Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

Good morning friends have a great day

kattupayas.101947

सिकंदर महान के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य क्या हैं?
.
सिकंदर के जीतने का असली कारण यह था कि उसके पास दुनिया के सबसे बेहतर हथियार थे !!
.
(1) भाले : जूरी सिस्टम होने के कारण ग्रीस ने हल्की एवं मजबूत धातु का अविष्कार कर लिया था , जिसकी वजह से वे 18 फुट तक लम्बे भाले बना पाए !! इतने लम्बे होने के बावजूद इनमे नम्यता नहीं थी और ये हल्के भी थे। छह फुटी भालो का 18 फुट के भालो से कोई मुकाबला नहीं था।
.
(2) जीन : ग्रीस ने जीन यानी काठी भी बनायी !! तब तक भारत समेत शेष विश्व में घोड़ो पर बिना जीन के ही बैठा जाता था। जीन होने से घुड़सवार का संतुलन, घोड़े पर पकड़ एवं युद्ध करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। ( श्री चन्द्र प्रकाश द्विवेदी के चाणक्य धारावारिक में आप भारतीय घुड़सवारो को बिना जीन के देख सकते है।)
.
(3) किला तोडू मचान : जूरी सिस्टम के कारण ग्रीक बेहतर मचान बनाने में सफल हो गए थे। सिकन्दर की सेना किले की दीवार के साथ मचान जब मचान लगाती थी तो इन मचानो की ऊंचाई किलो की दीवारों से भी ऊँची हो जाती थी। इससे किले की दीवारे सिकन्दर का हमला रोकने में नाकाम साबित हुयी।
.
(4) चमड़े के बख्तर : जूरी सिस्टम के कारण ग्रीस ने सस्ते एवं मुलायम चमड़े का उत्पादन बड़े पैमाने पर करना शुरू किया। बड़े पैमाने पर चमड़े का उत्पादन होने के कारण ज्यादातर ग्रीक सैनिक का अधिकाँश चमड़े द्वारा आवृत होता था। यह चमड़ा मुलायम एवं हल्का था अत: सैनिको को लड़ने में परेशानी नहीं होती थी एवं तीर आदि इन्हें भेद नहीं पाते थे। जबकि शेष विश्व ने सैनिक भारी भरकम जिरह बख्तर लाद कर लड़ रहे थे।
.
(5) गुलेले : जूरी सिस्टम की वजह से ग्रीस वासी बेहतर गुलेले बना पाए। ये गुलेले 300 किलो तक के पत्थरो को 500 से 600 मीटर दूरी तक फेंक सकती थी। इनका इस्तेमाल किले की दीवारों को तोड़ने एवं दूर से ही सेना पर हमला करने के लिए किया जाता था।
.
(6) बड़ी एवं हलकी ढाल : ग्रीक्स की ढाल भी काफी बड़ी एवं हल्की थी। सख्त चमड़े की बने होने के बावजूद यह इतनी हल्की थी कि इसे उठाया जा सकता था। ग्रीक्स के केटापल्ट भी बहुत मारक थे !
.
तो सिकन्दर को जब मालूम हुआ कि उसके पास दुनिया के सबसे आधुनिक एवं मारक हथियार है , एवं अन्य किसी सेना के पास ऐसे हथियार नहीं है तो उसमे इस महत्त्वाकांक्षा ने जन्म लिया कि दुनिया जीतने का प्रयास करना चाहिए। और जब आपके पास इतने ताकतवर हथियार हो तो साहस वगेरह खुद ब खुद आ जाता है।
.
इतिहास की पाठ्य पुस्तक में सिकन्दर का अध्याय इस पंक्ति से शुरु होना चाहिए कि आखिर ग्रीक शेष विश्व की तुलना में इतने बेहतर हथियार बनाने में कामयाब किस वजह से हो गए थे ?
.
जूरी सिस्टम के अलावा इसका कोई अतिरिक्त कारण नहीं था। यदि इतिहास की कोई पुस्तक यह नहीं बताती कि जूरी सिस्टम किस तरह तकनीकी आविष्कार को प्रोत्साहित करके समुदाय को बेहतर हथियारों का निर्माण करने में सक्षम करता है तो मेरे विचार में ऐसी पुस्तक इतिहास नहीं बताती , बल्कि इतिहास पर मिट्टी डालने का काम करती है।
.
चूंकि सभी इतिहासकार पेड होते है , और उनके प्रायोजक नहीं चाहते कि नागरिको को हथियारों के महत्त्व की सूचना दी जाए, अत: वे इस बात को भुला देते है कि सारा इतिहास युद्धों का इतिहास है, और युद्ध में निर्णायक तत्व हथियार ही है। जिस सेना के पास ज्यादा बेहतर हथियार होंगे वो सेना जीत जायेगी।
.
अब इसमें साहस , महत्वकांक्षा , नैतिक बल क्या कर लेगा !! बन्दुक के सामने कोई लाठी लेकर जायेगा तो उसका साहस क्या काम आएगा !! तो इतिहास कार जब सिकन्दर पर 100 पेज लिखेंगे तो उसके हथियारों की चर्चा सिर्फ 2 पेज में समेट देंगे, और शेष 98 पेज में अजीब किस्म के दार्शनिक एवं अप्रासंगिक कारण लिखेंगे -- महत्त्वाकांक्षा, नैतिक बल, अनुशासन, साहस, कुशल रणनीति, संगठन, एकता !!!
.
दरअसल ये छात्रों को भ्रमित करने के लिए इतिहास नहीं कवितायेँ लिखते है।
.
हेनरी फोर्ड सही था — History is more or less Bunk !!
.
मतलब इतिहास जिस तरह से लिखा जाता है , यह एक बकवास है !! कभी कम तो कभी ज्यादा !!
.
इतिहास को किस तरह लिखा जाना चाहिए इसकी प्रक्रिया इस जवाब में देखें -- https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1035102530196157/
.
=======

sonukumai

कहानी हमारी भी कुछ फिल्मी सी है,
दोस्ती से शुरू होकर इश्क़ तक आ गई है…
अब अंजाम क्या होगा ये तो वक्त बताएगा,
पर जो भी होगा… तेरे साथ ही अच्छा लगेगा। 💛✨

parmarsantok136152

💔💔💔

munmundas313515

હર હર મહાદેવ 🙏

bhavnabhatt154654

“मैं जिम जॉइन करने गया मोटिवेशन लेने…
ट्रेनर बोला: ‘कल से आना।’

मैं बोला: ‘परफेक्ट! मैं भी यही सोच के आया था!’ 😂

kiran.792864

रात की ये खामोशी तुम्हें सुकून दे,
चाँद की रोशनी तुम्हारे ख्वाबों को खूबसूरत बना दे…
आज की सारी थकान हवा में घुल जाए,
और तुम्हारी मुस्कान कल फिर से खिल जाए।
सोते वक्त बस इतना याद रखना —
कोई है… जो तुम्हें हर रात दुआओं में रखता है। 💛✨
शेर 💫
तेरे ख्यालों की चादर ओढ़कर सोते हैं हम,
वरना ये रातें भी हमें चैन से सोने नहीं देती थीं। 💛

#Good night buddies sweet dreams

parmarsantok136152

फिर भी मैं बुरी हूं


हमसे पूछा सभी ने
हमने उन्हें दिया क्या
किसी ने पूछा ही नहीं की
हमें उनसे मिला क्या


हमेशा एक तरफा ही उम्मीद लगाई गई
और मैं उम्मीद लगाई तो वेमत हुई

वो उम्मीद जो सख्त पहेरो से लगे थे
उसमें बस एक तिनका ही हिला
और उन तीनके ने साबित कर दिया कि
मैं क्या हूं


उनके लिए जो मेरे अपने थे



सब मांगते गए
और मैं देता गया
मेरे हंसी मेरी खुशी मेरा
रोना मेरा कहना
मेरा बहन मेरी वक्त
मेरी जज्बात सबको दे दिया


उनकी जरूरत के हिसाब से
जब मुझे जरूर परी मेरी ही वक्त के तो
ताना मिला
मैंने वह क्यों नहीं की जो उसने कहा
शिकायत पर बहाना मिला




मैं खुद के लिए वक्त कैसे बचा ली
इस बात पर सख्त और जलील भरी लेहजे मिला




जब मैं पल भर सांस लेने की सूची
तो मैं बुरी हुई
अपने प्रिय जनों से मुझे यह नाम मिला






मैं ने किसी से उनके हिस्से की वक्त नहीं मांगा
मैं ने किसी से उनके हिस्से की हंसी नहीं मांगा
मैंने किसी से उनके हिस्से की कुछ भी
वेसकीमती की नहीं मांगा




मैं ने बस अपने हिस्से के जज्बात अपने पास रखना चाहा
फिर भी मैं बड़ी बुरी हूं




सबके हिस्से की मैंने दर्द लिया गम लिया
और मेरे हिस्से का दर्द और गम अपने दिल में दवा लिया
फिर भी मैं बुरी हूं



मैंने कहां कैसे की मुझे से नहीं होगा
जो मैं आज तक करता रहा
मैं एक बुरी बेटी हूं


सबने मुझे से सब ले लिया
और किसी ने कुछ दिया नहीं
फिर भी पूछा मैंने उनके लिए क्या किया




जहां मे एक लाइन सच है जो बड़ी फेमस है
चिड़कर सीना दिल निकाल कर भी रख दो
तुम अपनी प्रिय जनों के सामने
फिर भी कहेंगे यह कम ही है



सब कुछ लेने के बाद भी
मुझे अंदर से खोखला कर देने के बाद भी
कहते हैं तुमने मुझे दिया क्या




अगर आप सबको यह कविता अच्छी लगे तो
आगे पढ़ते रहिए
मैं आपका प्रिय लेखक अभिनिशा❤️🦋💯

abhinisha

जानते तो तुम खूब हो मोहन रिश्ते बनाना..
बस नहीं जानते हो तुम उनको निभाना..

momosh99

मोहन इससे बड़ी और क्या नादानी होगी मोहब्बत में..
जो हम फर्क ही ना कर पाए उसकी अदा और अदावत में..

momosh99

Logo ne mujhe chhoda aur mene logo ko

jaiprakash413885

[श्री राम Version - 1]

श्री राम है वंदन तुमको,
दशरथ जी के नंदन तुमको।

हृदय में राम के आने के भाव ऐसे जगे,
खुशी के आँसू झर-झर बहे।
जैसे सुदामा को कृष्ण मिल गए,
ऐसा ही संबंध भक्त और भगवान का हर युग में है।

श्री राम है वंदन तुमको,
दशरथ जी के नंदन तुमको॥

वर्षों बाद आशाओं के दीपक फिर जल उठे हैं,
इस बार आशाएं ऐसी जागी कि पूरा भारत ही अयोध्या बन गया है।
जैसे शरीर को प्राण मिल गया है॥
संगठन की शक्ति अब दिखाएंगे,
घर-घर भगवा लहराएंगे॥

भारत ऐसा पावन धाम हो,
जिसके नायक श्री राम हों।
श्री राम है वंदन तुमको,
दशरथ जी के नंदन तुमको॥

अनुपम छवि देखी राम की,
मन मुग्ध है सब नर-नारी।
सतयुग के नारायण हो या,
त्रेतायुग के राम हो,
द्वापरयुग के कृष्ण हो,
या कलयुग के कल्कि भगवान हो।

दयाकर अपने चरणों की ऐसी कृपा हमारे नाम हों,
श्री राम है वंदन तुमको,
दशरथ जी के नंदन तुमको॥
Written by: Sneha Gupta

dineshgupta823378

जग डूबा *अवसाद* में, छेड़ा जबसे युद्ध।
दोनों को समझा सकें, कहाँ से लाऊँ बुद्ध।।

विश्व प्रेम आराधना, सुख शांति *प्रासाद*।
हिल -मिलकर सब रह सकें, हटे दूर उन्माद।।

गीता के *प्रतिसाद* में, कर्म भाव ही तत्व।
जिसने जीवन को जिया, उसका बढ़ा महत्व।।

जीव जगत को है मिला, आशीर्वाद *प्रसाद*।
नेक राह पर चल पड़ो, कभी न हो उन्माद।।

मनोज कुमार शुक्ल मनोज
1/4/26

manojkumarshukla2029

अरसे बाद आया तो सही
मगर!!
शिकायत की पोटली खोली
न जाने कितनी रार लिए
पीड़ा की दरकार लिए
खुद को कहता सुना न कभी
कहता सुनता है हरपल ही
अपराधी तेरी एक नहीं
औरों की भी हिस्सेदारी
उसपर खुद की भी सगी नहीं
अपराधबोध की आदी हूँ
पूरी न आधी-आधी हूँ
आधे में भी टुकड़े -टुकड़े
बिखरे हैं सब एक सार नही......
ख्वाहिश का तो कुछ पता नहीं
है न है यह इन्कार नहीं, अच्छेपन
का कुछ भार नहीं...
सुख के साथी तेरे कितने
दु:ख का कारण मैं एक रही
धीरे - धीरे समझा जो अब
समझा तो था स्वीकार नही
जाने मुझमें था क्या देखा
जो था लेकिन अब रहा नहीं
मैंने तुझको ही सच माना तुझमें
ही खुद को पहचाना अन्तर ने कहा
बस वहीं किया.....;;;;
#ruchi_dixit

ruchidixit324gmail.com8469

तेरे साथ हँसना भी आदत बन गई है मेरी,
वरना यूँ हर खुशी में तुझे ढूँढता कौन… 💛

parmarsantok136152

🦋🌻🌸🌹🌼🏵️🍁🌞

monaghelani79gmailco

नज़रें हमारी भी बहुत कुछ कह जाती हैं,
पर हम ठहरे राजपूताना — खुलकर इज़हार कहाँ करते हैं…
जो समझ ले खामोशी को हमारी,
बस उसी से हम थोड़ा प्यार किया करते हैं। 😏💛

parmarsantok136152

Do you know that for this human life, we should use everything we have for the benefit of others?

Read more on: https://dbf.adalaj.org/ANbKTYdU

#humanity #helpothers #seva #service #humanlife #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

🙏🙏हम शांति के लिए 'युद्ध' करते हैं।

बस इसी तरह कुछ लोग कह कर दुनिया को 'अप्रेल फूल' बनाते हैं।।🦚🦚

parmarmayur6557

दर्द बस दर्द हो, तो बाँटें भी
ये निशानी है आख़िर उसकी💞

narayanmahajan.307843

राष्ट्राची प्रगती की मानवतेची अधोगती

खूप थकलेला दिसतोस रे
माझ्या पंढरीच्या राजा पांडुरंगा
कसा सहन होतोय रे विठ्ठला तुला
अस्तित्वासाठी चाललेला अमानवी दंगा

माझा शेतकरी राजा झालाय
कर्जाच्या वाढत्या डोंगरामुळे वेडापिसा
पापाच्या पैशामुळे फुगत चाललाय
भ्रष्ट आणि निर्दयी राजकारण्यांचा खिसा

शेतकऱ्याचं ऐकणारा कोणी नसल्याने
करतोय तो अश्रूंची काळजामध्ये साठवण
अशा खडतर प्रसंगावेळी खरंच येते
स्वराज्यसंकल्पक शहाजी महाराजांची आठवण

पाठव ना रे विठ्ठला त्यांना परत
खचून गेली स्वाभिमानाची धरती
नक्कीच आळा बसेल पांडुरंगा
भ्रष्ट हुकुमशाही राजकारणावरती

शेतकरी राजा खूप खचलाय रे
कायम पाठीशी असो तुझा आशिर्वाद
लवकरच मिटवून टाक पांडुरंगा
माणुसकी संपवणारा अस्तित्वाचा वाद

स्वप्निल संगीता ज्ञानेश्वरराव कऱ्हाळे पाटील
लेखक शाश्वत सत्य मराठी काव्यसंग्रह
मो. नं. 9049225717

swapnildnyaneshwarraokarhalepatil956503

https://www.matrubharti.com/book/19990954/my-dear-professorमाई_डियर_प्रोफेसर का भाग 8 आज आएगा। आप लोग पढ लेना। और कमेंट और रेटिंग भी कर दिया करो। आप लोग के लिए पढने के लिए कहानिया है..लेखिका के लिए भी तो कुछ होना चाहिए।
ये आज के भाग की एक झलक 👇

gautamreena712gmail.com185620

ভালোবাসার দ্বন্দ্ব*****
.
.
.
.
.
.
একজন মানুষ তার প্রিয় মানুষটাকে গভীরভাবে ভালোবাসে।
কিন্তু সেই ভালোবাসার ভেতরে লুকিয়ে আছে একসাথে সুখ আর কষ্ট।

সে চায়, প্রিয় মানুষটা যেন কষ্টটাও অনুভব করে—
যেন বুঝতে পারে ভালোবাসার গভীরতা।

তবুও, যখন সে সত্যিই সেই কষ্টে ভেঙে পড়ে,
তখন তার নিজের মনটাই সবচেয়ে বেশি ভেঙে যায়।

ভালোবাসা কখনো শুধু সুখ নয়,
কখনো এটা সুখ আর যন্ত্রণার মাঝখানে দাঁড়িয়ে থাকা—
একটা অদ্ভুত, তীব্র অনুভূতি।




সমাপ্তি🍁

sohagibaski337637