#LoveYouMummy
माँ तेरे आँचल में छिपकर मेरे सपने सजाना
आत्मा को सुकून देने वाला तेरा वो स्पर्श
कड़कती धूप में माँ तेरे हाथों की ठंडक
तुझको छूकर आती हवा में, तपती धूप में चैन
तेरा अपने हाथों से खाने का निवाला खिलाना
तेरी ममता भरी डाँट के बाद ढेर सारा दुलार
रात की गहराई में तेरी ममता की रोशनी
दर्द में भी चाँद की चाँदनी सी तेरी मुस्कुराह ट….
सब बहुत याद आता है माँ। तेरी बातें, हमारी वो छोटी-छोटी सी लड़ाइयाँ, शाम को सुकून भरे वो दो पल, रात को परियों की कहानियाँ सब बहुत याद आती हैं। वो दो पल की नाराज़गी की बेचैनी जो तेरी आँखों में झलकती थी अब वो जैसे मेरी सूनी आँखों का काजल सी बन गई है ।