ज्योति (दोहा - छंद)
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ज्योत ज्ञान की जब जले, मिटा हैं अंधकार।
प्रकाश फैले ज्ञान का, मिटे सारे विकार।।
ज्योत ज्ञान की जो जले, तम का हो तब नाश।
रोशन जीवन तब बने, फैले ज्ञान प्रकाश।।
ज्योत जला दे ज्ञान की, मन को कर दे शांत।
राह दिखाएंगे हमे, कृष्ण प्रभु लक्ष्मीकांत।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित