Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

World's trending and most popular quotes by the most inspiring quote writers is here on BitesApp, you can become part of this millions of author community by writing your quotes here and reaching to the millions of the users across the world.

New bites

🌟 Today I read something truly inspiring…



We spend so much of our lives searching for the “purpose of life,” chasing goals, achievements, and meaning. But sometimes, in all the chaos, we forget the simplest truth: the real purpose of life is to fully express our joy—to let our hearts shine, our laughter flow, and our souls be free.



This beautiful reminder comes from the book Thank You for Leaving Me by Farhana Dhalla. 💛

nensivithalani.210365

કોઈને ચાહવું એટલે બસ પામી જ લેવું?

જો પ્રેમ આ જ છે તો પછી મોટાભાગની અમર પ્રેમની કહાનીઓ અધુરી ના રહી હોત.

દરેક ને ઝંખના હોય છે પામવાની ના નથી.

પરંતુ મોટાભાગના પ્રેમના પ્રસંગો વિરહની તપતી ધૂપમાં જ સુવર્ણની જેમ ચળકાટ પામ્યા છે.

ઉદાહરણ તરીકે સમજીએ તો સોની મહિવાલ, લૈલા મજનુ કે પછી હીર રાંઝણા જુઓ.

આ બધા જ પાત્રો મિલન કરતાં વિરહમાં પણ પોતાના પાત્ર પ્રત્યેની એક નિષ્ઠા નાં કારણે આજે લોકજીભે પ્રેમની વાતો આવે ત્યારે તરત જ સ્મરણમાં આવે છે.

જેમ જેમ પ્રેમ માં જુદાઈ વધે છે, તેમ તેમ પ્રણયની તિવ્રતા જો એટલી જ જળવાઈ રહે છે.

તો પછી માની શકાય કે પ્રણય ગમેતેવી કપરી કસોટીમાંથી પાર ઉતરી જશે.

ક્યારેક ના પામીને પણ પામી લીધાનો અહેસાસ 'ચાહત' બતાવે છે. તેમાં તિવ્રતા કરતાં સંયમની વિચારણા યોગ્ય રહે.

કહેવાય છે કે જેના પ્રત્યે ચાહત છે તેનો વિરહ અસહ્ય હોય છે. હા હોય છે.
આમ તો 'વિરહ' જ મિલન કરતાં પ્રેમનો સાચો માપદંડ આપતો હોય છે.

માણસ મળીને સ્નેહનો ભાવ બતાવે છે.
તેમાં તેની વ્યવહારિક બુદ્ધિ દ્વારા સમજણપૂર્વક નો ભાવ હોય છે.

જ્યારે વિરહ થી તડપતો માણસ જુદાઈમાં પણ કાયમી મિલન જેટલો જ પ્રતિસાદ આપે છે.

બસ ત્યારે ખરેખર તેનો પ્રેમ
એક અલગ જ મુકામ હાંસિલ કરેલ હોય છે.

parmarmayur6557

🌸 Story: पहली बारिश की याद

Writer: Premlata Armo

बरसात का मौसम हमेशा से ही कुछ खास होता है। पहली बूंद ज़मीन पर गिरते ही मिट्टी की खुशबू दिल को भीतर तक छू जाती है। लेकिन हर किसी की ज़िंदगी में “पहली बारिश” सिर्फ मौसम नहीं लाती, बल्कि ढेर सारी यादें भी साथ लेकर आती है।

रीमा के लिए भी पहली बारिश सिर्फ पानी की बूंदें नहीं थी, बल्कि बचपन से लेकर जवानी तक का वो अनमोल हिस्सा थी जो उसके दिल के बहुत करीब था।

बचपन में जब पहली बारिश होती, तो वो अपनी माँ के साथ छत पर दौड़ जाती। माँ हँसते हुए कहतीं—“भीग जाएगी तो बीमार पड़ जाएगी।” लेकिन रीमा का जवाब हमेशा एक ही होता—“माँ, ये बारिश दवा है, बीमारी नहीं।” और सच में, बारिश की वो बूंदें उसके दिल को जितना सुकून देतीं, उतनी कोई दवा नहीं दे सकती थी।

गाँव की गलियों में बच्चे बारिश में दौड़ते, मिट्टी में खेलते और कागज़ की नावें तैराते। रीमा भी हर साल अपनी छोटी-सी नाव बनाती और उसे नाली के पानी में छोड़ देती। जब नाव बहते-बहते दूर चली जाती, तो वो सोचती—“काश मेरी ज़िंदगी भी ऐसे ही बेफ़िक्र बहती चली जाए।”

समय गुज़रता गया। बचपन से निकलकर कॉलेज की दहलीज़ पर कदम रखते ही पहली बारिश का रंग भी बदल गया। अब बारिश सिर्फ मिट्टी की खुशबू नहीं लाती थी, बल्कि दिल में अनकहे जज़्बात भी जगाती थी।

कॉलेज का वो दिन रीमा कभी नहीं भूल सकती। पहली बारिश शुरू हुई थी। पूरी क्लास खिड़की से बाहर झाँक रही थी। सब हँसते, शोर मचाते हुए मैदान की ओर भागे। रीमा भी दोस्तों के साथ भीगने निकली। लेकिन उसी पल उसकी नज़र आरव पर पड़ी—जो बारिश में भीगते हुए चुपचाप आसमान की ओर देख रहा था।

उसकी आँखों में कुछ अलग ही कहानी थी। रीमा का दिल अनजाने एहसासों से भर गया। पहली बार उसे लगा कि बारिश सिर्फ भीगने का नाम नहीं, बल्कि दिल के छुपे जज़्बातों को बाहर निकालने का ज़रिया भी है।

उस दिन के बाद से बारिश और आरव जैसे एक-दूसरे से जुड़ गए। हर साल पहली बारिश आती, तो दोनों एक-दूसरे को याद करते। कभी कॉलेज की कैंटीन में बैठकर चाय और पकौड़े खाते, तो कभी छत पर खड़े होकर बारिश की बूंदें गिनते।

लेकिन ज़िंदगी हमेशा हमारी चाहतों की तरह नहीं चलती। कॉलेज खत्म होते ही आरव को दूसरे शहर नौकरी के लिए जाना पड़ा। जाते-जाते उसने रीमा से कहा—“हर साल जब पहली बारिश होगी, तुम मेरी याद करना। मैं जहाँ भी रहूँगा, तुम्हारे साथ भीग रहा होऊँगा।”

आज सालों बाद भी रीमा हर पहली बारिश पर छत पर जाती है। बूंदों को हथेलियों में समेटती है और आँखें बंद करके वही एहसास ढूँढती है। मिट्टी की वही खुशबू, दिल में वही धड़कन, और कानों में वही आवाज़—“हर बारिश में मैं तुम्हारे पास हूँ।”

उसके लिए पहली बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि उसकी यादों की सबसे खूबसूरत किताब है। एक ऐसी किताब, जिसमें बचपन की मासूमियत भी है, माँ की हँसी भी है, दोस्तों का शोर भी है और आरव का प्यार भी।

रीमा अक्सर सोचती है—
“शायद पहली बारिश हमें इसलिए इतनी यादगार लगती है, क्योंकि वो हमें हमारे अपनेपन से जोड़ देती है। चाहे वो बचपन हो, दोस्ती हो, या मोहब्बत… पहली बारिश हमेशा दिल की गहराई में छुपी सबसे प्यारी यादों को बाहर ले आती है।”

dilsekalamtak711812

🌸 Poem: पहली बारिश की याद

पहली बूंद जैसे ही गिरी ज़मीं पर,
मिट्टी की खुशबू ने दिल को छू लिया भीतर।
आँखें बंद करते ही बीते साल लौट आए,
बचपन की गलियों में फिर वही रंग छा गए।

कभी हम कागज़ की नाव बना कर,
बरसाती पानी में उसे तैराते।
दोस्तों के संग भागते-दौड़ते,
खुद भीगते, हँसते और खिलखिलाते।

माँ की आवाज़ दूर से आती—
“रुक जाओ! भीग गए तो बुखार हो जाएगा।”
पर उस डाँट में भी प्यार छुपा होता,
जैसे बारिश का संगीत दिल में समा जाता।

फिर जवानी आई, मौसम वही रहा,
लेकिन एहसासों का रंग नया चढ़ा।
कॉलेज की कैंटीन, पकौड़ों की खुशबू,
चाय की प्याली और दिल की धड़कनों का राग शुरू।

वो पहली बारिश, जब नज़रें मिलीं,
भीगे हुए लम्हों में मोहब्बत पली।
बारिश की हर बूंद ने नाम लिखा,
दिल के कागज़ पर एक ख्वाब खिला।

कभी छत पर खड़े होकर आसमान निहारा,
कभी भीगी सड़कों पर हाथों में हाथ थामा।
हर साल पहली बारिश हमें याद दिलाती,
कि प्यार भी बारिश की तरह सबकुछ भिगो जाती।

आज बरसों बाद भी जब पहली बूंदें गिरती हैं,
दिल फिर उसी कहानी में लौटकर सिहरती है।
हथेली में पकड़ती हूँ वो नन्हीं-सी बूंद,
मानो उसमें छुपा हो मेरा पूरा बचपन और सुकून।

पहली बारिश आज भी मेरे लिए दुआ है,
जिसमें माँ की डाँट भी है, दोस्तों की हँसी भी है,
और उस अनकहे प्यार की याद भी है,
जो मेरे दिल में अब तक ज़िंदा है।

शायद इसी लिए—
पहली बारिश कभी बूढ़ी नहीं होती,
वो हमेशा दिल की किताब का पहला पन्ना बनी रहती है।

_______दिल से कलम तक ______

✍️
प्रेमलता आर्मों

✨ Tags:
#पहलीबारिशकीयाद #PremlataArmo #DilSeKalamTak #HeartTouchingPoem #HindiPoetry #RainMemories #EmotionalLines #PremlataArmoWrites
#poem

dilsekalamtak711812

बस अपने प्यार के खातिर,
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।
घुटता था वो अंदर से,
पर बाहर से वो हंसता रहा।

घुटता था वो अंदर से
पर बाहर से वो हंसता रहा।
बस प्यार के खातिर
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।


सौ सौ आंसू बहा के रातों में,
दिन में सूरज सा वो चमकता रहा।
बस अपने  प्यार के खातिर
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।


अपनों से ही हठ कर वो
अपने के लिए हीं तड़पता रहा।
अपनों से ही हठ कर वो
अपने के लिए हीं तड़पता रहा।



बस प्यार के खातिर
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।



तकलीफ तो कम उसकी भी ना थी,
तकलीफ तो कम उसकी भी ना थी,
पर फिर भी वो  सहता रहा।
बस प्यार के खातिर
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।



मुस्कुराती रहा करो तुम सदा,
ये बार बार वो  उस से कहता रहा ।
मुस्कुराती रहा करो तुम सदा
ये बार बार वो  उस से कहता रहा ।


बस प्यार के खातिर
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।
वो‌ जमाने से लड़ता रहा।

vrinda1030gmail.com621948

इंतज़ार उसका करो, जो समझे एहसास,
जिसके लिए आपकी धड़कन हो खास।

भीड़ में भी जो आपका नाम पढ़ ले,
सन्नाटे में भी आपकी आवाज़ सुन ले।

मिलना ही मोहब्बत नहीं, ये भी हक़ीक़त है,
सच्चा इंतज़ार ही इश्क़ की सच्ची इबादत है।
DB-ARYMOULIK

deepakbundela7179

Good morning friends

kattupayas.101947

वजह चाहे कुछ भी हो मना लेना चाहिए
गुजरे हुए जज्ब़ातों को आजमा लेना चाहिए.
--डॉ अनामिका--

rsinha9090gmailcom

बेकायदेशीर बांधकामे आणि सरकारी जबाबदारीवर 20 प्रश्न

लेखक: फजल

1. बेकायदेशीर इमारत बांधली जात असताना जबाबदार अधिकारी कोण होता, आणि त्याने त्या वेळी कारवाई का केली नाही?


2. जेव्हा बेकायदेशीर बांधकाम सुरू होतं, तेव्हा अधिकारी कुठे होते – ते झोपले होते का?


3. जर बेकायदेशीर बांधकाम "सुरुवातीला" पकडता आलं असतं, तर ते पूर्ण होईपर्यंत दुर्लक्ष का केलं गेलं?


4. अधिकाऱ्यांनी डोळेझाक केल्यामुळे जेव्हा बेकायदेशीर बांधकाम होतं, तेव्हा त्यांच्या विरोधात काही कारवाई होते का?


5. आपली जबाबदारी पार न पाडणाऱ्या अधिकाऱ्यांना कामावरून काढून टाकले का जात नाही?


6. प्रत्येक बेकायदेशीर इमारतीमागे भ्रष्टाचार असतो – ही साखळी तोडण्यासाठी कोणती पावले उचलली गेली आहेत?


7. सरकारकडे वेगळं "बेकायदेशीर बांधकाम पाहणी विभाग" का नाही?


8. तंत्रज्ञान वापरून (ड्रोन्स, सॅटेलाईट इमेजेस) रोज बेकायदेशीर बांधकामावर लक्ष ठेवले जात नाही का?


9. लोकांसाठी अशी कोणतीही खुली वेबसाईट का नाही जिथे कायदेशीर आणि बेकायदेशीर इमारतींची यादी दररोज अपडेट केली जाते?


10. काय तोडफोड फक्त सामान्य माणसाच्या इमारतींवरच होते, मोठ्या लोकांच्या बेकायदेशीर मालमत्ता तशाच सोडून दिल्या जातात का?


11. बेकायदेशीर इमारत बांधणाऱ्या बिल्डर आणि जमिनमालकावर कोणती कठोर शिक्षा केली जाते?


12. जर एखादं बेकायदेशीर बांधकाम झालं आणि अनेक वर्षं उभं राहिलं, तर त्यासाठी जबाबदार अधिकाऱ्यांवर चौकशी केली जाते का?


13. बेकायदेशीर इमारती ओळखण्यासाठी तोडफोड विभागातील अधिकाऱ्यांना मासिक टार्गेट्स दिले जातात का?


14. जेव्हा बेकायदेशीर इमारत बांधली जात असते, तेव्हा तिला वीज आणि पाणी जोडणी कशी मिळते – युटिलिटी विभागही यात सामील असतात का?


15. लोकांना बेकायदेशीर बांधकामाची माहिती देण्यासाठी सोयीस्कर यंत्रणा (ऑनलाइन/हेल्पलाईन) का उपलब्ध करून दिली गेली नाही?


16. सामान्य लोकांना माहितच नसतं की कोणती इमारत कायदेशीर आहे आणि कोणती बेकायदेशीर, तर अशा वेळी त्यांचे पैसे बुडाले तर सरकारची जबाबदारी नाही का की त्यांना आश्रय/संरक्षण द्यावं?


17. सरकारने लोकांना बेकायदेशीर बांधकामांच्या धोक्याबद्दल जागरूक करण्यासाठी कोणते जनजागृती कार्यक्रम राबवले आहेत?


18. एखादा सामान्य माणूस बिल्डरवर विश्वास ठेवून घर घेतो, तर त्याचं नुकसान फक्त बिल्डरचं नाही, तर पाहणी प्राधिकरण आणि नेत्यांचंही जबाबदारी नाही का?


19. लोकांना घर खरेदी करण्यापूर्वी इमारत कायदेशीर आहे की बेकायदेशीर हे तपासण्यासाठी कोणती सोपी साधनं दिली गेली आहेत?


20. नेते आणि स्थानिक लोकप्रतिनिधी, जे त्यांच्या परिसरात बेकायदेशीर बांधकाम पाहतात, त्यांनी डोळेझाक केली तर त्यांच्या विरोधात कारवाई का होत नाही?

Around 2 p.m i am sharing this after realizing the pain of all those people who bought flats without any knowledge of what is legal and illegal? Do Government or Department has that awareness session and proper department in place ?

Just realize what a pain ,a family goes through ... Their children, their family on street if no shelter ... Their whole life hard earned money in debris....

Everyone should think be it Builder, Government administration, Law caretakers and Law itself....

fazalesaf2973

रूह तक उतर गया

वो पहली नज़र जब तुमसे मिली,
जैसे वक्त भी थम सा गया।
खामोशियों में बातें हुई,
और दिल ने धीरे से तेरा नाम लिया।

हर मुस्कान में तेरी झलक दिखी,
हर ख़ामोशी में तेरी आवाज़ गूंजती रही।
कुछ चाहतें दिल में रह जाती हैं,
कुछ यादें रूह तक उतर जाती हैं।

सादगी में पनपा वो प्यार,
जिसने हर एहसास को रंग दिया।
नज़र से दिल तक की ये राहें,
शब्दों से नहीं, बस एहसासों से बनती हैं।

हर कहानी में मैं तुझे ढूँढती रही,
हर अल्फ़ाज़ में तेरा अक्स पाती रही।
और मैं लिखती रही,
तेरी यादों को, तेरे एहसासों को,
ताकि कभी ये कहानी अधूरी न रह जाए।

कभी सोचा नहीं था कि कोई
इतना अंदर तक उतर जाएगा।
पर जब रूह भी पहचान लेती है प्यार को,
तो दिल बस उस रास्ते पर चल पड़ता है।

-Payal

payaldevang08gmail.com936925

जनाब....
कौन किसको दिल में जगह देता हैं,
पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देता हैं।
वाकिफ है हम जालिम जमाने की रिवाज से
निकल जाए जब जान जिस्म से
तब कोई अपना ही अपने को जला देता हैं।।
Bitu....

bita

मेरे हालातो का इल्म है मुझे
लोग मुझे बेखबर समझते है
आंखो पर पट्टी नही है मेरे
बस आंखे बन्द कर रखी है .

mashaallhakhan600196

Goodnight friends.. have a great weekend

kattupayas.101947

मीरा: मरी, लेकिन प्यार नही दूसरा पार्ट अभि अमेजन किंडल अनलिमिटेड पर मुफ्त में उपलब्ध है
https://amzn.in/d/goIUwYX

surya1991

OSHO

anurag12

Good evening friends. have a great evening

kattupayas.101947

Niyas KN proves that clarity is the most powerful fuel.

niyaskn

Dil se nikli hai ...

bade bade pir fakiro ko barbaad kar sakti hai..

hindbharat

👀 Seeing things a little blurry? Don’t ignore it!
Blurry vision and cataracts may look similar, but they’re very different conditions with different treatments.

✨ Blurry Vision – Often due to dry eyes or outdated glasses, easily fixed with the right care.
☁️ Cataracts – A progressive condition where the natural lens gets cloudy, causing glare, faded colors & night vision problems. Surgery is the only way to restore clarity.

👉 Knowing the difference is the first step toward healthy eyes.
If you’ve noticed changes in your sight, it’s time for a professional check-up today!

📍 Netram Eye Foundation, E-98, GK-2, New Delhi - 48
📞 011-41046655 | 9319909455

✨ Book your eye check-up today & see the world clearly again! ✨

#EyeCare #VisionHealth #Cataract #BlurryVision #EyeHealth #Ophthalmology #NetramEyeFoundation #DelhiEyeCare #Delhi #NewDelhi #EyeClinic #HealthyEyes #EyeSpecialist

netrameyecentre

Here’s a lyrical 36-line song-style poem based on your prompt, written in first person:


---

Before I Close My Eyes

(Verse 1)
Remarkable was the day of my birth,
A gentle cry on this wide earth.
Arms of love wrapped me so tight,
Guiding me into the light.

(Verse 2)
Remarkable was my childhood play,
Golden mornings, endless day.
Every fall and every rise,
Painted stars across my skies.

(Chorus)
I sing my story one last time,
Every heartbeat, every rhyme.
Before I close these weary eyes,
I’ll thank the earth, the seas, the skies.

(Verse 3)
The years that came all rushed too soon,
I chased the sun, I touched the moon.
Joy and sorrow hand in hand,
Led me through this shifting land.

(Verse 4)
I loved with fire, I dreamed so free,
The world was always calling me.
Through every shadow, every test,
I found the strength to do my best.

(Chorus)
I sing my story one last time,
Every heartbeat, every rhyme.
Before I close these weary eyes,
I’ll thank the earth, the seas, the skies.

(Bridge)
If tomorrow never comes,
Still I’ll hear the beating drums.
Every breath was not in vain,
Love remains, love remains.

(Outro)
Remarkable all that I became,
A fleeting spark, an endless flame.
Now I whisper soft goodbyes,
Before I close my eyes.

erryajnalvi

एहसान में गुज़रते हैं कुछ ज़िंदगी को लोग,
अपनों से भी रखते हैं हिसाब-दारी लोग।
दिल से जो किया जाए वही एहसान है असल,
वरना तो जता-जता कर मारते हैं लोग।

deepakbundela7179

" ભાદરવો માસ "

રીઝવવા પિતૃઓને, સૌ કરશે શ્રાદ્ધ.
આવ્યો રે આવ્યો રે ભાદરવો માસ.

જીવતેજીવ તો ન આપ્યો એક ગ્રાસ.
બોલાવી કાગડાને નખાશે કાગવાસ.

જીવતાં હોય ત્યારે તો ના બેઠાં પાસ.
મર્યા બાદ ધર માથે લખે પિતૃ નિવાસ.

જીવતાં જેણે કરી સદા સંતાનની ફિક્ર,
મર્યા પછી એ પિતૃ નડે, વાત બકવાસ.

જીવિત વડીલની કરી લે સેવા "વ્યોમ",
આશીષ રહેશે માથે ને મળશે કૈલાસ.

✍... વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી), મુ. રાપર.

omjay818