घर की बड़ी बेटी बनना भी कहा आसान होता है।
घर के छोटे छोटे दुःख से लेकर बड़ी बड़ी खुशियों को संजोने की जिम्मेदारी होती है एक बड़ी बेटी की।
अपने गम भुला बस अपने छोटे भाई बहनों के लिए जीना...हर काम में उन्हें प्राथमिकता देना
अपने बच्चों जैसा दुलार करना
माॅं जैसा प्यार देना
घर की साज सजावट से ले कर छोटी बहन के मेकअप तक का ध्यान रखना
भाई की पढ़ाई से लेकर उसकी शादी तक के खर्चे उठाना
पापा का ख्याल और उनकी जिम्मेदारी एक बड़े बेटे जैसे उठाना
कई बार एक मां की भूमिका भी निभा लेती है वो भी बड़ी ईमानदारी से
और भी बहुत कुछ जिसको शायद शब्दों में बयान करना भी आसान नहीं है ।अपनी छोटी बहन के दुनियां में आते ही ये एक दिन में बड़ी बन जाती है
अपना पूरा बचपन अपने से छोटे को संभालने में निकल जाती है
कई बार अपनी पसंद के खिलौने और अपनी पसंद की ड्रेस तक कुर्बान कर देती है ताकि वो बड़ी बहन बन सके
कहा आसान होता है घर की बड़ी बेटी बनना
घर के काम से लेकर पापा की डांट पर पहला हक उसका है
कोई ताना उलाहना भी सबसे पहले बस उसके हिस्से में ही आता है
छोटे को संवारने से लेकर उसके बिगड़ने तक का ठीकरा उसके सिर फोड़ा जाता है
कई बार उसके छोटे भाई बहन भी उसे नही समझ पाते ...उसके समर्पण बलिदान प्यार को भूल जाते है।
कितना पीड़ादायक होता होगा ये एक बड़ी बेटी के लिए
शायद ये दुःख मैं कभी महसूस नहीं कर पाऊंगी क्योंकि मैं अपने घर की छोटी बेटी हूं और इतनी भारी जिम्मेदारी ऊपर वाले ने मुझे नही सौपी शायद मैं उस काबिल ही नही हूं ।
पर काबिले तारीफ है मेरे घर की बड़ी बेटी जो इतनी शिद्दत से अपने सारे किरदार निभा लेती है कभी बड़ी बहन बन कर तो कभी घर का बड़ा बेटा बन कर और कभी एक मां बन कर।
ArUu ✍️