना. ये सारी तेरी पागल पंती निकल दूंगा. लड़की बेचारी अध मरी हुई पड़ी है. इस भाई के चोचले खतम नही हो रहे. 'सौम्या = ' अरे बंटी जी मरना मत मरना मत. रुको रुको वो शायद सदमे में ...Read More
बेवफा - 9
बंटी = ' अच्छा मतलब तुम ये कहना चाहते हो. की हम इस राहुल गायब कर दे. जब तक समीरा ठीक नही हो जाती. आइडिया अच्छा है. लेकिन फिर राहुल के घर वालो का क्या करेंगे. वो भी तो राहुल को ढूंढेंगे. 'सौम्या = ' अरे लेकिन सिंपल सी बात है. जो आप को समझ नही आ रही है. दरअसल विजय ये कहना चाहते है. की राहुल को अंडर ग्राउंड रखेंगे. लेकिन राहुल के घर वालो को ये बात पता रहेगी. की राहुल किसी वजह से गायब रहेगा. 'सलोनी = ' हा ये जबरदस्त आइडिया है. चलो इसको फॉलो ...Read More
बेवफा - 10
बंटी = ' लगता है समीरा जी के घर से आ गए. बहार कोई चिल्ला रहे है. सब लोग रहना ठीक. ज्यादा से ज्यादा ये कोशिश करना की राहुल को मार ना सके. क्यू की मुझे ना राहुल के लिए थोड़ी फिक्र हो रही है. 'समीरा का भाई रेन = सोमी व्हेयर आर यू सोमी. है यू टेल मि हेयर आर माय सिस्टर सोमी. अरे आप लोग ऐसे चुप क्यों खड़े है. आपका ही फोन आया था ना. की समीरा हॉस्पिटल में है. सो कहा है वो. 'विजय = ' जी भाई वो अभी ठीक है. आप टेंशन मत ...Read More
बेवफा - 11
रेन = ' अच्छा ठीक है. में उस ड्राइवर को कुछ नही कहूंगा. बस उस बात करूंगा और थोड़ा ठीक है. पहले आप बताओ तो सही की वो कोन था गाड़ी वाला जो तुम्हारी हालत इस तरह बिगाड़ कर रख दी है. ' समीरा = ' हा ठीक है. तो में बताती हु. एक्चुअली वो ड्राइवर कोई और नही बल्कि मेरे कॉलेज का लड़का ही हैं. और उसका नाम राहुल है. और वो अभी बाहर खड़ा है. ' रेन = ' सोमी तुम बस दो मिनट रुको में बस 1 मिनट में आया. ज्यादा टेंशन मत लेना. ...Read More
बेवफा - 12
सौम्या = ' बंटी तुमने ये तो कभी नही बताया. की ये लोग एक दूसरे को प्यार करते है. है यार. अभी कल ही तो हम मिले थे इनसे. और आज ये भी पता लगा लिया. की राहुल और समीरा जी एक दूसरे को प्यार करते है. इट्स नोट डन हा. 'बंटी = ' अरे वो कल हमने एक मीटिंग रखी थी. जिसमे सलोनी जी विजय भाई, में और राहुल समीरा दोनो आए थे. लेकिन आप नही आए. वजह ये रही. आप हमारा फोन नही उठाने की वजह से नही आ पाए. हमे आपको सब बताना चाहते थे. लेकिन ...Read More
बेवफा - 13
रेन = ' अच्छा पार्ट टाइम जॉब. पार्ट टाइम जॉब में क्या करते हो राहुल. वैसे राहुल पार्ट टाइम करते हो गुड वर्क. ऐसे पढ़ाई के साथ साथ दूसरा काम भी सीखते रहना चाहिए ताकि. हमे आगे जाके कोई प्राब्लम ना हो. 'राहुल = ' हा सर वो क्या है ना मेरे मम्मी पापा मना करते है. पर टाइम जॉब के लिए. लेकिन में ना चाहता हु. की में पढ़ाई के साथ साथ और भी दूसरे जो काम है. वो भी पढ़ाई के साथ सीखता जाऊ. जैसे आपने कहा. क्या पता ये पढ़ाई कहा तक साथ दे या न ...Read More
बेवफा - 14
रेन = ' क्या कर सकते है भाई. ये तो दुनिया है. यहा कुछ भी हो सकता है. तो हमेशा बच कर चलो. किसी से मत भिड़े काम बनता है. निकल लो, हा अगर सामने वाला बंदा अपने को लेकर लॉयल है. तो वे फिकर चाह रखो. पर अगर वो लॉयल नही है. तो फिर उसके साथ वैसे ही रहो. जैसे वो आपके साथ रहता है. 'बंटी = ' हा भाई ये बात तो आप ने बहुत अच्छी और सच्ची कही है. इंसान को ना ज्यादा किसी और पर भरोसा नहीं करना चाहिए. उसको ना स्वयम पर विश्वास रख ...Read More
बेवफा - 15
विजय = ' बस समीरा जी इसी उम्मीद की किरण पर निर्भर हो कर बैठे है. कोई नी देखते क्या होता है. आखिर कार वो कब तक इंतजार करवाती है. कभी ना कभी तो वो आयेगी. 'सलोनी = ' अरे बाबा वो बहुत जल्द आ जायेगी. टेंशन ना लो आप अब चलो भी लेट हो रहा है. घर वाले भी अब ढूंढ ने को निकल जायेंगे. कॉल उन लोगो की किसीने भी नही उठाई है इस लिए. 'बंटी = ' हा अब चलो बिना देरी किए चलो रेन भाई अब हम रजा लेते है. अब हम चलते है. क्यू ...Read More
बेवफा - 16
सौम्या = ' अरे अगर हमे आपसे कुछ भी छुपाना होता तो. आपसे प्यार कभी ना करते. थोड़ा गहरा और फिर कुछ बोलो यार. हद है यार बिना कुछ सोचे समझे कुछ भी बोल देते हो. अगर अभी भी चैन नहीं है. तो बुलाउ विजू को. तब तो यकीन आयेगा आपको. 'योगेश ' अरे सॉरी बाबा मेरी गलती है. की मेने आप पर गलत इल्जाम लगाया. अब आगे से ध्यान रखूंगा ठीक है. प्लीज बेबी सॉरी तो बोल रहा हु. अब तो शांत हो जाओ. 'सौम्या = ' हा हा इट्स ओके. हा इसमें में भी मानती हु. की ...Read More
बेवफा - 17
समीरा = ' ठीक ना भाई विजय भाई आते है. तो आने दीजिए ना. इसके बहाने हमे मिल भी और माहौल थोड़ा ठीक हो जायेगा. और विजय भाई को बोलना की सलोनी को भी लेते आए साथ में और वो बंटी जी है. सौम्या है सब को लेते आना ऐसे कहिए उनसे. 'रेन = ' सुना भाई सोमी क्या कह रही है. कह रही है की साथ में सलोनी जी को भी लेते आना ऐसा. और में तो कहता हु. आपके जो दूसरे भी दोस्त आए थे. उनको भी ले आओ आज थोड़ा आराम से गुप्त गु करेंगे. बेचारे ...Read More
बेवफा - 18
समीरा, राहुल, विजय, सलोनी, सौम्या और योगेश की कहानी – एपिसोड 1शहर की हलचल भरी जिंदगी में, जहाँ हर अपनी दौड़ में व्यस्त था, वहीं समीरा, राहुल, विजय, सलोनी, सौम्या और योगेश की दोस्ती किसी ताजे हवा के झोंके जैसी थी। वे कॉलेज के दिनों से ही साथ थे और आज भी एक-दूसरे के लिए वैसे ही खड़े थे जैसे पहले दिन थे।शुरुआत का मोड़एक शाम, जब सब कैफ़े में मिले, तब बातचीत में अचानक पुरानी यादें ताजा हो गईं। हँसी-मजाक के बीच राहुल ने एक चौंकाने वाली बात कही, “क्या तुम लोगों ने कभी सोचा है कि हमारी ...Read More
बेवफा - 19
रहस्य और भय का विस्तारसभी की साँसें थमी हुई थीं। तहखाने में फैली अजीब-सी खामोशी और दीवार पर उभरती ने माहौल को और डरावना बना दिया था।समीरा ने धीमी आवाज़ में कहा, "हमें यहाँ से निकलना चाहिए। यह जगह ठीक नहीं लग रही।"राहुल ने सहमति में सिर हिलाया, लेकिन विजय अब भी दीवार पर नजरें गड़ाए खड़ा था। "अगर यह परछाईं सच में किसी की है, तो हमें यह पता लगाना होगा कि यह कौन है," उसने कहा।सभी ने चारों ओर देखा। तहखाने की ठंडी हवा में एक अजीब-सा सिहरन थी। अचानक, एक पुरानी लकड़ी की अलमारी खुद-ब-खुद चरमराते ...Read More
बेवफा - 19 - 2
**एपिसोड 19: साजिश का नया मोड़**रात के अंधेरे में समीरा अपने कमरे में बैठी उन सबूतों को देख रही जो उसने राहुल और सलोनी के खिलाफ इकट्ठा किए थे। उसकी आंखों में सवाल थे, दर्द था, और सबसे ज्यादा था धोखे का एहसास। विजय और बंटी ने उसे समझाने की कोशिश की थी कि जब तक पूरी सच्चाई सामने न आ जाए, तब तक कोई भी कदम उठाना खतरनाक हो सकता है। लेकिन समीरा के अंदर अब धैर्य नहीं बचा था। उसे सच चाहिए था और वो भी तुरंत।**एक अनजान कॉल**तभी उसका फोन बजा। स्क्रीन पर नंबर अनजान था। ...Read More
बेवफा - 20
**एपिसोड 20: पहली चाल**समीरा के हाथों में पेंड्राइव थी और उसकी आंखों में आंसू। अब उसे पूरा यकीन हो था कि राहुल और सलोनी उसके खिलाफ कोई गहरी साजिश रच रहे हैं। लेकिन सवाल यह था कि अब उसे करना क्या है? विजय और बंटी ने उसकी तरफ देखा। विजय बोला, "समीरा, अब वक्त आ गया है कि हम भी कोई चाल चलें। तुम बस ऑर्डर दो, हम हर कदम तुम्हारे साथ हैं।"समीरा ने गहरी सांस ली। अब भावनाओं में बहने का समय नहीं था। अब उसे चालाकी से खेलना था।**पहला कदम: राहुल और सलोनी के प्लान को उजागर ...Read More
बेवफा - 21
**एपिसोड 21: समीरा का अगला वार**राहुल की कबूलनामा रिकॉर्ड हो चुकी थी, लेकिन समीरा जानती थी कि सिर्फ रिकॉर्डिंग कुछ साबित नहीं होगा। उसे एक ठोस योजना बनानी होगी जिससे राहुल और सलोनी की सच्चाई सबके सामने आ जाए।### पहला कदम: विजय और बंटी का साथसमीरा ने विजय और बंटी को अपने प्लान के बारे में बताया। विजय ने कहा, "अगर हमें राहुल और सलोनी को सबके सामने बेनकाब करना है, तो हमें एक बड़ा मंच चाहिए।"बंटी ने सुझाव दिया, "क्यों न कॉलेज की वार्षिक पार्टी का इस्तेमाल करें? वहाँ सब होंगे और अगर हम सही से प्लान करें, ...Read More
बेवफा - 22
**एपिसोड 22: आखिरी दांव**### समीरा की जीत या एक नया खेल?राहुल और सलोनी की साजिश उजागर हो चुकी थी। में मौजूद सभी लोग उनके झूठ और धोखे को अपनी आँखों से देख चुके थे। विजय और बंटी भी यह देखकर संतुष्ट थे कि आखिरकार सच सामने आ चुका था। लेकिन समीरा जानती थी कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।जैसे ही राहुल और सलोनी के खिलाफ आवाजें उठने लगीं, सलोनी अचानक बेहोश होकर गिर गई। पूरा माहौल अचानक बदल गया।### सलोनी की चालराहुल घबराए हुए अंदाज में चिल्लाया, "कोई डॉक्टर बुलाओ! सलोनी को कुछ हो गया है!"कुछ लोग दौड़कर ...Read More
बेवफा - 23
बेवफा - एपिसोड 23: धोखे की परतेंसमीरा अब अपने होश में थी, लेकिन उसकी आँखों में अब भी दर्द विश्वासघात की छाया थी। राहुल और सलोनी ने जो खेल खेला था, उसने समीरा को अंदर तक तोड़ दिया था। उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया था, जहाँ उसकी दुनिया अंधकारमय लग रही थी।सौम्या की बेचैनीसौम्या को जब पता चला कि सलोनी और राहुल ने किस तरह से समीरा को फंसाया है, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर था। उसने विजय, बंटी और योगेश को बुलाया और कहा, "अब बहुत हो गया। हमें इस खेल को खत्म करना ...Read More
बेवफा - 24
एपिसोड 24: नया मोड़समीरा को अब लगने लगा था कि उसकी ज़िन्दगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है, लेकिन अंदाजा नहीं था कि यह सुकून ज्यादा देर तक टिकने वाला नहीं था।आर्यन की चिंताआर्यन पिछले कुछ दिनों से समीरा के बदले हुए व्यवहार को नोटिस कर रहा था। वह जानता था कि सलोनी और राहुल अब समीरा की ज़िन्दगी से बाहर जा चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ था जो उसे परेशान कर रहा था।"समीरा, क्या सब ठीक है?" उसने एक दिन उसके सामने बैठते हुए पूछा।समीरा ने हल्की मुस्कान के साथ सिर हिलाया, "हाँ, सब ठीक है आर्यन। ...Read More
बेवफा - 25
एपिसोड 25: ख़ामोश धमकीसमीरा अब समझ चुकी थी कि उसकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। विजय की धमकी और का साया अभी भी उसकी ज़िन्दगी में मंडरा रहा था। आर्यन ने उसे समझाया कि वह किसी भी हाल में उसका साथ नहीं छोड़ेगा, लेकिन समीरा के मन में डर अभी भी बसा हुआ था।समीरा की बेचैनीरात के अंधेरे में भी समीरा को विजय की आवाज़ कानों में गूंजती महसूस हो रही थी। वह करवट बदलकर सोने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मन में एक अजीब-सा डर था।सुबह होते ही उसने आर्यन को कॉल किया।"आर्यन, मुझे ऐसा लग रहा ...Read More
बेवफा - 26
एपिसोड 26: ख़ामोश साज़िशपहले संदेह, फिर धोखारात के अंधेरे में समीरा अपने कमरे की खिड़की से बाहर देख रही उसकी ज़िंदगी में सब कुछ उलझ चुका था। एक तरफ़ उसका अतीत, जो उसे हर कदम पर डराता था, और दूसरी तरफ़ उसका भविष्य, जो अभी धुंधला था।तभी फोन की घंटी बजी। उसने देखा – सलोनी का कॉल।पहले तो उसका मन नहीं किया कि वह कॉल उठाए, लेकिन फिर उसने हिम्मत जुटाई।"हेलो?" समीरा ने धीरे से कहा।"समीरा, क्या हम मिल सकते हैं?" सलोनी की आवाज़ में एक अजीब सी नरमी थी।समीरा चौंक गई। उसने सोचा, "इतने दिनों बाद सलोनी को ...Read More
बेवफा - 27
एपिसोड 27: डर और हिम्मत की जंगरात के सन्नाटे में समीरा का दिल तेज़ धड़क रहा था। वह अब उस चिट्ठी के बारे में सोच रही थी – "खेल शुरू हो चुका है!""यह कौन कर रहा है? सलोनी, राहुल, या विजय?"उसके दिमाग़ में शक और डर दोनों थे। लेकिन अब वह पहले जैसी कमजोर नहीं थी।---आर्यन की रणनीतिअगली सुबह, समीरा सीधे आर्यन से मिलने पहुँची।"हमें कुछ करना होगा," समीरा ने दृढ़ आवाज़ में कहा।आर्यन पहले से ही तैयार था।"मुझे भी यही लगा, इसलिए मैंने एक प्लान बनाया है।""कैसा प्लान?" समीरा ने पूछा।आर्यन ने फोन निकाला और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ...Read More
बेवफा - 28
एपिसोड 28: समीरा का आत्म-संघर्ष और नई चुनौतियाँ---समीरा अब अपनी नई ज़िंदगी की ओर बढ़ रही थी, लेकिन क्या हुए कल को इतनी आसानी से भुलाया जा सकता था?पुरानी यादों की परछाइयाँरात के सन्नाटे में, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, समीरा बालकनी में बैठी थी। ठंडी हवा उसके चेहरे से टकरा रही थी, लेकिन उसका मन अशांत था। उसकी आँखों में न जाने कितनी बातें थी, कितने सवाल थे।"क्या मैंने सही किया?" उसने खुद से पूछा।उसे राहुल की याद आ रही थी। वह इंसान जिसने उसे प्यार के नाम पर सिर्फ दर्द दिया, धोखा दिया, क्या वह ...Read More
बेवफा - 29
एपिसोड 29: नई उम्मीदें और छिपे हुए खतरेसमीरा धीरे-धीरे अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ रही थी। ऑफिस में उसका काफी अच्छा था, और विजय की गाइडेंस से वह खुद को ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस कर रही थी। लेकिन जब ज़िंदगी आगे बढ़ती है, तो अतीत कभी-कभी नए रूप में लौटकर आता है।समीरा और विजय की बढ़ती नज़दीकियाँएक शाम, जब ऑफिस का काम खत्म हुआ, विजय समीरा के पास आया।"आज थोड़ा जल्दी फ्री हो सकते हो?""क्यों?" समीरा ने उत्सुकता से पूछा।"एक खास जगह ले जाना चाहता हूँ, जहां तुम्हें शायद सुकून मिलेगा।"पहले तो समीरा को झिझक हुई, लेकिन फिर उसने हामी ...Read More
बेवफा - 30
एपिसोड 30:डर और हकीकत का सामनारहस्यमयी मैसेज का डरसमीरा देर रात तक जागती रही। वह मैसेज को बार-बार पढ़ थी –"मुझे भूल मत जाना... मैं लौट आया हूँ।"यह सिर्फ एक इत्तेफाक हो सकता है, लेकिन उसके दिल को यकीन था कि यह राहुल ही हो सकता है।अगली सुबह उसने खुद को शांत किया और ऑफिस जाने की तैयारी करने लगी। लेकिन डर अभी भी उसके मन में था। उसने विजय को इस बारे में बताने का सोचा, लेकिन फिर खुद को रोक लिया। वह नहीं चाहती थी कि कोई उसे कमजोर समझे।ऑफिस में बेचैनीऑफिस में भी समीरा का ध्यान ...Read More
बेवफा - 31
एपिसोड 31: साज़िशों का नया जालसमीरा ने अब तक जितना कुछ सहा था, वह सोच भी नहीं सकती थी उसकी जिंदगी में और मुश्किलें आने वाली थीं। सलोनी और राहुल की साजिशें खत्म नहीं हुई थीं। वे दोनों जेल में जरूर थे, लेकिन उनकी पहुंच बाहर तक बनी हुई थी। इस बार उनका मकसद सिर्फ समीरा को तकलीफ देना नहीं था, बल्कि उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद करना था।समीरा की नई शुरुआतसमीरा अब अपने जीवन को एक नई दिशा देने की कोशिश कर रही थी। उसने एक नई नौकरी ज्वाइन की थी, जहाँ उसे अपने हुनर को साबित करने का ...Read More
बेवफा - 32
एपिसोड 32: विश्वासघात की कगार परएक नया खेल शुरूसमीरा अब धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को संभाल रही थी। नई नौकरी, दोस्त, और आर्यन का साथ – सबकुछ अब सही लगने लगा था। लेकिन वह इस बात से अनजान थी कि उसके आसपास एक और साजिश बुन रही थी।विजय ने अपनी चालाकी से समीरा का भरोसा जीतना शुरू कर दिया था। उसने हर मौके पर यह साबित करने की कोशिश की कि वह उसका सच्चा दोस्त है, जो उसे हर मुश्किल से बचाएगा।"तुम्हें पता है, समीरा? तुम्हारे साथ जो कुछ भी हुआ, वह बहुत गलत था। लेकिन अब तुम्हें अपने अतीत ...Read More
बेवफा - 33
एपिसोड 33: खेल का पलटवारसमीरा का गुस्सा और विजय की चालाकीसमीरा को जब विजय और सलोनी की साजिश का चला, तो उसके भीतर गुस्से की आग जल उठी। उसे खुद पर भी गुस्सा आ रहा था कि उसने एक बार फिर गलत इंसान पर भरोसा कर लिया।वह बिना किसी देरी के विजय से मिलने पहुँची।"तुमने मुझे धोखा दिया, विजय!" समीरा की आँखों में आँसू थे, लेकिन इस बार ये आँसू कमजोरी के नहीं, बल्कि गुस्से के थे।विजय ने अपने चेहरे पर मासूमियत ओढ़ ली। "तुम्हें कोई गलतफहमी हुई है, समीरा। मैं तो तुम्हारा दोस्त हूँ।""झूठ मत बोलो! मेरे पास ...Read More
बेवफा - 34
एपिसोड 34: समीरा का नया सफरन्याय मिलने के बादविजय और सलोनी की गिरफ्तारी के बाद समीरा को पहली बार महसूस हुआ। वह अब अपने अतीत के अंधकार से निकलकर एक नई जिंदगी की ओर बढ़ना चाहती थी।"अब क्या करने का सोच रही हो?" आर्यन ने पूछा।समीरा ने गहरी सांस ली, "मुझे नहीं पता, लेकिन अब मैं सिर्फ अपने लिए जीना चाहती हूँ।""तुमने बहुत कुछ सहा है, समीरा। अब तुम्हें अपनी खुशी की तलाश करनी चाहिए," आर्यन ने मुस्कुराते हुए कहा।नई शुरुआत की तैयारीसमीरा ने फैसला किया कि वह अपने शहर से दूर किसी नई जगह जाकर जिंदगी को नए ...Read More
बेवफा - 35
एपिसोड 35: विजय की धमकी और समीरा का डरअतीत की परछाइयाँसमीरा को लगा था कि उसकी जिंदगी अब नए से शुरू हो गई है, लेकिन विजय की धमकी भरी कॉल ने उसके भीतर के डर को फिर से जगा दिया।रातभर वह सो नहीं पाई। उसकी आँखों के सामने पुरानी यादें घूमने लगीं—कैसे विजय ने उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया था, कैसे सलोनी और राहुल ने उसके खिलाफ साजिश रची थी।"नहीं, मैं फिर से कमजोर नहीं पड़ सकती," उसने खुद से कहा।सुबह उठते ही उसने आर्यन को फोन किया।"आर्यन, मैं बहुत डरी हुई हूँ," उसने कांपती आवाज़ में कहा।"मैंने ...Read More
बेवफा - 36
एपिसोड 36: विजय का पलटवारएक नई चुनौतीसमीरा को लगा था कि विजय की धमकियों से अब उसे छुटकारा मिल लेकिन वह गलत थी। पुलिस ने भले ही विजय की करतूत को पकड़ लिया था, लेकिन अब वह पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया था।रात को करीब ग्यारह बजे समीरा के फोन पर फिर से एक अनजान नंबर से कॉल आया।"हैलो?""तुम सोच रही थी कि मैं हार मान जाऊँगा?"समीरा के रोंगटे खड़े हो गए। यह वही आवाज़ थी—विजय की।"तुम जेल में हो, फिर भी तुम...""तुम्हें क्या लगा, समीरा? मैं अंदर हूँ तो कुछ नहीं कर सकता? तुम मुझे कमजोर ...Read More
बेवफा - 37
**एपिसोड 37: अतीत के साये और भविष्य की रोशनी**समीरा की जिंदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही थी, लेकिन आंखों में अभी भी अतीत के घाव ताजा थे। राहुल और सलोनी की साजिश ने उसे भीतर तक झकझोर दिया था, लेकिन अब वह कमजोर नहीं थी। उसने अपने हौसले को अपनी ताकत बना लिया था।### **समीरा का आत्मसंघर्ष**वह अब भी कई बार सोचती थी कि आखिर उसने क्या गलती की थी जो उसे इतनी बड़ी सजा मिली। क्या प्यार करना उसकी गलती थी? क्या भरोसा करना उसका गुनाह था? लेकिन फिर उसे एहसास हुआ कि गलती उसकी नहीं थी, ...Read More