कहीं संगीत बज रहा है
देखो,मेरी ही मातृभूमि है,
कहीं प्यार हो रहा है
देखो, मेरी भारतभूमि है।
कहीं शिखर चमक रहे हैं
देखो, धरा में चमत्कार है,
कहीं मन में शान्ति है
देखो, मेरी भारतभूमि है।
कहीं से गीत आ रहा है,
देखो,मेरी ही मातृभूमि है,
कहीं तिरंगा फहर रहा है
देखो, मेरी ही भारतभूमि है।
**महेश रौतेला