🦋...SuNo
ऐ लड़की..मेरे जीवन में दैहिक रूप में
रहो या ना रहो,
लेकिन आत्मिक रूप में हरदम
तुम मेरे हृदय में ही बसे रहोगे,
तुम्हारा ये आभासी प्रेम ही संपूर्ण है
मेरे जीवन में अतृप्त सपनों के लिए,
तुम्हें अपनी स्मृतियों में सज़ा कर मैं
बहता रखूंगा निर्मल धारा सी हृदय
में हमेशा,
तुम्हें सहेजे रखूंगा मैं सदा
शिव की जटाओं से बहती गंगा
की तरह...❤️
बेनाम रिश्ता..✍🏻
दैहिक= देह-संबंधी, शारीरिक
अतृप्त= असंतुष्ट,प्यासा
╭─❀🥺⊰╯
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•ज़ख्मी 💔 दिल•••🥀
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