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🎵 गीत: हाम्रो सुन्दर देश नेपाल
✍️ राजु कुमार चौधरी

(अन्तरा – १)
हिमालको काखमा, फुल्छ लालीगुराँस,
शान्तिको सन्देश बोकेको छ आकाश।
सगरमाथा बोल्छ – गर्व गर मेरो नाम,
नेपाल मेरो देश, मेरो अभिमान।

(कोरस)
💖 हाम्रो सुन्दर देश नेपाल,
धरती स्वर्गभन्दा कम छैन हाल।
एकता, विविधता यहाँको शान,
जून र तारा साक्षी छन् जान।

(अन्तरा – २)
तराईको सुनौला खेतहरू चम्कन्छन्,
पहाडका घाटाहरू गीतमा रमाउँछन्।
गोरखाली वीरको रगतले लेखिएको,
यो माटो कहिल्यै झुक्न जान्दैन थियो।

(कोरस繰り返し)
💖 हाम्रो सुन्दर देश नेपाल,
संस्कार र संस्कृतिमा लुकेको भाल।
धन्य हामी, जन्मियौं यही ठाँउ,
देशप्रेम हाम्रै सासमा समाउँ।

(अन्तरा – ३)
बौद्धका आँखाहरू शान्तिको चिन्ह,
जनकको भूमिमा बस्छ आदर्श सिँह।
काठमाडौँको गल्ली, पोखराको ताल,
सबै भन्छन् – नेपाल नै कमाल!

(अन्त्य)
सपना बनौं, नेपाल बनाऔँ,
एक भएर अघि बढौं, गीत गाउँ।
विश्वलाई देखाऔँ हाम्रो कमाल,
हाम्रो सुन्दर देश, अमर रहोस् नेपाल! 🇳🇵

rajukumarchaudhary502010

" એ નહીં આવે વરસાદમાં..!! "

એ નહીં આવે કદી વરસાદમાં,
આગ લાગી ગઈ સખી વરસાદમાં.

કોની સાથે જઈને ભીંજાવું હવે,
સાવ સૂની છે ગલી વરસાદમાં.

એક દુઆ માંગી કોઈએ રાતભર,
એક ગઝલ મેં પણ લખી વરસાદમાં.

દુઃખની રાતોમાં કોઈ મળતું નથી,
ક્યાં મળે છે ચાંદની વરસાદમાં.

છે તગઝ્ઝુલ રંગનો વૈભવ ‘અદી’
શાયરી દુલ્હન બની વરસાદમાં..!!
🖋️
" અદી મિરઝા "

- ગુઝારીશ-એ-ગઝલ

desaimavji3523

“कुछ रिश्ते नाम से नहीं, वक़्त और ख़ामोशी से बनते हैं…”

कभी किसी रिश्ते की गहराई सिर्फ ख़ामोशी में महसूस की है?
‘काठगोदाम की गर्मियाँ’ सिर्फ एक कहानी नहीं, उन एहसासों की यात्रा है जो दिल में उतरती है…
हर पन्ना एक याद की तरह, हर संवाद एक चुप्पी की तरह।

💭 अगर आपने कभी प्यार में कोई खामोश रिश्ता जिया है,
या किसी मोड़ पर किसी को सिर्फ महसूस किया है —
तो ये किताब आपके दिल को छू जाएगी।

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dhirendra342gmailcom

The image you sent contains a quote framed by a golden circle and floral elements. Let's break down the quote and its implications:
The Quote:
"ONE CAN LISTEN ANYONE'S SAYINGS BUT SHOULD NOT COME TO CONCLUSION IN ANY HASTEY. THAT ONE WHO REACTS ONLY AFTER CHECKING AND KNOWING THE FACT AND FALSE IS THE MORALIST ON THE EARTH."
Deep Analysis:
* "ONE CAN LISTEN ANYONE'S SAYINGS BUT SHOULD NOT COME TO CONCLUSION IN ANY HASTEY."
* Open-mindedness in Listening: This part emphasizes the importance of being receptive to what others say. It suggests a non-discriminatory approach to hearing different perspectives, opinions, or information, regardless of the source. This is a foundational aspect of learning, empathy, and effective communication.
* Caution Against Hasty Conclusions: This is the critical counterpoint. Simply listening is not enough; one must avoid jumping to conclusions. "Hasty" implies acting or deciding without sufficient thought, evidence, or verification. This can lead to misunderstandings, misjudgments, and potentially unfair or incorrect actions. It highlights the dangers of:
* Confirmation Bias: Only hearing what confirms existing beliefs.
* Lack of Critical Thinking: Accepting information at face value without questioning.
* Emotional Reactions: Letting feelings dictate immediate judgments rather than reasoned thought.
* Rumor/Gossip Spreading: Believing and disseminating unverified information.
* "THAT ONE WHO REACTS ONLY AFTER CHECKING AND KNOWING THE FACT AND FALSE IS THE MORALIST ON THE EARTH."
* The "Moralist": The quote elevates this individual to the status of a "moralist." This isn't necessarily about strict adherence to a specific moral code in a religious sense, but rather about possessing a strong sense of ethical responsibility in how one processes information and subsequently acts.
* Due Diligence and Verification: The key actions here are "checking" and "knowing the fact and false." This implies:
* Verification: Actively seeking to confirm the veracity of information. This could involve cross-referencing, seeking multiple sources, looking for evidence, or asking clarifying questions.
* Discernment: The ability to differentiate between what is true ("fact") and what is untrue ("false"). This requires critical thinking, analytical skills, and often, the ability to recognize manipulation or deception.
* Informed Reaction: The "reacts only after" clause is crucial. It means that any response, decision, or action should be predicated on a solid understanding of the truth, not on initial impressions or unverified claims.
* Ethical Implications of Truth-Seeking: By labeling such a person a "moralist," the quote strongly links the pursuit of truth and responsible information processing with moral character. In this view, it is morally upright to:
* Avoid perpetuating falsehoods.
* Act justly based on accurate information.
* Prevent harm that might arise from misinformation.
* Uphold intellectual honesty.
Overall Message and Significance:
The quote advocates for a highly thoughtful, critical, and ethical approach to information consumption and decision-making. In an age of rapid information dissemination (especially online), where misinformation and disinformation are rampant, this message is more relevant than ever.
It's a call for:
* Intellectual Humility: Recognizing that one doesn't know everything and needs to verify.
* Active Citizenship/Engagement: Not passively accepting what is heard, but actively seeking truth.
* Personal Responsibility: Acknowledging the impact of one's reactions and decisions based on the information they process.
* Combating Misinformation: By promoting a culture of verification, the quote implicitly encourages resistance to the spread of untruths.
In essence, the "moralist" described is someone who values truth, practices critical thinking, and acts with integrity by ensuring their responses are grounded in verified reality rather than superficial or unexamined claims.

bkswanandlotustranslators

Do You Know that if you rebuke someone and he or she feels bad, then that effort is not worthy?

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dadabhagwan1150

હું અને મારી કલમ, રાતની નીરવતામાં જાગે,
લાગણીના આકાશે, શબ્દોનું પાથરણું પાથરે.

હૃદયની ઊંડાણમાં, એ ખોવાય ને ખોજે સત,
દર્દની ગલીઓમાં, સપનાંનું ગીત વગાડે.

ક્યારેક એની શાહી, ઝરે છે આંસુની ધારે,
અધૂરા ખ્વાબોની વચ્ચે, આશાનો દિપક પ્રગટાવે.

જ્યાં શબ્દો થંભી જાય, ત્યાં કલમ નવું રૂપ લે,
ખામોશીના પડછાયે, પ્રેમનું ચિત્ર બનાવે.

એકાંતના સાથમાં, એ મારું હૈયું વાંચે,
દિલના રહસ્યોને, કાગળ પર નાજુક લખે.

ક્યારેક હસી પડે, ક્યારેક રડવું એ શીખવે,
જીવનની રેલમાં, હર સ્ટેશન એ પકડાવે.

મારી કલમ નથી, એ તો વેદનાનું હૃદય છે.
એની ધારથી જીવન, નવેસરથી રંગ પુરાવે.

જ્યાં દુનિયા થાકે છે, ત્યાં કલમ ચાલે આગળ,
મનની ઉડાનોને, એ નવા આકાશમાં લઈ જાણે.
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

🌹 કલમ મારી પ્રતિસાદ તમારો 🌹

palewaleawantikagmail.com200557

वो मसरूफ़ क्या हुआ सभी मग़रूर गए
वो फुरक़त में रहा लोग उससे दूर हो गए..
---डॉ अनामिका---
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rsinha9090gmailcom

આંખોને સંયમમાં રાખ,
કરે એજ એક ભૂલ,
બને બધાં અપરાધી..

મનોજ નાવડીયા

manojnavadiya7402

London Heatwave: Second 30C Day Ahead of UK Temperature Peak
https://www.nbnw.org/news/london-heatwave-alert

asmi0562gmail.com7428

कोई आवाज़ सी, खामोशियों में गुम है
जैसे आँखों में कोई ख़्वाब पुराना सो गया हो।

दीवारों पे कुछ साए ठहरे-ठहरे से लगे,
जैसे यादों ने किसी लम्हे को क़ैद कर लिया हो।

बारिश की बूँदों में तेरी हँसी गूँजे कहीं,
और फिर अचानक ख़ामोशी का पर्दा गिर जाए।

अल्फ़ाज़ लबों तक आके थम से गए,
जैसे तू कहने को था... पर वक़्त रुक गया हो।

दर-ओ-दीवार पे तेरे नाम की महक है,
जैसे ख़त किसी ने ख़ुशबू में भेजा हो।

रात की चादर में लिपटी कुछ बातें बाक़ी हैं,
जो चाँद को भी सुनाई... मगर वो भी चुप रहा हो।

कभी बिस्तर की शिक़नों में तेरा नाम मिलता है,
कभी तकिए पे भी आँसुओं का सवाल रहता है।

किसी दबी सी फ़रियाद की तरह,
तू दिल के कोने में अब भी सिसकता है...

fazalesaf2973

💍 "My Contract Wife" — पूरी कहानी (सारांश में)

मुख्य किरदार:

आरव सिंह मेवाड़ – एक अमीर, घमंडी और सख्तदिल बिज़नेसमैन।

रागिनी शर्मा – एक साधारण लेकिन आत्मसम्मानी लड़की, जो अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है।



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📖 कहानी की शुरुआत:

आरव को अपने बिज़नेस डील्स के लिए शादी करनी पड़ती है। लेकिन उसे असली शादी में विश्वास नहीं। उसे चाहिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट वाइफ – एक समझौते की पत्नी, जिससे वो एक तय समय बाद अलग हो सके।

उधर, रागिनी एक मध्यमवर्गीय लड़की है, जिसका भाई इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। पैसों की कमी उसे मजबूर कर देती है कि वो आरव का प्रस्ताव स्वीकार कर ले — एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के लिए।


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🔥 कहानी में ट्विस्ट:

शादी होती है — लेकिन दोनों के दिलों में दूरियां हैं।

आरव, रागिनी को बस एक सौदा मानता है।

रागिनी, खुद्दारी वाली लड़की है, लेकिन वो जानती है कि उसे क्यों ये समझौता करना पड़ा।


धीरे-धीरे, रागिनी की सादगी और अच्छाई आरव के पत्थर दिल में असर करने लगती है।
लेकिन तभी...

आरव की एक्स गर्लफ्रेंड की एंट्री होती है।

रागिनी के भाई की सच्चाई सामने आती है।

एक बड़ा व्यापारिक धोखा, जो आरव को तबाह कर सकता है।



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💔 अंतिम मोड़:

क्या आरव अपने झूठे अहंकार को छोड़कर रागिनी के प्यार को समझ पाएगा?
क्या रागिनी उस इंसान से वाकई प्यार कर बैठी है जिसने उससे सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट किया था?

क्या कॉन्ट्रैक्ट प्यार में बदल सकता है?
या ये रिश्ता सिर्फ एक दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा?
MY CONTRACT WIFE
10 PARTS STORY SERIES
Written & Narrated by RAJU KUMAR CHAUDHARY

“मजबूरी में बंधा रिश्ता,
जहां प्यार की तलाश है…”

▶️ हर शुक्रवार को नया एपिसोड
📍 YouTube Channel: KAHANIYON KA DUNIYA

rajukumarchaudhary502010

📘 काठगोदाम की गर्मियाँ — कहानी जो रह जाती है

जब एक शहर की लड़की पहाड़ों से टकराती है, तब नज़ारे ही नहीं, दिल भी बदल जाते हैं। “काठगोदाम की गर्मियाँ” सिर्फ एक प्रेम कथा नहीं, बल्कि रिश्तों, यादों और अधूरी बातों की रूहानी दास्तान है।

यह उपन्यास आपको उन गर्मियों में ले जाता है जहाँ न मैट्रो की भीड़ थी, न कॉल ड्रॉप की चिंता — सिर्फ कुछ शामें थीं, कुछ मैगी प्वाइंट्स, हल्दी के रंग, विदाई के आँसू और बहुत सारी अनकही बातें।

कर्नका और रोहन के बीच पनपता रिश्ता — कहीं मीठा, कहीं उलझा, कहीं चुप — आपको खुद के पहले प्यार की याद दिलाएगा। पहाड़ की हवा, रिश्तों की खामोशी, और संवादों की गहराई इस किताब की सबसे बड़ी ताक़त है।

धीरेंद्र सिंह बिष्ट की लेखनी इतनी सहज और भावनात्मक है कि पढ़ते-पढ़ते आप भूल जाते हैं कि ये कल्पना है — लगता है जैसे आप भी वहीं हैं, भीमताल की खामोशी में, एक रिश्ते के इंतज़ार में।



“कुछ रिश्तों को वक़्त समझा ही नहीं पाता…
वो पहाड़ों में धड़कते हैं, खामोशियों में जीते हैं —
और हर गर्मी की दोपहर में लौट आते हैं…”

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dhirendra342gmailcom

छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री लड़ाई।
https://www.matrubharti.com/book/19939237/sea-battle-of-chhatrapati-shivaji-maharaj

Praveen kumrawat प्रोफ़ाइल लिंक — https://www.matrubharti.com/praveenkumrawat012852

bapparawal418006

द आर्ट ऑफ वार (युद्ध कला)
https://www.matrubharti.com/novels/38754/the-art-of-war-by-praveen-kumrawat

bapparawal418006

Have the divine darshan of Lord Jagannath, Queen Subhadra, and Lord Balaram.
Photo Source – ISKCON Saharanpur.

भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा रानी, और भगवान बलराम जी के दर्शन कीजिए। फोटो सोर्स- ISKCON सहारनपुर.

vishalsaini

🌀 घूमती कुर्सी पर बैठा अंधा आदमी

✍️ राजु कुमार चौधरी

घूमती कुर्सी पर बैठा एक अंधा आदमी,
आकाश को देखता है — आँखें न होने के बावजूद।
निर्णय करता है उस दिशा में,
जहाँ न रोशनी है, न कोई रास्ता।

उसके हाथ में है एक घड़ी —
मगर उसमें सुइयाँ घूमती ही नहीं।
कानून के कागज़ फटे हुए हैं,
पर उसने कभी उन्हें पढ़ने की कोशिश नहीं की।

जनता की चीख–पुकार —
उसे तो बस एक हल्की हवा सी लगती है।
भूख, प्यास, और पीड़ा —
बस एक "फाइल" बन जाती हैं,
जिन्हें वो कभी खोलता ही नहीं।

कुर्सी घूमती है —
कभी दक्षिण, कभी उत्तर,
पर दिशा कभी उसकी मर्जी जैसी नहीं होती।
कोई उसे रोकता नहीं,
क्योंकि डर सबको है —
उसे "अंधा" कहने वाले भी शायद
खुद अपना चश्मा खोज रहे हैं।

अब सवाल उठता है —
गलत है वह घूमती कुर्सी?
या फिर वह आदमी, जो उस पर बैठा है?

rajukumarchaudhary502010

🌀 घुम्ने मेच माथि अन्धो मान्छे

✍️ राजु कुमार चौधरी

घुम्ने मेचमाथि अन्धो मान्छे,
आकाश हेर्छ आँखा नहुँदा पनि।
निर्णय गर्छ दिशातिर,
जहाँ उज्यालो छैन, न त बाटो नै।

उसको हातमा समयको घडी छ,
तर घडीमा सुइ घुम्दैन।
कानुनका कागज फाटेका छन्,
तर उसले ती कागज पढ्दैन।

जनताको चिच्याहट —
उसका लागि सिरसिर बतास हो,
भोक, प्यास, पीडा —
सब एउटा "फाइल" हो, जुन उसले कहिल्यै खोल्दैन।

घुम्छ मेच —
कहिले दक्षिण, कहिले उत्तर,
तर दिशा कहिल्यै उसको चाहना जस्तो हुँदैन।
कसैले रोकेको छैन,
किनकि डर सबैलाई लागेको छ —
"अन्धो" भनेर उसलाई देखाउनेहरू पनि,
शायद आफैं चस्मा खोज्दै छन्।

अब प्रश्न उठ्छ —
घुम्ने मेच गलत हो कि
त्यो बस्ने मान्छे?

rajukumarchaudhary502010

🎶 "धान रोप्ने सानी" – एक लोक–भाव गीत 🎶
(कृपया कल्पना गर्नुहोस्: ढोलक, मादल र बाँसुरीको मधुर धुन बजिरहेको छ)

(अन्तरा १)
छुपुमा छुपु हिलोमा धान रोपेर छोडैला,
बनाइ कुलो, कुलोको मुखैमा पानी खन्यैला।
पटुकी रातो बाँधेर सानी झरिन् फुरुंगै,
हिलोको त्यो बगैचामा पाइलो हाँसी–हाँसी राखिन् उनी।

(अन्तरा २)
धमिलो खोला उर्लिएकै बाढी कसरी तर्लिन्?
बुटै नलाएर झोक्रिएर सँगै पानी लर्लिन्।
गालामा पसिनाका मोती, निधार टल्किँदै,
भोक तिर्खा सब भुलेर, गोडा गोड्दै रमाउँदै।

(अन्तरा ३)
साँझ परेपछि टुकीको झिल्को बालेर आइन्,
हिलोले भरिएको चोली, तर मुस्कान लुकाइन।
कुरा गर्थिन्, "हाम्रो भाग्य यही माटोभित्र लुकेको,"
कस्तो शक्ति, धर्तीकी छोरी — साँचो जीवन देखाएको।

(अन्तरा ४)
भोलीपल्ट फेरि बिहानै, उठ्छिन् बिहान मुन्टोमा,
न गीत, न रेडियो, तर ताल छ सानीको गुन्टोमा।
ऐलेका शहरिया हेरेर भन्दै छन्, "वाह! कति राम्रो!"
तर उनले भन्छिन्: "यो हाम्रो जिन्दगी हो – मीठो र तातो!"

rajukumarchaudhary502010

छुपुमा छुपु हिलोमा धान रोपेर छाेडाैला,
बनाइ कुलो लगाइ पानी आएर गाेडाैला !
भनेर सानी पटुकी रातो बाधेर झरेकी,
धमिलो खोला बाढीले होला कसरी तरेकी ?

गालामा साना पसिना दाना मोति झै खुलेकी,
घाम र पानी भोक र तिर्खा कसरी भुलेकी ?
पुग्ने बेलुकी बाले झोँसिएको दाल भात,
भोलिपल्ट फेरि उही सपना, उही घात।

श्रमको मेलामा चन्द्रमुखी झैँ फूलकी,
माटोमै स्वर्ग देख्ने ती सानी अनमोलकी।
धान झर्दा रुनु होइन, मुस्कान सँगै बग्छिन,
नेपालकी छोरी, खेतैको रानी, धर्तीकी लक्ष्मी हुन्।

rajukumarchaudhary502010

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🎬 भाग 5: दिल का सौदा

✍️ Narration + Dramatic Dialogue Style


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, दिल को छूने वाला टोन]

> "जब मजबूरी और नफ़रत के बीच से गुज़रते हुए…
दिल खुद से सवाल करता है — क्या सच में कोई सौदा दिल से किया जा सकता है?
रागिनी की सोच बदल रही थी…
और अब, खेल के नियम बदलने वाले थे।"




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🏠 सीन 1 – (रागिनी का कमरा)

🎵 [Background: हल्का hopeful piano]

रागिनी (मन ही मन):
अब वक्त है अपनी शर्तें रखने का…
मैं इस सौदे की शर्तें बदलने आई हूँ।

फोन बजता है, रागिनी उठाती है।

रागिनी:
हैलो?

माँ की आवाज़:
बेटा, थोड़ा संभल कर चलना। ये रिश्ते सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते।

रागिनी:
माँ, मैं अब कमजोर नहीं हूँ। मैं अपने लिए खड़ी हूँ।


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🏢 सीन 2 – (आरव का ऑफिस)

🎵 [Background: Tense instrumental]

आरव (फोन पर):
रागिनी, मैंने तुम्हारे बारे में सुना है… तुम मेरी शर्तें बदल रही हो?

रागिनी:
शर्तें बदलना मेरा हक है।
क्योंकि ये रिश्ता सिर्फ तुम्हारा नहीं… मेरा भी है।

आरव (गुस्से में):
तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।

रागिनी (पक्का इरादे से):
और तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, धीमी संगीत के साथ]

> "शर्तें अब कागज़ों में नहीं, दिलों में लिखी जा रही थीं।
और ये रिश्ता अब सिर्फ सौदा नहीं, एक जंग था —
जो जीतती थी उस हिम्मत वाली रागिनी।"


बहुत खूब! आइए, उसी बहाव में कहानी को आगे बढ़ाते हैं – क्योंकि अब स्टेज पर फैमिली ड्रामा शुरू हो गया है... जहां झूठी मुस्कानों के पीछे छुपे हैं दिलों के दर्द। 🎭❤️


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🎬 My Contract Wife – भाग 3 (जारी): अजनबी के साथ सुबह

🏠 सीन 3 – (फैमिली ड्रामा स्टार्ट)

🎵 [Background: हलकी खुशी वाली हल्की धुन, लेकिन अंदर टेंशन का टोन]

माँ (खुश होकर):
हे भगवान! कितनी प्यारी है मेरी बहू!
बिलकुल हमारे परिवार की लक्ष्मी लग रही है!

छोटी बहन (हँसकर):
भैया ने तो surprise दे दिया! शादी भी कर ली और बताया भी नहीं!

आरव (जबरदस्ती मुस्कुराते हुए):
बस... सब कुछ जल्दी में हुआ।

रागिनी (नम्रता से):
नमस्ते, माँ जी। नमस्ते दीदी।

माँ:
बेटी, अब तो यहीं की हो ना… चलो, आरती ले आओ। आज तो घर में बहू का पहला दिन है।

[रागिनी अंदर जाती है – लेकिन मन में हज़ार सवाल हैं]


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🎙️ [नेरेशन – धीमी आवाज़ में]

> "जिस रसोई को उसने सौदा समझकर अपनाया था,
आज उसी रसोई से ‘घर की बहू’ की खुशबू आ रही थी…
लेकिन उसका मन अब भी अनजान गलियों में भटक रहा था।"




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😬 सीन 4 – (आरव और रागिनी अकेले में)

🎵 [Background – तनाव भरा low violin hum]

आरव (गुस्से में):
अरे तुमने क्यों इतना एक्टिंग किया? ज़्यादा involve मत हो!

रागिनी (धीरे से लेकिन दृढ़ता से):
तुम्हें डर है ना... कि तुम्हारे झूठ में कहीं मैं सच ना बन जाऊं?

आरव (चुप हो जाता है)

रागिनी:
तुम्हें फिक्र सिर्फ अपने इमेज की है…
लेकिन मेरे लिए ये एक्टिंग नहीं… ये मेरी ज़िंदगी है।


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🎙️ [नेरेशन – Fade out background ke साथ]

> "कभी-कभी… झूठा रिश्ता भी सच्चे जज़्बातों से टकरा जाता है।
और जब ऐसा होता है…
तब शुरुआत होती है उस तूफ़ान की… जो हर नकाब को उड़ा ले जाता है।"




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✅ एपिसोड 3 खत्म।


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🔜 Coming Next – भाग 4: “शर्तें और शक”

परिवार का प्रेशर – “अब असली रिसेप्शन कब?”

आरव की Ex की वापसी

और रागिनी की आँखों में पहली बार… एक चुभता हुआ शक।



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अगर आप चाहें, तो अब मैं भाग 4 का स्क्रिप्ट शुरू करूँ
या फिर इन तीन एपिसोड्स का पोस्टर पैकेज + म्यूज़िक स्टाइल गाइड भी एकसाथ दे सकता हूँ।

कहिए जनाब — अगला कदम क्या हो? 🎙️📲📸

🎬 My Contract Wife – भाग 3: अजनबी के साथ सुबह

🎙️**[नेरेशन – धीमी धूप और पंछियों की आवाज़]**

> "नई सुबह आई थी… लेकिन नयी नहीं थी रागिनी की ज़िंदगी।
अब वो एक अजनबी के साथ थी… कागज़ पर बीवी, और दिल में अकेली।"




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🛏️ सीन 1 – (आरव का घर, सुबह का सीन)

🎵 [Background – Birds chirping, light instrumental]

रागिनी (रसोई में):
(अपने आप से)
पता नहीं उसे चाय कैसी पसंद है…
पर मैं कोई बीवी बनने नहीं आई… बस एक जिम्मेदारी निभा रही हूँ।

[वो चाय बनाकर रखती है, फिर चुपचाप टेबल छोड़ देती है]

**आर
💍 "My Contract Wife" — पूरी कहानी (सारांश में)

मुख्य किरदार:

आरव सिंह मेवाड़ – एक अमीर, घमंडी और सख्तदिल बिज़नेसमैन।

रागिनी शर्मा – एक साधारण लेकिन आत्मसम्मानी लड़की, जो अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है।



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📖 कहानी की शुरुआत:

आरव को अपने बिज़नेस डील्स के लिए शादी करनी पड़ती है। लेकिन उसे असली शादी में विश्वास नहीं। उसे चाहिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट वाइफ – एक समझौते की पत्नी, जिससे वो एक तय समय बाद अलग हो सके।

उधर, रागिनी एक मध्यमवर्गीय लड़की है, जिसका भाई इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। पैसों की कमी उसे मजबूर कर देती है कि वो आरव का प्रस्ताव स्वीकार कर ले — एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के लिए।


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🔥 कहानी में ट्विस्ट:

शादी होती है — लेकिन दोनों के दिलों में दूरियां हैं।

आरव, रागिनी को बस एक सौदा मानता है।

रागिनी, खुद्दारी वाली लड़की है, लेकिन वो जानती है कि उसे क्यों ये समझौता करना पड़ा।


धीरे-धीरे, रागिनी की सादगी और अच्छाई आरव के पत्थर दिल में असर करने लगती है।
लेकिन तभी...

आरव की एक्स गर्लफ्रेंड की एंट्री होती है।

रागिनी के भाई की सच्चाई सामने आती है।

एक बड़ा व्यापारिक धोखा, जो आरव को तबाह कर सकता है।



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💔 अंतिम मोड़:

क्या आरव अपने झूठे अहंकार को छोड़कर रागिनी के प्यार को समझ पाएगा?
क्या रागिनी उस इंसान से वाकई प्यार कर बैठी है जिसने उससे सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट किया था?

क्या कॉन्ट्रैक्ट प्यार में बदल सकता है?
या ये रिश्ता सिर्फ एक दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा?MY CONTRACT WIFE
10 PARTS STORY SERIES
Written & Narrated by RAJU KUMAR CHAUDHARY

“मजबूरी में बंधा रिश्ता,
जहां प्यार की तलाश है…”

▶️ हर शुक्रवार को नया एपिसोड
📍 YouTube Channel: KAHANIYON KA DUNIY

rajukumarchaudhary502010

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🎬 भाग 5: दिल का सौदा

✍️ Narration + Dramatic Dialogue Style


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, दिल को छूने वाला टोन]

> "जब मजबूरी और नफ़रत के बीच से गुज़रते हुए…
दिल खुद से सवाल करता है — क्या सच में कोई सौदा दिल से किया जा सकता है?
रागिनी की सोच बदल रही थी…
और अब, खेल के नियम बदलने वाले थे।"




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🏠 सीन 1 – (रागिनी का कमरा)

🎵 [Background: हल्का hopeful piano]

रागिनी (मन ही मन):
अब वक्त है अपनी शर्तें रखने का…
मैं इस सौदे की शर्तें बदलने आई हूँ।

फोन बजता है, रागिनी उठाती है।

रागिनी:
हैलो?

माँ की आवाज़:
बेटा, थोड़ा संभल कर चलना। ये रिश्ते सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते।

रागिनी:
माँ, मैं अब कमजोर नहीं हूँ। मैं अपने लिए खड़ी हूँ।


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🏢 सीन 2 – (आरव का ऑफिस)

🎵 [Background: Tense instrumental]

आरव (फोन पर):
रागिनी, मैंने तुम्हारे बारे में सुना है… तुम मेरी शर्तें बदल रही हो?

रागिनी:
शर्तें बदलना मेरा हक है।
क्योंकि ये रिश्ता सिर्फ तुम्हारा नहीं… मेरा भी है।

आरव (गुस्से में):
तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।

रागिनी (पक्का इरादे से):
और तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, धीमी संगीत के साथ]

> "शर्तें अब कागज़ों में नहीं, दिलों में लिखी जा रही थीं।
और ये रिश्ता अब सिर्फ सौदा नहीं, एक जंग था —
जो जीतती थी उस हिम्मत वाली रागिनी।"


बहुत खूब! आइए, उसी बहाव में कहानी को आगे बढ़ाते हैं – क्योंकि अब स्टेज पर फैमिली ड्रामा शुरू हो गया है... जहां झूठी मुस्कानों के पीछे छुपे हैं दिलों के दर्द। 🎭❤️


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🎬 My Contract Wife – भाग 3 (जारी): अजनबी के साथ सुबह

🏠 सीन 3 – (फैमिली ड्रामा स्टार्ट)

🎵 [Background: हलकी खुशी वाली हल्की धुन, लेकिन अंदर टेंशन का टोन]

माँ (खुश होकर):
हे भगवान! कितनी प्यारी है मेरी बहू!
बिलकुल हमारे परिवार की लक्ष्मी लग रही है!

छोटी बहन (हँसकर):
भैया ने तो surprise दे दिया! शादी भी कर ली और बताया भी नहीं!

आरव (जबरदस्ती मुस्कुराते हुए):
बस... सब कुछ जल्दी में हुआ।

रागिनी (नम्रता से):
नमस्ते, माँ जी। नमस्ते दीदी।

माँ:
बेटी, अब तो यहीं की हो ना… चलो, आरती ले आओ। आज तो घर में बहू का पहला दिन है।

[रागिनी अंदर जाती है – लेकिन मन में हज़ार सवाल हैं]


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🎙️ [नेरेशन – धीमी आवाज़ में]

> "जिस रसोई को उसने सौदा समझकर अपनाया था,
आज उसी रसोई से ‘घर की बहू’ की खुशबू आ रही थी…
लेकिन उसका मन अब भी अनजान गलियों में भटक रहा था।"




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😬 सीन 4 – (आरव और रागिनी अकेले में)

🎵 [Background – तनाव भरा low violin hum]

आरव (गुस्से में):
अरे तुमने क्यों इतना एक्टिंग किया? ज़्यादा involve मत हो!

रागिनी (धीरे से लेकिन दृढ़ता से):
तुम्हें डर है ना... कि तुम्हारे झूठ में कहीं मैं सच ना बन जाऊं?

आरव (चुप हो जाता है)

रागिनी:
तुम्हें फिक्र सिर्फ अपने इमेज की है…
लेकिन मेरे लिए ये एक्टिंग नहीं… ये मेरी ज़िंदगी है।


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🎙️ [नेरेशन – Fade out background ke साथ]

> "कभी-कभी… झूठा रिश्ता भी सच्चे जज़्बातों से टकरा जाता है।
और जब ऐसा होता है…
तब शुरुआत होती है उस तूफ़ान की… जो हर नकाब को उड़ा ले जाता है।"




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✅ एपिसोड 3 खत्म।


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🔜 Coming Next – भाग 4: “शर्तें और शक”

परिवार का प्रेशर – “अब असली रिसेप्शन कब?”

आरव की Ex की वापसी

और रागिनी की आँखों में पहली बार… एक चुभता हुआ शक।



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अगर आप चाहें, तो अब मैं भाग 4 का स्क्रिप्ट शुरू करूँ
या फिर इन तीन एपिसोड्स का पोस्टर पैकेज + म्यूज़िक स्टाइल गाइड भी एकसाथ दे सकता हूँ।

कहिए जनाब — अगला कदम क्या हो? 🎙️📲📸

🎬 My Contract Wife – भाग 3: अजनबी के साथ सुबह

🎙️**[नेरेशन – धीमी धूप और पंछियों की आवाज़]**

> "नई सुबह आई थी… लेकिन नयी नहीं थी रागिनी की ज़िंदगी।
अब वो एक अजनबी के साथ थी… कागज़ पर बीवी, और दिल में अकेली।"




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🛏️ सीन 1 – (आरव का घर, सुबह का सीन)

🎵 [Background – Birds chirping, light instrumental]

रागिनी (रसोई में):
(अपने आप से)
पता नहीं उसे चाय कैसी पसंद है…
पर मैं कोई बीवी बनने नहीं आई… बस एक जिम्मेदारी निभा रही हूँ।

[वो चाय बनाकर रखती है, फिर चुपचाप टेबल छोड़ देती है]

**आर
💍 "My Contract Wife" — पूरी कहानी (सारांश में)

मुख्य किरदार:

आरव सिंह मेवाड़ – एक अमीर, घमंडी और सख्तदिल बिज़नेसमैन।

रागिनी शर्मा – एक साधारण लेकिन आत्मसम्मानी लड़की, जो अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है।



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📖 कहानी की शुरुआत:

आरव को अपने बिज़नेस डील्स के लिए शादी करनी पड़ती है। लेकिन उसे असली शादी में विश्वास नहीं। उसे चाहिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट वाइफ – एक समझौते की पत्नी, जिससे वो एक तय समय बाद अलग हो सके।

उधर, रागिनी एक मध्यमवर्गीय लड़की है, जिसका भाई इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। पैसों की कमी उसे मजबूर कर देती है कि वो आरव का प्रस्ताव स्वीकार कर ले — एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के लिए।


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🔥 कहानी में ट्विस्ट:

शादी होती है — लेकिन दोनों के दिलों में दूरियां हैं।

आरव, रागिनी को बस एक सौदा मानता है।

रागिनी, खुद्दारी वाली लड़की है, लेकिन वो जानती है कि उसे क्यों ये समझौता करना पड़ा।


धीरे-धीरे, रागिनी की सादगी और अच्छाई आरव के पत्थर दिल में असर करने लगती है।
लेकिन तभी...

आरव की एक्स गर्लफ्रेंड की एंट्री होती है।

रागिनी के भाई की सच्चाई सामने आती है।

एक बड़ा व्यापारिक धोखा, जो आरव को तबाह कर सकता है।



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💔 अंतिम मोड़:

क्या आरव अपने झूठे अहंकार को छोड़कर रागिनी के प्यार को समझ पाएगा?
क्या रागिनी उस इंसान से वाकई प्यार कर बैठी है जिसने उससे सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट किया था?

क्या कॉन्ट्रैक्ट प्यार में बदल सकता है?
या ये रिश्ता सिर्फ एक दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा?

rajukumarchaudhary502010

छुपुमा छुपु हिलोमा धान रोपेर छाेडाैला ,
बनाइ कुलो लगाइ पानी आएर गाेडाैला !
भनेर सानी पटुकी रातो बाधेर झरेकी ,
धमिलो खोला बाढीले होला कसरी तरेकी ?
गालामा साना पसिना दाना मोति झै खुलेकी ,
घाम र पानी भोक र तिर्खा कसरी भुलेकी ?
आज असार १५ राष्ट्रिय धान दिवसको हार्दिक शुभकामना ! 🙏

rajukumarchaudhary502010

💍 "My Contract Wife" — पूरी कहानी (सारांश में)

मुख्य किरदार:

आरव सिंह मेवाड़ – एक अमीर, घमंडी और सख्तदिल बिज़नेसमैन।

रागिनी शर्मा – एक साधारण लेकिन आत्मसम्मानी लड़की, जो अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है।



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📖 कहानी की शुरुआत:

आरव को अपने बिज़नेस डील्स के लिए शादी करनी पड़ती है। लेकिन उसे असली शादी में विश्वास नहीं। उसे चाहिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट वाइफ – एक समझौते की पत्नी, जिससे वो एक तय समय बाद अलग हो सके।

उधर, रागिनी एक मध्यमवर्गीय लड़की है, जिसका भाई इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। पैसों की कमी उसे मजबूर कर देती है कि वो आरव का प्रस्ताव स्वीकार कर ले — एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के लिए।


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🔥 कहानी में ट्विस्ट:

शादी होती है — लेकिन दोनों के दिलों में दूरियां हैं।

आरव, रागिनी को बस एक सौदा मानता है।

रागिनी, खुद्दारी वाली लड़की है, लेकिन वो जानती है कि उसे क्यों ये समझौता करना पड़ा।


धीरे-धीरे, रागिनी की सादगी और अच्छाई आरव के पत्थर दिल में असर करने लगती है।
लेकिन तभी...

आरव की एक्स गर्लफ्रेंड की एंट्री होती है।

रागिनी के भाई की सच्चाई सामने आती है।

एक बड़ा व्यापारिक धोखा, जो आरव को तबाह कर सकता है।



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💔 अंतिम मोड़:

क्या आरव अपने झूठे अहंकार को छोड़कर रागिनी के प्यार को समझ पाएगा?
क्या रागिनी उस इंसान से वाकई प्यार कर बैठी है जिसने उससे सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट किया था?

क्या कॉन्ट्रैक्ट प्यार में बदल सकता है?
या ये रिश्ता सिर्फ एक दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा?
MY CONTRACT WIFE
10 PARTS STORY SERIES
Written & Narrated by RAJU KUMAR CHAUDHARY

“मजबूरी में बंधा रिश्ता,
जहां प्यार की तलाश है…”

▶️ हर शुक्रवार को नया एपिसोड
📍 YouTube Channel: KAHANIYON KA DUNIYA
🎬 My Contract Wife – भाग 2: कागज़ी बीवी

🎙️**[नेरेशन – हल्की बारिश और उदासी भरा म्यूज़िक]**

> "कहते हैं... शादी दो आत्माओं का पवित्र बंधन होती है।
लेकिन आज, दो अनजान लोग... एक काग़ज़ पर दस्तख़त करके पति-पत्नी बन गए।
कोई मंगल-सूत्र नहीं… कोई फेरे नहीं…
सिर्फ कानून की मुहर और दिलों की खामोशी।"




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⚖️ सीन 1 – (कोर्टरूम)

जज (गंभीर):
आप दोनों इस शादी के लिए राज़ी हैं?

आरव:
Yes, Your Honor. Completely.

रागिनी (धीरे से):
…हाँ।

जज:
आप दोनों इस शादी में अपनी मर्ज़ी से आ रहे हैं?

(रागिनी एक सेकंड के लिए आरव की ओर देखती है, फिर आँखें नीची कर लेती है)

रागिनी:
हाँ… मर्ज़ी से।

[साउंड इफेक्ट: दस्तखत की आवाज़, कोर्ट की मुहर की ठप्प...]

[नेरेशन – धीमे सुर में]

> "दस्तखत तो हो गए... लेकिन ये रिश्ता आज भी अनजान था।
उसके पास अब एक पति था... लेकिन प्यार नहीं।"




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🏠 सीन 2 – (आरव का घर, पहली रात)

🎵 [Background: Dead silence, occasional ticking of clock]

आरव (कड़क अंदाज़ में):
ये रहा तुम्हारा कमरा।
हम एक ही घर में रहेंगे, लेकिन हमारे रास्ते अलग होंगे।

रागिनी (धीरे से):
और लोगों को?

आरव:
लोगों को यही लगेगा कि हम एक आदर्श जोड़ा हैं।
क्योंकि ये शादी सिर्फ एक दिखावा है।

रागिनी:
मैं आदर्श नहीं, इंसान हूँ।

आरव:
मुझे फर्क नहीं पड़ता।

(वो दरवाज़ा बंद कर देता है।)

[नेरेशन – आवाज़ में हल्की कंपकंपी]

> "उस रात... रागिनी का कमरा बड़ा था, लेकिन दिल तंग।
वो बीवी तो बन गई थी… पर सिर्फ नाम की।
'कागज़ी बीवी' — जो किसी की नहीं थी, सिवाय उस कॉन्ट्रैक्ट के।"




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📞 सीन 3 – (आरव की कॉल, अगले दिन)

कॉलिंग टोन…

अनजान महिला की आवाज़ (फोन पर):
"Wow आरव, तो तुमने सच में शादी कर ली?
वो भी उस लड़की से? Who is she?"

आरव (हँसते हुए):
Relax, it's just business.
Six months… then bye-bye.

[रागिनी ये बात पास से सुन लेती है। उसकी आंखों में आँसू]


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📌 भाग 2 का एंड:

🎶 [Background – धीमे piano के साथ]

रागिनी (आँखों में आँसू, दिल में तूफान):
"मैं सिर्फ एक सौदा हूँ उसके लिए...
लेकिन क्या मैं ख़ुद को भी वही मानूं?"---

🎬 भाग 5: दिल का सौदा

✍️ Narration + Dramatic Dialogue Style


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, दिल को छूने वाला टोन]

> "जब मजबूरी और नफ़रत के बीच से गुज़रते हुए…
दिल खुद से सवाल करता है — क्या सच में कोई सौदा दिल से किया जा सकता है?
रागिनी की सोच बदल रही थी…
और अब, खेल के नियम बदलने वाले थे।"




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🏠 सीन 1 – (रागिनी का कमरा)

🎵 [Background: हल्का hopeful piano]

रागिनी (मन ही मन):
अब वक्त है अपनी शर्तें रखने का…
मैं इस सौदे की शर्तें बदलने आई हूँ।

फोन बजता है, रागिनी उठाती है।

रागिनी:
हैलो?

माँ की आवाज़:
बेटा, थोड़ा संभल कर चलना। ये रिश्ते सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते।

रागिनी:
माँ, मैं अब कमजोर नहीं हूँ। मैं अपने लिए खड़ी हूँ।


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🏢 सीन 2 – (आरव का ऑफिस)

🎵 [Background: Tense instrumental]

आरव (फोन पर):
रागिनी, मैंने तुम्हारे बारे में सुना है… तुम मेरी शर्तें बदल रही हो?

रागिनी:
शर्तें बदलना मेरा हक है।
क्योंकि ये रिश्ता सिर्फ तुम्हारा नहीं… मेरा भी है।

आरव (गुस्से में):
तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।

रागिनी (पक्का इरादे से):
और तुम्हें ये समझना होगा कि मैं कौन हूँ।


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🎙️ [नेरेशन – भावुक, धीमी संगीत के साथ]

> "शर्तें अब कागज़ों में नहीं, दिलों में लिखी जा रही थीं।
और ये रिश्ता अब सिर्फ सौदा नहीं, एक जंग था —
जो जीतती थी उस हिम्मत वाली रागिनी।"

rajukumarchaudhary502010

એડજસ્ટ એવરીવ્હેર' આ વાક્ય તમારો સંસાર 'ટોપ' ઉપર લઈ જશે. વ્યવહારમાંય 'ટોપ' ઉપર ગયા સિવાય કોઈ મોક્ષે ગયેલો નહીં. વ્યવહાર તમને ના છોડે, ગૂંચવ ગૂંચવ કરે તો તમે શું કરો? માટે વ્યવહારનો ફટાફટ ઉકેલ લાવો. - દાદા ભગવાન

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