कुछ जज़्बात लिखे हैं
जो कलम से हृदय तक जाएँगे
हम जमीन पे बैठकर आसमान लिख जाएँगे !!
उतर जाएगा नई नस्लो का बुखार जब हम अपनी मोहब्बत का क़िस्सा सुनाएँगे
कुछ दिल बताऊंगा जो पत्थर हैं कुछ पत्थर हैं जो धड़क जाएँगे
लड़ जाएँगे जमाने से उसके लिए
सुबह दूध पीने वाले, शाम को सिगरेट जलाएँगे