"जो तुम आज हो,
वो कभी किसी की अधूरी दुआ थी…
और जो तुम कल बनोगे,
शायद किसी की पूरी तबाही भी हो सकते हो।"
तुम अपने हर फैसले से किसी की ज़िंदगी संवार भी सकते हो… और बिगाड़ भी सकते हो।
तुम्हारे शब्द किसी के अंदर ज़िंदगी भर का अंधेरा भर सकते हैं…
या फिर उसे खुद से फिर से प्यार करना सिखा सकते हैं।
इसलिए सोचो —
तुम कौन हो?
सिर्फ एक नाम?
या किसी की तक़दीर बदलने वाला इंसान… जिसे खुद अपनी कीमत ही नहीं पता?