जीवन की सबसे बड़ी कठनाई ही,
कामयाबी का सबसे बड़ा सहारा बनती है।
कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद,
हमें सफलता नहीं मिलती।।
दरअसल ये हमारी परीक्षा है,
”जहाँ ऊपर वाला हमें टटोल रहा होता है।
वह देख रहा है,
क्या हम कामयाबी की चरम सीमा के लिए तैयार हैं?
जो लोग थक कर रुक जाते हैं,
अक्सर वहीं रुक जाती हैं उनकी किस्मत।
और जो माथे का पसीना पोंछकर,
एक लंबी साँस लेकर आगे बढ़ते हैं।
ऊपरवाला उनके सामने पूरी सृष्टि झुका देता है,
उनका नाम इतिहास के पन्नों में यूँ जुड़ जाता है।
आने वाली कई पीढ़ियां उनसे प्रेरित होती है,
और वो नाम एक आदर्श बन जाता हैं।” – © जतिन त्यागी