युद्ध
युद्ध और बुद्ध का अन्तर जानते हो मानव।
नहीं तो।मानव ने कहा।फिर बोला हां पर युद्ध उक्रेन और रूस के बीच चलता देख रहा हूँ। टीवी चैनलों की खबर में प्रतिदिन लाइव कमेन्ट्री चलती रहती है।उक्रेन के साथ-साथ खुले और छिपे नाटो की टैंक व राकेट लड़ रही हैं।उधर रूस के साथ वेलारूस है। इरान, तुर्की भी अनाज ,तेल के लिए रूस के दवाब में पक्ष ले रहे हैं। मानव ने आगे कहा-कुछ ही दिनों में लगता है ताईवान और चीन के बीच लाइव युद्ध देखने को मिलेंगे। अमेरिका,जापान ताईवान के साथ एकजुट हैं। चीन ताईवान को हडपना चाहता है तो रूस उक्रेन को ।देश पर कब्जा करने के लिए लोगों की जानें जा रही हैं, एटमी हमले और भुखमरी से।घर वार जल कर राख हो रहे।मैं तो युद्ध के दुष्परिणाम खुली आंखों से अनुभव कर रहा हूँ। पर बुद्ध क्या अर्थ है देव ?
हां गहरा अर्थ है मानव-देव ने कहा। मैं आज बुद्ध की युद्ध के समय की जरूरत बताता हूं।
बुद्ध का सीधा संबंध भगवान बुद्ध के 'अहिंसा परमोधरम:' से है। अशोक महान जैसे चक्रवर्ती राजा ने 'अहिंसा' अपनाया और पश्चाताप करते हुए युद्ध त्याग कर बौद्ध भिक्षुक बन गये। बेटे बेटी को भी अहिंसा के प्रचार में लगाया।युद्ध और रक्तपात बंद हो गये। महात्मा गांधी ने अहिंसक आन्दोलन चलाकर भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलायी। गांधी जी ने भी भगवान बुद्ध के सिद्धांत को अपनाया।वर्ष 2007 के 02 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व अहिंसा दिवस मनाते हुए विश्व शांति के लिए बुद्ध के अहिंसा को अनिवार्य बताया। फिर भी अनेक देश युद्ध में कूद रहे हैं।
देव ने समझाया,जहां बुद्ध है वहां युद्ध नहीं। जहां युद्ध है वहां बुद्ध नहीं ।युद्ध और बुद्ध में यही अन्तर है मानव !