The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
मैं तो हिस़्सा भी नहीं थी, उसके मन का, फ़िर भी बेवज़ह हक़ रखकर उससे लड़ती रही...!! जिससे लगाव जुड़ा हो, उसका थोड़ा सा बदलाव भी, असीम दुःख और मानसिक तनाव दे जाता है...!! जो "पीड़ा" अपनी होती है, वो प्रदर्शन नहीं माँगती... वो बस अन्दर से मनुष्य को खो़ख़ला करती रहती है... शिक़ायत मुझे लोगों से नही, क़िस्मत से भी नही, बल्कि उस नियम से है, जो कहता है...“जो तुम्हारा है, वही तुम्हें मिलेगा”...!! जो मेरा था...वो कभी मेरा हुआ ही नही... अजीब विडंबना है, अपनापन रखने की सज़ा अकेले भुगतनी पड़ती है...ना किसी ने छीना ना किसी ने समझा... बस धीरे-धीरे मेरे हाथों से फिसलता चला गया...मैंने माँगा भी, मैंने रोका भी, मैंने शिकायत भी की, फिर भी निर्णय मेरे विरुद्ध ही हुआ...शायद इसलिए, क्युँकि, मैं ज़्यादा गहराई से चाहती थी और ये संसार गहराई से डरता है...!! ये देह-मोह वाला रिश्ता नहीं था, ये उससे आगे का बंधन था...जहाँ आत्मा अपना घर तलाशती है...पर शायद आत्मा का घर हर किसी के बस की बात नहीं...!! मैं ठहरी रही, हर उस मोड़ पर, जहाँ कोई और आसान रास्ता चुन लेता...और बदले में मुझे मिला ""“तुम ज़्यादा सोचती हो”""... “तुम ज़्यादा महसूस करती हो” “तुम ज़्यादा उम्मीद रखती हो”... हाँ शायद मैं ज़्यादा थी, इतनी ज़्यादा कि सामने वाला कम पड़ गया...!! किसी को आज भी पता नहीं, कि जो मेरा था, उसे खो़ने का द़र्द क्या होता है...और किसी से आज भी शिक़ायत है, कि जो सच में मेरा था...वो कभी मेरा हुआ, क्यूँ नहीं...? कौन समझ पाया आजतक हमें हम अपने हाद़सों के इक़लौते ग़्वाह हैं...!!
"स्त्री" एक "खिलौना" है...उसके "जज़्बातों" से कोई सात "फे़रे" लेकर खेलता है...तो कोई "प्रेम" का नाम लेकर...!! यूंही मेरा लहज़ा और रवैया नहीं बदला है मेरे हिस्से का ह़र क़िरदार ग़द्दार निकला है...!! जो रिश्ता़ आपकी मानसिक स्थिति को ख़राब करे वह कभी भी आपके जीवन को बेहतर नहीं बना सकता...!! मैनें जी कर गुज़ारा है, हर वो लम्हा़ जहां लोग उलझ कर दम तोड़ देते हैं...!! किसी को जिंदगी से निकालने के लिए उसे phone से block करना तस्वीरे मिटाना contact delete करना...ये सब बचकाना होता है.....मुझे लगता है किसी को जिंदगी से निकालने के लिए सबसे पहले उसे अपने ज़ेहन से निकालो....उसके बाद वो चाहे जहां दिखे... जहां रहे आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा और न ही पड़ना चाहिए...अगले को गिरने दो अपनी नज़र में... ख़ुद ब ख़ुद उतर जाने दो दिल से...!! ""लोग बदलते नहीं हैं...बे़नकाब़ होते हैं"" तुमने मुझे कभी खोया नही...तुमने मुझे धीरे-धीरे अनदेखा किया...तुमने मेरे भीतर के प्रेम को इतनी बार अनसुना किया, कि मेरी आत्मा ने खुद को बचाने के लिए तुमसे ही दूर होना सीख लिया...तुमने मेरे आँसुओं को, कमज़ोरी समझा...!! तुम्हें ये भी नहीं पता कि मै कब-कब टूटी हूँ...मै टूटी हूँ उस रात, जब मेरे शब्द काँप रहे थे... और तुम्हारे पास सिर्फ़ “समय नहीं” था...मै टूटी हूँ उस दिन जब मेरी आँखों मे समंदर था... और तुमने उसे सिर्फ़ “बहाना” कहकर टाल दिया...तुमने मुझे सिर्फ़ छोड़ा नही...तुमने मुझे अपने भीतर से अपमानित करके छोड़ा है... और अपमान वो चोट है, जो शरीर पर नही अस्तित्व पर लगती है...!! बहुत कुछ दबाकर रखने से मर जाता है सबकुछ जैसे कोई रिश्ता, कुछ चाहतें, ढेर सारे शौक़ और एक मन...!! ""तुम तुम नहीं मेरी उम्मीदें थीं जिसने सबसे ज्यादा दिल दुखाया है""...!!
https://www.instagram.com/reel/DTVJnvpjWus/?igsh=c3V3MWQ3enI4bnJx
ek saccha wafadar mard hi ye kar Sakta hai apni pasandida stri ke liye.. https://www.instagram.com/reel/DSeLswzkixW/?igsh=MTU5cnhvdDBpNG1mcw==
https://www.instagram.com/reel/DQvi62NkQmU/?igsh=cnBqN2Q2ZXluNGdj
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser