"मूर्खता के अंतिम छोर तक मैने तुमपर किया है |"
"विश्वास "|
आँख होते हुए भी आँख मूँदकर मैने तुमपर किया है |
"विश्वास"
साधारण होते हुए भी असाधारण मैने तुमपर किया है |
"विश्वास"
अनगिनत कारण अविश्वास के मगर मैने तुमपर किया है|
"विश्वास"
कोई कारण नही विश्वास का मगर मैने तुमपर किया है |
"विश्वास"
कोई जवाब नही क्यों का मगर मैने तुमपर किया है|
"विश्वास"