प्यार तो सब करतें है मुझसे लेकिन कोई समझता ही नहीं।
अकेलेपन और अकेले होने में सिर्फ इतना फर्क होता की कुछ लोग , लोगों से घिरे हो कर भी अकेले रह जातें है । हम साथ तो होते है लेकिन कभी एक साथ नहीं हो पाते हैं।
कुछ लोग भीड़ में यूं ही गुम से जातें हैं, और फिर कभी वापस लौट कर नहीं आतें है।
हम कितनी भी तलाश कर लें लेकिन हम उन्हें खोज नहीं पाते हैं।
ये दूरियां कभी खत्म ही नहीं होतीं ।
उम्र भर चल कर भी नहीं मिट ती।
चाहे कितना भी फासला तय कर लो , ये दूरियां सिर्फ बढ़ती रहती है ।
कभी कभी सिर्फ प्यार काफी नहीं होता।
चाहिए कोई जो समझ सके मुझे।
बिना टोके सुन सके मुझे ।