#kavyotsav
दुआ...।
वो आज मेरे साथ नहीं तो क्या हुआ,
वो धड़कन थी मेरी, दुआ क्यों ना करू ।
में दर्द में हूं तो क्या ? उनके होठ तो मुस्कराते है,
उनकी खुशी से ही मेरी खुशी, दुआ क्यों ना करू ।
पलके ही तो भीगी है मेरी, सपने भी तो इसिने देखे,
टूटा सपना जो मेरा था उनका नहीं, दुआ क्यों ना करू ।
लकीर ए महोबत मेरे हाथोमें ही ना थी शायद,
जो था ही नहीं मेरा उसे पाने की फिर जिद क्यों करू।
गवारा नहीं की उसे भूल जाउ, मेरा इश्क़ मेरी इबादत,
मेरी पहली महोबत थी वो, फिर दुआ क्यों ना करू ।
जो भी हूं में आज, ये जिंदगी, ये रुतबा सब उनकी बदोलत,
कुछ लेकर भी बहोत कुछ दिया उसने, दुआ क्यों ना करू ।
मिलन लाड, किल्ला पारडी, वलसाड.