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फेसबुक टिक टॉक में तो बहुतों की शादी हो गई पर यहां तो मुझे लगता ही एक की हुई होगी सब एक दूसरे को पान की तरह चुना लगा रहे मेरे हिसाब में सही जज कर रहा हूं
मेरे आंखो का हर एक आंसू मेरे इश्क़ की गवाही देता है जुबां तेरा नाम भी नही लेती, पर मेरा इश्क़ तुझसे कितना है, एक तुझे छोड़ सब को दिखाई देता है..!! तू भूल जा, तुझको हक़ भी तो दिया था... हमने पर हम भी भूल जायेंगे तुझको, ऐसा कब कहा था हमने
मैंने तुम्हें उस तरह नहीं चाहा जैसे लोग किसी को पा लेने के लिए चाहते हैं मैंने तुम्हें वैसे चाहा जैसे लोग ईश्वर को बिना देखे भी मानते हैं..
नमक तुम हाथ में लेकर "सितमगर" तुम सोचते क्या हो.. हज़ारों "ज़ख्म" हैं इस दिल पर जहां चाहो छीड़क डालो... तेरा दिया जख्म भी मेरे सरताज़ रखूं और बता तुझे कितना चाहूं
खंजर भी तुम्हारा वफादार नहीं निकला लगा भी तो जिस्म के ऊपर ऊपर
अतर प्रस्त समझ नहीं पा रहा मुझे वो खुश्बू चाहिए जो उससे आती हैं
कभी हीरे कभी पुखराज में ढलने वाले हमने पत्थर भी चुने रंग बदलने वाले
ब्यूटी पार्लर वाले किया इस पर कुछ काम हो सकता हैं क्या
में आपको अभी से बता देता हूं 14Feb को धतूरे और गुलाब में टक्कर है उसी दिन वेलेंटाइन डे और महाशिवरात्रि है
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