Bewafa - 35 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories PDF | बेवफा - 35

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बेवफा - 35

एपिसोड 35: विजय की धमकी और समीरा का डर

अतीत की परछाइयाँ

समीरा को लगा था कि उसकी जिंदगी अब नए सिरे से शुरू हो गई है, लेकिन विजय की धमकी भरी कॉल ने उसके भीतर के डर को फिर से जगा दिया।

रातभर वह सो नहीं पाई। उसकी आँखों के सामने पुरानी यादें घूमने लगीं—कैसे विजय ने उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया था, कैसे सलोनी और राहुल ने उसके खिलाफ साजिश रची थी।

"नहीं, मैं फिर से कमजोर नहीं पड़ सकती," उसने खुद से कहा।

सुबह उठते ही उसने आर्यन को फोन किया।

"आर्यन, मैं बहुत डरी हुई हूँ," उसने कांपती आवाज़ में कहा।

"मैंने विजय के केस की जानकारी ली है। वह अब भी जेल में है, लेकिन हो सकता है कि उसने किसी और से तुम्हें कॉल करवाया हो।"

"लेकिन क्यों? आखिर वह मुझसे क्या चाहता है?"

"सिर्फ तुम्हें डराना। ताकि तुम फिर से घबरा जाओ और कमजोर पड़ जाओ। लेकिन समीरा, तुम अब पहले जैसी नहीं हो। तुम मजबूत हो चुकी हो।"

पुलिस से संपर्क

आर्यन के कहने पर समीरा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

"हम कॉल की डिटेल्स चेक कराएंगे। अगर विजय ने किसी के जरिए कॉल करवाया है, तो हमें जल्दी पता चल जाएगा," पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा।

समीरा को थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब भी उसके मन में डर बना हुआ था।

"क्या होगा अगर विजय सच में बाहर आ गया?"

नेहा की सलाह

ऑफिस में नेहा ने समीरा की परेशानी भांप ली।

"क्या हुआ? तुम कुछ परेशान लग रही हो," नेहा ने पूछा।

समीरा ने संक्षेप में पूरी बात बता दी।

"अगर तुम चाहो तो कुछ दिनों के लिए मेरे साथ रह सकती हो," नेहा ने कहा।

"नहीं, मुझे अब भागना नहीं है। मुझे इस डर का सामना करना है," समीरा ने आत्मविश्वास से कहा।

आर्यन का सपोर्ट

शाम को जब वह घर लौटी, तो आर्यन पहले से ही वहाँ था।

"तुम यहाँ?"

"हाँ, मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकता।"

"लेकिन..."

"कोई बहस नहीं, समीरा। जब तक सबकुछ ठीक नहीं हो जाता, मैं तुम्हारे साथ रहूँगा," आर्यन ने सख्ती से कहा।

समीरा जानती थी कि आर्यन सही कह रहा था। इस समय उसे किसी के साथ की जरूरत थी।

विजय की नई चाल

अगले दिन पुलिस से खबर आई कि विजय ने जेल के अंदर से ही किसी के फोन का इस्तेमाल करके समीरा को कॉल किया था।

"हमने उस कैदी को पकड़ लिया है, जिसने विजय के कहने पर कॉल किया था। अब विजय के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई होगी," इंस्पेक्टर ने कहा।

समीरा को थोड़ी राहत महसूस हुई, लेकिन विजय की यह हरकत यह साबित कर रही थी कि वह अब भी उसे नुकसान पहुँचाने के लिए कुछ भी कर सकता था।

आर्यन का बड़ा फैसला

"समीरा, मैंने फैसला किया है कि मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ूँगा।"

"मतलब?"

"मतलब ये कि मैं तुम्हारे शहर में ही शिफ्ट हो रहा हूँ।"

"क्या? लेकिन तुम्हारी जॉब?"

"मैं कहीं से भी काम कर सकता हूँ। लेकिन तुम्हारी सुरक्षा मेरे लिए ज्यादा जरूरी है," आर्यन ने दृढ़ता से कहा।

समीरा की आँखें नम हो गईं।

"तुम हमेशा मेरे साथ क्यों खड़े रहते हो?"

"क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूँ, समीरा," आर्यन ने पहली बार अपने दिल की बात कही।

समीरा चौंक गई। उसने यह उम्मीद नहीं की थी।

"आर्यन, मैं..."

"कोई जल्दी नहीं है। बस इतना जान लो कि मैं तुम्हारे साथ हूँ। जब तक तुम खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस नहीं करती, तब तक मैं तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूँगा।"

नए रास्ते की ओर

समीरा को अब एहसास हो रहा था कि डर से भागने के बजाय उसे उसका सामना करना होगा।

उसने फैसला किया कि अब वह खुद को और मजबूत बनाएगी, ताकि कोई भी उसका फायदा न उठा सके।

"अब मैं अपनी लड़ाई खुद लड़ूँगी," उसने खुद से कहा।

लेकिन क्या विजय इतनी आसानी से हार मान लेगा?

(जारी...)