तुम हो तो लगता है, ज़िंदा हूँ मैं मुझमें कहीं
तुम हो तो लगता है, हाँ प्यार के लायक हूँ मैं
तुम हो तो लगता है, मेरा घर भी अब 'घर' है
वरना इन चार दीवारों में, क्या रखा है मेरी जाँ...
तुम हो तो जीने की इक नई उम्मीद है,
जब भी मैं तुम्हें देखती हूँ,
लगता है थोड़ा और जियूँ, बस सिर्फ तुम्हारे लिए!
जब से तुम मेरी ज़िंदगी में आई हो,
लगता है जैसे दो परियाँ मेरा ख्याल रखने,
उस ऊपर वाले ने ज़मीन पर भेज दी हैं...
(बेटियां बहुत प्यारी होती है
जितना हो सके उतना उन्हें प्यार दे)
DHAMAK