"ब्रज नगरी की पावन धरा"
ब्रज की धूल में राधा का नाम,
हर गली में गूँजे बाँके बिहारी का धाम।
यमुना किनारे बजता बांसुरी का सुर,
मन खो जाए यहाँ, हो जाए मदमस्त हर दौर।
मंदिरों की घंटियाँ, भजन की तान,
हर आँगन में छुपा है प्रेम का जहान।
कदम-कदम पर भक्ति का सागर,
ब्रज नगरी है, कृष्ण का घर।
kajal Thakur 😊