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New bites

The Indian cricket team is progressing, but the team is not building up.

kattupayas.101947

What a character #benstokes courage and determination

kattupayas.101947

#Rishab pant is the real fighter.

kattupayas.101947

Goodbye messages bring you tears, but that's the reality. You have to face the new world.

kattupayas.101947

Think twice before you say goodbye to anyone. You will not be the same person afterwards.

kattupayas.101947

લોક વાણી ભાગ ૫

યાદોની અમીરાતે ઉર ઉભરાય.
પ્રેમના પાલેવડે લહેર લહેરાય્

વરસી ઘડી વાદળીખળજળ ખળી.
વહી રહે ઝરણાં ક્યાંથી જાય કળી.

લચતી લતા વેલી નીતરતી ન્હાય..

જળ ઝરતા વૃક્ષોએ વાત કરી.
શીતળતા શબનમ ની ભાત ભરી.

કૂંપળ ફળ મંજરી મન મળાય...

મોરલા કરે ગ્હેકાટ મન મૂકી.
વન વગડાની હરીયાળી ઝૂકી.

સ્નેહના સંભારણા ચિત ચરાય...

મનરવ આમ વહે મલકનો મેળો.
ભાતિગળ ની ભાત એ પણ ભેળો.

મૂલ સહુ સહુ ના સ્વમાં સમાય...

લે,,ક,
મનજીભાઈ કાળુભાઇ મનરવ મુ બોરલા

manjibhaibavaliya.230977

जल्द ही पढ़े

kumar00

Good evening friends

kattupayas.101947

काश किस्मत का कागज कोरा होता,
और...
उसमें तकदीर लिखने का हक मां का होता।।

bita

अपने दोनो कंधो पर  मैं,
अपने घरवालों की इज्जत का बोझ उठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं  बेटी कहलाती हूं।


अपने पैरों में मैं
इनके सम्मान की बेड़ियां पाती हूं।
अपने दोनो कंधो पर  मैं,
अपने घरवालों की इज्जत का बोझ उठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं  बेटी कहलाती हूं।



अपनी उमर के साथ साथ
मैं उनके‌ लिए और भी
कीमती हो जाती हूं
अगर हूं मैं सुंदर
तो उनके मन में
अनजाना डर बैठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं बेटी कहलाती हूं।


अपने दोनो कंधो पर  मैं,
अपने घरवालों की इज्जत का बोझ उठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं  बेटी कहलाती हूं।


ना हो जो रंग रुप मेरा
तो भी उनकी चिंता बन जाती हूं।
शायद इसीलिए मैं बेटी कहलाती हूं।
सारे अरमान पूरे कर उनके
विदा हो कर मैं उन्हें छोड़ जाती हूं।
शायद इसीलिए मैं बेटी कहलाती हूं।


अपने दोनो कंधो पर  मैं,
अपने घरवालों की इज्जत का बोझ उठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं  बेटी कहलाती हूं।


छोड़ जाने के बाद उनको मैं
जब अपने ढर को जाती हूं
तो खुद को उस घर में
अब मैं मेहमान पाती हूं।
अपने दोनो कंधो पर  मैं,
अपने घरवालों की इज्जत का बोझ उठाती हूं।
शायद इसीलिए मैं  बेटी कहलाती हूं।

शायद इसीलिए मैं बेटी कहलाती हूं।
शायद इसीलिए मैं बेटी कहलाती हूं

vrinda1030gmail.com621948

hello everyone 🤗
हमें उम्मीद है आप सब को हमारी कहानी__ इश्क बेपरवाह नहीं तेरा... पसंद आ रही होगी, जो पढ़ रहे उन्हें धन्यवाद 🙏🏻
आप सबसे निवेदन है जिन्हें कहानी पसंद हो और वो उसके आगे के भाग जल्दी चाहते हो तो कृपया आप सब उसपर कमेंट जरूर करें कहानी कैसी है। और हां हमें फॉलो भी जरूर करें।
हमें यहां फ्लॉवर्स की जरूरत है। आप सबका समर्थन मिलेगा ऐसी आशा है।
पढ़ते रहिए और जुड़िए हमसे...😊

santoshikatha858769

असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर् मा अमृतं गमय ॥

Lead me from the unreal to the real,
Lead me from darkness to light,
Lead me from death to immortality.

मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो,
अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो,
मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो।

|| ॐ नमः शिवाय ||

rajnijoshi8512gmailc

લોક વાણી ભાગ ૪

હે હાલો હળવા રે હો મળવા.
એ જામી છે જોડી હેત ભરવા.

ભરાણો મેળો અઅંતરના ઓજમા.
મેરામણ ઊમ્યટ્યો છે નીજ આનંદમાં.

વરસે વાદલડી હરીયાળી રે હો હળવા...

મળશું હેત પ્રિત પ્યારની પરખમા.
નિર્મળ આહ્લાદ જ્યાં મિલન મલકમાં.

એ જોબન ઝરણાં ઉમંગને રે હો વરવા..

વહેતી પળ ને યાદો ના અંત રંગમાં.
વિખરાતા સાગરમાં ઝરતા તરંગ માં.

એ મનઘડ મનરવ તનને રે હો ઘડવા.

મનજીભાઈ કાળુભાઇ મનરવ મુ બોરલા

manjibhaibavaliya.230977

उच्च रक्तचाप से आपकी आँखों को कितना खतरा है?
(How High Blood Pressure Affects Your Vision)

उच्च रक्तचाप (High BP) केवल दिल की सेहत को ही नहीं, बल्कि आपकी आंखों को भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। यह एक "Silent Killer" है जो धीरे-धीरे आपकी दृष्टि को प्रभावित करता है — बिना किसी शुरुआती लक्षण के।

👁️ आँखों पर उच्च रक्तचाप का असर:
रेटिनोपैथी (Hypertensive Retinopathy):
आंखों की रेटिना में रक्त नलिकाएं संकुचित हो जाती हैं, जिससे धुंधली या कमज़ोर दृष्टि हो सकती है।

रेटिनल ब्लीडिंग:
अत्यधिक बीपी से आँखों में रक्तस्राव हो सकता है जो स्थायी दृष्टि हानि का कारण बनता है।

ऑप्टिक न्यूरोपैथी:
ऑप्टिक नर्व तक रक्त प्रवाह रुकने से अचानक दृष्टि खो सकती है।

मैकीुलर एडमा:
रेटिना के मध्य भाग में सूजन आने से साफ और स्पष्ट देखने में समस्या होती है।

ग्लूकोमा (कालापन):
लंबे समय तक अनियंत्रित बीपी से आँखों का दबाव बढ़ सकता है जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँचता है।

⚠️ चिंता की बात यह है कि—शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते!
इसलिए, यदि आप हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, तो नियमित नेत्र जांच बेहद जरूरी है।

✅ बचाव के उपाय:
बीपी नियमित रूप से जांचें और नियंत्रित रखें

हेल्दी डाइट और व्यायाम अपनाएं

साल में कम से कम एक बार नेत्र परीक्षण कराएं

नेत्रम आई फाउंडेशन में हम विशेष रूप से हाई बीपी से जुड़ी नेत्र समस्याओं की जांच व इलाज करते हैं।

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📞 011-41046655 | 9319909455
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🌐 www.netrameyefoundation.com

आपकी दृष्टि... हमारी ज़िम्मेदारी!

netrameyecentre

1 आप बस इंसानियत निभाइये

रिश्ते खुद-ब-खुद निभ जाएंगे......



2 इंसान कितना भी बड़ा बन जाये, पर इंसानियत उसको उससे भी बड़ा बना देता है.....

rinky

Are you an angry mom? Do you prefer yelling at your child instead of explaining to them with patience and love? Then this video is for you.

Don't be harsh with your child and nurture them with some mindful parenting tips.

Watch here: https://youtu.be/j_MEWcnU5Po

#parentingtips #parenting #parentshood #relationship #relationshiptips #statusvideo #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

दिलों पे अल्फाज़ नहीं, लहजे असर करते है...❤️❣️❣️

rinky

ચોઘડિયું જોઈને ક્યાં
મળ્યાં હતાં
આ તો દિલથી દિલને
વર્યાં હતાં…
-કામિની

kamini6601

📚 राजु कुमार चौधरी
✍️ लेखक | कवि | कहानीकार
📍 प्रसौनी, पर्सा, नेपाल

"मैं कहानियाँ नहीं लिखता, मैं आपको एक दूसरी दुनिया में खींच ले जाता हूँ।"

यहाँ आपको मिलेगा —
🌀 जादू की वो परत, जिसे कोई तोड़ नहीं सकता
💔 प्रेम की वो गहराई, जहाँ दिल रो भी ले और मुस्कुरा भी दे
👻 रहस्यों की वो परछाई, जो आपके सपनों में भी पीछा करे
🔥 संघर्ष की वो आग, जो आपको हारने नहीं देगी

कहानियाँ पढ़ने नहीं, जीने के लिए होती हैं — और मेरी कहानियाँ आपकी रूह को छू जाएंगी।
हर दिन कुछ नया, कुछ अनसुना... बस आपके लिए।

🙏 पढ़ें, कमेंट करें, और इस जादुई सफर का हिस्सा बनें।
📬 आपके आइडियाज, मेरे अगले जादू की चाबी हो सकते हैं।

rajukumarchaudhary502010

Good morning friends

kattupayas.101947

ये ख्वाहिशें भी बड़ी खूबसूरत होती हैं - और बेचारा इंसान इनको पूरा करने में अपना दिन रात एक कर देता है।

ख्वाहिशें, सपनों की तरह, इंसान के जीने का सबसे बड़ा सहारा होती हैं। ये हमें एक वजह देती हैं हर दिन कुछ नया करने की, खुद को आगे बढ़ाने की। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ख्वाहिशों का होना सही है? इसका जवाब है—हाँ, बिलकुल सही है। ख्वाहिशें इंसान को दिशा देती हैं, उसे उसके उद्देश्य से जोड़ती हैं। बिना ख्वाहिशों के इंसान का जीवन बेमकसद हो जाता है, जैसे कोई नाव बिना पतवार के।

अक्सर कहा जाता है, जितनी चादर उतने पैर फैलाने चाहिए। यह कहावत हमें अपनी सीमाओं को पहचानने की सीख देती है। लेकिन क्या हर बार सीमाओं में रहना ही सही है? जीवन का असली मज़ा तब है जब आप अपनी चादर को बड़ा करने का साहस रखें, जब आप अपने सपनों और ख्वाहिशों के लिए अपनी क्षमता को और विस्तृत करें। क्योंकि जीवन बड़ा नहीं, बल्कि इसके जीने के सबक बड़े हैं। जो इंसान अपने सपनों को सच करने की हिम्मत रखता है, वही जीवन को असली मायनों में जीता है।

ख्वाहिशें आपको मेहनत करना सिखाती हैं। जब आप किसी चीज़ को पाने की ठान लेते हैं, तो आप खुद में वो ताकत खोज निकालते हैं जिसका एहसास आपको पहले नहीं था। तो क्यों न अपनी ख्वाहिशों की लिमिट बढ़ाई जाए? इतना बढ़ाया जाए कि आप किसी भी कहावत या नकारात्मक सोच से ऊपर उठ जाएं।

हर वह सपना मुमकिन है जिसकी ख्वाहिश आपने आज से की है—और यही आज का दिन सबसे बेहतर है उसे पूरा करने की शुरुआत के लिए। सपनों के लिए सही समय कभी नहीं आता; सही समय वही होता है जब आप पहला कदम उठाने का साहस करते हैं।

लेकिन, ख्वाहिशों के बाद अक्सर निराशा क्यों आती है? इसका कारण है हमारी अधीरता। हम कोशिश का समय तय कर लेते हैं। हमें लगता है कि फल तुरंत मिल जाना चाहिए। जबकि सच्चाई यह है कि कोशिश एक कर्म है—और कर्म का फल तब मिलता है जब उसका समय आता है। यदि हम कोशिश को एक अनुभव की तरह अपनाएं, तो हर असफलता हमें मजबूत बनाती है और हमें एक नई दिशा देती है।

जीवन में इंसान की उपलब्धियां उसे महान नहीं बनातीं, बल्कि उसकी राह की मुश्किलें ही उसे परखती हैं। कठिनाइयों से गुजर कर ही हम अपनी ख्वाहिशों की असली कीमत समझ पाते हैं। इसलिए अपनी ख्वाहिशों से डरना नहीं चाहिए, उन्हें गले लगाना चाहिए, उनके लिए दिन-रात मेहनत करनी चाहिए।

जीवन छोटा सही, पर इसमें सीखने, बढ़ने और सपनों को हकीकत बनाने की अपार संभावनाएं हैं। अपनी चादर को बड़ा करना सीखिए, अपनी सीमाओं से आगे बढ़ना सीखिए। क्योंकि जो ख्वाहिशें आज आपके दिल में हैं, वही कल आपके जीवन की सबसे बड़ी जीत बन सकती हैं।

— धीरेन्द्र सिंह बिष्ट
बेस्टसेलर लेखक, मन की हार ज़िंदगी की जीत #motivational #SuccessStory #happyreading #DreamsToReality #InspirationHindi #LifeLessons

dhirendra342gmailcom

"इस सफर की शाम"
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रोने लगी वो खोने लगी,
जुदा जब वो मुझे से होने लगी,

दर्द दिलों का बढ़ने लगा जब,
नवज़ बाह की घटने लगी,
हाल मेरा भी बेहल हुआ जब,
नजरों से मेरी तू हटने लगी।....

मेरी नहीं हुई तो क्या हुआ?
किसी और की तू अब होने लगी,
ओझल होने लगी जब नजरों से तू,
मेरी भी हिम्मत अब टूटने लगी।....

तुमसे दूर होने की सोची ना थी,
सोच के सीने में आग ऐसी लगी,
हाल तूने मेरा सोचा नहीं,
गैरों के संग तू जाने लगी।....

पागल सा जब मैं होने लगा,
तेरी जरूरत मुझे पढ़ने लगी,
जख्म दिए तुमने इतनी गहरे,
सारे जहां की दुआएं कम पड़ने लगी,....

मिलेंगे हम किस सफर में अब,
इस सफर की शाम अब होने लगी।
~हरीश कुमार

harishkumar6240