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New bites

Good evening friends

kattupayas.101947

https://youtube.com/watch?v=OkkNY2LCSB4&si=I5ea8y-9YN0CEiyF
નવરાત્રિ ની હાર્દિક શુભ કામનાઓ સાથે પ્રસ્તુત છે આ સુપર ગરબો

amiralidaredia175421

✨ This Navratri, may Maa Durga’s divine eyes bless you with the gift of clear vision and good health. 🙏👁️✨ #HappyNavratri #NetramEyeFoundation

netrameyecentre

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jaiprakash413885

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missmussu

✧ પરિચય ✧ (Gujarati)

માનવજાતનો સૌથી જૂનો પ્રશ્ન છે — “ઈશ્વર કોણ છે?”
આ પ્રશ્ન જેટલો સરળ લાગે છે, એટલો જ ઊંડો અને અનઉત્તરિત છે.
શબ્દોમાં મળેલા જવાબ ઉધાર જેવા લાગે છે, પરંતુ અનુભવની ઊંડાઈમાં ઊતરીએ ત્યારે એ જ પ્રશ્ન ફરી જીવંત થઈ ઊઠે છે.

વિજ્ઞાનએ બહારનું સૂક્ષ્મ શોધ્યું — પરમાણુ, ઊર્જા, નિયમો.
આધ્યાત્મએ અંદરનું સૂક્ષ્મ શોધ્યું — આત્મા, ચેતના, મૌન.
બન્ને દિશાઓ અલગ લાગે છે, પરંતુ મૂળ એક જ છે.

જ્યાં વિજ્ઞાનનો અંત છે, ત્યાંથી આધ્યાત્મની શરૂઆત થાય છે.

આ ગ્રંથ આ યાત્રાને ચાર ભાગોમાં ખોલે છે:
• ભાગ 1 — નિબંધ-અધ્યાય (પરિચય + 6 અધ્યાય + ઉપસંહાર)
• ભાગ 2 — સૂત્ર-વ્યાખ્યા (દરેક અધ્યાયના સૂત્રો સાથે ટૂંકી વ્યાખ્યા)
• ભાગ 3 — સૂત્રસંગ્રહ (51 સૂત્રો)
• ભાગ 4 — પ્રમાણ-અધ્યાય (શાસ્ત્રો અને વિજ્ઞાનના ઉદાહરણો)

આ યાત્રાનો હેતુ પરિભાષા નહીં, પરંતુ અનુભવ છે.
અંતે જે બાકી રહે છે એ મૌન છે — અને મૌન જ ઈશ્વરની સૌથી સાચી ઓળખ છે.

આગળ વાંચો: ✧ ઈશ્વર — વિજ્ઞાન અને આત્માની યાત્રા ✧https://www.agyat-agyani.com/2025/09/blog-post_65.html?m=1

manishborana.210417

Introduction ✧ (English)

The oldest question of humankind is — “Who is God?”
This question appears simple, yet remains profound and unanswered.
Words may offer borrowed answers, but in the depths of experience the same question rises alive again.

Science explored the outer subtle — atom, energy, laws.
Spirituality explored the inner subtle — soul, consciousness, silence.
These two paths may seem different, but their root is one.

Where science ends, spirituality begins.

This book unfolds that journey in four parts:
• Part 1 — Essay-Chapters (Introduction + 6 chapters + Conclusion)
• Part 2 — Sutra-Expositions (each chapter’s sutras with short commentary)
• Part 3 — Collection of Sutras (51 sutras)
• Part 4 — Reference Chapters (examples from scriptures and science)

The goal of this journey is not definition, but experience.
Ultimately, what remains is silence — and silence is the truest identity of God.

Read further: ✧ God — A Journey of Science and Soul ✧
✍🏻 — 🙏🌸 𝓐𝓰𝔂𝓪𝓣 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓷𝓲https://www.agyat-agyani.com/2025/09/blog-post_65.html?m=1

manishborana.210417

✧ परिचय ✧

मनुष्य का सबसे पुराना प्रश्न है — “ईश्वर कौन है?”
यह प्रश्न जितना सरल दिखता है, उतना ही गहन और अनुत्तरित है।
शब्दों में दिए गए उत्तर उधार लगते हैं, पर अनुभव की गहराई में उतरते ही वही प्रश्न जीवित हो उठता है।

विज्ञान ने बाहर का सूक्ष्म खोजा — परमाणु, ऊर्जा, नियम।
आध्यात्म ने भीतर का सूक्ष्म खोजा — आत्मा, चेतना, मौन।
दोनों दिशाएँ अलग लगती हैं, पर जड़ एक ही है।
जहाँ विज्ञान का अंत है, वहीं अध्यात्म का आरंभ है।

यह ग्रंथ चार भागों में उसी यात्रा को खोलता है:
• भाग 1 — निबंध-अध्याय (प्रस्तावना + 6 अध्याय + उपसंहार)
• भाग 2 — सूत्र-व्याख्यान (प्रत्येक अध्याय के सूत्र व संक्षिप्त व्याख्या)
• भाग 3 — सूत्रात्म संग्रह (51 सूत्र)
• भाग 4 — प्रमाण-अध्याय (शास्त्र व विज्ञान के उदाहरण)

इस यात्रा का लक्ष्य: परिभाषा नहीं, अनुभव।
अंततः बचता है मौन — और मौन ही ईश्वर की सबसे सच्ची पहचान है।

आगे पढ़ें: https://www.agyat-agyani.com/2025/09/blog-post_65.html?m=1

✍🏻 — 🙏🌸 𝓐𝓰𝔂𝓪𝓣 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓷𝓲

manishborana.210417

उनसे पूछिए कैसे गुजरती हैं
चार दिन की ये जिंदगी ,
जिन्हें हर रोज कचरे के ढेरों में
खाना ढूंढने पर मजबूर करती हैं ये जिंदगी ।।
Bitu....

bita

✧ परिचय ✧

मनुष्य का सबसे पुराना प्रश्न है — “ईश्वर कौन है?”
यह प्रश्न जितना सरल दिखता है, उतना ही गहन और अनुत्तरित है।
शब्दों में दिए गए उत्तर उधार लगते हैं, पर अनुभव की गहराई में उतरते ही वही प्रश्न जीवित हो उठता है।

विज्ञान ने बाहर का सूक्ष्म खोजा — परमाणु, ऊर्जा, नियम।
आध्यात्म ने भीतर का सूक्ष्म खोजा — आत्मा, चेतना, मौन।
दोनों दिशाएँ अलग लगती हैं, पर जड़ एक ही है।
जहाँ विज्ञान का अंत है, वहीं अध्यात्म का आरंभ है।

यह ग्रंथ चार भागों में उसी यात्रा को खोलता है:
• भाग 1 — निबंध-अध्याय (प्रस्तावना + 6 अध्याय + उपसंहार)
• भाग 2 — सूत्र-व्याख्यान (प्रत्येक अध्याय के सूत्र व संक्षिप्त व्याख्या)
• भाग 3 — सूत्रात्म संग्रह (51 सूत्र)
• भाग 4 — प्रमाण-अध्याय (शास्त्र व विज्ञान के उदाहरण)

इस यात्रा का लक्ष्य: परिभाषा नहीं, अनुभव।
अंततः बचता है मौन — और मौन ही ईश्वर की सबसे सच्ची पहचान है।

आगे पढ़ें: ✧ ईश्वर — विज्ञान और आत्मा की यात्रा ✧ (https://www.agyat-agyani.com/2025/09/blog-post_65.html?m=1)

✍🏻 — 🙏🌸 𝓐𝓰𝔂𝓪𝓣 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓷𝓲

manishborana.210417

वो बंदे भी देवी मां के चरणों में शीश झुकाते हैं,
जो स्त्री को पैर की जूती समझते हैं।

मंदिरों में मां को खुश करने में लगे हैं वो लोग
जो खुद की मां को अनाथाश्रम में आए है छोड़।

वो भी माता की मूर्ति के सोलह श्रृंगार करते हैं
जो राह चलती लड़की के कपड़े उतार कर फेंक देते हैं।

क्या फायदा जो जय माता दी बोलते हो तुम,
जब बात बात में मां बहन की गाली देते हो तुम।

कुछ गलत लिखा हैं तो माफ करना माता रानी,,
परंतु यही है आज के समाज की सच्चाई।

नारी को जो दे इज्जत और सम्मान ,
हे देवी मां करना उसकी रक्षा तुम।।

bita

🙏🙏માં આધશકિત તમારું સ્મરણમાત્રથી પાપ હરે જનમોજનમ નાં આ નવરાત્રિ.

મન ભીંતર નો એક દીવડો ઝળહળી ઊઠયો નવરાત્રી ની નવલી રાતે.

🚩નવરાત્રી નાં પાવન પર્વની સર્વને શુભકામના 🚩

parmarmayur6557

Happy Navratri!

Let's seek blessings of Ambe Maa to get rid of interferences and be spontaneous.

On the auspicious occasion of Navratri, let us read here the significance of Goddess Amba Mata: https://dbf.adalaj.org/JpA4fQhH

#happynavratri #navratrispecial #navratrifestival #ambemaa #trending #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

मुठ्ठी भर खुशिया चाहता हूं
कुछ वक्त ऐ आसरा चाहता हूं
यूहि निकल जाऊंगा दरियाओ के दर मिया से
मेरी टूटी हुई कस्ती है और किनारा चाहता हूं .

mashaallhakhan600196

તમામ શક્તિઓને મારાં સતસત નમન 🙏 નવરાત્રીની શુભેચ્છાઓ 🙏 અને તેમેની સાથે ચાલનાર તમામ મિત્રોને પણ નવરાત્રીની શુભેચ્છાઓ 🙏

palewaleawantikagmail.com200557

मैं लिख दूँ हर शब्द में, हर विचार में
दर्द की आहट, प्रेम की फुहार में।

मैं लिख दूँ दो आत्माओं की पीड़ा,
भीतर सुलगती, बाहर ठंडी सी क्रीड़ा।

मैं लिख दूँ ईर्ष्या की तीखी ज्वाला,
और लिख दूँ प्यार की निर्मल धारा।

मैं लिख दूँ अपनापन के कोमल रंग,
गलत बर्ताव के कड़वे ढंग।

मैं लिख दूँ संस्कारों की गहराई,
पीढ़ियों में बहती उनकी तरंगाई।

माँ दुर्गा की शक्ति से चलती मेरी कलम,
स्याही मेरी कभी फीकी, कभी गहन।
कभी थम जाती, कभी बह जाती,
कभी धीरे चलती, कभी तीव्र बह जाती।

और यह सब जो लिखती है, वो कोई और नहीं —


मेरी मां की शक्ति ही लिखती हैं

archanalekhikha

Happy Navratri 🙏

mitra1622

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
कविता का शीर्षक है जीवन की लगाम

mamtatrivedi444291

*नवरात्रि की शुरुआत किसने की थी*

नवरात्रि की शुरुआत भगवान राम ने शारदीय नवरात्रि के दौरान की थी, जब उन्होंने ब्रह्मा जी की सलाह पर रावण से युद्ध करने से पहले देवी दुर्गा की 9 दिनों तक पूजा की थी. इस पूजा से प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया, जिसके बाद वे रावण का वध करने में सफल हुए. इसी घटना की याद में नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी की पूजा की जाती है.

कहानी का विवरण:
ब्रह्माजी की सलाह: भगवान राम को रावण वध से पहले ब्रह्मा जी ने माता दुर्गा के स्वरूप, चंडी देवी की पूजा करने का सुझाव दिया था.
9 दिनों की उपासना: श्री राम ने प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक लगातार 9 दिनों तक देवी चंडी की पूजा की थी.
शक्ति की प्राप्ति: 9 दिनों की उपासना से प्रसन्न होकर देवी ने भगवान राम को विजय का आशीर्वाद दिया.
रावण पर विजय: आशीर्वाद मिलने के बाद भगवान राम रावण का वध करने में सफल हुए.
प्रचलन की शुरुआत: तभी से नवरात्रि में नौ दिनों तक शक्ति स्वरूप देवी दुर्गा की उपासना का प्रचलन शुरू हुआ और दसवें दिन दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मनाया जाता है.


🌸 नवरात्र की साहित्यिक कविता – नौ रूपों में आदिशक्ति 🌸

१. शैलपुत्री
पहला दिन, पर्वत की पुत्री का,
धैर्य और संयम की मूरत का।
नंदी पर आरूढ़ शैलपुत्री,
हर हृदय में शक्ति की ज्योति जगाती।
वह सिखाती—अडिग रहो संकट में,
पर्वत-सा दृढ़ बनो हर क्षण में।

२. ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन माँ का तपस्विनी रूप,
हाथों में कमंडल और जपमाला धूप।
संयम, साधना, और तप की देवी,
मनुष्य को सच्चे मार्ग की सेवा देती।
उनकी कृपा से मिलता है ज्ञान,
वैराग्य से खुलता जीवन का प्राण।

३. चंद्रघंटा
तीसरे दिन गूँजता है रणघोष,
सिंहवाहिनी माँ का है उत्कट जोश।
माथे पर बजती है चंद्र की घंटा,
जो मिटाती है भय और संकट का फंदा।
साहस और पराक्रम का स्वरूप,
भक्तों के मन में जगाती अनुरूप।

४. कूष्मांडा
चौथे दिन माँ का वह रूप निराला,
हँसते हुए सृजा ब्रह्मांड उजाला।
अणु-अणु में बसी जो कूष्मांडा,
उनसे ही है जीवन की धारा।
सृजन और प्रसन्नता की देवी,
दुख में भी देती हँसी अनोखी।

५. स्कंदमाता
पाँचवें दिन माँ बनती हैं मातृरूप,
गोलकधारी, वात्सल्य की धूप।
गोधूलि-सा स्नेह, करुणा का सागर,
उनकी गोद में मिलता है आधार।
बच्चे-सा मन, सरल और पावन,
उनके चरणों में होता सावन।

६. कात्यायनी
छठे दिन माँ सिंह पर सवार,
असुरों का करती संहार।
कात्यायनी है वीरत्व की निशानी,
अधर्म मिटाकर रचती कहानी।
नारी का शौर्य, शक्ति का मान,
उनसे जग में होता सम्मान।

७. कालरात्रि
सातवें दिन प्रकट होता है भयावह रूप,
भूत-प्रेत सब भागते उस स्वरूप।
कालरात्रि हैं काल की भी आराध्या,
भक्तों की रक्षा, दुष्टों की बाधा।
भले ही रूप कठोर दिखे,
ममता उनकी मन को चखे।

८. महागौरी
आठवें दिन माँ का उज्ज्वल रूप,
धवल वस्त्र, निर्मल स्वरूप।
पवित्रता, शांति, और क्षमा की देवी,
उनके दर्शन से दुख हर लेवी।
जीवन को करती पूर्ण निर्मल,
उनकी कृपा से मिटे हर विघ्न पल।

९. सिद्धिदात्री
नवमी को माँ का वरदानमयी रूप,
देती हैं सिद्धि, सफल बनाती हर कूप।
संसार की हर शक्ति का वे मूल,
साधकों को देती हैं ज्ञान का फूल।
उनके चरणों में पूर्णता मिलती,
साधना की पराकाष्ठा खिलती।
---

🌺 समापन 🌺
नवरात्र का यह पावन पर्व,
सिर्फ उपवास या श्रृंगार नहीं।
यह तो आत्मा की यात्रा है,
भक्ति, शक्ति और संस्कार का आह्वान है।

हे माँ!
तेरे नौ रूपों से जगत सजा है,
तेरे आशीष से हर संकट टला है।
नवरात्र का हर क्षण हो सफल,
तेरे चरणों में झुके यह जीवन सरल।

🔔🌸🙏

जय माता रानी की
एस्ट्रो प्रोफेसर डीबी

deepakbundela7179

मोहब्बत का पहला एहसास

मोहब्बत का पहला वो एहसास अब भी मेहफ़ूज़ है,
जैसे दिल की तहों में रखा कोई नाज़ुक सा राज़ है।
न जाने कितनी बार वक़्त ने धूल जमानी चाही,
पर वो चमक आज भी वैसी ही साफ़ है।
पहली नज़र का कांपता सन्नाटा,
अनकही बातों में घुला मीठा इकरार,
धड़कनों के उस धीमे से संगीत की लय,
अब भी दिल में गूंजती है बार-बार।
वो नज़रें जो मिलकर झुकी थीं संकोच से,
वो लम्हा जो ठहर गया था खामोशियों के बोझ से,
आज भी ख़्वाबों में उतर आता है अनायास,
जैसे चाँदनी में छुपा कोई अनमोल अहसास।
ज़िंदगी आगे बढ़ती गई, राहें बदलती रहीं,
मौसम आए, चेहरे बदले, मंज़िलें बदलती रहीं।
पर मोहब्बत का पहला वो नग़मा,
आज भी दिल की किताब में सबसे पहला सफ़ा है।
शायद यही इश्क़ की सच्चाई है,
कि वक़्त बीत जाए, मगर एहसास नहीं मिटता।
पहली मोहब्बत की महक
हमेशा दिल की रूह में बसकर खिलता।

DB-ARYMOULIK

deepakbundela7179

लाल रंग की चूनर है
लाल रंग दरबार
सिंहवाहिनी देवी माँ
सबका करना कल्याण। ।

जय माता दी🙏

meerasingh3946

​ನನ್ನ ತಂದೆಯೇ ನನ್ನ ಪ್ರಪಂಚ
​ನನ್ನ ತಂದೆ - ಈ ಎರಡು ಶಬ್ದಗಳು ನನ್ನ ಹೃದಯದಲ್ಲಿ ವಿಶೇಷ ಸ್ಥಾನ ಪಡೆದಿವೆ. ಅವರು ಕೇವಲ ನನ್ನ ತಂದೆ ಮಾತ್ರವಲ್ಲ, ನನ್ನ ಬಾಳಿನ ದಾರಿದೀಪ, ನನ್ನ ಶಕ್ತಿ, ಮತ್ತು ನನ್ನ ಪ್ರಪಂಚ. ಅವರೊಂದಿಗಿನ ನನ್ನ ಸಂಬಂಧ ಕೇವಲ ರಕ್ತಸಂಬಂಧಕ್ಕಿಂತಲೂ ಹೆಚ್ಚು, ಅದು ಪ್ರೀತಿ, ವಿಶ್ವಾಸ ಮತ್ತು ಗೌರವದ ಆಳವಾದ ಬಂಧ.

​ನಾನು ಕಷ್ಟದಲ್ಲಿದ್ದಾಗ ನನ್ನ ಬೆನ್ನ ಹಿಂದೆ ನಿಂತು ಬೆಂಬಲಿಸುವವರು ನನ್ನ ತಂದೆ. ನಾನು ಯಶಸ್ಸಿನ ಮೆಟ್ಟಿಲು ಏರಿದಾಗ ನನ್ನೊಂದಿಗೆ ಸಂತೋಷಪಡುವವರು ಅವರು. ನನ್ನ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ನಾನು ತೆಗೆದುಕೊಂಡ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ನಿರ್ಧಾರದ ಹಿಂದೆ ಅವರ ಮಾರ್ಗದರ್ಶನವಿದೆ. ಅವರು ನನಗೆ ಕಲಿಸಿದ ಪಾಠಗಳು, ನನ್ನ ವ್ಯಕ್ತಿತ್ವವನ್ನು ರೂಪಿಸಿವೆ. ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬರಿಗೂ ಅವರ ತಂದೆ ಹೀರೋ ಆಗಿರುತ್ತಾರೆ. ಆದರೆ ನನ್ನ ತಂದೆ ನನಗೆ ಹೀರೋ ಆಗಿರುವುದರ ಜೊತೆಗೆ ನನ್ನ ಮೊದಲ ಮತ್ತು ಅಂತಿಮ ಬೆಸ್ಟ್ ಫ್ರೆಂಡ್.

​ತಂದೆ-ಮಕ್ಕಳ ಸಂಬಂಧದಲ್ಲಿ ಹಲವು ಭಾವನೆಗಳು ಬೆರೆತಿವೆ. ನಾವು ನಮ್ಮ ತಾಯಿಯೊಂದಿಗೆ ಮಾತನಾಡುವಷ್ಟು ಸುಲಭವಾಗಿ ನಮ್ಮ ತಂದೆಯೊಂದಿಗೆ ಮಾತನಾಡಲು ಆಗದೇ ಇರಬಹುದು, ಆದರೆ ನಮಗೆ ಗೊತ್ತು ನಮ್ಮ ತಂದೆ ನಮ್ಮನ್ನು ಎಷ್ಟು ಪ್ರೀತಿಸುತ್ತಾರೆ ಎಂದು. ಅವರ ಕಣ್ಣುಗಳಲ್ಲಿನ ಕಾಳಜಿ ಮತ್ತು ಅವರ ನುಡಿಗಳಲ್ಲಿನ ಪ್ರೀತಿ ನಮಗೆ ಯಾವಾಗಲೂ ಧೈರ್ಯ ತುಂಬುತ್ತದೆ.

​ನನ್ನ ತಂದೆ ಸೂರ್ಯನಂತೆ. ಅವರು ಸದಾ ನನ್ನ ಜೀವನಕ್ಕೆ ಬೆಳಕು ಮತ್ತು ಶಕ್ತಿ ನೀಡುತ್ತಾರೆ. ಅವರು ತಮ್ಮ ನೋವು, ದುಃಖವನ್ನು ಎಂದಿಗೂ ಹೇಳಿಕೊಳ್ಳುವುದಿಲ್ಲ, ಆದರೆ ನಮ್ಮ ಸಂತೋಷಕ್ಕಾಗಿ ಹಗಲು-ರಾತ್ರಿ ಕಷ್ಟಪಡುತ್ತಾರೆ. ಅಂತಹ ನನ್ನ ತಂದೆ ನನ್ನ ಪ್ರಪಂಚವಲ್ಲದೆ ಇನ್ನೇನು?

​ನನ್ನ ಬದುಕಿನ ಪ್ರತೀ ಹೆಜ್ಜೆಯಲ್ಲೂ ನನ್ನ ತಂದೆಯ ಪ್ರೀತಿ ಮತ್ತು ಪ್ರೋತ್ಸಾಹ ಇದೆ. ನನ್ನ ತಂದೆಗಾಗಿ ನಾನು ಯಾವುದೇ ಪದಗಳನ್ನು ಬಳಸಿ ಬ್ಲಾಗ್ ಬರೆದರೂ ಸಾಲದು. ಏಕೆಂದರೆ ಅವರು ಅಷ್ಟೊಂದು ಶ್ರೇಷ್ಠ ವ್ಯಕ್ತಿ.

​ನಿಮ್ಮ ತಂದೆ ಕೂಡ ನಿಮ್ಮ ಪ್ರಪಂಚವಾಗಿದ್ದರೆ, ಕಾಮೆಂಟ್ ಮಾಡಿ ಮತ್ತು ಅವರಿಗೆ ಧನ್ಯವಾದಗಳನ್ನು ತಿಳಿಸಿ.

sandeepjoshi.840664

પવિત્ર પાવક નવલી શારદીય નવરાત્રીની ખૂબ ખૂબ શુભકામના 🌹🙏🌹

daksheshinamdardil

​ಕನಸಿನ ಹಾದಿ
ಕನಸಿನ ಹಾದಿಯಲ್ಲಿ ನೀನು ನಡೆವಾಗ,
ಅದೆಷ್ಟೋ ನೋವುಗಳು ಎದುರಾಗಿ ನಿಂತವು.
ಆದನ್ನೇ ಬಲವನ್ನಾಗಿ ಮಾಡಿಕೊಂಡು ಮುಂದೆ ಸಾಗಿದಾಗ,
ಕನಸು ನನಸಾಗುವ ಸಮಯ ಹತ್ತಿರ ಬಂತು.

sandeepjoshi.840664