न जाने मुझे ये क्या हुवा है।
एक गीत पुराना दिल गुनगुनाये।
कोई बात पुरानी याँद आ गयी है।
तुम संग बिती हर रात आ गयी है।
वो लड़ना, झग़डना, रुठना,मनना।
वो सारी अदायें, वो सारी वफ़ाये ।
अब जख़म दिल का खुराक़ बन चुका है।
बिता लम्हा ख़ुशनुमा था।
जिस पल से ग़ुजर रहा हु,
वो दिल का दर्द हुवा है।
ये मुझे क्या हुवा है।