MATRUBHARATI HINDI
#KAVYOTSAV_ 2
# हिंदी कविता
इस धूप के सफ़र में
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इस धूप के सफ़र में
निकल पडा हूं धून में
चाह ये दिल में ले कर
मिलना है आज तुज से
पहुच जाऊंगा शाम को
रास्ता ले जाये घर तेरे
जानू ,मेरी जान बात मै
करे मेरा इंतेजार कब से
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इस धूप के सफ़र में
-अरुण वि.देशपांडे-पुणे
9850177342
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