Hindi Quote in Poem by Skp divine

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

🇮🇳 भारत की आत्मा — अनेक रंग, एक पहचान

एक देश, अनेक धर्म, अनेक संस्कृतियाँ, एक मानवता

भारत केवल धरती का एक टुकड़ा नहीं,
यह सभ्यता का इतिहास है,
वेदों की वाणी, सूफियों की सीख,
और प्रेम से भरा विश्वास है।

कहीं मंदिर की घंटियाँ गूँजें,
कहीं मस्जिद से अज़ान आए,
कहीं गुरुद्वारे में सेवा हो,
कहीं चर्च में प्रार्थना गाई जाए।

कहीं बुद्ध की करुणा बहती,
कहीं महावीर का अहिंसा ज्ञान,
अनेक रास्ते, अनेक आस्थाएँ,
फिर भी सबमें मानवता की पहचान।

धर्म हमारा विश्वास बने,
नफ़रत की दीवार नहीं।
आस्था दिल को जोड़ने आए,
किसी दिल पर प्रहार नहीं।

कहीं ओडिशा की जगन्नाथ संस्कृति,
कहीं पंजाब की वीर कहानी,
कहीं बंगाल की दुर्गा पूजा,
कहीं दक्षिण की परंपरा सुहानी।

कहीं राजस्थान के रंग निराले,
कहीं कश्मीर की वादियाँ प्यारी,
कहीं महाराष्ट्र की संत परंपरा,
कहीं गुजरात की संस्कृति न्यारी।

हर भाषा में प्रेम की धुन है,
हर बोली में अपनापन है,
हर लोकगीत में मिट्टी की खुशबू,
हर परंपरा में जीवन-दर्शन है।

माँ की ममता, पिता का साया,
बड़ों का आदर, छोटों से प्यार,
सत्य, सेवा और ईमानदारी,
यही संस्कारों का सच्चा संसार।

परंपरा को सम्मान दें हम,
संस्कृति को आगे बढ़ाएँ,
अच्छी सीख को जीवन में उतारें,
नई पीढ़ी को राह दिखाएँ।

नारी केवल घर की शोभा नहीं,
वह सपनों की उड़ान भी है,
उसकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वतंत्रता,
उसका सम्मान ही सच्चा सम्मान है।

कपड़ों से चरित्र नहीं आँकें,
किसी की आज़ादी न छीनें,
न्याय, समानता और सम्मान से,
मानवता के दीप जलाएँ।

जाति, भाषा या धर्म के नाम पर,
किसी को छोटा मत बतलाना,
किसी की आस्था को ठेस न पहुँचाना,
मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाना।

हर साल रावण का पुतला जलता,
पर मन का रावण बच जाता है,
अहंकार, लालच, झूठ और ईर्ष्या में,
इंसान अपना रास्ता भटक जाता है।

पहले अपने भीतर झाँकें,
अपनी गलतियाँ पहचानें,
द्वेष मिटाकर प्रेम जगाएँ,
अपने कर्मों से देश बनाएँ।

If We Change, India Will Change,
If We Unite, India Will Shine!

हम बदलेंगे तो घर बदलेगा,
घर बदलेगा तो समाज,
समाज में जब प्रेम खिलेगा,
देश करेगा नई शुरुआत।

तिरंगा केवल ध्वज नहीं है,
यह त्याग, एकता और सम्मान है,
देशप्रेम केवल नारे नहीं,
ईमानदार कर्मों का नाम है।

आओ मिलकर शपथ ये लें,
नफ़रत को अब दूर भगाएँ,
धर्म, संस्कृति और संस्कार सँजोकर,
मानवता का भारत बनाएँ।

अनेक धर्म, अनेक परंपराएँ,
अनेक भाषाएँ, अनेक विचार,
फिर भी एक हमारा भारत,
और मानवता सबसे बड़ा आधार।

भारत की आत्मा प्रेम में बसती,
भारत की शक्ति एकता में है।
भारत का भविष्य हम सबका है,
इसकी सुंदरता मानवता में है।

🇮🇳 जय हिंद! वंदे मातरम्!

Like, Share, Subscribe, Comment & Follow

Hindi Poem by Skp divine : 112038910
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now