आज तेरी माँ अखबार लेने गयी थी। मैं योग कर रहा था। किचन से बोली," आज सरिता भी आयी थी।" मैंने कहा," कौन सरिता?" तेरी माँ बोली तुम सरिता नहीं जानते हो? मैंने कहा मैं किसी सरिता को नहीं जानता। मैं सोच रहा था तेरी माँ की कोई पहिचान वाली होगी या जनतानगर में रहने वाली होगी। तेरी माँ फिर थोड़ी ऊँची आवाज में बोली तुम सरिता नहीं जानते? मैंने कहा," मैं किसी सरिता-हरिता को नहीं जानता। फिर बोली तुम सरिता पत्रिका को नहीं जानते हो!